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IND vs SA: टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका! जसप्रीत बुमराह बने ऐसा करने वाले पहले तेज गेंदबाज

नई दिल्ली: भारत के तेज गेंदबाजी के लीडर जसप्रीत बुमराह ने शुक्रवार को एडन गार्डन्स में पहले टेस्ट मैच के पहले दिन कमाल कर दिखाया। उन्होंने 5 विकेट लेकर सिर्फ 27 रन दिए और दक्षिण अफ्रीका को 159 रनों पर ढेर कर दिया। यह पिच दो-गति वाली थी, जहां उछाल भी अनियमित था, लेकिन बुमराह ने अपनी सटीक गेंदबाजी से सबको हैरान कर दिया। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और शुरुआत में मजबूत दिखे, 11वें ओवर तक बिना कोई विकेट खोए 57 रन बना लिए। लेकिन बुमराह ने तीसरे ओवर से ही हमला बोल दिया, दोनों ओपनर्स को जल्दी आउट करके मेहमान टीम की पूरी पारी को तहस-नहस कर दिया।​

यह मैच कोलकाता के ऐतिहासिक एडन गार्डन्स में खेला जा रहा है, जहां करीब 36,000 दर्शकों ने भारत का साथ दिया। दक्षिण अफ्रीका की टीम, जो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन है, को उम्मीद थी कि वे अच्छा स्कोर बनाएंगे, लेकिन बुमराह की गेंदें उनके बल्लेबाजों के लिए पहेली साबित हुईं। शुरुआती ओपनिंग पार्टनरशिप के बाद वे सिर्फ 102 रनों में 10 विकेट गंवा बैठे, जो उनकी दूसरी सबसे कम स्कोर है भारत के खिलाफ पहली पारी में। बुमराह ने 14 ओवर डाले, जिसमें चार मेडन शामिल थे, और उनकी इकोनॉमी रेट बेहद किफायती रही।​

बुमराह का जादू: सेशन दर सेशन कमाल

पहले सेशन में दक्षिण अफ्रीका ने मजबूत शुरुआत की। ओपनर्स रयान रिकेल्टन और एडेन मार्कराम ने आक्रामक बल्लेबाजी की। मार्कराम को पहली रन बनाने के लिए 23 गेंदें लगीं, लेकिन उन्होंने मोहम्मद सिराज की गेंद पर शानदार स्ट्रेट ड्राइव लगाकर फोर मारा। फिर उन्होंने लगातार बाउंड्रीज ठोकीं, जिससे सिराज और अक्षर पटेल को शुरुआत में मुश्किल हुई। लेकिन बुमराह ने अपना लंबा स्पेल डाला—सात ओवर, चार मेडन, नौ रन और दो विकेट। उन्होंने पहले रिकेल्टन को 23 रनों पर बोल्ड किया, गेंद अंदर आकर स्टंप्स पर लगी। फिर मार्कराम को 31 रनों पर शॉर्ट बॉल पर एक्स्ट्रा बाउंस देकर पंत के हाथों कैच आउट कराया। यह दोनों ओपनर्स का 13वां मौका था जब बुमराह ने उन्हें आउट किया, जो 2018 से किसी भी गेंदबाज का सबसे ज्यादा है।​

लंच तक दक्षिण अफ्रीका 86/3 पर थे। अगले सेशन में कप्तान टेंबा बावुमा सिर्फ तीन रनों पर कुलदीप यादव की गेंद पर लेग स्लिप में कैच हो गए। वियान मुल्डर और टोनी डी जोरजी ने 24-24 रन बनाकर स्कोर 100 के पार पहुंचाया। मुल्डर ने धैर्य दिखाया, 50 से ज्यादा गेंदें खेलीं, लेकिन कुलदीप की लेफ्ट-आर्म रिस्ट स्पिन पर रिवर्स स्वीप खेलते हुए एलबीडब्ल्यू हो गए। डी जोरजी ने भी अच्छा संघर्ष किया, लेकिन बुमराह की इनस्विंगर पर एलबीडब्ल्यू हो गए—उन्होंने डीआरएस लिया, लेकिन थर्ड अम्पायर ने फैसला बरकरार रखा। इस सेशन में भारत ने सिर्फ 29 रन दिए और तीन विकेट लिए, जो दर्शकों को रोमांचित करने वाला था।​

तीसरे सेशन में बुमराह ने वापसी की और अपना फाइव-फॉर पूरा किया। सिराज ने पहले छह ओवर में 34 रन लुटाए, लेकिन 10वें ओवर में कमबैक किया—काइल वेरेन को 16 रनों पर एलबीडब्ल्यू और मार्को जानसेन को डक पर बोल्ड। वेरेन ने सावधानी बरती, लेकिन सिराज की गेंद पर फंस गए। चाय के ठीक पहले अक्षर पटेल ने कॉर्बिन बोश को तीन रनों पर एलबीडब्ल्यू किया। फिर सेशन के अंत में बुमराह ने साइमन हार्मर को पांच रनों पर आउट किया और केशव महाराज को डक पर अनPlayable यॉर्कर से बोल्ड। दक्षिण अफ्रीका 55 ओवर में 159 पर ऑलआउट हो गया, और बुमराह का स्पेल दबदबा कायम रहा।​

ऐतिहासिक रिकॉर्ड: बुमराह की विरासत मजबूत

यह बुमराह का टेस्ट क्रिकेट में 16वां फाइव-फॉर था, जो उन्हें भारत के स्पिनर भगवत चंद्रशेखर के बराबर ला खड़ा करता है। भारत के महान गेंदबाजों में आर अश्विन के 37, अनिल कुंबले के 35, हरभजन सिंह के 25 और कपिल देव के 23 फाइव-फॉर हैं। बुमराह ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू किया था, और इतने कम मैचों (करीब 40 टेस्ट) में यह हासिल करना उनकी असाधारण प्रतिभा दिखाता है। वे दुनिया के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज हैं, और यह प्रदर्शन उनकी फिटनेस व स्ट्रेटजी को प्रमाणित करता है।​

खास बात यह है कि बुमराह पहले तेज गेंदबाज बने जिन्होंने भारत में टेस्ट मैच के पहले दिन पांच विकेट लिए। इससे पहले 2019 में इसी मैदान पर इशांत शर्मा ने बांग्लादेश के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट में ऐसा किया। पारंपरिक रेड-बॉल टेस्ट में आखिरी बार दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन ने 2008 में अहमदाबाद में यह कमाल दिखाया। पिछले साल बेंगलुरु टेस्ट में मैट हेनरी ने पांच विकेट लिए, लेकिन वह आधिकारिक दूसरा दिन था क्योंकि पहला दिन बारिश से रद्द हो गया। बुमराह का यह स्पेल 17 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने जैसा था, और एडन गार्डन्स की पिच ने तेज गेंदबाजों को लेटरल मूवमेंट व बाउंस देकर मदद की।​

अन्य गेंदबाजों का योगदान: टीम का दबदबा

बुमराह अकेले नहीं थे—पूरी भारतीय गेंदबाजी ने दक्षिण अफ्रीका को दबाव में रखा। मोहम्मद सिराज ने दो विकेट लिए, जिसमें वेरेन व जानसेन शामिल। सिराज की शुरुआत खराब रही, लेकिन उन्होंने धैर्य रखा और महत्वपूर्ण ब्रेकथ्रू दिए। कुलदीप यादव ने दो विकेट चटकाए—बावुमा व मुल्डर को, अपनी वॉरिएशन से बल्लेबाजों को कन्फ्यूज किया। अक्षर पटेल ने एक विकेट लिया, बोश को एलबीडब्ल्यू देकर मिडल ऑर्डर को तोड़ा। दक्षिण अफ्रीका को बड़ा झटका लगा जब उनके स्टार तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा चोट के कारण मैच से बाहर हो गए—यह रिब इंजरी थी, जो उनकी गेंदबाजी को कमजोर कर गई। कुल मिलाकर, भारत की गेंदबाजी ने 55 ओवर में 159 रन देकर 10 विकेट लिए, जो घरेलू पिच पर शानदार प्रदर्शन था।​

भारत की बल्लेबाजी: सतर्क शुरुआत

दक्षिण अफ्रीका को आउट करने के बाद भारत ने बल्लेबाजी शुरू की। लेकिन खराब रोशनी के कारण खेल 20 ओवर बाद बंद हो गया, और भारत 37/1 पर पहुंचा। यशस्वी जायसवाल 12 रनों पर मार्को जानसेन की गेंद पर चॉप करके बोल्ड हो गए। जायसवाल ने सावधानी से खेला, लेकिन गेंद स्टंप्स पर लगी। केएल राहुल 13* और वॉशिंगटन सुंदर 6* पर नाबाद रहे। दोनों ने आखिरी 30 मिनट में फ्लडलाइट्स के तहत सतर्क बल्लेबाजी की, बिना जोखिम उठाए। भारत अभी 122 रनों से पीछे है, लेकिन बुमराह की वजह से मजबूत स्थिति में। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम दूसरे दिन बड़े स्कोर की कोशिश करेगी।​

पिच व मैच का भविष्य: रोमांचक टेस्ट की उम्मीद

एडन गार्डन्स की पिच पहले दिन तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल रही, जहां शुरुआती मूवमेंट मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरे दिन से स्पिनरों को टर्न मिलेगा, और मैच चार-पांच दिनों तक चलेगा। यह दो टेस्ट की सीरीज है, और भारत घरेलू फायदा उठाने को बेताब। दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी फेल हुई, लेकिन उनकी गेंदबाजी ने भारत को रोकने की कोशिश की। रबाडा की अनुपस्थिति ने उन्हें नुकसान पहुंचाया, जबकि बुमराह की फॉर्म भारत के लिए अच्छी खबर। दर्शकों ने बुमराह के हर विकेट पर तालियां बजाईं, जो उनके स्टारडम को दिखाता है।