महिला क्रिकेट विश्व कप 2025: ऑस्ट्रेलिया ने वनडे में अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल किया
ऑस्ट्रेलिया ने महिला क्रिकेट विश्व कप में इतिहास रचते हुए सह-मेजबान भारत के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा रन चेज़ कर शानदार जीत अपने नाम की। यह मुकाबला न केवल रन बरसाने वाला बल्कि खेल भावना और जुझारूपन का प्रतीक साबित हुआ। एलिसा हीली ने अपनी बल्लेबाजी की बेहतरीन मिसाल पेश करते हुए एक शानदार शतक लगाया, जिससे टीम को ऐतिहासिक जीत हासिल करने में मदद मिली।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने दमदार शुरुआत की। स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अपनी क्लासिक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 66 गेंदों पर 80 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने अपने वनडे करियर के 5000 रन भी पूरे किए, जो भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
उनके साथ शेफाली वर्मा ने भी तेज शुरुआत दिलाई, जिससे भारत के शुरुआती ओवरों में रन तेज़ी से बढ़े। इसके बाद हरमनप्रीत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष ने भी उपयोगी पारियाँ खेलीं, जिसकी बदौलत भारत ने 330 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से एनेबल सदरलैंड गेंदबाजी में चमकीं। उन्होंने शानदार लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए अपने वनडे करियर का पहला पाँच विकेट हॉल हासिल किया। उनके प्रयास ने भारत को 360 रन से अधिक तक जाने से रोक दिया, जो बाद में निर्णायक साबित हुआ।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत भी शानदार रही। कप्तान और ओपनर एलिसा हीली ने आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाजी की।
उन्होंने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट्स खेले — चाहे वह कवर ड्राइव हो या पुल शॉट — हर शॉट में क्लास और कंट्रोल झलक रहा था। अपनी 107 गेंदों की पारी में उन्होंने 142 रन बनाए, जिसमें कई चौके और छक्के शामिल थे। यह उनके वनडे करियर का छठा शतक था, जिसने टीम की जीत की नींव रखी।
उनके साथ बल्लेबाजी करने वाली बेथ मूनी ने भी जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की और साझेदारी को मजबूत बनाया। दोनों के बीच हुए सैकड़ा रन की साझेदारी ने भारत के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। अंत में टाहलिया मैक्ग्रा और एलिस पैरी ने तेज़ रन बनाए और जीत को सुनिश्चित किया। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने महिला वनडे इतिहास का सबसे ऊँचा रन चेज़ सफलतापूर्वक पूरा किया।
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया अंक तालिका के शीर्ष पर पहुँच गई, इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए, भले ही उसने एक मैच अधिक खेला हो। भारत तीसरे स्थान पर बना हुआ है, लेकिन इस प्रदर्शन से टीम ने अपनी बल्लेबाजी की ताकत का परिचय जरूर दिया।
मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुनी गई एलिसा हीली ने कहा:
“टीम को लाइन पार कराने के लिए मुझे बेहद गर्व है। मैं लगातार कहती रही हूँ कि हमारी बल्लेबाजी में गहराई है, और आज हमने उसका प्रमाण दिया। हालांकि हमारे गेंदबाजों को भी पूरा श्रेय मिलता है, जिन्होंने बीच के ओवरों में विपक्षी रन रोककर हमें मैच में वापस लाया। अगर हम 360 से ऊपर रन का पीछा कर रहे होते, तो यह कहीं ज्यादा मुश्किल हो सकता था।”
उन्होंने आगे कहा:
“मैंने शुरुआत से ही यह सोच लिया था कि आज बड़ा स्कोर बनाने का अवसर है। मैदान पर रहकर टीम के लिए योगदान देना अद्भुत अनुभव था। हालांकि अगर मैं अंत तक रहती तो और खुशी होती, लेकिन लड़कियों ने मेरा काम पूरा किया और बेहतरीन अंदाज़ में मैच खत्म किया।”
हीली ने भारत की युवा गेंदबाज श्री चरनी की भी तारीफ की और कहा:
“श्री चरनी ने आज शानदार गेंदबाज़ी की। मुझे लगता है कि हमने पहले उतना अच्छा विश्लेषण नहीं किया था कि खतरे कहाँ से आ सकता है, लेकिन आज हमारी टीम ने इसको समझा और नुकसान को सीमित रखा। लड़कियों की रणनीति और निष्पादन बेहतरीन था, जिसने हमें जीत दिलाई।”
यह मैच न केवल एक रोमांचक क्रिकेट मुकाबला था बल्कि महिलाओं के खेल में खेल भावना, रणनीति और टीम वर्क की अद्भुत मिसाल भी था।
