मैक और विंडोज के लिए मैसेंजर डेस्कटॉप ऐप्स को बंद करेगा मेटा
मेटा ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि वह मैसेंजर के स्टैंड-अलोन डेस्कटॉप ऐप्स को विंडोज और मैकओएस के लिए 15 दिसंबर 2025 को पूरी तरह बंद कर देगी। यह जानकारी कंपनी ने गुरुवार को टेकक्रंच को दी, जो टेक इंडस्ट्री की एक प्रतिष्ठित रिपोर्टिंग साइट है। इस बदलाव के बाद, यूजर्स इन ऐप्स में लॉगिन करने की कोशिश करेंगे तो उन्हें स्वचालित रूप से फेसबुक की मुख्य वेबसाइट (facebook.com) पर रीडायरेक्ट कर दिया जाएगा, जहां वे मैसेंजर की सभी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह कदम मेटा की ओर से यूजर्स को एक अधिक एकीकृत और वेब-केंद्रित अनुभव प्रदान करने की दिशा में है, जो कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा लगता है।
टेकक्रंच और एप्पलइनसाइडर की रिपोर्ट्स से यह स्पष्ट है कि मेटा ने इस बदलाव को पहले से प्लान किया था। एप्पलइनसाइडर ने 15 अक्टूबर 2025 को सबसे पहले इसकी जानकारी साझा की थी, जब कंपनी के हेल्प पेज पर अपडेट्स दिखाई देने लगे। मेटा का उद्देश्य पुराने डेस्कटॉप ऐप्स को हटाकर संसाधनों को नए फीचर्स जैसे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और क्रॉस-प्लेटफॉर्म सिंकिंग पर केंद्रित करना है। यह बदलाव उन यूजर्स को प्रभावित करेगा जो डेस्कटॉप पर मैसेंजर को अलग ऐप के रूप में इस्तेमाल करते थे, खासकर वे जो वर्क फ्रॉम होम या मल्टीटास्किंग के लिए इसे पसंद करते हैं।
यूजर्स पर क्या होगा असर? विस्तृत जानकारी
मैसेंजर के डेस्कटॉप ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को ऐप के अंदर ही एक स्पष्ट नोटिफिकेशन मिलेगा, जो डिप्रिकेशन (बंद करने की प्रक्रिया) की शुरुआत की सूचना देगा। फेसबुक की आधिकारिक हेल्प पेज के अनुसार, मैक यूजर्स को ठीक 60 दिनों का ट्रांजिशन पीरियड मिलेगा, यानी 15 दिसंबर से शुरू होकर फरवरी 2026 तक। इस दौरान वे ऐप का सीमित इस्तेमाल कर सकेंगे, लेकिन उसके बाद ऐप पूरी तरह ब्लॉक हो जाएगा। मेटा स्पष्ट रूप से सलाह दे रही है कि यूजर्स इस अवधि के बाद ऐप को अपने डिवाइस से डिलीट कर दें, क्योंकि वह अब किसी भी फंक्शन को सपोर्ट नहीं करेगा। इससे डिवाइस पर अनावश्यक स्पेस बचेगा और सिक्योरिटी रिस्क कम होगा।
विंडोज यूजर्स के लिए भी यही प्रक्रिया लागू होगी, हालांकि विंडोज पर फेसबुक का अलग डेस्कटॉप ऐप उपलब्ध है, जो मैसेंजर को इंटीग्रेटेड तरीके से सपोर्ट करता है। यह बदलाव सितंबर 2024 में मेटा द्वारा मैसेंजर को नेरेटिव (मूल) ऐप से प्रोग्रेसिव वेब ऐप (PWA) में बदलने के ठीक एक साल बाद आ रहा है। रेडिट के विंडोज11 सबरेडिट पर उस समय की चर्चाओं से पता चलता है कि कई यूजर्स को PWA शिफ्ट से परफॉर्मेंस इश्यूज का सामना करना पड़ा था, जैसे धीमी लोडिंग और नोटिफिकेशन डिले। अब पूर्ण बंदी से उन यूजर्स को और अधिक असुविधा हो सकती है जो स्टैंड-अलोन ऐप्स की वजह से बेहतर प्राइवेसी और कस्टमाइजेशन का फायदा उठा रहे थे। हालांकि, मेटा का दावा है कि वेब वर्जन इन सभी कमियों को दूर करेगा, क्योंकि यह सभी डिवाइसों पर समान रूप से काम करेगा और रीयल-टाइम अपडेट्स प्रदान करेगा।
उपलब्ध विकल्पों की पूरी गाइड और तैयारी के स्टेप-बाय-स्टेप टिप्स
मेटा यूजर्स को इस बदलाव के लिए पर्याप्त समय दे रही है ताकि वे नए विकल्पों से आसानी से परिचित हो सकें। विंडोज यूजर्स के पास फेसबुक का आधिकारिक डेस्कटॉप ऐप है, जो माइक्रोसॉफ्ट स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है और इसमें मैसेंजर पूरी तरह इंटीग्रेटेड है। यह ऐप न केवल चैटिंग बल्कि फेसबुक फीड और अन्य फीचर्स को भी सपोर्ट करता है, जिससे मल्टीटास्किंग आसान हो जाती है। मैक और विंडोज दोनों के यूजर्स के लिए सबसे सरल विकल्प फेसबुक.कॉम पर ब्राउजर के माध्यम से मैसेंजर एक्सेस करना है। यहां चैट हिस्ट्री, वॉइस/वीडियो कॉल्स और ग्रुप चैट्स सब कुछ वैसा ही उपलब्ध रहेगा जैसा डेस्कटॉप ऐप में था।
ट्रांजिशन को सुरक्षित बनाने के लिए मेटा विशेष रूप से सुरक्षित स्टोरेज (Secure Storage) को एक्टिवेट करने और चैट हिस्ट्री बचाने के लिए एक पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर (PIN) सेट करने की सलाह दे रही है। एक बार वेब वर्जन पर शिफ्ट होने के बाद, आपकी सारी चैट हिस्ट्री सभी प्लेटफॉर्म्स—मोबाइल, डेस्कटॉप और वेब—पर सिंक हो जाएगी, जिससे डेटा लॉस का कोई खतरा नहीं रहेगा। सुरक्षित स्टोरेज चेक करने और एक्टिवेट करने के स्टेप्स इस प्रकार हैं:
- फेसबुक ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करें।
- अपनी प्रोफाइल पिक्चर के ऊपर स्थित सेटिंग्स आइकन (गियर आइकन) पर क्लिक करें।
- ‘प्राइवेसी एंड सेफ्टी’ (Privacy & Safety) सेक्शन में जाएं।
- ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड चैट्स’ (End-to-End Encrypted Chats) विकल्प चुनें।
- ‘मैसेज स्टोरेज’ (Message Storage) पर क्लिक करें और ‘टर्न ऑन सिक्योर स्टोरेज’ (Turn On Secure Storage) को चेक करें। अगर यह ऑफ है, तो इसे ऑन करें और PIN सेटअप पूरा करें।
ये निर्देश मेटा की आधिकारिक हेल्प पेज (facebook.com/help/messenger-app/1789649698300122) से लिए गए हैं, जो यूजर्स की प्राइवेसी को प्राथमिकता देते हैं। इसके अलावा, अगर आप PWA वर्जन इस्तेमाल करना चाहें, तो ब्राउजर में facebook.com पर जाकर मैसेंजर को ‘इंस्टॉल’ कर सकते हैं—यह डेस्कटॉप आइकन बनाएगा बिना किसी ऐप स्टोर की जरूरत के।
संभावित यूजर प्रतिक्रियाएं, बैकलैश और मेटा की व्यापक रणनीति
मेटा के इस फैसले से डेडिकेटेड डेस्कटॉप यूजर्स में काफी नाराजगी पैदा हो सकती है, जैसा कि 2024 के PWA शिफ्ट के दौरान रेडिट, ट्विटर (अब X) और टेक फोरम्स पर देखा गया था। कई यूजर्स ने शिकायत की थी कि वेब-आधारित वर्जन में बैटरी ड्रेन ज्यादा होता है और नोटिफिकेशंस कम रिलायबल होते हैं, खासकर लो-बैंडविड्थ कनेक्शन पर। उदाहरण के लिए, रेडिट थ्रेड्स में यूजर्स ने बताया कि स्टैंड-अलोन ऐप्स ऑफलाइन मोड और क्विक सर्च जैसी सुविधाएं प्रदान करते थे, जो वेब पर पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। फिर भी, मेटा का फोकस अब मोबाइल और वेब इंटीग्रेशन पर है, जो कंपनी की ओवरऑल इकोसिस्टम को मजबूत बनाता है—जैसे कि व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के साथ बेहतर सिंकिंग।
यह बदलाव मेटा की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जहां कंपनी पुराने, मेंटेनेंस-हैवी ऐप्स को बंद करके डेवलपमेंट को AI-पावर्ड फीचर्स, जैसे चैटबॉट्स और एडवांस्ड सिक्योरिटी, पर शिफ्ट कर रही है। टेकक्रंच की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि मेटा ने हाल के वर्षों में कई ऐप्स को कंसोलिडेट किया है, जैसे कि फेसबुक लाइट और अन्य लेगेसी टूल्स। यूजर्स के लिए सलाह यही है कि वे 15 दिसंबर से पहले ही वेब वर्जन पर शिफ्ट हो जाएं, ताकि चैट हिस्ट्री बैकअप हो जाए और कोई व्यवधान न हो। अगर आपको कोई समस्या आती है, तो मेटा की हेल्प सेंटर पर सपोर्ट उपलब्ध है।
