गूगल ने पिंटरेस्ट को टक्कर देने के लिए एआई संचालित मूड बोर्ड ऐप ‘मिक्सबोर्ड’ लॉन्च किया
गूगल ने मिक्सबोर्ड नाम का एक नया एआई आधारित मूड बोर्ड ऐप लॉन्च किया है, जो यूजर्स को आइडियाज ब्रेनस्टॉर्म करने, डिजाइन करने और विजुअलाइज करने में मदद करता है, साथ ही इसमें जनरेटिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है जो क्रिएटिव प्रोसेस को आसान और तेज बनाती है。 यह ऐप गूगल की क्रिएटिव एआई टूल्स की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पिनटरेस्ट की कोलाज फीचर्स और अन्य डिजिटल मूड बोर्ड प्लेटफॉर्म्स को सीधी चुनौती देता है, खासकर युवा यूजर्स के बीच बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए。
मिक्सबोर्ड फिलहाल अमेरिका में पब्लिक बीटा वर्जन में उपलब्ध है, जिसे गूगल लैब्स के जरिए labs.google/mixboard पर एक्सेस किया जा सकता है, और यह एक एक्सपेरिमेंटल टूल है जो क्रिएटिविटी को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है。 गूगल ने शुरुआती यूजर्स के लिए एक डिस्कॉर्ड कम्युनिटी भी शुरू की है, जहां फीडबैक शेयर करने, आइडियाज डिस्कस करने और अपडेट्स पाने की सुविधा है, जो यूजर्स को ऐप के विकास में हिस्सा लेने का मौका देती है。 गूगल की अन्य प्रोडक्ट्स जैसे पिक्सेल स्मार्टवॉच सीरीज (जैसे पिक्सेल वॉच 3 जो 49,900 रुपये में उपलब्ध है) और पिक्सेल बड्स प्रो 2 (22,900 रुपये में विभिन्न कलर्स में) की तरह, मिक्सबोर्ड भी कंपनी की एआई इनोवेशन पर फोकस करता है, जो क्रिएटिव टूल्स को रोजमर्रा के यूजर्स के लिए सुलभ बनाता है। इसके अलावा, ऐप का डिजाइन ओपन कैनवास स्टाइल पर आधारित है, जो यूजर्स को फ्रीडम देता है कि वे अपने आइडियाज को बिना किसी रिजिड स्ट्रक्चर के एक्सप्लोर करें。
क्रिएटिविटी के केंद्र में एआई
पारंपरिक मूड बोर्ड ऐप्स में यूजर्स को इमेजेस अपलोड या क्यूरेट करनी पड़ती हैं, लेकिन मिक्सबोर्ड में यूजर्स सिर्फ सिंपल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स से शुरू कर सकते हैं, जैसे “बोहो लिविंग रूम डेकोर” या “वेडिंग कलर स्कीम आइडियाज”, और एआई खुद इमेजेस, कोलाज और एडिटेबल बोर्ड्स जेनरेट करता है。 यह प्रक्रिया यूजर्स को बिना किसी मौजूदा इमेज कलेक्शन के आइडियाज विजुअलाइज करने की सुविधा देती है, और प्री-पॉपुलेटेड बोर्ड्स भी उपलब्ध हैं जो क्रिएटिविटी की शुरुआत में मदद करते हैं, खासकर उन यूजर्स के लिए जो इंस्पिरेशन की तलाश में हैं।
यह ऐप गूगल के नैनो बनाना इमेज एडिटिंग मॉडल का इस्तेमाल करता है, जो कॉम्प्लेक्स एडिट्स हैंडल करने, रियलिस्टिक विजुअल्स बनाने और नेचुरल लैंग्वेज कमांड्स (जैसे “इसे ज्यादा मिनिमल बना दो” या “इन दो इमेजेस को कम्बाइन करो”) को समझने के लिए जाना जाता है。 यूजर्स एआई से छोटे बदलाव मांग सकते हैं, जैसे कलर चेंजेस, इमेज मर्जिंग या पूरी तरह नए वैरिएशंस क्रिएट करना, और “रिजनरेट” या “मोर लाइक दिस” ऑप्शंस के जरिए आइडियाज को तुरंत इटरेट कर सकते हैं。 गूगल की अन्य एआई टूल्स, जैसे कि जेमिनी ऐप जो यूएस ऐप स्टोर पर टॉप पर पहुंच चुकी है, इस मॉडल को और मजबूत बनाती हैं, जो क्रिएटिव प्रोसेस को तेज और यूजर-फ्रेंडली बनाती है。 इसके अलावा, नैनो बनाना मॉडल हाई-क्वालिटी आउटपुट देता है जो प्रोफेशनल लेवल के विजुअल्स क्रिएट करता है, यहां तक कि नॉन-डिजाइनर्स के लिए भी, जो पहले टेक्निकल स्किल्स की कमी से रुक जाते थे।
इंस्पिरेशन और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए डिजाइन
गूगल का कहना है कि मिक्सबोर्ड कई तरह की क्रिएटिव जरूरतों के लिए बनाया गया है – घर की डेकोरेशन, इवेंट प्लानिंग, DIY प्रोजेक्ट्स, ब्रांडिंग, डिजाइन ब्रेनस्टॉर्मिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और यहां तक कि फोटोग्राफर्स के लिए मूड बोर्ड्स जो शूट प्लानिंग में मदद करते हैं, जैसे पोज रेफरेंस, लाइटिंग एंगल्स और टोन्स को विजुअलाइज करना。 जो यूजर्स स्टार्टिंग पॉइंट चाहते हैं, उनके लिए प्री-पॉपुलेटेड बोर्ड्स उपलब्ध हैं, जो तुरंत इंस्पिरेशन देते हैं और यूजर्स को अपने आइडियाज को रिफाइन करने की सुविधा प्रदान करते हैं।
ऐप में टेक्स्ट जेनरेशन की सुविधा भी है, जो बोर्ड्स पर मौजूद इमेजेस के आधार पर कैप्शंस, डिस्क्रिप्शंस या पूरी ब्रिफ्स क्रिएट करती है, जो प्रेजेंटेशंस, पिचेस, सोशल मीडिया कंटेंट या क्लाइंट शेयरिंग के लिए बहुत उपयोगी है。 उदाहरण के लिए, अगर बोर्ड पर होम डेकोर इमेजेस हैं, तो एआई ऑटोमैटिकली डिस्क्रिप्टिव टेक्स्ट जेनरेट कर सकता है जो विजुअल्स को सपोर्ट करता है, और यह फीचर टेक्स्ट और विजुअल्स को इंटीग्रेट करके वर्कफ्लो को स्मूद बनाता है。 गूगल की अन्य क्रिएटिव टूल्स, जैसे कि उसके पिक्सेल लैपटॉप्स (जैसे पिक्सेलबुक गो जो 1,19,999 रुपये में उपलब्ध है) और स्मार्टवॉचेस में इंटीग्रेटेड फीचर्स, इस ऐप को रोजमर्रा के यूजर्स के लिए और ज्यादा प्रैक्टिकल बनाते हैं, जहां एआई विजुअल और टेक्स्ट को एक साथ जोड़कर टीम कॉलेबोरेशन को आसान बनाता है。 इसके अलावा, ऐप का ड्रैग-एंड-ड्रॉप इंटरफेस इंट्यूटिव है, जो सोलो क्रिएटर्स और टीम्स दोनों के लिए रीयल-टाइम रिफाइनमेंट को सपोर्ट करता है, और यह टूल फोटोग्राफर्स या एडवरटाइजिंग प्रोफेशनल्स के लिए खासतौर पर उपयोगी है जो मूड बोर्ड्स को क्लाइंट्स, मॉडल्स या आर्ट डायरेक्टर्स के साथ शेयर करते हैं।
बढ़ते मार्केट में कॉम्पिटिशन
मिक्सबोर्ड एक ऐसे स्पेस में एंटर कर रहा है, जहां युवा यूजर्स की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है, खासकर जेन Z के बीच जो डिजिटल मूड बोर्ड्स को टिकटॉक वीडियोज में इस्तेमाल करते हैं。 पिनटरेस्ट का स्टैंडअलोन कोलाज ऐप शफल्स जेन Z के बीच वायरल हो चुका है, जिसकी फीचर्स को बाद में पिनटरेस्ट में इंटीग्रेट किया गया, और यह दिखाता है कि क्रिएटिव टूल्स की डिमांड कितनी ज्यादा है。 जबकि स्टार्टअप्स जैसे वर्स (जो एआई-ड्रिवन क्रिएटिव ऐप है और मिक्सबोर्ड को इंस्पायर करने वाला लगता है), लैंडिंग (जो अब बंद हो चुका है) और यहां तक कि फैशन मार्केटप्लेस डेपॉप ने हाल ही में स्टाइलिंग कलेक्शंस के लिए कोलाज फीचर लॉन्च किया है, जो यूजर्स को फैशन आइटम्स को विजुअलाइज और सेल करने में मदद करता है।
जनरेटिव एआई को मूड बोर्ड क्रिएशन के साथ कम्बाइन करके, गूगल क्रिएटर्स, डिजाइनर्स, मार्केटर्स, प्रोडक्ट टीम्स और कैजुअल यूजर्स के बड़े ऑडियंस पर दांव लगा रहा है, जो तेज और विजुअली रिच इंस्पिरेशन चाहते हैं, और यह टूल एडोब के फायरफ्लाई बोर्ड्स या फिगजैम जैसे कॉम्पिटिटर्स से भी मुकाबला करता है。 गूगल की मौजूदा प्रोडक्ट लाइनअप, जैसे कि पिक्सेल वॉच 3 (45mm और स्टैंडर्ड वर्जन दोनों 49,900 रुपये में) और पिक्सेल बड्स प्रो 2 (विभिन्न कलर्स जैसे विंटरग्रीन, पोर्सलीन, पियोनी और हेजल में 22,900 रुपये में), दिखाती है कि कंपनी एआई को क्रिएटिव और डेली यूज टूल्स में कैसे इंटीग्रेट कर रही है, जो मिक्सबोर्ड को मार्केट में मजबूत पोजिशन देती है。 इसके अलावा, ऐप की एआई कैपेबिलिटीज कंटेंट ओरिजिनैलिटी और क्रिएटिव ऑथरशिप पर सवाल उठाती हैं, लेकिन गूगल इसे ट्रांसपेरेंसी के साथ हैंडल कर रहा है, जो क्रिएटिव इंडस्ट्रीज में AI के रोल को रीशेप कर सकता है।
