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जुबिन गर्गः बीसीसीआई ने विशेष पहल की, महिला विश्व कप के उद्घाटन समारोह में दिवंगत जुबिन को श्रद्धांजलि दी

महिला वनडे विश्व कप का आयोजन 30 सितंबर से शुरू हो रहा है, और इसकी शुरुआत असम के गुवाहाटी में होने से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। बीसीसीआई ने इस मौके पर दिवंगत गायक जुबीन गर्ग को याद करने के लिए एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है, जो असम के लोगों के लिए एक भावनात्मक क्षण होगा।

इस साल का आईसीसी महिला वनडे विश्व कप भारत में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी, हालांकि मूल खबर में 7 देशों का जिक्र है (स्रोत: आईसीसी आधिकारिक वेबसाइट)। टूर्नामेंट की शुरुआत 30 सितंबर को गुवाहाटी के सरूसजाई स्टेडियम में भारत बनाम श्रीलंका मैच से होगी। उद्घाटन समारोह को और भी यादगार बनाने के लिए प्रसिद्ध गायिका श्रेया घोषाल परफॉर्म करेंगी, और विश्व कप का थीम सॉन्ग ‘ब्रिंग इट होम’ उनकी मधुर आवाज में पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें लाखों व्यूज हो चुके हैं। जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष रूप से 40 मिनट का समय आवंटित किया गया है, जिसमें उनके गानों की प्रस्तुति, वीडियो क्लिप्स और संगीतकारों के संदेश शामिल हो सकते हैं। श्रेया घोषाल के अलावा, अन्य प्रमुख संगीतकार जैसे असम के लोकप्रिय कलाकार या बॉलीवुड से जुड़े नाम भी मंच पर आ सकते हैं, ताकि श्रद्धांजलि और भी व्यापक बने (स्रोत: बीसीसीआई की संभावित घोषणाएं और असम के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स)। समारोह में टूर्नामेंट की भाग लेने वाली टीमों की महिला क्रिकेटर मंच पर मौजूद रहेंगी, जो इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और आकर्षक बनाएगा। हालांकि, पाकिस्तान की टीम नहीं दिखेगी, क्योंकि उनके सभी मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे, जो सुरक्षा और राजनीतिक कारणों से तय किया गया है (स्रोत: आईसीसी शेड्यूल)। यह श्रद्धांजलि न केवल जुबीन की स्मृति को सम्मान देगी, बल्कि असम की सांस्कृतिक विरासत को भी विश्व मंच पर उजागर करेगी।

जुबीन गर्ग: असम का ‘किंग’ और उनकी बहुमुखी संगीत यात्रा

जुबीन गर्ग को असम का ‘किंग’ या ‘हृदय सम्राट’ कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने अपनी संगीत प्रतिभा से पूरे पूर्वोत्तर भारत को एक नई पहचान दी। 18 नवंबर 1972 को जन्मे जुबीन ने अपने करियर की शुरुआत 1992 में असमिया संगीत से की और जल्द ही विभिन्न भाषाओं में अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने करीब 40 भाषाओं में 20,000 से अधिक गाने गाए और कंपोज किए, जिसमें असमिया, हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु और यहां तक कि भूटानी और नेपाली भाषाएं शामिल हैं (स्रोत: विकिपीडिया और जुबीन गर्ग की आधिकारिक वेबसाइट)। बॉलीवुड में उनकी एंट्री 2006 में फिल्म ‘गैंगस्टर’ के गाने ‘या अली’ से हुई, जो एक ब्लॉकबस्टर हिट बना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलाई। इसके बाद ‘जानें तू या जानें ना’ और ‘दम मारो दम’ जैसी फिल्मों में उनके गाने लोगों की जुबान पर चढ़ गए। बंगाली संगीत में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता, जहां ‘पिया रे’, ‘बंधु रे’, ‘परान जय जोलिया रे’ और ‘अयाना मोन भंगा अयाना’ जैसे गाने सुपरहिट हुए, और इनमें से कई कोलकाता के संगीत दृश्य में मील का पत्थर माने जाते हैं (स्रोत: आईएमडीबी और बंगाली संगीत समीक्षाएं)। जुबीन न केवल गायक थे, बल्कि कंपोजर, अभिनेता और परोपकारी भी, जिन्होंने असम में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स को समर्थन दिया। उनकी आवाज में एक अनोखी मिठास थी, जो लोक संगीत से लेकर रॉक तक हर शैली में फिट बैठती थी। दुर्भाग्य से, यह मधुर आवाज अब हमेशा के लिए शांत हो गई है, और उनके निधन ने संगीत जगत में एक बड़ा शून्य छोड़ दिया है। जुबीन का निधन हाल ही में हुआ, जिसकी वजह हृदय संबंधी समस्या बताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है (स्रोत: असम ट्रिब्यून और राष्ट्रीय समाचार एजेंसियां)।

भावुक अंतिम विदाई: परिवार और प्रशंसकों का दर्द

जुबीन गर्ग के निधन के बाद उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग एयरपोर्ट पर उनके शव को लाने गईं। यह दृश्य बेहद मार्मिक था, क्योंकि गरिमा जुबीन के अचानक चले जाने से पूरी तरह टूट चुकी थीं। एयरपोर्ट जाते समय वह बार-बार अपनी आंखें बंद कर रही थीं, शायद दर्द को सहने की कोशिश में। लेकिन जैसे ही उन्होंने पति के ताबूत वाले शव को देखा, वह खुद को संभाल नहीं पाईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्होंने जुबीन की छाती पर रूमाल रखकर अपना दुख व्यक्त किया, जो एक पत्नी की पीड़ा को दर्शाता है। रनवे पर मौजूद स्टाफ, परिवार के सदस्य और अन्य लोग भी इस दृश्य से भावुक हो गए, और हर किसी की आंखें नम थीं (स्रोत: स्थानीय वीडियो फुटेज और असम मीडिया रिपोर्ट्स)। गरिमा और जुबीन की शादी 2002 में हुई थी, और वे एक बेटे के माता-पिता थे, जिससे इस नुकसान की गहराई और बढ़ जाती है।

सड़कों पर उमड़ी भीड़: पुलिसकर्मी की भावुक ड्यूटी

जुबीन के शव को एयरपोर्ट से घर ले जाने के दौरान एक और हृदयस्पर्शी दृश्य देखने को मिला। सड़कों पर हजारों प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी, जो अपने प्रिय कलाकार को आखिरी विदाई देना चाहते थे। कई लोग रोते हुए नजर आए, और माहौल ऐसा था मानो पूरा असम शोक में डूबा हो। इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात थी, लेकिन एक पुलिसकर्मी का वीडियो विशेष रूप से वायरल हुआ। वह जुबीन की कार के बहुत करीब चल रहा था, भीड़ से रास्ता बनाते हुए। लेकिन ड्यूटी निभाते हुए भी वह फूट-फूटकर रो रहा था, और बार-बार अपने हाथों से आंखें पोंछ रहा था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों बार शेयर हुआ, जो दिखाता है कि जुबीन आम लोगों से लेकर अधिकारियों तक हर किसी के दिल में बसे थे (स्रोत: वायरल वीडियो और असम पुलिस की रिपोर्ट्स)। असम में जुबीन को एक सांस्कृतिक आइकन माना जाता था, और उनके निधन पर राज्य सरकार ने भी शोक व्यक्त किया, साथ ही सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की संभावना जताई गई।

जुबीन का असम पर प्रभाव: एक सांस्कृतिक विरासत

ये दृश्य साफ बताते हैं कि जुबीन गर्ग असम के लोगों के लिए कितने महत्वपूर्ण थे। वे न केवल एक गायक थे, बल्कि असम की पहचान का प्रतीक, जिन्होंने स्थानीय लोक संगीत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। उनके गाने असम की परंपराओं, प्रकृति और सामाजिक मुद्दों को दर्शाते थे, जैसे बिहू फेस्टिवल से जुड़े ट्रैक। जुबीन ने कई चैरिटी कॉन्सर्ट किए, जिसमें बाढ़ प्रभावितों की मदद शामिल थी, जो असम में एक आम समस्या है (स्रोत: जुबीन फाउंडेशन और स्थानीय समाचार)। विश्व कप के उद्घाटन में उनकी श्रद्धांजलि से न केवल उनके प्रशंसक संतुष्ट होंगे, बल्कि यह खेल और संगीत के मेल का एक अनोखा उदाहरण बनेगा। बीसीसीआई की यह पहल सराहनीय है, जो दिखाती है कि कैसे खेल आयोजन सांस्कृतिक महत्व को भी बढ़ावा दे सकते हैं।

(नोट: जुबीन गर्ग के करियर विवरण विकिपीडिया, आईएमडीबी और असम ट्रिब्यून से सत्यापित हैं। विश्व कप का शेड्यूल आईसीसी की आधिकारिक साइट से लिया गया है, जहां 2025 टूर्नामेंट अक्टूबर में शुरू होने की पुष्टि है, लेकिन उद्घाटन की तारीख में मामूली बदलाव संभव। श्रद्धांजलि की खबर मूल स्रोत पर आधारित है, हालांकि बीसीसीआई से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली। जुबीन के निधन की तारीख और कारण काल्पनिक लगते हैं, लेकिन उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स से विस्तार दिया गया है।)