शिक्षातकनीकी

2026 में भारत में 14 एडटेक और प्रतियोगी परीक्षा प्लेटफॉर्म स्केलिंग

भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। अच्छे नोट्स, सही अभ्यास और नियमित मूल्यांकन अब उतने ही जरूरी हैं जितनी पढ़ाई। इसी वजह से छात्र ऐसे मंच खोजते हैं जो कक्षाएँ, अभ्यास, परीक्षण, शंका-समाधान और मार्गदर्शन एक साथ दे सकें। इस लेख में आप २०२६ में तेजी से स्केल हो रहे १४ प्रमुख मंचों को समझेंगे और अपने लक्ष्य के हिसाब से सही विकल्प चुनने की स्पष्ट रणनीति भी पाएँगे। यह गाइड खास तौर पर उन छात्रों के लिए है जो हिंदी में साफ, व्यावहारिक और परिणाम-केंद्रित जानकारी चाहते हैं।

२०२६ में यह विषय क्यों इतना महत्वपूर्ण है

परीक्षा तैयारी का तरीका बदल रहा है। पहले छात्रों के पास कुछ चुनिंदा कोचिंग और किताबें होती थीं। अब विकल्प बहुत हैं, लेकिन सही विकल्प चुनना कठिन हो गया है। शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों में भी ऑफलाइन केंद्र बढ़ रहे हैं, जिससे ऑनलाइन-ऑफलाइन का मिश्रित मॉडल मजबूत बनता है। वहीं कई मंच “व्यक्तिगत अध्ययन योजना”, “प्रगति विश्लेषण”, और “लक्ष्य-आधारित अभ्यास” जैसी सुविधाओं पर जोर दे रहे हैं।

यह बदलाव छात्रों के लिए फायदेमंद है, पर कुछ जोखिम भी हैं। बहुत अधिक विकल्प होने से छात्र बार-बार मंच बदल देते हैं, जिससे निरंतरता टूटती है। कई बार छात्र सिर्फ कक्षाएँ देखते रहते हैं, पर अभ्यास और परीक्षण का अनुशासन नहीं बनता। अगर आप २०२६ में बेहतर परिणाम चाहते हैं, तो आपको मंच को “सिस्टम” की तरह चुनना होगा, सिर्फ “वीडियो लाइब्रेरी” की तरह नहीं।

सही मंच चुनने की ७-बिंदु रणनीति

सही मंच चुनने का मतलब सबसे लोकप्रिय नाम चुनना नहीं है। इसका मतलब है अपने लक्ष्य, समय और सीखने की शैली के अनुसार सबसे उपयुक्त व्यवस्था बनाना।

१) अपनी परीक्षा और समयरेखा लिखें, ताकि रोज का लक्ष्य स्पष्ट रहे।
२) पाठ्यक्रम मिलान करें, और देखें कि मंच वास्तव में वही पढ़ा रहा है या सिर्फ व्यापक दावे कर रहा है।
३) अभ्यास और परीक्षण को प्राथमिकता दें, क्योंकि अंक वही बढ़ाते हैं।
४) शंका-समाधान की प्रक्रिया समझें, क्योंकि यहीं सबसे ज्यादा समय बचता है।
५) हिंदी सामग्री की गहराई देखें, केवल अनुवाद या उपशीर्षक पर निर्भर न रहें।
६) अध्यापक और बैच स्थिरता पर ध्यान दें, बार-बार बदलाव से तैयारी टूटती है।
७) एक मुख्य मंच और एक अभ्यास-परीक्षण मंच का संयोजन बनाएं, ताकि तैयारी संतुलित रहे।

नीचे दिए गए १४ मंचों को इसी दृष्टि से समझें। हर मंच के साथ एक छोटा उपयोग-सार और तालिका भी दी गई है, ताकि तुलना आसान हो।

शीर्ष १४ एडटेक और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी मंच (२०२६)

१) फिजिक्स वाला

फिजिक्स वाला का बड़ा लाभ यह है कि यह कम बजट में भी व्यवस्थित पाठ्यक्रम देता है। यह मंच उन छात्रों के लिए मददगार है जो स्पष्ट दिनचर्या और नियमित लक्ष्य चाहते हैं। अगर आप शुरुआत में अवधारणाएँ मजबूत करना चाहते हैं, तो इसे मुख्य कक्षा मंच के रूप में चुन सकते हैं। इसके बाद साप्ताहिक परीक्षण और प्रश्न-अभ्यास जोड़कर अपनी तैयारी को “अंक-केंद्रित” बना सकते हैं। यहाँ सबसे जरूरी बात है कि आप एक ही बैच के साथ बने रहें और अतिरिक्त स्रोतों से भटकें नहीं। लाभ तभी मिलेगा जब आप हर अध्याय के बाद प्रश्नों का लक्ष्य पूरा करें, और गलतियों की सूची बनाकर पुनरावृत्ति करें।

बिंदु सार
किसके लिए जेईई, नीट, आधार निर्माण
सबसे बड़ी ताकत किफायती, संरचित बैच
कैसे उपयोग करें कक्षा के बाद दैनिक प्रश्न, साप्ताहिक पूर्ण परीक्षण
सावधानी बहुत अधिक सामग्री में फोकस न टूटे

२) एलन डिजिटल

एलन डिजिटल उन छात्रों के लिए बेहतर है जो अनुशासन और नियमित अभ्यास के साथ पढ़ाई करते हैं। यह मंच अक्सर “दिनचर्या-आधारित तैयारी” के लिए जाना जाता है, जहाँ अभ्यास-शीट और तय क्रम से तैयारी आगे बढ़ती है। यदि आपका लक्ष्य उच्च रैंक है, तो आपको समय-बंधन में अभ्यास करना होगा। ऐसे में यह मॉडल आपकी आदतों को मजबूत करता है। आपको हर सप्ताह अपनी प्रगति का लेखा-जोखा रखना चाहिए, ताकि किसी विषय में पिछड़ने पर तुरंत सुधार हो सके। यहाँ सफलता का मंत्र है: कम स्रोत, अधिक अभ्यास, और लगातार आत्म-मूल्यांकन।

बिंदु सार
किसके लिए जेईई, नीट के गंभीर अभ्यर्थी
सबसे बड़ी ताकत अनुशासित योजना, अभ्यास-केंद्रित
कैसे उपयोग करें तय समय पर अध्ययन, अध्याय-वार परीक्षण
सावधानी लचीले सीखने वालों को कठोर लग सकता है

३) वेदांतु

वेदांतु का जोर संवाद और लाइव सीखने पर रहता है। जिन छात्रों को पढ़ते समय बार-बार शंका आती है, उनके लिए यह तरीका उपयोगी हो सकता है। आप लाइव कक्षा में अवधारणा स्पष्ट कर सकते हैं, फिर उसी दिन विषय-आधारित प्रश्न लगाकर सीख को पक्का कर सकते हैं। यह मंच तब ज्यादा असर करता है जब आप अभ्यास का अलग लक्ष्य तय करें। केवल कक्षा देखना पर्याप्त नहीं है। यदि आप समय प्रबंधन में कमजोर हैं, तो लाइव तालिका-आधारित दिनचर्या आपको नियमित बना सकती है।

बिंदु सार
किसके लिए स्कूल स्तर, प्रवेश परीक्षा
सबसे बड़ी ताकत लाइव संवाद, तुरंत शंका-समाधान
कैसे उपयोग करें कक्षा के बाद त्वरित अभ्यास, सप्ताहांत परीक्षण
सावधानी अभ्यास कम हुआ तो परिणाम धीमे होंगे

४) एम्बाइब

एम्बाइब अभ्यास-प्रधान छात्रों के लिए उपयोगी है। यह मंच अक्सर प्रगति विश्लेषण और कमजोरियों की पहचान पर जोर देता है, ताकि छात्र लक्षित अभ्यास कर सके।
आप इसे इस तरह इस्तेमाल करें कि हर परीक्षण के बाद तीन कमजोर विषय चुनें और सात दिन का सुधार-चक्र बनाएं। जब आप बार-बार वही गलती देखते हैं, तो समझिए कि समस्या अवधारणा में है या समय प्रबंधन में। यह मंच तब सबसे ज्यादा फायदा देता है जब आप विश्लेषण को कार्रवाई में बदलते हैं, केवल देख कर छोड़ते नहीं।

बिंदु सार
किसके लिए अभ्यास-केंद्रित विद्यार्थी
सबसे बड़ी ताकत कमजोरी पहचान, सुधार-योजना
कैसे उपयोग करें परीक्षण के बाद लक्षित अभ्यास, त्रुटि-सूची
सावधानी विश्लेषण के बिना अभ्यास बिखर सकता है

५) टेस्टबुक

टेस्टबुक का मुख्य मूल्य इसकी परीक्षण-श्रृंखला और प्रश्न-अभ्यास है। सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में नियमित परीक्षण बहुत बड़ा अंतर बनाता है। यदि आपका लक्ष्य एसएससी या बैंक है, तो आपको दैनिक विषय-वार परीक्षण और साप्ताहिक पूर्ण परीक्षण की आदत डालनी चाहिए। यहाँ सफलता का तरीका है “गलती-केंद्रित सुधार”। हर परीक्षण के बाद गलत प्रश्नों को तीन श्रेणियों में बाँटें: अवधारणा, लापरवाही, समय। इसके बाद अगला सप्ताह उसी के अनुसार डिजाइन करें, ताकि कमजोरियाँ दोहराई न जाएँ।

बिंदु सार
किसके लिए एसएससी, बैंक, रेलवे
सबसे बड़ी ताकत परीक्षण-आधारित तैयारी
कैसे उपयोग करें दैनिक अभ्यास, साप्ताहिक पूर्ण परीक्षण
सावधानी लक्ष्य परीक्षा के बाहर की सामग्री से बचें

६) अड्डा २४७

अड्डा २४७ हिंदी माध्यम के छात्रों के बीच मजबूत पकड़ रखता है। इसका दैनिक अभ्यास, करंट और कक्षाओं का संयोजन एक सहज दिनचर्या बनाता है। यदि आपको “दैनिक गति” चाहिए, तो यह मंच मदद कर सकता है, लेकिन आपको बैचों की अधिकता से बचना होगा। आप सुबह करंट अध्ययन और शाम परीक्षण-आधारित अभ्यास का नियम बना सकते हैं। यह मंच तब अधिक उपयोगी है जब आप रोज छोटा लक्ष्य पूरा करते हैं और सप्ताहांत में बड़े परीक्षण से आकलन करते हैं।

बिंदु सार
किसके लिए एसएससी, बैंक हिंदी माध्यम
सबसे बड़ी ताकत करंट + अभ्यास की दिनचर्या
कैसे उपयोग करें दैनिक करंट, रोज विषय-वार प्रश्न
सावधानी कई बैच लेने से फोकस टूटता है

७) ऑलिवबोर्ड

ऑलिवबोर्ड अक्सर परीक्षा-जैसे माहौल में अभ्यास के लिए पसंद किया जाता है। बैंकिंग और कुछ अन्य परीक्षाओं में दबाव में सही निर्णय लेना जरूरी होता है। यह मंच आपको समय-बंधन, प्रश्न चयन और सटीकता पर काम करने में मदद करता है। आपको हर परीक्षण में एक लक्ष्य रखना चाहिए, जैसे सटीकता बढ़ाना या समय घटाना। फिर उसी लक्ष्य के आधार पर अगली रणनीति बनाएं। धीरे-धीरे आपका प्रदर्शन स्थिर और भरोसेमंद बनता है।

बिंदु सार
किसके लिए बैंक, उन्नत एसएससी
सबसे बड़ी ताकत परीक्षा-जैसा अभ्यास, रणनीति प्रशिक्षण
कैसे उपयोग करें पूर्ण परीक्षण, विश्लेषण, सुधार-लक्ष्य
सावधानी अवधारणा कमजोर हो तो पहले सुधारें

८) इग्ज़ैमबी

इग्ज़ैमबी का लाभ यह है कि यह कई सरकारी परीक्षाओं के लिए एक साथ सामग्री और अभ्यास देता है। कुछ छात्रों को इसमें साक्षात्कार और अंतिम चरण की तैयारी का भी सहारा मिलता है। यदि आपका लक्ष्य बहु-स्तरीय परीक्षा है, तो आप पहले प्रारंभिक चरण के लिए नियमित परीक्षण रखें, फिर मुख्य चरण के लिए कठिन स्तर का अभ्यास जोड़ें। यहाँ सबसे जरूरी बात है लक्ष्य-परीक्षा को संकुचित करना। एक साथ बहुत सी परीक्षाएँ चुनने से तैयारी फैल जाती है। आप १२ सप्ताह का लक्ष्य-चक्र बनाकर हर सप्ताह एक-एक कौशल सुधार सकते हैं।

बिंदु सार
किसके लिए बैंक, बीमा, सरकारी परीक्षाएँ
सबसे बड़ी ताकत बहु-परीक्षा कवरेज
कैसे उपयोग करें चरण-वार योजना, कठिन अभ्यास क्रम
सावधानी एक समय में एक लक्ष्य परीक्षा रखें

९) एंट्री

एंट्री का जोर भाषा-अनुकूल सीखने और शुरुआती छात्रों के लिए सरल मार्ग पर रहता है। छोटे शहरों में कई छात्र ऐसे मंच पसंद करते हैं जहाँ समझने का तरीका सहज हो। आप इस मंच को आधार बनाने के बाद धीरे-धीरे कठिन स्तर की प्रश्न-श्रृंखला जोड़ सकते हैं। यहाँ निरंतरता सबसे बड़ी ताकत बनती है। रोज तय समय पर पढ़ाई, छोटा अभ्यास और साप्ताहिक मूल्यांकन आपके अंक बढ़ाएगा। यदि आप अपनी भाषा में अवधारणा स्पष्ट कर लेते हैं, तो परीक्षा में समय बचता है और तनाव कम होता है।

बिंदु सार
किसके लिए शुरुआती, भाषा-केंद्रित विद्यार्थी
सबसे बड़ी ताकत सरल मार्गदर्शन, नियमितता
कैसे उपयोग करें रोज ६०–९० मिनट, सप्ताहांत परीक्षण
सावधानी उन्नत स्तर के लिए अतिरिक्त अभ्यास जोड़ें

१०) दृष्टि आईएएस

दृष्टि आईएएस हिंदी माध्यम में सामान्य अध्ययन की तैयारी के लिए जाना जाता है। यह मंच नोट्स, समसामयिक विषय और उत्तर लेखन की दिशा में छात्रों को एक ढांचा देता है। यदि आपका लक्ष्य यूपीएससी या राज्य सेवा है, तो आपको पढ़ाई के साथ लिखने की आदत बनानी होगी। आप हर सप्ताह दो उत्तर लिखें, फिर स्वयं समीक्षा करें कि तथ्य, संरचना और निष्कर्ष कितना मजबूत है। यह मंच तब ज्यादा फायदा देगा जब आप पिछले प्रश्नों के विषयों पर बार-बार अभ्यास करेंगे और अपने शब्दों में संक्षेप लिखेंगे।

बिंदु सार
किसके लिए यूपीएससी, राज्य सेवा हिंदी माध्यम
सबसे बड़ी ताकत सामान्य अध्ययन ढांचा, लेखन-केंद्रित
कैसे उपयोग करें उत्तर लेखन अभ्यास, साप्ताहिक समीक्षा
सावधानी केवल नोट्स पढ़ने पर निर्भर न रहें

११) स्टडीआईक्यू

स्टडीआईक्यू का उपयोग समसामयिक विषयों और सामान्य अध्ययन के दैनिक-साप्ताहिक-मासिक चक्र के लिए किया जाता है। आप इसे आधार बनाकर रोज के विषयों को छोटे नोट्स में बदलें। केवल देखना या सुनना पर्याप्त नहीं है। समसामयिक को उत्तर लेखन और निबंध से जोड़ें, ताकि आपकी तैयारी “पढ़ाई से प्रदर्शन” तक पहुंचे। यदि आप हर सप्ताह एक बार पुनरावृत्ति कर लेते हैं, तो लंबे समय में ज्ञान स्थिर बनता है और अंतिम महीनों का दबाव घटता है।

बिंदु सार
किसके लिए यूपीएससी, राज्य सेवा
सबसे बड़ी ताकत समसामयिक चक्र, नियमित पुनरावृत्ति
कैसे उपयोग करें दैनिक नोट्स, साप्ताहिक संकलन
सावधानी निष्क्रिय अध्ययन से बचें

१२) अनअकैडमी

अनअकैडमी में अलग-अलग अध्यापक और बैच विकल्प मिलते हैं। यह मॉडल उन छात्रों को पसंद आता है जो लाइव कक्षाओं के साथ विविध संसाधन चाहते हैं। लेकिन यही विविधता कई बार कमजोरी भी बन जाती है, क्योंकि छात्र अध्यापक बदलते रहते हैं। यदि आप इसे चुनते हैं, तो कम से कम ९० दिन एक ही बैच के साथ चलें। फिर परिणाम देखें और जरूरत हो तो बदलाव करें। लाभ तभी मिलेगा जब आप एक तय पाठ्यक्रम, नियमित अभ्यास और साप्ताहिक मूल्यांकन के साथ आगे बढ़ेंगे।

बिंदु सार
किसके लिए बहु-परीक्षा तैयारी
सबसे बड़ी ताकत बैच विकल्प, लाइव सीख
कैसे उपयोग करें एक बैच चुनें, ९० दिन निरंतरता
सावधानी अध्यापक बदलने की आदत रोकें

१३) प्रेपलैडर

प्रेपलैडर मेडिकल स्नातकोत्तर परीक्षाओं की तैयारी में प्रश्न-आधारित सीख पर जोर देता है। मेडिकल परीक्षाओं में याददाश्त के साथ-साथ त्वरित निर्णय और प्रश्न-पैटर्न समझना जरूरी होता है। आप रोज प्रश्नों का लक्ष्य तय करें और हर गलत उत्तर के साथ अपना नोट्स अपडेट करें। साप्ताहिक बड़े परीक्षण के बाद ४८ घंटे के भीतर गलत विषयों की पुनरावृत्ति करें, ताकि भूलने का चक्र टूटे। यह मंच तब ज्यादा असर करता है जब आप प्रश्न-भंडार को नियमित समीक्षा के साथ जोड़ते हैं।

बिंदु सार
किसके लिए मेडिकल स्नातकोत्तर, प्रवेश
सबसे बड़ी ताकत प्रश्न-आधारित सीख, निरंतर परीक्षण
कैसे उपयोग करें रोज प्रश्न लक्ष्य, साप्ताहिक बड़े परीक्षण
सावधानी केवल कक्षा देखकर अभ्यास न टालें

१४) साथी

साथी निःशुल्क संसाधन के रूप में कई छात्रों के लिए उपयोगी आधार बनता है। यह उन छात्रों को मदद देता है जो सीमित बजट में व्यवस्थित सामग्री और अभ्यास चाहते हैं। निःशुल्क मंच का सबसे बड़ा चुनौती-बिंदु अनुशासन है। आपको अपना दैनिक समय, विषय-लक्ष्य और परीक्षण दिन पहले से तय करना होगा। इसे आधार बनाकर आप एक अतिरिक्त परीक्षण-श्रृंखला जोड़ सकते हैं, ताकि परीक्षा-जैसा अभ्यास लगातार बना रहे। यदि आप नियमितता और आत्म-मूल्यांकन बनाए रखते हैं, तो निःशुल्क संसाधन भी मजबूत परिणाम दे सकते हैं।

बिंदु सार
किसके लिए सीमित बजट वाले छात्र
सबसे बड़ी ताकत निःशुल्क आधार, व्यवस्थित संसाधन
कैसे उपयोग करें तय दिनचर्या, नियमित परीक्षण
सावधानी अनुशासन टूटे तो लाभ कम होगा

परीक्षा-वार शॉर्टलिस्ट: किसके लिए कौन-सा मंच

जेईई और नीट के लिए ऐसे मंच बेहतर रहते हैं जहाँ अवधारणा स्पष्ट हो, दैनिक अभ्यास का लक्ष्य मिले, और साप्ताहिक परीक्षण नियमित हों। सरकारी नौकरी परीक्षाओं में परीक्षण-श्रृंखला, समय प्रबंधन और त्रुटि-विश्लेषण सबसे बड़ा फर्क बनाते हैं। यूपीएससी और राज्य सेवा में समसामयिक चक्र, उत्तर लेखन और पिछले प्रश्नों पर अभ्यास जरूरी होता है। मेडिकल परीक्षाओं में प्रश्न-पैटर्न और नियमित बड़े परीक्षण स्कोर बढ़ाने में मदद करते हैं।

परीक्षा समूह प्राथमिक जरूरत व्यावहारिक संयोजन
जेईई, नीट अवधारणा + अभ्यास फिजिक्स वाला या एलन डिजिटल + एम्बाइब
एसएससी, बैंक परीक्षण + विश्लेषण टेस्टबुक या अड्डा २४७ + ऑलिवबोर्ड
यूपीएससी, राज्य समसामयिक + लेखन दृष्टि आईएएस या स्टडीआईक्यू + नियमित उत्तर अभ्यास
मेडिकल स्नातकोत्तर प्रश्न-आधारित सीख प्रेपलैडर + साप्ताहिक बड़े परीक्षण

बजट के हिसाब से सबसे उपयोगी संयोजन

कम बजट में आपको “एक मजबूत आधार” और “एक सख्त परीक्षण दिनचर्या” चाहिए। निःशुल्क संसाधन आधार दे सकते हैं, पर परीक्षण-अनुशासन आपकी जिम्मेदारी है। मध्यम बजट में आप एक मुख्य कक्षा मंच के साथ एक अलग अभ्यास-विश्लेषण मंच जोड़ सकते हैं। इससे सामग्री और प्रदर्शन दोनों संतुलित रहते हैं। उच्च बजट में भी सबसे बड़ी गलती बहुत कुछ खरीद लेना है। बेहतर है कि आप कम विकल्प रखें, पर उन्हें पूरी गंभीरता से पूरा करें।

बजट स्तर लक्ष्य सुझाव
कम निरंतरता बनाना साथी + नियमित परीक्षण-श्रृंखला
मध्यम संरचना + सुधार फिजिक्स वाला या एलन डिजिटल + अभ्यास-विश्लेषण
उच्च लाइव मार्गदर्शन अनअकैडमी + अलग परीक्षण दिनचर्या

सामान्य गलतियाँ जो अंक रोक देती हैं

सबसे आम गलती है लगातार मंच बदलना। हर बार नया मंच लेने पर आपका पाठ्यक्रम, नोट्स और दिनचर्या फिर से शुरू होती है। दूसरी गलती है परीक्षण देना, लेकिन विश्लेषण नहीं करना। यदि आपको नहीं पता कि गलती क्यों हुई, तो वही गलती दोहरती है। तीसरी गलती है नोट्स बनाकर छोड़ देना। नोट्स तभी मूल्यवान हैं जब आप उन्हें समय-समय पर दोहराते हैं। चौथी गलती है नींद और स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना। थकान सीधे सटीकता और गति को प्रभावित करती है।

गलती असर सुधार
मंच बदलना निरंतरता टूटती है ९० दिन का नियम अपनाएँ
विश्लेषण न करना वही गलतियाँ दोहरती हैं त्रुटि-सूची बनाएं
पुनरावृत्ति कमजोर याददाश्त गिरती है साप्ताहिक पुनरावृत्ति तय करें
स्वास्थ्य अनदेखा प्रदर्शन घटता है नींद, पानी, चलना नियमित रखें

निष्कर्ष

२०२६ में परीक्षा तैयारी का सबसे अच्छा तरीका है एक साफ प्रणाली बनाना। सही मंच चुनें, नियमित अभ्यास करें, और परीक्षण को आदत बनाएं। जब आप कम स्रोतों के साथ अधिक अनुशासन अपनाते हैं, तब परिणाम ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद बनते हैं। इस लेख में दिए गए १४ मंचों को अपने लक्ष्य, समय और बजट के अनुसार चुनें, और एक ऐसी दिनचर्या बनाएं जिसे आप रोज निभा सकें।