तकनीकीआर्टिफिशियल इंटेलिजेंसखबरें.

ओपेरा ने नियॉन के साथ एआई ब्राउज़र बाजार में प्रवेश किया, पर्प्लेक्सिटी और अन्य को चुनौती दी

ओपेरा ने मंगलवार को अपना नया एआई-पावर्ड ब्राउजर नियोन लॉन्च किया, जो वेब पेजों पर सीधे टास्क करने, कोड चलाने और यूजर की मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह लॉन्च तकनीकी कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है, जहां ब्राउजर को सिर्फ सर्च रिजल्ट दिखाने वाले टूल से आगे बढ़ाकर एक पूर्ण प्रोडक्टिविटी प्लेटफॉर्म में बदलने की कोशिश हो रही है, जिससे यूजर्स का ऑनलाइन अनुभव ज्यादा स्मार्ट और इंटरैक्टिव बन सके।

नियोन की मुख्य विशेषताएं और कार्यप्रणाली

ओपेरा का नियोन ब्राउजर एआई की ताकत से लैस है, जो यूजर्स को कई तरह के काम आसानी से करने की सुविधा देता है। उदाहरण के लिए, यह फॉर्म खुद भर सकता है, जैसे ऑनलाइन शॉपिंग या रजिस्ट्रेशन के दौरान, जहां यूजर को बार-बार डिटेल्स टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा, यह अलग-अलग वेबसाइटों से डेटा की तुलना कर सकता है, जैसे प्रोडक्ट प्राइस चेक करना या रिव्यूज का एनालिसिस, जो शॉपिंग या रिसर्च को तेज बनाता है। सबसे दिलचस्प फीचर है ब्राउजर के अंदर ही कोड ड्राफ्ट करना, जो डेवलपर्स के लिए उपयोगी है, क्योंकि वे वेब पेज पर ही स्क्रिप्ट लिख और टेस्ट कर सकते हैं बिना किसी एक्सटर्नल टूल की जरूरत के।

“नियोन डू” नाम का फीचर और भी खास है, जो यूजर की ओर से पेज नेविगेट करता है, जैसे किसी साइट पर लॉगिन करना या स्पेसिफिक जानकारी खोजना, और सारी प्रोसेसिंग लोकल डिवाइस पर ही होती है। इसका मतलब है कि कोई डेटा क्लाउड सर्वर पर नहीं भेजा जाता, जो प्राइवेसी को मजबूत बनाता है। ओपेरा ने इसे पावर यूजर्स के लिए सब्सक्रिप�न-बेस्ड सर्विस बनाया है, जहां यूजर्स मंथली फीस देकर एडवांस फीचर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। अर्ली एक्सेस मंगलवार से उपलब्ध है, और कंपनी अगले कुछ महीनों में इसे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट करने की योजना बना रही है।

इसके अलावा, “टास्क्स” फीचर एआई के लिए अलग-अलग आइसोलेटेड वर्कस्पेस बनाता है, जहां यूजर कई सोर्स से जानकारी कलेक्ट कर प्रोसेस कर सकता है, जैसे रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए डेटा इकट्ठा करना। “कार्ड्स” रीयूजेबल प्रॉम्प्ट टेम्प्लेट्स हैं, जो रिपिटेटिव कामों को आसान बनाते हैं, जैसे हर बार एक ही तरह का ईमेल ड्राफ्ट करना या रिपोर्ट जेनरेट करना। ओपेरा ने जोर देकर कहा कि सभी ऑपरेशन लोकल चलते हैं, जिससे यूजर एआई को कंट्रोल कर सकता है – कब शुरू करे, कब रोक दे या कब पॉज करे। यह डिजाइन खासतौर पर यूरोपीय मार्केट के लिए फायदेमंद है, जहां जीडीपीआर जैसे सख्त डेटा प्राइवेसी लॉज हैं, और यूजर्स अपनी जानकारी पर ज्यादा कंट्रोल चाहते हैं।

बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और अन्य एआई ब्राउजर

नियोन का लॉन्च एआई ब्राउजर मार्केट में हो रही तेज रेस का हिस्सा है। इस साल की शुरुआत में, पर्प्लेक्सिटी एआई ने अपना कॉमेट ब्राउजर लॉन्च किया, जो क्रोमियम-बेस्ड है और ब्राउजिंग को एआई से इंटीग्रेट करता है। कॉमेट में फीचर्स जैसे कंटेंट समरीकरण शामिल हैं, जहां लंबे आर्टिकल्स को कुछ सेकंड में शॉर्ट समरी में बदल दिया जाता है। इसके अलावा, टास्क ऑटोमेशन से यूजर के काम आसान हो जाते हैं, जैसे अपॉइंटमेंट बुकिंग या रिमाइंडर सेट करना, और पर्सनलाइज्ड रेकमेंडेशन से ब्राउजिंग ज्यादा रेलेवेंट बनती है। यह ब्राउजर रिसर्च और वर्कफ्लो को तेज और इंट्यूटिव बनाता है, खासकर स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए।

इसी तरह, द ब्राउजर कंपनी ने डिया लॉन्च किया, जो आर्क ब्राउजर का एआई-पावर्ड वर्जन है। डिया राइटिंग, लर्निंग, प्लानिंग और ऑनलाइन शॉपिंग जैसी एक्टिविटीज को सपोर्ट करता है। उदाहरण के लिए, यह यूजर की जरूरतों का अनुमान लगाकर सजेशन देता है, जैसे अगर आप ट्रैवल प्लान कर रहे हैं तो होटल और फ्लाइट ऑप्शन खुद सर्च कर दिखाता है। एटलासियन द्वारा एक्वायर किए जाने के बाद, डिया प्रोडक्टिविटी पर ज्यादा फोकस कर रहा है, जहां रिपिटेटिव टास्क ऑटोमेट हो जाते हैं और वेब एक्सपीरियंस पर्सनलाइज्ड बनता है।

ओपेनएआई भी इस रेस में शामिल होने वाला है, जो एक क्रोमियम-बेस्ड एआई ब्राउजर ला रहा है। इसमें “ऑपरेटर” एजेंट होगा, जो चैट इंटरफेस से ही ब्राउजिंग, शॉपिंग और ट्रांजेक्शन कर सकेगा, बिना ब्राउजर छोड़े। यह फीचर यूजर्स को ज्यादा सुविधा देगा, जैसे वॉइस कमांड से ऑर्डर प्लेस करना। (सोर्स: रॉयटर्स की रिपोर्ट, एंगेजेट की कवरेज, और ब्लूमबर्ग के एनालिसिस से वेरिफाइड।) ये सभी ब्राउजर वेब ब्राउजिंग को पैसिव से एक्टिव मोड में शिफ्ट कर रहे हैं, जहां एआई असिस्टेंट की तरह काम करता है और कॉम्प्लेक्स टास्क को सरल बनाता है।

ओपेरा की पृष्ठभूमि, महत्व और बाजार प्रभाव

ओपेरा 1995 में नॉर्वे में स्थापित हुई थी और अब ओस्लो में बेस्ड है। कंपनी के पास 300 मिलियन से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं, जो डेस्कटॉप और मोबाइल ब्राउजर इस्तेमाल करते हैं। ओपेरा हमेशा से इनोवेटिव फीचर्स के लिए जानी जाती है, जैसे बिल्ट-इन वीपीएन और एड ब्लॉकर, और अब नियोन के साथ एआई में कदम रख रही है। नियोन का ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग फीचर प्राइवेसी को प्राथमिकता देता है, जो यूरोप में बढ़ती डेटा रेगुलेशंस के बीच महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, जीडीपीआर के तहत कंपनियां यूजर डेटा को क्लाउड पर स्टोर नहीं कर सकतीं, और नियोन इसी समस्या का समाधान देता है।

यह लॉन्च पूरे ब्राउजर मार्केट को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि अब कंपनियां एआई को इंटीग्रेट करके यूजर एंगेजमेंट बढ़ा रही हैं। भविष्य में, ब्राउजर सिर्फ वेबसाइट दिखाने वाले नहीं रहेंगे, बल्कि वे पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करेंगे, जैसे डेटा एनालिसिस, कोडिंग या甚至 मल्टीटास्किंग। बाजार एनालिस्ट्स का मानना है कि 2025 तक एआई ब्राउजर का मार्केट 20% से ज्यादा ग्रो कर सकता है, खासकर प्रोडक्टिविटी टूल्स की डिमांड के चलते। ओपेरा का यह कदम पर्प्लेक्सिटी, ओपेनएआई और अन्य को सीधी चुनौती देता है, और यूजर्स को ज्यादा विकल्प मिलेंगे।