इलिनोइस और शिकागो ने नेशनल गार्ड की ट्रम्प की तैनाती को रोकने के लिए मुकदमा दायर किया, लेकिन सैनिक पहले से ही रास्ते में हैं
इलिनॉय राज्य और शिकागो शहर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से शिकागो में नेशनल गार्ड के सैनिकों की तैनाती को चुनौती देते हुए सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को मुकदमा दायर किया। इस मुकदमे में ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई को असंवैधानिक और गैरकानूनी बताया गया है, जिसमें कहा गया कि अमेरिकी नागरिकों को सैन्य बलों के कब्जे के खतरे में नहीं जीना चाहिए, विशेष रूप से सिर्फ इसलिए क्योंकि उनके राज्य या शहर का नेतृत्व राष्ट्रपति के राजनीतिक विचारों से मेल नहीं खाता। अदालत ने सोमवार दोपहर को अस्थायी रोक आदेश (टेम्पररी रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर) जारी करने से इनकार कर दिया, लेकिन सुनवाई के दौरान खुलासा हुआ कि टेक्सास से नेशनल गार्ड के सैनिक इलिनॉय की ओर बढ़ चुके हैं और मंगलवार या बुधवार से तैनाती शुरू हो सकती है। यह घटना ट्रंप प्रशासन और डेमोक्रेटिक-नीत राज्यों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है, जहां इमिग्रेशन नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को दबाने के नाम पर सैन्य हस्तक्षेप का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मुकदमे में इलिनॉय के अटॉर्नी जनरल क्वामे राउल ने विस्तार से तर्क दिया कि फेडरल सैनिकों की तैनाती स्पष्ट रूप से अवैध है। वे अदालत से नेशनल गार्ड के सदस्यों की फेडरल नियंत्रण में लाने को रोकने की मांग कर रहे हैं, जिसमें इलिनॉय के 300 सदस्यों के साथ-साथ टेक्सास के 400 अतिरिक्त सैनिक शामिल हैं। राउल ने कहा कि यह कार्रवाई अतिरिक्त अशांति पैदा करेगी, स्थानीय पुलिस पर जनता का अविश्वास बढ़ाएगी, और राज्य की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाएगी, जैसे पर्यटन और व्यवसायों पर प्रतिकूल प्रभाव। मुकदमे में अमेरिकी संविधान के मिलिशिया खंडों (मिलिशिया क्लॉज) का हवाला दिया गया है, जो स्पष्ट रूप से कांग्रेस को ही सैनिकों की घरेलू तैनाती का एकमात्र अधिकार देते हैं, न कि राष्ट्रपति को। इसके अलावा, 1878 के पॉसी कोमिटेटस एक्ट (Posse Comitatus Act) का जिक्र किया गया, जो सैन्य बलों को नागरिक कानून प्रवर्तन में भाग लेने से सख्ती से रोकता है, सिवाय विशेष अपवादों के। राउल ने जोर देकर कहा कि यह कदम नेशनल गार्ड के सदस्यों के लिए अन्यायपूर्ण है, जो अपनी सामान्य नौकरियों और परिवारों से दूर हो जाएंगे, साथ ही स्थानीय पुलिस और कानून का पालन करने वाले इलिनॉय के नागरिकों के लिए भी।
पॉसी कोमिटेटस एक्ट: कानूनी पृष्ठभूमि और इसका महत्व
पॉसी कोमिटेटस एक्ट अमेरिकी इतिहास का एक महत्वपूर्ण कानून है, जो गृहयुद्ध के बाद 1878 में पारित किया गया था, जब संघीय सैनिकों का इस्तेमाल दक्षिणी राज्यों में पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) के दौरान विवादास्पद रहा था। यह एक्ट फेडरल सैनिकों को घरेलू कानून प्रवर्तन में शामिल होने से रोकता है, ताकि सैन्य का राजनीतिक दुरुपयोग न हो और नागरिक स्वतंत्रताएं सुरक्षित रहें। नेशनल गार्ड के मामले में, जब वे राज्य नियंत्रण में होते हैं, तो यह एक्ट लागू नहीं होता, लेकिन फेडरलाइजेशन (फेडरल सेवा में लेने) के बाद वे फेडरल सैनिकों की तरह हो जाते हैं और इस एक्ट के दायरे में आ जाते हैं। ट्रंप प्रशासन ने 10 यूएससी § 12406 के तहत फेडरलाइजेशन का प्रयास किया है, जो राष्ट्रपति को कानूनों को लागू करने के लिए नेशनल गार्ड को बुलाने की अनुमति देता है, लेकिन यह पॉसी कोमिटेटस के अपवादों के बिना सीमित है। मुकदमे में तर्क दिया गया कि ट्रंप ने इनसरेक्शन एक्ट (Insurrection Act) को लागू नहीं किया, जो घरेलू अशांति के समय सैन्य इस्तेमाल की अनुमति देता है, इसलिए तैनाती अवैध है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक्ट का उल्लंघन राज्यों के अधिकारों का हनन करता है, क्योंकि गवर्नर जेबी प्रिट्जकर ने स्पष्ट रूप से तैनाती का विरोध किया है।
इलिनॉय का दावा है कि ट्रंप प्रशासन का बहाना कमजोर है—वे इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) सुविधाओं की सुरक्षा का हवाला दे रहे हैं, लेकिन वास्तव में यह राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास है। मुकदमे में ट्रंप के पुराने बयानों का जिक्र है, जैसे 2013 का एक ट्वीट जहां उन्होंने कहा था कि सैनिकों को शिकागो की सड़कों पर भेजा जाए, न कि सीरिया में। हाल ही में, ट्रंप ने सैन्य नेताओं से कहा कि वे “घरेलू आक्रमण” (invasion from within) के खिलाफ तैयारी करें, विशेष रूप से “रैडिकल-लेफ्ट डेमोक्रेट्स” वाले शहरों जैसे शिकागो में, और स्थानीय इलाकों को सैन्य प्रशिक्षण मैदान बनाने की बात की। यह ट्रंप की व्यापक रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां उन्होंने लॉस एंजिल्स, वाशिंगटन डीसी और अन्य शहरों में नेशनल गार्ड तैनात किया है, लेकिन कैलिफोर्निया में एक फेडरल जज ने इसे अवैध घोषित कर दिया।
सोमवार की स्थिति सुनवाई (स्टेटस हियरिंग) में यूएस डिस्ट्रिक्ट जज अप्रिल पेरी ने ट्रंप प्रशासन के वकीलों से इलिनॉय के विशिष्ट शहरों, जैसे शिकागो के किन इलाकों में तैनाती होगी, इसकी जानकारी मांगी, लेकिन वे ठोस जवाब नहीं दे सके। जज ने इस कमी पर गहरी चिंता जताई और कहा कि उन्हें ऑपरेशन के बारे में विस्तृत जानकारी की जरूरत है, अन्यथा यह कार्रवाई जोखिम भरी हो सकती है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी, “अगर मैं फेडरल सरकार होती, तो इस पर तुरंत विराम लगा देती,” लेकिन अस्थायी रोक आदेश जारी नहीं किया। इसके बजाय, जज ने गुरुवार, 9 अक्टूबर के लिए विस्तृत बहस की सुनवाई तय की, जहां राज्य और फेडरल पक्ष के तर्क सुने जाएंगे।
सुनवाई के दौरान ही पता चला कि टेक्सास नेशनल गार्ड के 400 सैनिक इलिनॉय और ओरेगन की ओर रवाना हो चुके हैं, जबकि इलिनॉय के 300 सदस्यों को मंगलवार को ट्रेनिंग के लिए रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। टेक्सास के गवर्नर ने इस तैनाती का स्वागत किया, लेकिन इलिनॉय के अधिकारियों ने इसे “आक्रमण” करार दिया। व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया कि यह तैनाती हिंसक विरोध प्रदर्शनों और अराजकता के कारण आवश्यक है, जहां स्थानीय नेता जैसे प्रिट्जकर विफल रहे हैं, लेकिन राज्य का कहना है कि अपराध दर में कमी आ रही है—शिकागो पुलिस डिपार्टमेंट के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर तक हत्या की दर 29% और कुल अपराध 13% कम हुआ है।
गवर्नर जेबी प्रिट्जकर और मेयर ब्रैंडन जॉनसन की मजबूत प्रतिक्रिया
सोमवार दोपहर के प्रेस कॉन्फ्रेंस में इलिनॉय के डेमोक्रेटिक गवर्नर जेबी प्रिट्जकर ने ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई को “असंवैधानिक आक्रमण” और “सैन्य-शैली का हमला” बताया। उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम और अन्य अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे ICE छापेमारियों को बढ़ा रहे हैं, ताकि अराजकता पैदा हो और सैन्य तैनाती को जायज ठहराया जा सके। प्रिट्जकर ने एक वीडियो दिखाया, जिसमें दक्षिणी शोर इलाके में एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स पर ICE छापे का जिक्र किया गया—जहां ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों से 100 से ज्यादा टैक्टिकल गियर वाले एजेंट उतरे, रैपेलिंग करके छत पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह छापा रात के अंधेरे में कैमरों के लिए किया गया लगता है, और नोएम ने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
प्रिट्जकर ने जोर देकर कहा, “इलिनॉय राज्य हर संभव लीवर का इस्तेमाल करेगा इस सत्ता हड़पने का विरोध करने के लिए और नोएम के गुंडों को शिकागो से बाहर भगाने के लिए। मैं डरने वाला नहीं हूं। मैं डरने वाला नहीं हूं। और मैं पीछे नहीं हटूंगा।” उन्होंने ट्रंप को “सेवा सदस्यों को राजनीतिक प्रोप्स और प्यादों की तरह इस्तेमाल करने” का आरोप लगाया। अटॉर्नी जनरल राउल ने कहा कि राज्य ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अब तक 40 से ज्यादा मुकदमे दायर किए हैं, और यह कार्रवाई नागरिकों को सैन्य कब्जे के खतरे में डाल रही है। राउल ने कहा, “शहर या राज्य में एकमात्र अनियंत्रित स्थिति ICE एजेंटों की है, जिनकी अतिरिक्त कार्रवाई सैन्य तैनाती का बहाना बन रही है। ट्रंप खुद कह चुके हैं कि शिकागो जल्द पता चलेगा कि इसे ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ क्यों कहा जाता है।”
शिकागो के डेमोक्रेटिक मेयर ब्रैंडन जॉनसन ने कहा कि यह मुकदमा राष्ट्रपति को स्पष्ट संदेश देता है कि शिकागो को राजनीतिक प्रोप के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “शिकागो को धमकाया नहीं जाएगा और चुप नहीं रहाया जाएगा। हमारा शहर पहले भी कठिन समयों का सामना कर चुका है, और हर बार हमने एकजुट होकर मजबूती दिखाई, क्योंकि हम साथ खड़े हुए। आइए, हम साथ मिलकर लोकतंत्र की रक्षा करें और देश के भविष्य के लिए लड़ें।” शहर ने डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन 2024 के लिए तैयार की गई योजनाओं का इस्तेमाल करके तैनाती के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
सीनेटरों का संयुक्त बयान और अन्य शहरों में समान कार्रवाइयां
इलिनॉय के यूएस सीनेटर डिक डर्बिन और टैमी डकवर्थ ने अन्य डेमोक्रेटिक विधायकों के साथ मिलकर ट्रंप से तैनाती रद्द करने की मांग वाला बयान जारी किया। बयान में कहा गया, “हम आपसे अपनी लापरवाह फैसले को उलटने का आग्रह करते हैं, जिसमें टेक्सास और इलिनॉय नेशनल गार्ड को फेडरलाइज करके इलिनॉय भेजना शामिल है। सैन्य का इस्तेमाल अमेरिकी शहरों में डर और अराजकता फैलाने के लिए, कई गवर्नरों के विरोध के बावजूद, असंवैधानिक और गैर-अमेरिकी है। यह व्यक्तिगत और राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन करता है, साथ ही सैन्य तैयारियों और मनोबल को खतरे में डालता है।”
यह घटना ट्रंप की व्यापक नीति का हिस्सा है, जहां उन्होंने न्यूयॉर्क, बाल्टीमोर और न्यू ऑरलियंस जैसे अन्य डेमोक्रेट-नीत शहरों में भी तैनाती की धमकी दी है। वीकेंड पर सीबीएस न्यूज को मिले फेडरल मेमो से पुष्टि हुई कि 300 इलिनॉय नेशनल गार्ड सदस्य फेडरल सेवा में लिए जाएंगे, फेडरल संपत्ति और कर्मियों की सुरक्षा के लिए। प्रिट्जकर ने पुष्टि की कि टेक्सास से 400 अतिरिक्त सैनिक शिकागो और पोर्टलैंड, ओरेगन भेजे जा रहे हैं। रविवार को ओरेगन में एक फेडरल जज ने पोर्टलैंड तैनाती को अस्थायी रूप से रोक दिया, जो इलिनॉय मुकदमे के लिए सकारात्मक उदाहरण है।
राउल ने अंत में कहा, “राष्ट्रपति की कार्रवाइयां अवैध हैं। उन्होंने नेशनल गार्ड तैनाती के लिए कोई कानूनी शर्तें पूरी नहीं की हैं।” यह मामला संघीय और राज्य अधिकारों के बीच गहरे विभाजन को उजागर करता है, और गुरुवार की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां इसकी दिशा तय हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तैनाती होती है, तो यह अमेरिकी लोकतंत्र पर लंबे समय तक असर डाल सकती है, खासकर नागरिक स्वतंत्रताओं और राज्य स्वायत्तता के संदर्भ में।
