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माइक्रोसॉफ्ट ने अपना पहला एआई इमेज जनरेटर लॉन्च किया, इन विशेष सुविधाओं के साथ ओपनएआई सोरा को टक्कर दी

माइक्रोसॉफ्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपना पहला घरेलू AI इमेज जेनरेटर लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम रखा गया है MAI-Image-1। यह मॉडल पूरी तरह से कंपनी के रेडमंड, वाशिंगटन स्थित इंजीनियरिंग टीम द्वारा विकसित किया गया है, बिना किसी बाहरी पार्टनर पर निर्भरता के। यह लॉन्च माइक्रोसॉफ्ट के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, क्योंकि कंपनी लंबे समय से ओपनएआई जैसी तीसरी पार्टियों पर अपनी निर्भरता को कम करने की दिशा में काम कर रही है। 2024 के अंत में दोनों कंपनियों के बीच पार्टनरशिप में कुछ बदलाव आए थे, जिसके बाद माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी इन-हाउस AI क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया है।

माइक्रोसॉफ्ट के अधिकारियों के अनुसार, MAI-Image-1 का मुख्य उद्देश्य क्रिएटर्स, डिजाइनर्स और कंटेंट मेकर्स के लिए वास्तविक मूल्य जोड़ना है। यह AI टूल उन सामान्य समस्याओं को हल करने पर फोकस करता है जो अन्य मॉडल्स में देखने को मिलती हैं, जैसे दोहराव वाली इमेजेस या सामान्यीकृत स्टाइल्स जो क्रिएटिविटी को सीमित कर देती हैं। कंपनी ने इस मॉडल को विकसित करने के दौरान प्रोफेशनल आर्टिस्ट्स, फोटोग्राफर्स और डिजाइन एक्सपर्ट्स से विस्तृत फीडबैक लिया, ताकि आउटपुट जितना संभव हो उतना वास्तविक और उपयोगी हो। उदाहरण के लिए, अगर आप एक जटिल लैंडस्केप इमेज जेनरेट करना चाहते हैं, तो यह टूल न केवल सही डिटेल्स देगा बल्कि उनमें गहराई भी जोड़ेगा, जो पारंपरिक AI टूल्स से अलग है।

माइक्रोसॉफ्ट के नए AI इमेज जेनरेटर की क्या खासियतें हैं?

माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि MAI-Image-1 फोटोरियलिस्टिक इमेजेस उत्पन्न करने में विशेषज्ञता रखता है, जो इसका सबसे बड़ा USP (Unique Selling Point) है। इसमें लाइटिंग कंडीशंस की सटीक नकल, रिफ्लेक्शंस की प्राकृतिकता, और लैंडस्केप्स की विस्तृत डिटेलिंग शामिल है। कल्पना कीजिए कि आप एक सूर्यास्त के समय की समुद्री तस्वीर बनाना चाहते हैं—यह मॉडल न केवल सही रंगों को कैप्चर करेगा बल्कि पानी की चमक, आकाश की ग्रेडिएंट लाइटिंग और यहां तक कि हल्की धुंध को भी यथार्थवादी तरीके से जोड़ेगा। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल तेजी से रिजल्ट्स देता है, जिससे क्रिएटर्स का समय बचता है और वे अधिक उत्पादक हो सकते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के टेस्टिंग के अनुसार, यह कई बड़े और धीमे मॉडल्स से बेहतर प्रदर्शन करता है, खासकर स्पीड और क्वालिटी के मामले में।

हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने किसी विशिष्ट प्रतिस्पर्धी मॉडल का नाम नहीं लिया, लेकिन AI इमेज जेनरेशन के क्षेत्र में ओपनएआई और गूगल जैसे दिग्गज हावी हैं। माइक्रोसॉफ्ट की यह कोशिश ओपनएआई से दूरी बनाने की है, क्योंकि हाल ही में दोनों के बीच रिश्ते में तनाव आया था—ओपनएआई ने अपनी कुछ टेक्नोलॉजी को स्वतंत्र रूप से लॉन्च करने पर जोर दिया, जबकि माइक्रोसॉफ्ट ने निवेश के बदले एक्सक्लूसिव एक्सेस की मांग की थी। अब माइक्रोसॉफ्ट अपनी AI इंडिपेंडेंस पर फोकस कर रही है, जो एंटरप्राइज सॉल्यूशंस के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

प्रतिस्पर्धा को समझने के लिए, ओपनएआई ने अपना सोरा ऐप अमेरिका और कनाडा में एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध करा दिया है। यह ऐप सोरा 2 इंजन पर आधारित है, जो यूजर्स को खुद की AI-जनरेटेड वीडियोज बनाने की सुविधा देता है—जैसे कि आपका अवतार किसी वर्चुअल लोकेशन पर घूमता हुआ। यूजर्स इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते हैं, जो क्रिएटिव कंटेंट क्रिएशन को आसान बनाता है। लेकिन सोरा मुख्य रूप से वीडियो पर फोकस करता है, जबकि MAI-Image-1 इमेजेस में मजबूत है।

दूसरी ओर, गूगल ने अपने इमेजिंग इंजन के साथ काफी हलचल मचाई है, खासकर नैनो बनाना जैसे एक्सपेरिमेंटल टूल्स के जरिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स ने इसके कई ट्रेंड्स आजमाए हैं, जैसे फनी मीम्स या आर्टिस्टिक ट्रांसफॉर्मेशंस। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत इसका सबसे बड़ा यूजर बेस है, जहां लाखों यूजर्स रोजाना गूगल के AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। गूगल का फायदा यह है कि यह उसके सर्च और क्लाउड सर्विसेस के साथ इंटीग्रेटेड है, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट की ताकत उसके एंटरप्राइज-लेवल इंटीग्रेशन में है।

माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, MAI-Image-1 पहले से ही LMSYS Arena (जिसे पहले LMArena कहा जाता था) में टॉप 10 मॉडल्स की सूची में शामिल हो चुका है। LMSYS Arena एक विश्वसनीय AI बेंचमार्क प्लेटफॉर्म है, जहां ह्यूमन इवैल्यूएटर्स विभिन्न AI मॉडल्स के आउटपुट्स को ब्लाइंड टेस्टिंग के जरिए तुलना करते हैं। वे क्वालिटी, रेलेवेंसी और क्रिएटिविटी के आधार पर वोट देते हैं, जो उद्योग में AI मॉडल्स की रैंकिंग के लिए स्टैंडर्ड बन चुका है। इस रैंकिंग से पता चलता है कि MAI-Image-1 न केवल प्रतिस्पर्धी है बल्कि व्यावहारिक उपयोग के लिए भी तैयार है।

यह नया मॉडल माइक्रोसॉफ्ट के अन्य इन-हाउस AI प्रोजेक्ट्स के साथ जुड़ गया है। उदाहरण के लिए, MAI-Voice-1 एक वॉइस जेनरेटर है जो नैचुरल साउंडिंग स्पीच क्रिएट करता है, जबकि MAI-1-preview एक चैटबॉट है जो कॉम्प्लेक्स क्वेरीज को हैंडल करता है। इसके अलावा, माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में एंथ्रोपिक के AI मॉडल्स (जैसे क्लाउड) को माइक्रोसॉफ्ट 365 के फीचर्स में इंटीग्रेट करना शुरू किया है, जो प्रोडक्टिविटी टूल्स जैसे वर्ड और पावरपॉइंट में AI असिस्टेंस लाता है। यह स्ट्रैटेजी कंपनी को AI मार्केट में मल्टी-वेंडर अप्रोच अपनाने की आजादी देती है।

माइक्रोसॉफ्ट कब रिलीज करेगा अपना AI इमेज जेनरेटर?

अभी के लिए MAI-Image-1 केवल LMSYS Arena पर ट्रायल के लिए उपलब्ध है, जहां कोई भी यूजर इसे टेस्ट कर सकता है और फीडबैक दे सकता है। माइक्रोसॉफ्ट ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि यह मॉडल बहुत जल्द कॉपिलॉट (माइक्रोसॉफ्ट का AI असिस्टेंट) और बिंग इमेज क्रिएटर में इंटीग्रेट हो जाएगा। कॉपिलॉट यूजर्स को चैट इंटरफेस से डायरेक्ट इमेज जेनरेशन की सुविधा देगा, जबकि बिंग इमेज क्रिएटर सर्च-बेस्ड क्रिएशन को आसान बनाएगा।

यह लॉन्च AI इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा को और तेज करेगा, खासकर क्रिएटिव टूल्स की बढ़ती मांग के बीच। क्रिएटर्स के लिए यह एक बड़ा फायदा होगा, क्योंकि तेज और वास्तविक इमेजेस से वे मार्केटिंग, डिजाइन और एंटरटेनमेंट कंटेंट को बेहतर बना सकेंगे। हालांकि, प्राइवेसी और कॉपीराइट इश्यूज पर भी नजर रखनी होगी, जैसा कि अन्य AI टूल्स में देखा गया है। माइक्रोसॉफ्ट की यह पहल दिखाती है कि कंपनी AI को अपने कोर प्रोडक्ट्स का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए कितनी गंभीर है।

यह जानकारी इंडिया टुडे और एमएसएन से एकत्र की गई है।