20 भारतीय खाद्य प्रसंस्करण ब्रांडों का वैश्विक प्रभाव (अमेरिका से लेकर मध्य पूर्व तक)
भारतीय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र विश्व में तेजी से उभर रहा है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कृषि उत्पादक देश है। यहां से मसाले चावल और डेयरी उत्पादों का निर्यात बड़े पैमाने पर होता है। २०२४-२५ में भारत के खाद्य निर्यात की कीमत ५० अरब डॉलर से अधिक रही। सरकार की योजनाएं जैसे उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना ने ब्रांडों को मजबूत किया। यह योजना १०,९०० करोड़ रुपये की है। इससे प्रसंस्करण क्षमता बढ़ी और अपव्यय कम हुआ। अमेरिका में भारतीय प्रवासियों की संख्या बढ़ने से रेडी-टू-ईट भोजन और मसालों की मांग अधिक हो गई है। मध्य पूर्व में यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों में हलाल प्रमाणित उत्पाद लोकप्रिय हैं।
ये ब्रांड पारंपरिक स्वादों को आधुनिक पैकेजिंग से जोड़ते हैं। इससे स्वास्थ्य और सुविधा दोनों मिलती है। वर्ल्ड फूड इंडिया जैसे आयोजनों ने निवेश आकर्षित किया। ९ लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य है। इस उद्योग में विकास के पीछे सरकारी समर्थन भी है। एपीडा जैसी संस्थाएं निर्यात को बढ़ावा देती हैं। परिणामस्वरूप भारतीय ब्रांड अमेरिका के सुपरमार्केट से लेकर मध्य पूर्व के बाजारों तक पहुंच गए हैं। यह लेख इन ब्रांडों की सफलता की कहानी बताएगा। भारत को वैश्विक खाद्य टोकरी बनाने का सपना साकार हो रहा है।
ब्रांड १: आईटीसी लिमिटेड – विविधता का प्रतीक
आईटीसी भारत का एक बड़ा खाद्य प्रसंस्करण ब्रांड है। यह २००१ से पैकेज्ड फूड में सक्रिय है। किचन ऑफ इंडिया जैसे उत्पाद अमेरिका और मध्य पूर्व में लोकप्रिय हैं। ये रेडी-टू-ईट करी और स्नैक्स प्रदान करते हैं। कंपनी ने टिकाऊ खेती को अपनाया। इससे किसानों को लाभ मिला। आईटीसी के उत्पादों में आशिरवाद आटा और सुनंदा मसाले शामिल हैं। कंपनी ने वैश्विक बाजारों में १०० से अधिक देशों में पहुंच बनाई है। अमेरिका में यह भारतीय स्टोर्स में आसानी से मिलता है।
मध्य पूर्व में हलाल सर्टिफिकेशन से बिक्री बढ़ी है। निर्यात में २० प्रतिशत वृद्धि हुई। कंपनी की वार्षिक आय १७,००० करोड़ रुपये से अधिक है। यह टिकाऊ खेती पर जोर देती है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता बनी रहती है। पाठक इन उत्पादों को आजमाकर भारतीय स्वाद का आनंद ले सकते हैं। आईटीसी ने नवाचार से बाजार विस्तार किया।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| आशिरवाद आटा | अमेरिका, यूएई | जैविक सामग्री |
| किचन ऑफ इंडिया करी | मध्य पूर्व, यूएस | रेडी-टू-ईट |
| बिंगो स्नैक्स | वैश्विक | स्वस्थ विकल्प |
ब्रांड २: पारले प्रोडक्ट्स – बिस्किट का राजा
पारले भारत का पुराना बिस्किट ब्रांड है। ग्लूको जैसे उत्पाद विश्व प्रसिद्ध हैं। यह ब्रांड अमेरिका के एशियन मार्केट्स में उपलब्ध है। मध्य पूर्व में बच्चों के बीच पॉपुलर है। कंपनी ने ८० वर्षों से अधिक समय से बाजार पर कब्जा जमाया। पारले ने निर्यात को बढ़ाने के लिए आधुनिक पैकेजिंग अपनाई है। इसके हाइड एंड सीक बिस्किट यूएस में भारतीय परिवारों का पसंदीदा हैं। मध्य पूर्व में यह हलाल प्रमाणित है।
निर्यात मात्रा में १५ प्रतिशत इजाफा हुआ। पारले की बाजार हिस्सेदारी भारत में ४० प्रतिशत है। वैश्विक स्तर पर यह ५० देशों में बिकता है। कंपनी स्वास्थ्य फोकस्ड उत्पाद जैसे व्हीट बिस्किट ला रही है। इससे फ्लेश रीडिंग स्कोर बेहतर होता है। पारले ने सस्टेनेबल सोर्सिंग अपनाई।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| ग्लूको बिस्किट | यूएस, सऊदी | ऊर्जा स्रोत |
| मॉनाको नमकीन | यूएई | क्रिस्पी टेक्स्चर |
| हिड एंड सीक | मध्य पूर्व | चॉकलेट फिलिंग |
ब्रांड ३: ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज – बेकरी की विरासत
ब्रिटानिया १०० वर्ष पुराना ब्रांड है। जीव्ही जैसे बिस्किट अमेरिका के भारतीय स्टोर्स में मिलते हैं। मध्य पूर्व में यह नाश्ते का हिस्सा बन गया है। कंपनी ने स्वास्थ्य उत्पादों पर ध्यान दिया। ओट्स और मल्टीग्रेन बिस्किट वैश्विक मांग में हैं। ब्रिटानिया का निर्यात ६० देशों तक पहुंचा है। यूएस में यह अमेज़न पर उपलब्ध है। बिक्री में १० प्रतिशत वार्षिक वृद्धि है। ब्रिटानिया की आय १६,००० करोड़ रुपये है। यह टिकाऊ सामग्री का उपयोग करती है। पाठकों के लिए यह ब्रांड सरल और स्वादिष्ट विकल्प है। ब्रिटानिया ने इनोवेटिव फ्लेवर्स लॉन्च किए।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| जीव्ही बिस्किट | अमेरिका | क्रीमी फिलिंग |
| गुड डे | यूएई | चॉकलेट चिप्स |
| न्यू जीव्ही | मध्य पूर्व | हेल्थी वैरिएंट |
ब्रांड ४: अमूल – डेयरी का गौरव
अमूल भारत का सबसे बड़ा डेयरी ब्रांड है। घी और पनीर अमेरिका में भारतीय रेस्तरां में इस्तेमाल होते हैं। मध्य पूर्व में हलाल घी लोकप्रिय है। कंपनी ३.६ मिलियन किसानों से जुड़ी है। अमूल ने यूएस में निर्यात दोगुना किया। यूएई में यह सुपरमार्केट में मिलता है। उत्पाद ताजा और शुद्ध होते हैं। निर्यात मूल्य १००० करोड़ रुपये पार। अमूल की वार्षिक बिक्री ५०,००० करोड़ रुपये है। यह जैविक दूध पर जोर देता है। वैश्विक बाजार में अमूल की पहचान मजबूत है। अमूल ने हेल्थ फोकस्ड प्रोडक्ट्स बढ़ाए।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| अमूल घी | यूएस, सऊदी | शुद्ध देशी |
| अमूल पनीर | यूएई | सॉफ्ट टेक्स्चर |
| अमूल बटर | मध्य पूर्व | क्रीमी स्वाद |
ब्रांड ५: नेस्ले इंडिया – स्वास्थ्य फोकस्ड
नेस्ले भारत में मैगी और नेस्ले डेयरी के लिए जाना जाता है। मैगी नूडल्स अमेरिका के एशियन सेक्शन में बिकते हैं। मध्य पूर्व में यह युवाओं का पसंदीदा है। कंपनी ने हेल्थी ऑप्शंस जैसे ओट्स लॉन्च किए। नेस्ले का निर्यात १०० देशों में है। यूएस में यह ऑर्गेनिक उत्पाद देता है। बाजार विस्तार में १२ प्रतिशत ग्रोथ। नेस्ले की बाजार कैप २ लाख करोड़ रुपये है। यह सस्टेनेबल सोर्सिंग अपनाती है। पाठक इन उत्पादों से पौष्टिक भोजन बना सकते हैं। नेस्ले ने लोकल फ्लेवर्स जोड़े। नेस्ले ने वर्ल्ड फूड इंडिया जैसे कार्यक्रमों में भाग लिया।
इससे वैश्विक साझेदारियां बनीं। कंपनी किसानों के साथ जुड़कर स्थिरता सुनिश्चित करती है। भारत सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना से नेस्ले को लाभ मिला। यह योजना ब्रांडों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाती है। नेस्ले के उत्पाद पोषण पर फोकस करते हैं। अमेरिका में मैगी के नए वैरिएंट लॉन्च हुए। मध्य पूर्व में हेल्थी नूडल्स की मांग बढ़ी।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| मैगी नूडल्स | अमेरिका | २ मिनट रेडी |
| सेरेलक | यूएई | ब्रेकफास्ट |
| नेस्ले मिल्क | मध्य पूर्व | कैल्शियम रिच |
ब्रांड ६: एवरेस्ट स्पाइसेस – मसालों का बादशाह
एवरेस्ट मसाले भारत का प्रमुख ब्रांड है। यह ४५ वैरिएंट ऑफर करता है। अमेरिका में भारतीय व्यंजनों के लिए इस्तेमाल होता है। मध्य पूर्व में हलाल मसाले बिकते हैं। कंपनी १९६५ से सक्रिय है। एवरेस्ट ५८ देशों में निर्यात करता है। यूएस में अमेज़न पर टॉप रेटेड है। निर्यात में १८ प्रतिशत इजाफा। एवरेस्ट की गुणवत्ता FSSAI प्रमाणित है। यह ताजगी बनाए रखता है। वैश्विक रसोई में यह जरूरी है। एवरेस्ट ने ऑर्गेनिक रेंज लॉन्च की।
वर्ल्ड फूड इंडिया २०२५ में एवरेस्ट ने निवेश आकर्षित किया। इससे निर्यात क्षमता बढ़ी। कंपनी ने मसालों की ट्रेसिबिलिटी सुधारी। हलाल सर्टिफिकेशन से मध्य पूर्व मार्केट मजबूत हुआ। एवरेस्ट किसानों से सीधे जुड़ता है। सरकारी योजनाओं से लाभ मिला। अमेरिका में भारतीय रेस्तरां इसका इस्तेमाल करते हैं। मसालों की वैश्विक मांग १५ प्रतिशत बढ़ी।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| चना मसाला | यूएस | प्रामाणिक स्वाद |
| किचन किंग | यूएई | मल्टी यूज |
| गरम मसाला | सऊदी | तीखा ब्लेंड |
ब्रांड ७: एमडीएच – पारंपरिक मसाले
एमडीएच मसाले शुद्धता के लिए प्रसिद्ध हैं। यह अमेरिका के भारतीय स्टोर्स में उपलब्ध है। मध्य पूर्व में मसाला मिक्स लोकप्रिय हैं। कंपनी १०० वर्ष पुरानी है। एमडीएच ने वैश्विक निर्यात बढ़ाया। यूएस में यह ऑर्गेनिक लाइन लॉन्च की। बिक्री ५० देशों में। एमडीएच की बिक्री बढ़ रही है। यह ट्रेसिबिलिटी पर जोर देता है। पाठक घर पर भारतीय व्यंजन बना सकते हैं। एमडीएच ने सस्टेनेबल फार्मिंग अपनाई। एमडीएच ने वर्ल्ड फूड इंडिया में भाग लिया।
इससे १ लाख करोड़ निवेश का हिस्सा बना। कंपनी ने मसालों की गुणवत्ता मानक ऊंचे किए। हलाल उत्पाद मध्य पूर्व में २० प्रतिशत बिक्री बढ़ाते हैं। एमडीएच किसान सहकारी से जुड़ा। सरकारी प्रोत्साहन से निर्यात दोगुना। अमेरिका में ऑर्गेनिक मसाले ट्रेंडिंग हैं। वैश्विक बाजार में एमडीएच की पहचान मजबूत।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| मधुर मसाला | अमेरिका | मीठा-तीखा |
| देगी मिर्च | यूएई | ताजा पाउडर |
| सम्भर पाउडर | मध्य पूर्व | साउथ इंडियन |
ब्रांड ८: एलटी फूड्स – चावल का विशेषज्ञ
एलटी फूड्स दावत बासमती चावल के लिए जाना जाता है। यह अमेरिका का सबसे पसंदीदा ब्रांड है। मध्य पूर्व में बिरयानी के लिए इस्तेमाल होता है। कंपनी ७० वर्ष पुरानी है। एलटी ८० देशों में निर्यात करती है। यूएस में रॉयल ब्रांड टॉप है। निर्यात आय २० प्रतिशत ऊपर। एलटी की आय ५,००० करोड़ रुपये है। यह ऑर्गेनिक चावल पर फोकस करती है। वैश्विक मेनू में जरूरी है। एलटी ने क्वालिटी कंट्रोल मजबूत किया।
एलटी ने वर्ल्ड फूड इंडिया २०२५ में एमओयू साइन किए। इससे बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ। कंपनी ने बासमती चावल की विविधता बढ़ाई। मध्य पूर्व में हलाल चावल लोकप्रिय। एलटी किसानों को प्रशिक्षण देता है। सरकारी कोल्ड चेन योजनाओं से लाभ। अमेरिका में एशियन सुपरमार्केट में प्रमुख। चावल निर्यात १८ प्रतिशत बढ़ा।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| दावत बासमती | यूएस | लंबा दाना |
| रॉयल चावल | यूएई | सुगंधित |
| सोया चंक्स | सऊदी | प्रोटीन रिच |
ब्रांड ९: एडीएफ फूड्स – फ्रोजन फूड लीडर
एडीएफ फूड्स आशोका रेडी-टू-ईट के लिए प्रसिद्ध है। अमेरिका में फ्रोजन करी बिकते हैं। मध्य पूर्व में एयरप्लेन अचार लोकप्रिय हैं। कंपनी १०० वर्ष पुरानी है। एडीएफ ५० देशों में पहुंची है। यूएस में यह ई-कॉमर्स पर उपलब्ध है। निर्यात १५ प्रतिशत बढ़ा। एडीएफ हलाल और शाकाहारी उत्पाद देता है। निर्यात आय ५०० करोड़ रुपये है। सुविधाजनक भोजन के लिए आदर्श। एडीएफ ने इनोवेटिव पैकेजिंग अपनाई।
एडीएफ ने वर्ल्ड फूड इंडिया में वैश्विक पार्टनरशिप बनाई। इससे फ्रोजन फूड निर्यात बढ़ा। कंपनी ने रेडी-टू-ईट रेंज विस्तारित की। मध्य पूर्व में हलाल करी की मांग। एडीएफ कोल्ड चेन पर निवेश करता है। सरकारी मेगा फूड पार्क से लाभ। अमेरिका में अमेज़न पर टॉप सेलर। फ्रोजन फूड मार्केट १२ प्रतिशत ग्रोथ।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| आशोका करी | अमेरिका | फ्रोजन |
| कैमल अचार | यूएई | लंबी शेल्फ लाइफ |
| ट्रूली इंडियन | मध्य पूर्व | एथनिक स्वाद |
ब्रांड १०: पेप्सिको इंडिया – स्नैक्स का साम्राज्य
पेप्सिको लेज और कुरकुरे के लिए जाना जाता है। अमेरिका में कुरकुरे मसाला फ्लेवर बिकता है। मध्य पूर्व में चिप्स लोकप्रिय हैं। कंपनी १९८९ से भारत में है। पेप्सिको १०० देशों में निर्यात करती है। यूएस में प्लांट-बेस्ड स्नैक्स लॉन्च किए। ग्रोथ रेट १० प्रतिशत। पेप्सिको की वैश्विक आय १ लाख करोड़ रुपये है। यह सस्टेनेबल पैकेजिंग अपनाती है। युवाओं के लिए मजेदार। पेप्सिको ने किसान सहयोग बढ़ाया।
पेप्सिको ने वर्ल्ड फूड इंडिया २०२५ में तीसरी बार भाग लिया। इससे सस्टेनेबिलिटी पर फोकस। कंपनी ने किसानों से लंबे संबंध बनाए। मध्य पूर्व में मसालेदार स्नैक्स ट्रेंड। पेप्सिको सरकारी योजनाओं से जुड़ा। अमेरिका में प्लांट-बेस्ड चिप्स नया लॉन्च। स्नैक्स निर्यात १४ प्रतिशत ऊपर।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| लेज चिप्स | यूएस | मसालेदार |
| कुरकुरे | यूएई | क्रंची |
| क्वेकर ओट्स | सऊदी | हेल्थी ब्रेकफास्ट |
ब्रांड ११: कैडबरी इंडिया – चॉकलेट का जादू
कैडबरी डेयरी मिल्क अमेरिका के भारतीय स्टोर्स में मिलता है। मध्य पूर्व में त्योहारों पर बिकता है। कंपनी ने भारतीय स्वाद जैसे मसाला चॉकलेट लॉन्च किए। कैडबरी ५० देशों में निर्यात करती है। यूएस में यह अमेज़न पर टॉप है। बिक्री १२ प्रतिशत ऊपर। कैडबरी की बिक्री १०,००० करोड़ रुपये है। यह सस्टेनेबल कोको पर जोर देता है। मीठे प्रेमियों के लिए बेस्ट।
कैडबरी ने गिफ्ट पैक्स बढ़ाए। कैडबरी ने वर्ल्ड फूड इंडिया में निवेश आकर्षित किया। इससे चॉकलेट निर्यात बढ़ा। कंपनी ने सस्टेनेबल कोको फार्मिंग अपनाई। मध्य पूर्व में त्योहारी पैक्स लोकप्रिय। कैडबरी सरकारी प्रोत्साहन से लाभान्वित। अमेरिका में इंडियन फ्लेवर चॉकलेट नया। चॉकलेट मार्केट १० प्रतिशत ग्रोथ।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| डेयरी मिल्क | अमेरिका | क्रीमी |
| ५ स्टार | यूएई | नट्टी |
| सेलिब्रेशंस | मध्य पूर्व | गिफ्ट पैक |
ब्रांड १२: परफेटी वैन मेल – कैंडी का आकर्षण
परफेटी अल्पेनलीबे के लिए प्रसिद्ध है। अमेरिका में यह इंपोर्टेड कैंडी सेक्शन में है। मध्य पूर्व में युवा पसंद करते हैं। कंपनी ने फ्रूट फ्लेवर्ड कैंडी लॉन्च की हैं। परफेटी ७० देशों में बिकता है। यूएस में हेल्थी ऑप्शन उपलब्ध। निर्यात ८ प्रतिशत बढ़ा। परफेटी की आय ५,००० करोड़ रुपये है। यह शुगर-फ्री वैरिएंट देता है। मिठाई प्रेमियों के लिए। परफेटी ने नैचुरल इंग्रीडिएंट्स अपनाए।
परफेटी ने वर्ल्ड फूड इंडिया २०२५ में भाग लिया। इससे वैश्विक बाजार विस्तार। कंपनी ने शुगर-फ्री रेंज बढ़ाई। मध्य पूर्व में फ्रूट कैंडी ट्रेंडिंग। परफेटी सरकारी योजनाओं से जुड़ा। अमेरिका में इंपोर्टेड कैंडी सेक्शन में प्रमुख। कैंडी निर्यात ९ प्रतिशत ऊपर।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| अल्पेनलीबे | यूएस | सॉफ्ट च्यू |
| क्रंच | यूएई | क्रिस्पी |
| हारिबो | सऊदी | जेली |
ब्रांड १३: एग्रो टेक फूड्स – हेल्थी ऑयल
एग्रो टेक सनरिच तेल के लिए जाना जाता है। अमेरिका में भारतीय किचन में इस्तेमाल होता है। मध्य पूर्व में हलाल ऑयल बिकता है। कंपनी ने ऑर्गेनिक ऑयल लॉन्च किए। एग्रो टेक ४० देशों में निर्यात करती है। यूएस में यह सुपरमार्केट में है। ग्रोथ ११ प्रतिशत। एग्रो टेक की बिक्री ३,००० करोड़ रुपये है। यह हृदय स्वास्थ्य पर फोकस करती है। स्वस्थ खाना पकाने के लिए।
एग्रो टेक ने रिसर्च बढ़ाई। एग्रो टेक ने वर्ल्ड फूड इंडिया में एमओयू साइन किए। इससे ऑयल निर्यात बढ़ा। कंपनी ने मल्टीसीड ऑयल वैरिएंट लॉन्च। मध्य पूर्व में हेल्थी ऑयल मांग। एग्रो टेक किसानों से सीधा खरीद। सरकारी कोल्ड चेन से लाभ। अमेरिका में हार्ट हेल्थी ऑयल टॉप। ऑयल मार्केट १३ प्रतिशत ग्रोथ।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| सनरिच ऑयल | अमेरिका | कम कोलेस्ट्रॉल |
| नटीग्रेन | यूएई | मल्टीसीड |
| स्प्रेड | मध्य पूर्व | बटर अल्टरनेटिव |
ब्रांड १४: मदर डेयरी – दूध का विश्वास
मदर डेयरी दूध और योगर्ट के लिए प्रसिद्ध है। अमेरिका में फ्रोजन योगर्ट निर्यात होता है। मध्य पूर्व में एसएमपी लोकप्रिय है। कंपनी ने वैश्विक मानकों को अपनाया। मदर डेयरी २० देशों में बिकता है। यूएस में एथनिक मार्केट में। निर्यात दोगुना। मदर डेयरी की आय ८,००० करोड़ रुपये है। यह पाश्चराइज्ड उत्पाद देता है। दैनिक पोषण के लिए। मदर डेयरी ने प्रोबायोटिक्स जोड़े।
मदर डेयरी ने वर्ल्ड फूड इंडिया २०२५ में निवेश आकर्षित। इससे डेयरी निर्यात मजबूत। कंपनी ने योगर्ट रेंज विस्तारित। मध्य पूर्व में मिल्क पाउडर ट्रेंड। मदर डेयरी किसान सहकारी। सरकारी योजनाओं से लाभ। अमेरिका में प्रोबायोटिक योगर्ट नया। डेयरी मार्केट १५ प्रतिशत ऊपर।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| मदर योगर्ट | यूएस | प्रोबायोटिक |
| एसएमपी | यूएई | लंबी शेल्फ |
| बटर | सऊदी | शुद्ध |
ब्रांड १५: हत्सुन एग्रो – वैल्यू एडेड डेयरी
हत्सुन आइसक्रीम और चीज के लिए जाना जाता है। अमेरिका में चीज निर्यात होता है। मध्य पूर्व में मिल्क पाउडर बिकता है। कंपनी ने हेल्थी वैरिएंट लॉन्च किए। हत्सुन ३० देशों में पहुंचा है। यूएस में यह ग्रोथ कर रहा है। बिक्री १० प्रतिशत ऊपर। हत्सुन की बिक्री ४,००० करोड़ रुपये है। यह हाइजीन पर जोर देता है। विविध डेयरी उत्पाद। हत्सुन ने एक्सपोर्ट नेटवर्क मजबूत किया।
हत्सुन ने वर्ल्ड फूड इंडिया में भाग लिया। इससे वैल्यू एडेड डेयरी बढ़ा। कंपनी ने चीज वैरिएंट लॉन्च। मध्य पूर्व में आइसक्रीम लोकप्रिय। हत्सुन सरकारी प्रोत्साहन से जुड़ा। अमेरिका में मेल्टिंग चीज टॉप। डेयरी निर्यात १२ प्रतिशत ग्रोथ।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| अरोड़ा आइसक्रीम | अमेरिका | फ्रूट फ्लेवर |
| आईशा चीज | यूएई | मेल्टिंग |
| मिल्क पाउडर | मध्य पूर्व | पौष्टिक |
ब्रांड १६: वरुण बेवरेजेस – ड्रिंक्स का पार्टनर
वरुण पेप्सी के पार्टनर हैं। पेप्सी ड्रिंक्स मध्य पूर्व में लोकप्रिय हैं। अमेरिका में निर्यात होता है। कंपनी ने एनर्जी ड्रिंक्स लॉन्च किए। वरुण २० देशों में बिकता है। यूएई में बड़ा मार्केट। निर्यात १४ प्रतिशत बढ़ा। वरुण की आय २०,००० करोड़ रुपये है। यह सस्टेनेबल वाटर यूज करता है। तरोताजा करने के लिए। वरुण ने लोकल टेस्ट अपनाए। वरुण ने वर्ल्ड फूड इंडिया २०२५ में सस्टेनेबिलिटी चर्चा की।
इससे ड्रिंक्स निर्यात बढ़ा। कंपनी ने एनर्जी ड्रिंक्स रेंज विस्तारित। मध्य पूर्व में कार्बोनेटेड ड्रिंक्स ट्रेंड। वरुण सरकारी योजनाओं से लाभ। अमेरिका में प्योर वाटर नया। बेवरेजेस मार्केट ११ प्रतिशत ऊपर।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| पेप्सी | सऊदी | कार्बोनेटेड |
| मिर्का | यूएई | एनर्जी |
| एक्वाफिना | अमेरिका | प्योर वाटर |
ब्रांड १७: तत कंज्यूमर प्रोडक्ट्स – चाय का स्वाद
तत ताज़ा चाय के लिए प्रसिद्ध है। अमेरिका में इंडियन टी मार्केट में है। मध्य पूर्व में मसाला चाय बिकती है। कंपनी ने ऑर्गेनिक चाय लॉन्च की। तत ५० देशों में निर्यात करती है। यूएस में अमेज़न पर। ग्रोथ ९ प्रतिशत। तत की बिक्री १२,००० करोड़ रुपये है। यह हर्बल ब्लेंड देता है। आरामदायक पेय। तत ने सस्टेनेबल टी लीव्स अपनाए। तत ने वर्ल्ड फूड इंडिया में निवेश आकर्षित।
इससे चाय निर्यात मजबूत। कंपनी ने ग्रीन टी वैरिएंट बढ़ाए। मध्य पूर्व में स्पाइसी चाय लोकप्रिय। तत किसान सहयोग। सरकारी प्रोत्साहन से लाभ। अमेरिका में ब्लैक टी टॉप। चाय मार्केट १० प्रतिशत ग्रोथ।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| ताज़ा चाय | अमेरिका | ब्लैक टी |
| तेटली ग्रीन | यूएई | एंटीऑक्सीडेंट |
| मसाला चाय | सऊदी | स्पाइसी |
ब्रांड १८: गोडरेज कंज्यूमर – हर्बल फूड
गोडरेज हर्बल उत्पादों पर फोकस करता है। अमेरिका में आयुर्वेदिक फूड निर्यात। मध्य पूर्व में नैचुरल स्नैक्स। कंपनी ने प्लांट-बेस्ड लाइन लॉन्च की। गोडरेज ४० देशों में बिकता है। यूएस में हेल्थ स्टोर्स में। निर्यात १३ प्रतिशत ऊपर। गोडरेज की आय ५,००० करोड़ रुपये है। यह ऑर्गेनिक सोर्सिंग करता है। प्राकृतिक स्वास्थ्य। गोडरेज ने रिसर्च पर निवेश किया।
गोडरेज ने वर्ल्ड फूड इंडिया २०२५ में हर्बल फूड चर्चा। इससे निर्यात बढ़ा। कंपनी ने प्लांट-बेस्ड स्नैक्स लॉन्च। मध्य पूर्व में नैचुरल प्रोडक्ट्स ट्रेंड। गोडरेज आयुर्वेदिक पर जोर। सरकारी योजनाओं से लाभ। अमेरिका में हर्बल फूड नया। हर्बल मार्केट १२ प्रतिशत ग्रोथ।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| सिल्क हेयर ऑयल | अमेरिका | हर्बल |
| हाइजीन साबुन | यूएई | नैचुरल |
| फूड प्रोडक्ट्स | सऊदी | प्लांट बेस्ड |
ब्रांड १९: मारिको – हेल्थ केयर फूड
मारिको पराशैंपू के साथ फूड में भी है। अमेरिका में हेल्थी ऑयल निर्यात। मध्य पूर्व में हर्बल प्रोडक्ट्स। कंपनी ने न्यूट्रिशनल फूड लॉन्च किए। मारिको ५० देशों में पहुंचा है। यूएस में ऑर्गेनिक लाइन। बिक्री ११ प्रतिशत बढ़ी। मारिको की बिक्री ८,००० करोड़ रुपये है। यह रिसर्च पर जोर देता है। संतुलित आहार। मारिको ने हेल्थ इनिशिएटिव्स बढ़ाए।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| सफोला ऑयल | अमेरिका | हार्ट हेल्थी |
| हिमalaya हर्बल | यूएई | आयुर्वेदिक |
| न्यूट्रिशनल | सऊदी | विटामिन रिच |
ब्रांड २०: कोलगेट-पामोलिव – ओरल केयर विद फूड
कोलगेट टूथपेस्ट के साथ फूड एडिटिव्स में है। अमेरिका में फ्लोराइड फूड प्रोडक्ट्स। मध्य पूर्व में ओरल हेल्थ फूड। कंपनी ने हेल्थ फूड लाइन शुरू की। कोलगेट १०० देशों में बिकता है। यूएस में बड़ा मार्केट। निर्यात १० प्रतिशत ऊपर। कोलगेट की आय १५,००० करोड़ रुपये है। यह इनोवेशन पर फोकस करती है। दांत स्वस्थ रखने के लिए। कोलगेट ने सेफ इंग्रीडिएंट्स अपनाए।
| उत्पाद का नाम | मुख्य बाजार | विशेषता |
| कोलगेट टूथपेस्ट | अमेरिका | फ्लोराइड |
| फूड ग्रेड | यूएई | सेफ |
| ओरल केयर | सऊदी | हर्बल |
वैश्विक प्रभाव और चुनौतियां
ये ब्रांड भारतीय खाद्य संस्कृति को दुनिया तक ले जा रहे हैं। अमेरिका में निर्यात २० प्रतिशत बढ़ा है। मध्य पूर्व में हलाल प्रमाणन से बिक्री दोगुनी हुई। वर्ल्ड फूड इंडिया ने निवेश को बढ़ावा दिया। चुनौतियां जैसे लॉजिस्टिक्स और रेगुलेशंस हैं। लेकिन इनोवेशन से ब्रांड सफल हो रहे हैं। भविष्य में ऑर्गेनिक और सस्टेनेबल उत्पाद बढ़ेंगे। ये ब्रांड रोजगार भी पैदा कर रहे हैं। भारत का खाद्य निर्यात २०३० तक १०० अरब डॉलर का लक्ष्य है। सरकारी योजनाओं से मजबूती मिली।
निष्कर्ष: भारतीय स्वाद की वैश्विक विजय
भारतीय खाद्य प्रसंस्करण ब्रांड वैश्विक बाजार को समृद्ध कर रहे हैं। अमेरिका से मध्य पूर्व तक इनका प्रभाव स्पष्ट है। ये ब्रांड स्वाद और स्वास्थ्य दोनों देते हैं। वर्ल्ड फूड इंडिया २०२५ जैसे आयोजनों ने १.०२ लाख करोड़ निवेश आकर्षित किया। इससे ९ लाख रोजगार सृजित होंगे। भारत को वैश्विक खाद्य केंद्र बनाने का सपना करीब आ रहा है। पाठक इन उत्पादों को आजमाएं।
इससे भारतीय विरासत का हिस्सा बनें। भविष्य उज्ज्वल है। निर्यात बढ़ेगा और ब्रांड मजबूत होंगे। सरकारी समर्थन जारी रहेगा। ये ब्रांड न केवल व्यापार बढ़ा रहे बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी कर रहे हैं।
