बंगाल बलात्कार मामले से राजनीतिक घमासान, पीड़िता का परिवार ओडिशा जाने की मांग कर रहा है
ओडिशा राज्य महिला आयोग (OSCW) ने रविवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक टीम भेजेगी, जो 23 वर्षीय ओडिया मेडिकल छात्रा के स्वास्थ्य और सुरक्षा की जांच करेगी। छात्रा के साथ शुक्रवार शाम उसके निजी मेडिकल कॉलेज के पास कथित रूप से सामूहिक बलात्कार हुआ था। इस घटना ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल सरकारों के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट को जन्म दिया।
इस बीच पीड़िता के पिता, जो ओडिशा के बालासोर जिले के जलेश्वर निवासी हैं, ने सुरक्षा कारणों से बेटी को ओडिशा वापस लाने की योजना बताई। उन्होंने कहा, “मेरा विश्वास खत्म हो गया है। मुझे यहां उसकी जान का खतरा है। मुख्यमंत्री, डीजी, एसपी और कलेक्टर ओडिशा से हमारी बहुत मदद कर रहे हैं। मैंने अनुरोध किया है कि वह घर लौट सके और ओडिशा में ही पढ़ाई जारी रखे।”
महिला आयोग की अध्यक्ष सोवाना मोहंती ने घटना को “नृशंस, निंदनीय और दर्दनाक” बताते हुए पश्चिम बंगाल महिला आयोग, राज्य पुलिस और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा है, जिसमें आरोपी के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने बताया, “लड़की और उसका मित्र शाम को ‘पुचका’ खाने गए थे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया, पैसे मांगे और फिर लड़का भाग जाने के बाद उन्होंने बारी-बारी से उसका बलात्कार किया।”
मोहंती ने पश्चिम बंगाल सरकार पर “कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से ढहने” का आरोप लगाया और कहा कि “अल्पसंख्यक समुदाय के लोग” इस हमले में शामिल थे। इस बयान पर टीएमसी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और ओडिशा भाजपा सरकार पर अपराध को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया।
ओडिशा सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र लिखकर तुरंत गिरफ्तारी और कठोरतम सजा की मांग की है। मोहंती ने कहा, “हम पीड़िता को पूरा चिकित्सा देखभाल और सहायता प्रदान कर रहे हैं।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माजि ने पीड़िता के पिता से बात कर हर संभव सहायता और कानूनी मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “अपराधियों को सबसे कठोर सजा मिलनी चाहिए।” मुख्यमंत्री ने अपने प्रशासन को पश्चिम बंगाल अधिकारियों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया।
ओडिशा ने रविवार को बालासोर के अतिरिक्त एसपी और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को दुर्गापुर भेजा, जिन्होंने पीड़िता के माता-पिता और दुर्गापुर-आसनसोल पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर सहयोग का आश्वासन दिया।
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि तीनों बदमाशों ने उसके मोबाइल फोन और ₹200 छीन लिए और धमकी दी कि अगर उसने शोर मचाया तो जान से मार देंगे।
एक पश्चिम बंगाल पुलिस अधिकारी ने बताया, “सीसीटीवी फुटेज में छात्रा और उसका दोस्त शाम 7:54 बजे कॉलेज से बाहर जाते दिखे। पुरुष छात्र 8:42 बजे लौटकर इधर-उधर घूम रहा था। वह 8:48 बजे फिर निकला और 9:30 बजे पीड़िता के साथ लौटा।”
अधिकारी ने जोड़ा, “पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसके फोन से उसके दोस्त को कॉल किया, लेकिन फोन तभी लौटाने की बात कही जब ₹3,000 दिए जाएं। गिरफ्तारी के बाद फोन बरामद किया गया।”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घटना को “घृणित और दर्दनाक” बताया और कहा कि “ऐसे अपराधों का समाज में कोई स्थान नहीं है।” भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद बैजयंत पांडा ने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि बंगाल “अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना” बन गया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा: “दुर्गापुर में एक ओडिया छात्रा के सामूहिक बलात्कार ने राज्य में कानून-व्यवस्था के चिंताजनक पतन को उजागर किया है। न स्थानीय निवासी और न ही बाहरी छात्र सुरक्षित हैं।”
बालासोर में, भाजपा सांसद प्रताप सारंगी ने घटनास्थल का दौरा किया और आरोप लगाया कि “पश्चिम बंगाल अब आतंकवादियों और असामाजिक तत्वों का सुरक्षित अड्डा बन गया है।” उन्होंने “मुख्य आरोपी जो अब भी फरार है” की गिरफ्तारी की मांग की और राज्य सरकार पर “अपराधियों को बचाने” का आरोप लगाया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप
ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल की सरकारों में बयानबाजी तेज हो गई है, जिसमें भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है, जबकि टीएमसी नेताओं ने ओडिशा भाजपा सरकार को साम्प्रदायिकता फैलाने का जिम्मेदार ठहराया है।
