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2026 विश्व कप में तीन देशों की रिकॉर्ड 48 टीमें हिस्सा लेंगी

2026 फीफा विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट फुटबॉल इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार होगा जब 48 टीमें इसमें हिस्सा लेंगी। यह संख्या पिछले सात टूर्नामेंटों के 32 से 16 ज्यादा है, जो फीफा ने 10 जनवरी 2017 को मंजूर किया था। संयुक्त राज्य अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा के संयुक्त आयोजन में ये तीनों मेजबान देश स्वतः क्वालिफाई कर चुके हैं, जो टूर्नामेंट को और भी वैश्विक रंग देगा। छह महाद्वीपों में चल रहे क्वालीफाइंग अभियान लगभग समाप्ति की ओर हैं, जहां नवंबर 2025 तक 29 देशों ने अपनी जगह पक्की कर ली है। टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक चलेगा, जो कुल 39 दिनों का होगा—पिछले टूर्नामेंटों के 32 दिनों से सात दिन ज्यादा। इस दौरान 104 मैच खेले जाएंगे, जो 2022 कतर विश्व कप के 64 मैचों से 40 ज्यादा हैं।​

यह आयोजन 2002 के दक्षिण कोरिया-जापान विश्व कप के बाद पहली बार तीन देशों द्वारा संयुक्त रूप से होस्ट किया जाएगा। मैक्सिको पहले ही 1970 और 1986 में मेजबानी कर चुका है, जिससे वह पुरुष विश्व कप को तीन बार होस्ट करने वाला पहला देश बनेगा। 16 शहरों में 16 स्टेडियमों का इस्तेमाल होगा, जिसमें अमेरिका के 11, कनाडा के दो और मैक्सिको के तीन स्टेडियम शामिल हैं। उद्घाटन मैच मैक्सिको सिटी के प्रसिद्ध एज्टेका स्टेडियम में होगा, जबकि फाइनल न्यूयॉर्क न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा। यह विस्तार फुटबॉल को अधिक समावेशी बनाने का फीफा का प्रयास है, जो 2017 में शुरू हुआ था और 2023 में फॉर्मेट को अंतिम रूप दिया गया।​

नया फॉर्मेट 12 ग्रुपों में चार-चार टीमों का होगा, जहां प्रत्येक टीम ग्रुप स्टेज में तीन मैच खेलेगी। पहले प्रस्तावित 16 ग्रुपों के तीन-तीन टीमों के प्रारूप को बदलकर यह किया गया, ताकि मैचों की संख्या 80 से बढ़ाकर 104 हो सके। फाइनल तक पहुंचने वाली टीमों को अब आठ मैच खेलने पड़ेंगे, जो पहले सात थे। यह बदलाव 14 मार्च 2023 को फीफा काउंसिल द्वारा मंजूर हुआ, जो टूर्नामेंट को 1998 के बाद पहली बड़ी संरचनात्मक परिवर्तन है। ग्रुप स्टेज के बाद टॉप दो टीमें और आठ सर्वश्रेष्ठ थर्ड-प्लेस्ड टीमें राउंड ऑफ 32 में पहुंचेंगी, जो नया नॉकआउट चरण होगा। इससे क्वार्टरफाइनल से पहले एक अतिरिक्त दौर जुड़ेगा, जो दर्शकों के लिए और रोमांच बढ़ाएगा।​

क्वालीफाई हुई टीमें लगातार बढ़ रही हैं, नई शुरुआतें हो रही हैं

14 नवंबर 2025 को क्रोएशिया ने फरो आइलैंड्स पर 3-1 की रोमांचक जीत के साथ 2026 विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया, जो यूरोप की तीसरी टीम बनी। 2018 की उपविजेता क्रोएशिया ने शुरुआती गोल से पीछे होने के बावजूद कमबैक किया—डिफेंडर जोस्को ग्वार्डियोल ने बराबरी कराई, फिर पेटार मुसा और निकोला व्लासिक ने मैच को पक्का किया। इससे इंग्लैंड और फ्रांस के साथ क्रोएशिया ने यूईएफए के 16 स्पॉट्स में से तीन हासिल कर लिए। ग्वार्डियोल ने मैच के बाद कहा, “क्वालीफायर में एक मैच बाकी रहते हमारा लक्ष्य हासिल हो गया। हम गर्व से कह सकते हैं कि हम क्वालिफाई हो चुके हैं।” यह जीत क्रोएशिया के लिए लगातार तीसरी विश्व कप उपस्थिति सुनिश्चित करती है।​

अफ्रीका से नौ टीमें क्वालिफाई कर चुकी हैं, जो कैफ के नौ गारंटीड स्पॉट्स को पूरा करती हैं। इनमें मोरक्को (2022 की अर्धविरामिर्तफाइनलिस्ट), ट्यूनिशिया, मिस्र, अल्जीरिया, घाना, केप वर्डे, साउथ अफ्रीका, कोटे डी’इवोयर और सेनेगल शामिल हैं। केप वर्डे पहली बार विश्व कप में खेल रही है, जो अफ्रीकी फुटबॉल की उभरती ताकत को दर्शाता है। दक्षिण अमेरिका से छह टीमें—अर्जेंटीना (वर्तमान चैंपियन), ब्राजील (पांच बार की विश्व चैंपियन), उरुग्वे, कोलंबिया, इक्वाडोर और पराग्वे—कॉनमेबोल के कम से कम छह स्पॉट्स में से सभी हासिल कर चुकी हैं। अर्जेंटीना की लियोनेल मेसी की अगुवाई वाली टीम पिछले टूर्नामेंट की तरह फिर से दावेदार बनेगी।​

एशिया से एएफसी के आठ स्पॉट्स भर चुके हैं: जापान, ईरान, उज्बेकिस्तान, दक्षिण कोरिया, जॉर्डन, ऑस्ट्रेलिया, कतर और सऊदी अरब। उज्बेकिस्तान और जॉर्डन पहली बार विश्व कप में कदम रखेंगी, जो एशियाई फुटबॉल के विस्तार को दिखाता है। जॉर्डन ने क्वालीफाइंग में सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया को हराकर इतिहास रचा। ओशिनिया से न्यूजीलैंड ने अपनी एकमात्र गारंटीड जगह पक्की की, जो ऑफसी के लिए पहली बार सुनिश्चित की गई है। कोनकाकाफ से मेजबानों के अलावा कosta रिका, जामाइका, होंडुरास, एल सल्वाडोर, कनाडा (मेजबान के रूप में), पैनामा, क्यूबा, कुरासाओ और सूरीनाम क्वालिफाई कर चुकी हैं। कुल 29 टीमें अब तक पक्की हैं, जिनमें 12 डेब्यूअंट्स शामिल हैं, जो वैश्विक फुटबॉल की विविधता को बढ़ावा देगा।​

बाकी जगहों पर अभी भी कड़ी लड़ाई, प्लेऑफ तय करेंगे अंतिम बर्थ

कुल 48 में से 19 स्पॉट्स अभी बाकी हैं, और यूरोप के दिग्गजों पर नजरें टिकी हैं। यूईएफए के 16 स्पॉट्स में से तीन के बाद बेल्जियम, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स, पुर्तगाल, स्पेन, जर्मनी, इटली, डेनमार्क, नॉर्वे और अन्य टीमें नवंबर 2025 के मैचों में क्वालिफाई करने की दौड़ में हैं। 14 नवंबर को नीदरलैंड्स ने पोलैंड के खिलाफ 1-1 का ड्रॉ खेला, जो उन्हें डायरेक्ट क्वालिफिकेशन के करीब ले गया—क्रिस्टियन एरिक्सन का गोल निर्णायक रहा। स्विट्जरलैंड 15 नवंबर को स्वीडन पर जीत के साथ छठी लगातार विश्व कप में जगह बना सकती है, जहां ब्रेंटल एंड कंपनी की मिडफील्ड ताकत काम आएगी। पुर्तगाल की क्रिस्टियानो रोनाल्डो वाली टीम भी एक जीत से पक्का कर सकती है।​

फॉर्मेट के अनुसार, अफ्रीका को नौ, एशिया को आठ, दक्षिण अमेरिका और कोनकाकाफ को कम से कम छह-छह, यूईएफए को 16 और ओशिनिया को एक स्पॉट मिलेगा। दो अंतिम बर्थ मार्च 2026 में मैक्सिको में होने वाले इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ से तय होंगी, जिसमें छह टीमें—दक्षिण अमेरिका से बोलीविया, ओशिनिया से न्यू कैलेडोनिया, और अन्य कॉन्फेडरेशन्स से—भिड़ेंगी। अफ्रीका में चार बेस्ट रनर्स-अप—कैमरून, डीआर कांगो, गैबॉन और नाइजीरिया—नवंबर में प्लेऑफ खेलेंगी, जहां दो सेमीफाइनल और फाइनल के बाद एक अतिरिक्त स्पॉट मिलेगा। दक्षिण अमेरिका में वेनेजुएला और चिली जैसे देश अभी लड़ रहे हैं, जबकि एशिया में क्वालीफाइंग सितंबर 2025 में खत्म हो चुका। यूरोप का क्वालीफाइंग मार्च 2026 तक चलेगा, जो सबसे लंबा रहेगा। ये प्लेऑफ फुटबॉल की अनिश्चितता को बनाए रखेंगे।​

ओशिनिया का क्वालीफाइंग मार्च 2025 में समाप्त हो चुका, जहां न्यूजीलैंड ने पापुआ न्यू गिनी को हराया। कोनकाकाफ और कैफ के फाइनलिस्ट नवंबर 2025 में तय होंगे, जबकि कॉनमेबोल सितंबर 2025 में खत्म हो गया। यह विस्तारित क्वालीफाइंग प्रक्रिया 2023 से चल रही है, जो फीफा की वैश्विक पहुंच बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।​

विश्व कप ड्रॉ और नया फॉर्मेट: रोमांच की नई ऊंचाइयां

विश्व कप का ड्रॉ 5 दिसंबर 2025 को वाशिंगटन डीसी में होगा, जहां 48 टीमों को 12 ग्रुपों में बांटा जाएगा। यह ड्रॉ क्वालीफाइंग के अंतिम चरण के बाद होगा, जो दर्शकों के लिए उत्साह बढ़ाएगा। ग्रुप स्टेज 11 से 27 जून तक चलेगा, उसके बाद राउंड ऑफ 32 28 जून से 3 जुलाई, राउंड ऑफ 16 4-7 जुलाई, क्वार्टरफाइनल 9-11 जुलाई, सेमीफाइनल 14-15 जुलाई, थर्ड-प्लेस मैच 18 जुलाई और फाइनल 19 जुलाई को होगा। प्रत्येक ग्रुप के टॉप दो और आठ बेस्ट थर्ड-प्लेस्ड टीमें (पॉइंट्स, गोल डिफरेंशियल और अन्य टाई-ब्रेकर्स पर आधारित) राउंड ऑफ 32 में पहुंचेंगी, जो टूर्नामेंट का नया आकर्षण होगा।​

यह फॉर्मेट 32-टीम वाले आठ ग्रुपों के पुराने ढांचे को बदलता है, जहां अब नॉकआउट स्टेज क्वार्टरफाइनल से पहले एक दौर से समृद्ध हो गया। ग्रुप विनर और रनर-अप सीधे एडवांस करेंगी, जबकि थर्ड-प्लेस्ड टीमों के लिए आठ सर्वश्रेष्ठ का चयन रोमांचक होगा। क्वार्टरफाइनल से सभी मैच अमेरिका में होंगे, जो लॉजिस्टिक्स को आसान बनाएगा। टूर्नामेंट की लंबाई 39 दिनों की होने से खिलाड़ियों को रिकवरी का ज्यादा समय मिलेगा, लेकिन फाइनलिस्ट टीमों के आठ मैचों का बोझ भी बढ़ेगा। फीफा ने 4 फरवरी 2024 को पूरा शेड्यूल जारी किया, जो 2022 के बाद पहली बड़ी घटना होगी। यह बदलाव न केवल मैचों की संख्या बढ़ाएगा, बल्कि दर्शकों को अधिक अवसर देगा, जैसा कि 1998 के 32-टीम विस्तार ने किया था।