टैक्स गाइडवित्त

भारत में धारा 80 सी के तहत टैक्स-सेविंग एफडी को समझना

हर साल वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले हम सभी अपनी मेहनत की कमाई को सरकारी कर से बचाने के सुरक्षित तरीके खोजने लगते हैं। ऐसे समय में जब बाजार में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव होता है और हर जगह आर्थिक अनिश्चितता का माहौल रहता है, तब एक सुरक्षित निवेश का चुनाव करना सबसे समझदारी भरा कदम होता है। यदि आप शेयर बाजार के भारी जोखिमों से दूर रहना चाहते हैं और अपनी पूंजी की शत-प्रतिशत सुरक्षा चाहते हैं, तो टैक्स सेविंग एफडी आपके लिए एक बेहतरीन और विश्वसनीय विकल्प साबित हो सकती है।

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इस सरकारी मान्यता प्राप्त योजना के माध्यम से आप न केवल अपने पैसे को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि उस पर एक निश्चित मुनाफा भी कमा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें आपको किसी भी तरह की बाजार की गिरावट या आर्थिक मंदी का डर नहीं सताता है। हम आगे विस्तार से जानेंगे कि यह योजना कैसे काम करती है, इसके कड़े नियम क्या हैं और आप बिना किसी परेशानी के इसका अधिकतम लाभ कैसे उठा सकते हैं।

टैक्स सेविंग एफडी असल में क्या है और यह कैसे काम करती है?

निवेश की विशेषता विस्तृत जानकारी
योजना का मुख्य उद्देश्य कर बचाना और पूंजी को पूरी तरह सुरक्षित रखना
अनिवार्य लॉकिंग अवधि जमा करने की तारीख से पूरे पांच साल तक
वित्तीय जोखिम का स्तर बिल्कुल शून्य, बाजार से कोई संबंध नहीं
खाता खोलने का स्थान भारत का कोई भी मान्यता प्राप्त बैंक या डाकघर

यह एक विशेष प्रकार की सावधि जमा योजना है जिसे भारत सरकार और बैंकों ने मिलकर आम जनता की बचत को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार किया है। जब आप सामान्य रूप से अपना पैसा बैंक में जमा करते हैं, तो आवश्यकता पड़ने पर आप कुछ जुर्माना देकर उसे किसी भी दिन वापस निकाल सकते हैं। लेकिन इस विशेष कर बचत योजना में ऐसा बिल्कुल भी संभव नहीं है क्योंकि इसमें जमा किया गया आपका पूरा पैसा पूरे पांच साल की अवधि के लिए पूरी तरह से लॉक हो जाता है।

सरकार ने यह सख्त नियम इसलिए बनाया है ताकि लोग लंबी अवधि के लिए बचत करने की आदत डालें और उस पैसे का उपयोग अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में हो सके। इस पांच साल की पूरी अवधि के दौरान आपको किसी भी परिस्थिति में अपना मूलधन वापस निकालने की अनुमति नहीं होती है। यह अनुशासन शुरुआत में थोड़ा कठोर लग सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह आपके भविष्य को आर्थिक रूप से बेहद मजबूत और सुरक्षित बनाता है।

आयकर अधिनियम की धारा अस्सी-सी के साथ इसका सीधा संबंध

धारा अस्सी-सी के नियम महत्वपूर्ण जानकारी
कर छूट की अधिकतम सीमा एक लाख पचास हजार रुपये प्रति वित्तीय वर्ष
कर व्यवस्था की शर्त केवल पुरानी कर व्यवस्था चुनने वालों के लिए लागू
लाभ प्राप्त करने वाला जिसके नाम पर मुख्य रूप से निवेश किया गया हो
निवेश की आवृत्ति हर साल नया निवेश करके हर साल छूट ली जा सकती है

डेढ़ लाख रुपये की छूट का सीधा गणित

जब आप अपनी गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए वित्तीय योजना बनाते हैं, तो आयकर अधिनियम की यह विशेष धारा सबसे बड़ी भूमिका निभाती है। सरकार आपको हर साल अपनी कुल आय में से अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक की राशि पर कर छूट का सीधा लाभ देती है। अगर आपकी वार्षिक आय कर चुकाने के दायरे में आती है, तो इस खाते में जमा की गई राशि आपकी मुख्य टैक्सेबल आय से पूरी तरह घटा दी जाती है।

उदाहरण के लिए यदि आपकी कुल वार्षिक आय आठ लाख रुपये है और आपने डेढ़ लाख रुपये इस योजना में जमा कर दिए, तो अब आपको केवल साढ़े छह लाख रुपये पर ही सरकार को कर चुकाना होगा। यह सीधा गणित आपके हजारों रुपये बचाता है जो अन्यथा कर के रूप में सरकारी खजाने में चले जाते। साल के अंत में घबराहट में कोई गलत फैसला लेने से अच्छा है कि आप योजनाबद्ध तरीके से निवेश करें।

पुरानी और नई कर व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंतर

यहां एक बहुत ही महत्वपूर्ण सच्चाई जानना आपके लिए बेहद जरूरी है जिसे कई लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। भारत सरकार ने अब आम करदाताओं के लिए दो तरह की कर प्रणाली बना दी है जिसमें एक पुरानी व्यवस्था है और दूसरी नई व्यवस्था है। अगर आप इस विशेष जमा योजना का फायदा उठाकर अपना कर बचाना चाहते हैं, तो आपको अपना रिटर्न पुरानी कर व्यवस्था के अनुसार ही दाखिल करना होगा।

नई प्रणाली में सरकार ने कर की दरें तो कम कर दी हैं, लेकिन उसमें इस धारा के तहत कोई भी छूट या लाभ नहीं दिया जाता है। इसलिए अपना पैसा जमा करने से पहले अपने कर सलाहकार से अच्छी तरह जांच लें कि आपकी आय के हिसाब से कौन सी व्यवस्था आपको अधिक लाभ पहुंचा रही है।

आपको इस योजना में अपना पैसा निवेश क्यों करना चाहिए?

निवेश के बड़े फायदे यह आपके लिए क्यों आवश्यक है?
निश्चित और पक्का मुनाफा निवेश के पहले दिन ही मुनाफे की राशि तय हो जाती है
मानसिक शांति का अनुभव शेयर बाजार गिरने पर भी आपका पैसा सुरक्षित रहता है
वरिष्ठ नागरिकों को लाभ बैंक बुजुर्गों को आम जनता से अधिक मुनाफा देते हैं
सबसे आसान प्रक्रिया खाता खोलना और संभालना सबसे सरल काम है

निश्चित मुनाफे की अद्भुत मानसिक शांति

निश्चित मुनाफे की अद्भुत मानसिक शांति

हम सभी दिन रात मेहनत करते हैं और हमेशा यही चाहते हैं कि हमारा जमा किया हुआ पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहे। यह विशेष जमा योजना आपको निवेश की दुनिया में सबसे बड़ी मानसिक शांति प्रदान करती है। जब आप अपना पैसा बैंक या डाकघर में जमा करते हैं, उसी क्षण आपको एक प्रमाणपत्र दिया जाता है जिस पर साफ लिखा होता है कि पांच साल पूरे होने पर आपको कितनी राशि वापस मिलेगी।

इसके बाद देश या दुनिया के शेयर बाजार चाहे जितनी भी भारी गिरावट का सामना करें, आपके बैंक को आपको तय किया हुआ पूरा पैसा देना ही होता है। मुनाफे की यह पक्की गारंटी इस योजना को आम और मध्यम वर्गीय परिवारों के बीच आज भी सबसे अधिक लोकप्रिय और भरोसेमंद निवेश का साधन बनाए हुए है।

बाजार के भारी जोखिमों से पूरी तरह आजादी

आजकल हर जगह लोग म्यूचुअल फंड और व्यवस्थित निवेश योजनाओं की बात करते हैं और वे काफी अच्छे विकल्प भी हैं। लेकिन उन सभी योजनाओं में हमेशा एक गहरा डर और जोखिम बना रहता है क्योंकि वे सीधे शेयर बाजार से जुड़े होते हैं। यदि आप अपने खून पसीने की कमाई को बाजार के दैनिक जोखिम और तनाव से बिल्कुल दूर रखना चाहते हैं, तो यह सरकारी योजना एक बहुत मजबूत ढाल की तरह काम करती है।

इसमें निवेश करने के बाद आपको हर सुबह समाचार देखकर यह चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि कहीं आपका मूलधन डूब तो नहीं रहा है। आप पूरी तरह से बेफिक्र होकर अपना काम कर सकते हैं क्योंकि आपका पैसा बिना किसी खतरे के धीरे-धीरे लगातार बढ़ रहा होता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प

हमारे घर के बुजुर्गों और सेवानिवृत्त लोगों के लिए यह कर बचत योजना किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि उन्हें अधिक सुरक्षा की आवश्यकता होती है। भारत के लगभग सभी सरकारी और निजी बैंक साठ वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आम लोगों के मुकाबले आधा से लेकर एक प्रतिशत तक अधिक मुनाफा देते हैं।

यदि आपके माता पिता कर चुकाने की श्रेणी में आते हैं और उनके पास कुछ जमा पूंजी है, तो उनके नाम पर यह खाता खुलवाना एक बेहद समझदारी भरा वित्तीय कदम साबित हो सकता है। इससे न केवल उनके कर की अच्छी खासी बचत होती है, बल्कि उन्हें पांच साल बाद एक बहुत ही सुरक्षित और बड़ी राशि बिना किसी भागदौड़ के एक साथ मिल जाती है।

अन्य कर बचत विकल्पों के साथ इसकी विस्तृत तुलना

निवेश के अन्य विकल्प पैसा रुकने की अवधि मुनाफे का प्रकार और जोखिम तरलता की स्थिति
कर बचत जमा (एफडी) पूरे पांच साल पहले से तय, कोई जोखिम नहीं पांच साल तक शून्य
लोक भविष्य निधि पूरे पंद्रह साल सरकार द्वारा तय, जोखिम नहीं कुछ वर्षों बाद सीमित
शेयर बाजार फंड सिर्फ तीन साल बाजार पर निर्भर, भारी जोखिम तीन साल बाद उपलब्ध
राष्ट्रीय बचत पत्र पूरे पांच साल सरकार द्वारा तय, जोखिम नहीं पांच साल तक शून्य

सावधि जमा बनाम लोक भविष्य निधि का चुनाव

लोक भविष्य निधि भारत में कर बचाने का एक और अत्यंत लोकप्रिय और सुरक्षित विकल्प है जिसे लोग खूब पसंद करते हैं। इस खाते की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें मिलने वाला पूरा का पूरा मुनाफा कर मुक्त होता है जो इसे लंबी अवधि के लिए बेहतरीन बनाता है। लेकिन इसकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसमें आपका पैसा पूरे पंद्रह साल के लिए फंस जाता है और आप उसे आसानी से निकाल नहीं सकते।

यदि आपकी उम्र कम है और आप अपनी पूंजी को पंद्रह वर्षों तक एक ही जगह बांध कर नहीं रखना चाहते हैं, तो पांच साल की अवधि वाली यह जमा योजना आपके लिए बहुत ही व्यावहारिक और बेहतर रास्ता है। आप पांच साल बाद अपने पैसे का फिर से अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं।

शेयर बाजार आधारित फंड से इसकी तुलना

शेयर बाजार से जुड़े कर बचत फंड का सबसे बड़ा आकर्षण यह होता है कि इसमें पैसा रुकने की अवधि केवल तीन साल की होती है। आयकर बचाने वाले सभी मान्य विकल्पों में यह समय सीमा सबसे कम है और इसने पिछले कुछ वर्षों में लोगों को बहुत भारी मुनाफा भी दिया है। लेकिन इस भारी मुनाफे के साथ बहुत बड़ा जोखिम भी जुड़ा होता है क्योंकि बाजार के गिरने पर आपका मूलधन भी कम हो सकता है।

यदि आप अपनी पूंजी पर जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं और बाजार को समझते हैं, तो आप उधर जा सकते हैं। लेकिन यदि आप अपने मूलधन पर एक रुपये का भी नुकसान बर्दाश्त नहीं कर सकते, तो आपके लिए बैंक की यह सुरक्षित योजना ही सबसे सच्ची और अच्छी साथी है।

यह कर बचत खाता कौन खोल सकता है?

पात्रता के स्पष्ट नियम किसे अनुमति है और किसे नहीं
राष्ट्रीयता की शर्त भारत में रहने वाला कोई भी आम नागरिक
पारिवारिक संस्थाएं हिंदू अविभाजित परिवार इसे खोल सकते हैं
व्यावसायिक संस्थाएं किसी भी कंपनी या ट्रस्ट को यह अनुमति नहीं है
उम्र की सीमा वयस्कों के साथ नाबालिग के नाम पर भी संभव है

व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर पात्रता

इस सरकारी कर बचत योजना को शुरू करने के नियम बहुत ही सीधे, पारदर्शी और आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। भारत देश का निवासी कोई भी नागरिक अपने व्यक्तिगत नाम पर किसी भी नजदीकी बैंक या डाकघर में यह विशेष खाता बहुत आसानी से खोल सकता है। व्यक्तिगत खाताधारकों के अलावा हिंदू अविभाजित परिवार भी कानूनी रूप से इस बेहतरीन योजना का पूरा लाभ उठाने के हकदार माने गए हैं।

हालांकि यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि कोई भी व्यापारिक कंपनी, साझेदारी वाली संस्था या कोई भी ट्रस्ट अपना कर बचाने के लिए इस योजना में निवेश बिल्कुल नहीं कर सकता है। यह योजना पूरी तरह से आम आदमी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ही समर्पित है।

संयुक्त खाता खोलने के बहुत ही विशेष नियम

अक्सर देखा गया है कि पति और पत्नी परिवार का कर बचाने के लिए मिलकर संयुक्त खाते में अपनी पूंजी जमा करना पसंद करते हैं। इस मामले में आयकर विभाग का एक बहुत ही सख्त नियम है जिसे हर निवेशक को खाता खोलने से पहले अच्छी तरह जान लेना चाहिए।

यदि आप दो लोग मिलकर यह खाता खोलते हैं, तो कर में छूट का पूरा लाभ केवल उसी व्यक्ति को दिया जाएगा जिसका नाम फॉर्म में पहले नंबर पर या मुख्य खाताधारक के रूप में लिखा होगा। दूसरे नंबर पर दर्ज व्यक्ति को कर में एक रुपये की भी छूट का फायदा नहीं मिल सकेगा। इसलिए यदि घर में दोनों लोगों को अपना कर बचाना है, तो उन्हें अनिवार्य रूप से अपने अलग-अलग व्यक्तिगत खाते ही खोलने चाहिए।

यह भी पढ़ें: एनआरआई भारत में आयकर कैसे दाखिल कर सकते हैंः एक व्यावहारिक गाइड?

निवेश खाता खोलने का सबसे सही और आसान तरीका

खाता खोलने का माध्यम क्या करना होगा और कैसे करें
इंटरनेट बैंकिंग द्वारा घर बैठे वेबसाइट पर जाएं और तुरंत फॉर्म भरें
मोबाइल एप्लिकेशन से बैंक का ऐप खोलें और निवेश विकल्प का चुनाव करें
सीधे शाखा में जाकर कर्मचारी से फॉर्म लें और आवश्यक दस्तावेज जमा करें
डाकघर के माध्यम से नकद या चेक देकर सरकारी डाकघर में फॉर्म भरें

इंटरनेट बैंकिंग के आधुनिक माध्यम से

आज के इस डिजिटल युग में आपको अपना पैसा जमा करने के लिए बैंक की लंबी लाइनों में खड़े होकर अपना समय बर्बाद करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। यदि आप इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करना जानते हैं, तो आप अपने घर या दफ्तर में बैठकर मात्र दो मिनट में यह सारा काम पूरा कर सकते हैं।

आपको बस अपने बैंक की सुरक्षित वेबसाइट पर लॉग इन करना है और वहां जमा योजना वाले अनुभाग में जाकर कर बचाने वाला विकल्प चुनना है। अपनी जमा राशि दर्ज करें, अवधि चुनें और उसे सुरक्षित रूप से जमा कर दें। आपका काम तुरंत पूरा हो जाएगा और निवेश का पूरा विवरण और रसीद सीधे आपके पंजीकृत ईमेल पर आ जाएगी जिसे आप अपने कर सलाहकार को दे सकते हैं।

बैंक शाखा या डाकघर में जाकर आवेदन

यदि आप आधुनिक तकनीक या इंटरनेट का उपयोग करने में ज्यादा सहज महसूस नहीं करते हैं, तो आपको बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। भारत के हर कोने में मौजूद किसी भी सरकारी या निजी बैंक की शाखा में जाकर आप बहुत ही आसानी से निवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

आपको बस बैंक जाकर एक साधारण सा फॉर्म भरना होगा और उसके साथ अपना स्थायी खाता संख्या पत्र तथा पहचान पत्र की नकल लगानी होगी। आप अपनी जमा राशि नकद या चेक के माध्यम से बैंक कर्मचारी को दे सकते हैं। यही पूरी प्रक्रिया भारत के किसी भी सरकारी डाकघर में भी बिल्कुल इसी तरह से काम करती है जो गांव के लोगों के लिए बहुत सुलभ और भरोसेमंद है।

अपना पैसा लगाने से पहले ध्यान रखने योग्य बहुत महत्वपूर्ण बातें

महत्वपूर्ण जानकारी निवेश से जुड़ी पूरी सच्चाई
मुनाफे पर कर का नियम मिलने वाला मुनाफा पूरी तरह से कर के दायरे में आता है
स्रोत पर कर की कटौती बैंक आपके मुनाफे पर पहले से ही कर काट लेते हैं
आपातकालीन ऋण सुविधा इस विशेष जमा पर आपको कोई भी ऋण नहीं मिल सकता
सरकारी सुरक्षा की सीमा आपका जमा पैसा पांच लाख रुपये तक पूरी तरह सुरक्षित है

मुनाफे पर लगने वाले कर की पूरी सच्चाई

आम जनता के बीच इस कर बचत योजना को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यही फैला हुआ है कि योजना का नाम कर बचत है तो इससे होने वाली कमाई पर भी कोई कर नहीं लगेगा। यह बिल्कुल गलत जानकारी है और आपको यह सच समझना चाहिए कि आप जो डेढ़ लाख रुपये जमा करते हैं, सरकार सिर्फ उसी मूलधन पर आपको छूट देती है।

लेकिन जब पांच साल तक आपका पैसा बैंक में रहता है और उस पर जो भी मुनाफा या ब्याज बनता है, वह पूरी तरह से कर के दायरे में आता है। बैंक हर साल उस मुनाफे को आपकी वार्षिक आय में जोड़ देता है और आप जिस भी कर श्रेणी में आते हैं, आपको उस मुनाफे पर उसी दर से कर चुकाना ही पड़ता है। बैंक आपके खाते से स्रोत पर कर की कटौती भी करते हैं जिसे रोकने के लिए विशेष फॉर्म भरना पड़ता है।

ऋण या आपातकालीन नकद निकासी की सुविधा का न होना

सामान्य बैंक खातों की एक बहुत बड़ी खासियत यह होती है कि अचानक कोई विपत्ति आने पर आप अपने कागजात दिखाकर उस पर बहुत आसानी से नकद ऋण ले सकते हैं। लेकिन इस विशेष कर बचत योजना के साथ सरकार ने ऐसी कोई भी सुविधा प्रदान नहीं की है।

चूंकि आपका पूरा पैसा पांच साल के लिए पूरी तरह से सरकार के पास लॉक होता है, इसलिए देश का कोई भी बैंक आपको उस जमा राशि के बदले एक रुपये का भी आपातकालीन ऋण नहीं दे सकता है। इसलिए हर कर सलाहकार यही कहता है कि इस योजना में केवल वही अतिरिक्त पैसा डालें जिसकी आपको अगले पांच सालों तक बिल्कुल भी जरूरत न पड़ने वाली हो। अपने किसी भी आपातकालीन कोष को कर बचाने के चक्कर में कभी भी न फंसाएं।

आपकी जमा राशि की सम्पूर्ण सरकारी सुरक्षा

भारत के हर बैंक ग्राहक के लिए यह जानना बहुत ही सुकून देने वाला है कि उनका जमा पैसा देश के केंद्रीय बैंक की देखरेख में रहता है। भारत सरकार की एक विशेष बीमा संस्था के सख्त नियमों के तहत बैंक में जमा आपका मूलधन और उस पर मिलने वाला मुनाफा कुल मिलाकर पांच लाख रुपये तक पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है।

यदि भविष्य में किसी बड़ी आर्थिक मंदी या गड़बड़ी के कारण आपका बैंक दिवालिया भी हो जाता है या बंद हो जाता है, तब भी सरकार आपको पांच लाख रुपये तक की पूरी रकम वापस करने की ठोस कानूनी गारंटी देती है। सुरक्षा का यह बड़ा घेरा आपकी गाढ़ी कमाई को शेयर बाजार की तुलना में हजार गुना अधिक सुरक्षित और तनावमुक्त बना देता है।

भविष्य की सुरक्षा और कर बचत का सही संतुलन

पैसा कमाना जितना कठिन है, उस पर लगने वाले भारी कर को कानूनी तरीके से बचाना और उसे सुरक्षित बढ़ाना उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण काम है। यह विशेष कर बचत योजना एक ऐसा सच्चा और शांत साथी है जो चुपचाप बिना किसी खतरे के आपका पैसा बढ़ाता रहता है और सरकार से आपकी कमाई भी सुरक्षित रखता है। यदि आप बिना किसी डर, चिंता या बाजार की रोजमर्रा की भागदौड़ के एक निश्चित मुनाफा चाहते हैं, तो इस सरकारी विकल्प को अपने भविष्य की वित्तीय योजना में जरूर शामिल करें।

बस आपको यह ध्यान रखना होगा कि पैसे को पूरे पांच साल तक भूल जाना होगा और मुनाफे पर लगने वाले कर का पूरा गणित पहले ही अच्छे से समझ लेना होगा। सही समय पर और सही जानकारी के साथ उठाया गया एक छोटा सा वित्तीय कदम आपके और आपके परिवार के भविष्य को बहुत मजबूत और आरामदायक बना सकता है।

अंतिम विचार

पैसा कमाना जितना मुश्किल है, हम पर लगने वाले टैक्स को बचना उतना ही जरूरी है। टैक्स सेविंग एफडी एक ऐसा साथी है जो चुपचाप आपका पैसा भी बढ़ता है और सरकार से आपकी कमी भी बचाता है। अगर आप बिना किसी चीज के दर के एक कोशिश वापसी चाहते हैं, तो यह विकास को अपने वित्तीय पोर्टफोलियो में जरूरी है। बस ध्यान रखे की पैसे को 5 साल तक भूल जाना होगा और बायज पर लगने वाले टैक्स का गनीत पहले ही समाज लेना होगा। सही समय पर लिया गया एक छोटा सा कदम आपके भविष्य को बहुत आरामदयक बना सकता है।  

अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

1. क्या मैं अपना खाता एक बैंक से किसी दूसरे बैंक में भेज सकता हूँ?

सामान्य नियमों के अनुसार एक बार जिस बैंक में आपका पैसा जमा हो गया, वहां से किसी दूसरे बैंक में उसे भेजना संभव नहीं होता है। हालांकि बैंक आपको इतनी सुविधा जरूर देता है कि आप शहर या राज्य बदलने पर उसी बैंक की किसी दूसरी शाखा में अपना खाता बिना किसी परेशानी के भेज सकते हैं।

2. क्या होगा यदि पांच साल पूरे होने से पहले ही खाताधारक का निधन हो जाए?

वित्तीय दुनिया में यह एक अकेली ऐसी विशेष स्थिति है जहां बैंक सरकार के पांच साल वाले सख्त नियम को तुरंत समाप्त कर देता है। ऐसी कोई भी दुखद घटना होने पर, बैंक आपके द्वारा जमा किया गया पूरा पैसा और उस दिन तक बना हुआ पूरा मुनाफा आपके द्वारा तय किए गए कानूनी वारिस को तुरंत सौंप देता है और उसे इंतजार नहीं करना पड़ता है।

3. क्या मैं अपना कर बचाने के लिए डाकघर और बैंक दोनों जगह एक साथ निवेश कर सकता हूँ?

जी हां, आप बिल्कुल स्वतंत्र हैं और चाहें तो अपनी सुविधा के अनुसार कुछ पैसा बैंक में और कुछ पैसा डाकघर में जमा कर सकते हैं। लेकिन आयकर का नियम स्पष्ट है कि आपको कर में जो छूट मिलेगी वह इन सभी खातों को मिलाकर अधिकतम डेढ़ लाख रुपये की सीमा तक ही मिलेगी, इससे एक रुपया भी अधिक नहीं।

4. क्या विदेश में रहने वाले भारतीय भी इस विशेष योजना का लाभ उठा सकते हैं?

सरकारी नियमों के अनुसार, विदेश में रहने वाले अनिवासी भारतीय लोग अपने स्थानीय भारतीय खाते के माध्यम से इस योजना में पैसा डाल सकते हैं और कर बचा सकते हैं। लेकिन वे अपने विदेशी कमाई वाले खाते का उपयोग इस विशेष निवेश के लिए बिल्कुल नहीं कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें हमेशा सही कर सलाह की आवश्यकता होती है।