एंथ्रोपिक बेंगलुरु में अपना पहला भारतीय कार्यालय खोलेगा, स्थानीय प्रतिभाओं को नियुक्त करेगा
एन्थ्रोपिक ने 8 अक्टूबर 2025 को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि वह भारत में अपना पहला कार्यालय देश की तकनीकी राजधानी बेंगलुरु में स्थापित करेगा। यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रिसर्च कंपनी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार का हिस्सा है, खासकर तब जब ओपनएआई, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसे प्रमुख प्रतिस्पर्धियों के बीच होड़ तेज हो रही है। कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ दारियो अमोदेई इस सप्ताह भारत का दौरा कर रहे हैं, जहां वे सरकारी अधिकारियों और उद्यम साझेदारों से मिलेंगे ताकि जिम्मेदार एआई सिस्टम विकसित करने की कंपनी की प्रतिबद्धता पर चर्चा हो, जो सामाजिक लाभ को बढ़ावा दें और आर्थिक विकास को गति प्रदान करें। मनीकंट्रोल ने 7 अक्टूबर को सबसे पहले अमोदेई के भारत दौरे और बेंगलुरु में कार्यालय खोलने की योजनाओं की रिपोर्ट की थी, जिसमें स्रोतों ने बताया कि अमोदेई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात का उद्देश्य कंपनी की भविष्य की योजनाओं, संभावित सहयोगों और भारत में एआई के विकास पर विचार-विमर्श करना होगा। यह घोषणा ओपनएआई के इस साल के अंत में नई दिल्ली में अपना पहला भारतीय कार्यालय खोलने की योजना के ठीक बाद आई है, जो वैश्विक एआई परिदृश्य में भारत की रणनीतिक भूमिका को और मजबूत करती है। भारत न केवल अपनी विशाल आबादी बल्कि तकनीकी प्रतिभाओं के विशाल पूल के कारण एआई कंपनियों के लिए एक आकर्षक बाजार बन गया है, जहां डेवलपर समुदाय तेजी से बढ़ रहा है।
एन्थ्रोपिक ने स्पष्ट किया कि वह 2026 की शुरुआत में बेंगलुरु में कार्यालय खोलकर देश में एक समर्पित स्थानीय उपस्थिति स्थापित करेगा। इस कार्यालय के माध्यम से कंपनी देश भर में अनोखे स्थानीय उपयोगों के लिए एआई विकसित करने वाली एक स्थानीय टीम को हायर करेगी, जो भारत की विविध आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर काम करेगी। उदाहरण के लिए, कंपनी अपने क्लॉड एआई असिस्टेंट की इंडिक भाषाओं की क्षमताओं को मजबूत करने में भारी निवेश कर रही है, क्योंकि भारत की बहुभाषी प्रकृति एआई के व्यापक अपनाने के लिए चुनौतीपूर्ण लेकिन अवसरपूर्ण है। क्लॉड पहले से ही प्रमुख इंडिक भाषाओं का समर्थन करता है, और कंपनी उपभोक्ता इंटरफेस के लिए हिंदी में बेहतर प्रदर्शन लॉन्च करने की योजना बना रही है, जो रोजमर्रा के उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सहज अनुभव प्रदान करेगा। इसके अलावा, एन्थ्रोपिक लगभग एक दर्जन भारतीय भाषाओं पर मॉडल ट्रेनिंग को प्राथमिकता दे रही है, जिनमें बंगाली, मराठी, तेलुगु, तमिल, पंजाबी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम और उर्दू शामिल हैं। ये भाषाएं भारत की सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विविधता को प्रतिबिंबित करती हैं, और इनकी बेहतर समझ एआई को अधिक समावेशी बनाने में मदद करेगी। ये सभी प्रयास भारत के तेजी से बढ़ते एआई डेवलपर समुदाय को आकर्षित करने के लिए हैं, जहां गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई और मेटा जैसे तकनीकी दिग्गज दुनिया के सबसे बड़े डेवलपर आधार को टैप करने के लिए एआई मॉडल्स, टूल्स और प्लेटफॉर्म्स तेजी से लॉन्च कर रहे हैं। भारत में लगभग 5 मिलियन से अधिक डेवलपर्स सक्रिय हैं, जो वैश्विक सॉफ्टवेयर निर्यात का बड़ा हिस्सा संभालते हैं। कंपनी को पूर्ण विश्वास है कि ये कदम सार्वजनिक क्षेत्र और शिक्षा कार्यक्रमों में एआई अपनाने को तेज करेंगे, तथा पूरे भारत में एआई की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करेंगे, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक। यह विस्तार भारत के उद्यमी पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है ताकि अगली पीढ़ी के वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी कंपनियां विकसित हों। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में सामाजिक प्रभाव के लिए एआई तैनात किया जाएगा, जहां एआई फसल पूर्वानुमान, दूरस्थ चिकित्सा और व्यक्तिगत शिक्षा टूल्स जैसे समाधान प्रदान कर सकता है। इसके लिए भारतीय उद्यमों, गैर-लाभकारी संगठनों और स्टार्टअप्स के साथ रणनीतिक साझेदारियां बनाई जाएंगी, जो स्थानीय समस्याओं के लिए वैश्विक स्तर के समाधान तैयार करेंगी।
भारत एन्थ्रोपिक के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
अमोदेई ने विस्तार से बताया कि भारत आकर्षक है क्योंकि यहां तकनीकी प्रतिभाओं का विशाल पूल उपलब्ध है, जो दुनिया भर में सबसे अधिक है, और भारतीय सरकार एआई के लाभों को समाज के सभी क्षेत्रों तक पहुंचाने की दृढ़ प्रतिबद्धता रखती है, न कि केवल शहरी या अमीर वर्गों तक सीमित रखने की। “भारत के सामने आने वाली चुनौतियां और हमारी कंपनी का मिशन गहराई से जुड़े हुए हैं, विविध भाषाओं और संदर्भों में एआई तैनात करने से लेकर जिम्मेदार शासन के लिए फ्रेमवर्क बनाने तक। भारत का एआई पारिस्थितिकी तंत्र वैश्विक रूप से एआई के विकास में केंद्रीय भूमिका निभाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ेगा, और हम भारत के संगठनों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं ताकि लाभकारी एआई को सभी के लिए स्केल करने का रास्ता तैयार हो। यह न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा बल्कि सामाजिक समानता को भी मजबूत करेगा,” उन्होंने अपनी आधिकारिक घोषणा में कहा। संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर क्लॉड एआई असिस्टेंट के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार है, जो वैश्विक उपयोग का 7.2 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जो आंशिक रूप से इसकी 1.4 अरब से अधिक आबादी के कारण है। हालांकि, प्रति व्यक्ति उपयोग कार्यशील आयु आबादी (15-64 वर्ष) के सापेक्ष केवल 0.27 गुना है, जो कंपनी की हालिया इकोनॉमिक इंडेक्स रिपोर्ट में उल्लेखित है। यह बताता है कि बाजार में अभी बहुत संभावनाएं बाकी हैं, खासकर अगर पहुंच और जागरूकता बढ़ाई जाए। भारत में क्लॉड का उपयोग तकनीकी कार्यों और सॉफ्टवेयर विकास के लिए असमान रूप से अधिक है, जैसे मोबाइल यूआई विकास, वेब ऐप डिबगिंग और कोडिंग ऑटोमेशन। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में क्लॉड का उपभोग अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है, और बड़े भारतीय उद्यम जैसे क्रेड (CRED) क्लॉड पर अपनी सबसे महत्वपूर्ण कोडिंग कार्यों के लिए निर्भर हैं। क्लॉड कोड के वैश्विक अपनाने की दर मई 2025 में लॉन्च के बाद तीन महीनों में 10 गुना से अधिक बढ़ गई है, जो भारत के आईटी सेवा उद्योग को तेजी से बढ़ाने की क्षमता रखती है, जहां कंपनियां सॉफ्टवेयर निर्यात पर केंद्रित हैं। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 90 प्रतिशत से अधिक कार्यबल पहले से ही एआई का उपयोग कर रहा है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे ऊंचा अपनाने का दर है, लेकिन चुनौतियां जैसे डेटा गोपनीयता और कौशल अंतर अभी भी बनी हुई हैं।
बेंगलुरु क्यों चुना एन्थ्रोपिक ने?
बेंगलुरु एन्थ्रोपिक का इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दूसरा कार्यालय होगा, जो जापान के टोक्यो के बाद खुलेगा, जहां टोक्यो कार्यालय भी आने वाले महीनों में शुरू होगा। कंपनी ने बेंगलुरु का चयन शहर की मजबूत प्रतिभा घनत्व के लिए किया है, जहां आईआईटी और अन्य संस्थानों से निकलने वाले इंजीनियरों की संख्या बहुत अधिक है, और भारत के उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र की निकटता के कारण, जो स्टार्टअप हब के रूप में जाना जाता है। कंपनी आने वाले महीनों में क्षेत्र में और विस्तार की योजना बना रही है, जिसमें अन्य शहरों या देशों को शामिल करना संभव है। “हमारा विस्तार तब हो रहा है जब भारतीय उद्यम और स्टार्टअप ऐसे एआई मॉडल्स की तलाश कर रहे हैं जिन पर वे पूर्ण भरोसा कर सकें, क्योंकि एआई अब केवल नवाचार नहीं बल्कि व्यावसायिक संचालन का अभिन्न हिस्सा बन गया है,” एन्थ्रोपिक के चीफ कमर्शियल ऑफिसर पॉल स्मिथ ने कहा। “उन्हें फ्रंटियर प्रदर्शन को सुरक्षा और विश्वसनीयता के साथ जोड़ने वाली प्रणालियां चाहिए जो उनके महत्वपूर्ण व्यावसायिक संचालन को बड़े पैमाने पर समर्थन दें, जैसे लाखों यूजर्स को हैंडल करना या डेटा एनालिसिस। भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में उल्लेखनीय संभावनाएं हैं – जीवंत स्टार्टअप और डेवलपर समुदायों के साथ-साथ भारतीय उद्यम लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले समाधान बना रहे हैं, जैसे फिनटेक ऐप्स या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स,” उन्होंने आगे जोड़ा। बेंगलुरु को चुनने का एक और कारण शहर की इकोसिस्टम है, जहां फ्लिपकार्ट, इन्फोसिस और विप्रो जैसे दिग्गज मौजूद हैं, जो एआई एकीकरण के लिए आदर्श साझेदार साबित हो सकते हैं। पढ़ें: बेंगलुरु के पीईएस यूनिवर्सिटी से एन्थ्रोपिक तक: राहुल पाटिल नए सीटीओ बने, जो कंपनी की भारतीय प्रतिभाओं पर भरोसे को दर्शाता है।
एन्थ्रोपिक की महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय योजनाएं
26 सितंबर 2025 को एन्थ्रोपिक ने घोषणा की कि वह इस साल अपनी अंतरराष्ट्रीय कार्यबल को तिगुना करेगा और एप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टीम को पांच गुना बढ़ाएगा ताकि संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर क्लॉड एआई मॉडल्स की बढ़ती मांग पूरी हो सके। यह विस्तार कंपनी की वैश्विक महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, जहां एशिया, यूरोप और अन्य क्षेत्रों पर फोकस है। कंपनी ने कहा कि उसके वैश्विक ग्राहक आधार दो साल पहले 1,000 से कम व्यवसायिक ग्राहकों से बढ़कर आज 300,000 से अधिक हो गया है, जो 300 गुना से अधिक वृद्धि दर्शाता है। इस वृद्धि का मुख्य कारण क्लॉड मॉडल्स की विश्वसनीयता और सुरक्षा फीचर्स हैं, जो उद्यमों के लिए महत्वपूर्ण हैं। एन्थ्रोपिक का रन-रेट राजस्व 2024 की शुरुआत में 87 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 की शुरुआत में लगभग 1 बिलियन डॉलर हो गया, और अगस्त 2025 तक 5 बिलियन डॉलर से अधिक पहुंच गया, जो कंपनी की वित्तीय मजबूती को दिखाता है। कंपनी वर्तमान में भारत और अन्य बाजारों जैसे ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कोरिया तथा सिंगापुर के लिए कंट्री लीड्स की तलाश कर रही है, जो स्थानीय नेतृत्व सुनिश्चित करेगा। टेकक्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी की संभावना तलाश रही है ताकि भारत में क्लॉड एआई असिस्टेंट की पहुंच को जियो प्लेटफॉर्म जैसे नेटवर्क्स के माध्यम से बढ़ाया जा सके, जो 500 मिलियन से अधिक यूजर्स तक पहुंच प्रदान करता है। इसके अलावा, कंपनी की वैश्विक रणनीति में जापान और अन्य एशियाई देशों का विस्तार शामिल है, जहां भाषाई और सांस्कृतिक अनुकूलन पर जोर दिया जा रहा है।
भारतीय यूजर्स क्लॉड एआई मॉडल्स कैसे एक्सेस कर सकते हैं?
भारत में यूजर्स एन्थ्रोपिक के क्लॉड मॉडल्स को कई आसान तरीकों से एक्सेस कर सकते हैं, जो डेवलपर्स और गैर-डेवलपर्स दोनों के लिए उपयुक्त हैं। सबसे पहले, एन्थ्रोपिक एपीआई के माध्यम से सीधा एक्सेस उपलब्ध है, जो कस्टम इंटीग्रेशन के लिए आदर्श है। इसके अलावा, अमेजन बेड्रॉक और गूगल क्लाउड वर्टेक्स एआई जैसे क्लाउड प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी क्लॉड मॉडल्स को उपयोग किया जा सकता है, जो स्केलेबल और सुरक्षित हैं। क्लॉड कोड, एन्थ्रोपिक का एजेंटिक कमांड लाइन टूल, भारतीय डेवलपर्स के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो टर्मिनल में प्राकृतिक भाषा कमांड्स से कोड जेनरेशन, डिबगिंग और ऑटोमेशन को तेज करता है। यह टूल मई 2025 में लॉन्च होने के बाद तेजी से लोकप्रिय हुआ है। भारत के प्रमुख ग्राहकों में एआई कोडिंग प्लेटफॉर्म इमर्जेंट शामिल है, जिसने क्लॉड को अपने वर्कफ्लो में एकीकृत किया है ताकि यूजर्स वाइब कोडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए प्रोडक्शन-रेडी वेब और मोबाइल ऐप्स बना सकें, बिना गहन कोडिंग ज्ञान के। एन्थ्रोपिक दुनिया भर में 300,000 से अधिक व्यवसायों को सेवा देता है, और उसके क्लॉड मॉडल्स के उपभोक्ता उपयोग का लगभग 80 प्रतिशत अमेरिका के बाहर से आता है, जिसमें भारत का योगदान महत्वपूर्ण है। भारतीय यूजर्स के लिए, कंपनी फ्री टियर और पेड सब्सक्रिप्शन विकल्प प्रदान करती है, जो छोटे स्टार्टअप्स से लेकर बड़े उद्यमों तक सभी को कवर करते हैं।
भारत में एआई से सामाजिक प्रभाव कैसे बढ़ाएगा एन्थ्रोपिक?
एन्थ्रोपिक ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसकी लाभकारी तैनाती टीम सरकार संगठनों, गैर-लाभकारी संस्थाओं और स्थानीय साझेदारों के साथ सहयोग करेगी ताकि एआई “भारत के विकास एजेंडे के लिए एक तेजी से काम करने वाला उपकरण बने।” यह टीम एआई को सामाजिक समस्याओं के समाधान के रूप में उपयोग करने पर केंद्रित है। कंपनी क्लॉड की विश्लेषणात्मक क्षमताओं का उपयोग स्थानीय रूप से नेतृत्व वाले डेटा-ड्रिवन सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों के लिए करेगी, जैसे महामारी पूर्वानुमान, टीकाकरण ट्रैकिंग या पोषण विश्लेषण, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी होंगे। शिक्षा संगठनों के साथ सहयोग से एआई-सशक्त लर्निंग टूल्स का पायलट किया जाएगा, जो लाखों छात्रों तक पहुंच सकें, जैसे व्यक्तिगत ट्यूशन सिस्टम या भाषा-आधारित कंटेंट जेनरेशन जो क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध हों। इसके अतिरिक्त, कंपनी एक्सेलरेटर्स और सामाजिक उद्यमियों के साथ काम करेगी ताकि एआई को स्थानीय रूप से प्रासंगिक समाधानों में एकीकृत किया जा सके, जैसे कृषि में फसल स्वास्थ्य मॉनिटरिंग या स्वास्थ्य में दूरस्थ डायग्नोसिस, और आने वाले महीनों में अधिक विस्तृत योजनाएं साझा की जाएंगी। पिछले महीने एन्थ्रोपिक ने 13 बिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी, जिसकी पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 183 बिलियन डॉलर रही, जो निवेश फर्म आईकॉनिक द्वारा लीड की गई थी। यह फंडिंग सामाजिक प्रभाव परियोजनाओं को वित्तीय समर्थन प्रदान करेगी। कुल मिलाकर, एन्थ्रोपिक का फोकस भारत को एआई के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने पर है, जहां तकनीक सभी के लिए सुलभ और लाभकारी हो।
