यूरोपीय संघ ने वित्तीय घोटालों पर एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट से पूछताछ की
यूरोपीय संघ ने मंगलवार को प्रमुख टेक कंपनियों जैसे ऐपल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और बुकिंग से पूछताछ की है कि वे ऑनलाइन वित्तीय घोटालों को रोकने के लिए क्या उपाय कर रही हैं। यह कदम ब्रुसेल्स की ओर से अपने डिजिटल नियमों को सख्ती से लागू करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, ताकि यूरोपीय नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यूरोपीय आयोग ने डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के अंतर्गत इन कंपनियों को औपचारिक रूप से सूचना प्रदान करने का अनुरोध भेजा है। इस अनुरोध का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल स्कैमर्स द्वारा कैसे रोका जा रहा है, जैसा कि यूरोपीय संघ के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया। DSA एक महत्वपूर्ण यूरोपीय कानून है, जो 2023 में लागू हुआ और बड़ी टेक कंपनियों से अवैध सामग्री, जैसे फर्जी विज्ञापनों या स्कैम लिंक्स को हटाने की मांग करता है। रॉयटर्स और यूरोपीय आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह कानून यूरोप में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अधिक जिम्मेदार बनाने के लिए डिजाइन किया गया है, जहां कंपनियों को उपयोगकर्ताओं की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करनी होती है। हालांकि, इस कानून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रतिशोधपूर्ण धमकियों का सामना करना पड़ रहा है, जो वैश्विक व्यापार युद्धों के माध्यम से यूरोपीय संघ को चेतावनी दे चुके हैं। साथ ही, अमेरिकी टेक उद्योग से सेंसरशिप के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन यूरोपीय संघ का कहना है कि यह केवल अवैध गतिविधियों को रोकने का प्रयास है।
यूरोपीय संघ ने बार-बार जोर दिया है कि वह अपने कड़े नियमों से पीछे नहीं हटेगा, क्योंकि ये नियम यूरोपीय नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक हैं। मंगलवार का यह अनुरोध DSA के तहत आगे की जांच का आधार बन सकता है, जो अंततः जुर्माने तक पहुंच सकता है, हालांकि अभी यह केवल सूचना एकत्र करने का चरण है और किसी उल्लंघन का सीधा आरोप नहीं है। यूरोपीय संघ के डिजिटल मामलों के प्रवक्ता थॉमस रेग्नियर ने ब्रुसेल्स में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा, “यह कदम यूरोपीय संघ भर के उपयोगकर्ताओं को इन हानिकारक प्रथाओं से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है और यह सुनिश्चित करता है कि यूरोपीय संघ में सक्रिय प्लेटफॉर्म अपनी जिम्मेदारी निभाएं।” बीबीसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसे अनुरोध अक्सर बड़े पैमाने की जांचों की शुरुआत होते हैं, जहां कंपनियों को अपने एल्गोरिदम और मॉडरेशन प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करनी पड़ती है।
यह अनुरोध विशेष रूप से ऐपल के ऐप स्टोर, गूगल प्ले स्टोर, ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट बुकिंग डॉट कॉम और माइक्रोसॉफ्ट के बिंग सर्च इंजन से जुड़ा हुआ है। यूरोपीय संघ की चिंता यह है कि ऐप स्टोरों का दुरुपयोग स्कैमर्स द्वारा फर्जी ऐप्स बनाने के लिए किया जा सकता है, जो वैध बैंकिंग सेवाओं या निवेश प्लेटफॉर्म्स की नकल करते हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं को वित्तीय नुकसान होता है। इसी तरह, सर्च इंजनों पर फर्जी वेबसाइटों के लिंक दिखाए जा सकते हैं, जो फिशिंग हमलों का कारण बनते हैं। गार्डियन और फाइनेंशियल टाइम्स जैसे विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूरोप में वित्तीय स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां 2024 में अकेले यूके में ही ऐसे घोटालों से 1.2 बिलियन पाउंड का नुकसान हुआ। यूरोपीय आयोग की रिपोर्ट्स बताती हैं कि महामारी के बाद से ऑनलाइन फ्रॉड में 30% की वृद्धि हुई है, जिसमें फेक इनवेस्टमेंट स्कीम्स और क्रिप्टोकरेंसी स्कैम प्रमुख हैं। इन कंपनियों से उम्मीद की जाती है कि वे अपने प्लेटफॉर्म्स पर AI-आधारित डिटेक्शन टूल्स का इस्तेमाल करें और उपयोगकर्ताओं को चेतावनी दें।
ट्रंप की धमकियां
यूरोपीय संघ के पास DSA के अलावा डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) जैसे मजबूत कानूनी उपकरण हैं, जो ऑनलाइन बाजार में उचित प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए 2024 में पूरी तरह लागू हुए। इन कानूनों के तहत ब्रुसेल्स ने पहले ही मेटा के फेसबुक और इंस्टाग्राम, टिकटॉक, और एक्स (पूर्व ट्विटर) के खिलाफ कई जांच शुरू की हैं, जिनमें अवैध सामग्री हटाने और उपयोगकर्ता डेटा सुरक्षा के मुद्दे शामिल हैं। उदाहरण के लिए, मेटा पर पहले ही DSA उल्लंघन के लिए जांच चल रही है, जहां कंपनी को राजनीतिक विज्ञापनों की मॉडरेशन पर सवालों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इन नियमों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी को आमंत्रित किया है, जो वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाले टैरिफ बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध हैं। ट्रंप ने यूरोपीय संघ को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाया गया, तो वह यूरोपीय उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगा सकते हैं, जैसा कि उन्होंने 2018 के व्यापार युद्ध में किया था। सीएनएन और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने DSA को “अमेरिकी नवाचार पर हमला” करार दिया है।
अमेरिकी विदेश विभाग, ट्रंप के समर्थकों और प्रमुख टेक हस्तियों जैसे मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग तथा एक्स के मालिक एलन मस्क ने यूरोपीय संघ के नियमों को सेंसरशिप का रूप बताया है। जुकरबर्ग ने सार्वजनिक बयानों में कहा है कि ऐसे नियम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करते हैं, जबकि मस्क ने एक्स पर पोस्ट करके DSA को “यूरोपीय सेंसरशिप मशीन” कहा। हालांकि, यूरोपीय संघ इन आरोपों को सिरे से खारिज करता है और जोर देता है कि वास्तविक दुनिया में जो गतिविधियां अवैध हैं, जैसे धोखाधड़ी या घृणा फैलाना, वे ऑनलाइन भी अवैध हैं। संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह केवल अमेरिकी कंपनियों पर फोकस नहीं कर रहा; चीन की कंपनियां जैसे अलीएक्सप्रेस और टेमू भी DSA की जांच के दायरे में हैं, जहां फर्जी उत्पादों और डेटा गोपनीयता के मुद्दों पर जांच चल रही है।
