लेम्बोर्गिनी में मिला यूक्रेन का क्रिप्टो यूट्यूबर, बाजार में मचा कोहराम
कीव, यूक्रेन: यूक्रेन के एक प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी यूट्यूबर को उनकी लग्जरी लैम्बॉर्गिनी कार के अंदर मृत अवस्था में पाया गया, जो क्रिप्टो बाजार की हालिया अस्थिरता से जुड़े वित्तीय दबावों की एक दुखद याद दिलाता है। न्यूयॉर्क पोस्ट की 12 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, 32 वर्षीय कोन्स्टेंटिन गैलिच, जिन्हें क्रिप्टो समुदाय में ‘कोस्ट्या कूडो’ के नाम से जाना जाता था, को 11 अक्टूबर को कीव के ओबोलोंस्की जिले में एक पार्किंग क्षेत्र में खड़ी लैम्बॉर्गिनी के अंदर सिर में गोली लगे हुए मृत पाया गया। घटनास्थल पर जांच के दौरान गैलिच के नाम पर रजिस्टर्ड एक हैंडगन भी बरामद हुआ, जो इस घटना को और सनसनीखेज बना देता है।
यूक्रेनी पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैलिच ने अपनी मौत से ठीक एक दिन पहले परिवार के सदस्यों से बातचीत में अपनी गहरी उदासी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि वे “वित्तीय मुश्किलों से बुरी तरह प्रभावित हैं और सब कुछ खत्म हो गया लगता है।” परिवार ने पुलिस को बताया कि गैलिच ने अलविदा कहने जैसी भावुक बातें भी की थीं, जो उनकी मानसिक स्थिति की गंभीरता को दर्शाती हैं। उनके आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर एक संक्षिप्त लेकिन भावुक बयान जारी किया गया: “कोन्स्टेंटिन कूडो का दुखद निधन हो गया है। मौत का कारण अभी जांच के दायरे में है। हम जैसे-जैसे नई जानकारी मिलेगी, आपको अपडेट करते रहेंगे। कृपया इस कठिन समय में उनकी स्मृति को सम्मान दें।”
यह घटना न केवल गैलिच के निजी जीवन की त्रासदी को उजागर करती है, बल्कि क्रिप्टो निवेश की दुनिया में छिपे जोखिमों पर भी सवाल खड़े करती है, जहां तेज मुनाफे के साथ-साथ भारी नुकसान भी आम हैं।
गैलिच का क्रिप्टो जगत में उल्लेखनीय सफर और प्रभाव
कोन्स्टेंटिन गैलिच यूक्रेन और वैश्विक क्रिप्टो समुदाय में एक चमकते सितारे के रूप में उभरे थे। वे ‘क्रिप्टोलॉजी की’ नामक ट्रेडिंग अकादमी के सह-संस्थापक थे, जो क्रिप्टो ट्रेडिंग और निवेश रणनीतियों पर केंद्रित एक लोकप्रिय प्लेटफॉर्म था। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट्स के अनुसार, गैलिच ने 2018 से यूट्यूब पर सक्रिय रहते हुए सैकड़ों वीडियो अपलोड किए, जिनमें बिटकॉइन, एथेरियम और अन्य अल्टकॉइन्स की ट्रेडिंग टिप्स, बाजार विश्लेषण और जोखिम प्रबंधन पर चर्चा होती थी। उनके चैनल के लाखों सब्सक्राइबर्स थे, खासकर युवा निवेशकों के बीच, जो उनकी सरल भाषा और व्यावहारिक सलाह से आकर्षित होते थे।
टाइम्स ऑफ इंडिया और कोइनटेलीग्राफ की रिपोर्ट्स बताती हैं कि गैलिच न केवल एक कंटेंट क्रिएटर थे, बल्कि एक प्रभावशाली रणनीतिकार भी थे। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो कॉन्फ्रेंस में भाग लिया, जहां उन्होंने ट्रेडिंग बॉट्स और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर व्याख्यान दिए। उनकी अकादमी ने हजारों छात्रों को प्रशिक्षित किया, जिनमें से कई ने खुद को सफल ट्रेडर के रूप में स्थापित किया। हालांकि, हाल के महीनों में बाजार की अस्थिरता ने उनके जैसे प्रभावशाली व्यक्तियों को भी चुनौतियों का सामना कराया। गैलिच की मौत की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई। कई फॉलोअर्स ने ट्विटर (अब एक्स) पर लिखा कि उनकी सलाह ने उनके जीवन बदले, लेकिन बाजार की क्रूरता ने सबको प्रभावित किया। क्रिप्टो समुदाय के प्रमुख सदस्यों, जैसे कि विटालिक ब्यूटिरिन (एथेरियम के सह-संस्थापक) के फॉलोअर्स ने भी इस घटना पर संवेदना व्यक्त की, हालांकि सीधे टिप्पणी नहीं की।
ट्रंप की व्यापार नीतियों से उपजी क्रिप्टो बाजार में भयानक गिरावट
गैलिच की मौत का समय क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए बेहद संवेदनशील दौर से मेल खाता है, जब वैश्विक आर्थिक तनाव ने निवेशकों को हिलाकर रख दिया। 10 अक्टूबर 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के साथ चल रहे व्यापार विवाद को और तीखा करने का संकेत दिया। उन्होंने घोषणा की कि नवंबर 2025 से चीनी आयात पर 100% अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाएंगे, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का दावा करते हुए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घोषणा तुरंत बाजारों में हलचल मचा गई, क्योंकि चीन क्रिप्टो माइनिंग और हार्डवेयर उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है।
इसके परिणामस्वरूप, क्रिप्टो बाजार में जबरदस्त गिरावट आई। कोइनडेस्क और सीएनबीसी की विस्तृत रिपोर्ट्स के अनुसार, बिटकॉइन—जो बाजार का बेंचमार्क है—अपनी हालिया चोटी $122,574 (लगभग 1.74 करोड़ भारतीय रुपये) से 14% से अधिक लुढ़क गया और $104,782 (लगभग 1.49 करोड़ भारतीय रुपये) तक पहुंच गया। यह गिरावट इतनी तेज थी कि कई ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर लिक्विडेशन अलर्ट्स बजने लगे। इसी तरह, मार्केट कैप के आधार पर दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो एथेरियम 12.2% गिरकर $3,436 (लगभग 4.88 लाख भारतीय रुपये) पर आ गया। अन्य प्रमुख कॉइन्स जैसे सोलाना और कार्डानो भी 10-15% की रेंज में नीचे आए।
ट्रंप की घोषणा के मात्र 24 घंटों में क्रिप्टो बाजार की कुल वैल्यूएशन से करीब $400 बिलियन (लगभग 33.6 लाख करोड़ भारतीय रुपये) का मूल्य वाष्पित हो गया, जैसा कि चेनालिसिस की विश्लेषण रिपोर्ट में उल्लेखित है। यह गिरावट निवेशकों में घबराहट पैदा करने वाली थी, जिससे बड़े पैमाने पर फोर्स्ड सेलिंग और लिक्विडेशन हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीतियां, जो 2024 के चुनावों के बाद और सख्त हुई हैं, वैश्विक व्यापार को बाधित कर रही हैं। फोर्ब्स की रिपोर्ट बताती है कि इससे न केवल क्रिप्टो, बल्कि स्टॉक मार्केट्स और कमोडिटीज़ भी प्रभावित हुए, जहां डाउ जोन्स इंडेक्स भी 2% गिरा। क्रिप्टो की दुनिया में, जहां 70% से अधिक ट्रेडिंग एशियाई बाजारों पर निर्भर है, यह झटका घातक साबित हुआ।
गैलिच के नुकसान और क्रिप्टो निवेश की कड़वी सच्चाई
इस बाजार क्रैश के बीच, अनुमान है कि गैलिच को भी अपूरणीय वित्तीय क्षति हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की जांच रिपोर्ट के अनुसार, गैलिच ने कम से कम $30 मिलियन (लगभग 252 करोड़ भारतीय रुपये) के निवेशकों के फंड्स खोए, जो उनकी ट्रेडिंग अकादमी और पर्सनल पोर्टफोलियो से जुड़े थे। ब्लूमबर्ग ने आगे बताया कि गैलिच लिवरेज्ड ट्रेडिंग में सक्रिय थे, जहां छोटी गिरावट भी भारी नुकसान पहुंचा सकती है। उनके परिवार और सहयोगियों ने पुलिस को बताया कि हाल के हफ्तों में गैलिच बाजार की भविष्यवाणियों को लेकर चिंतित थे और उन्होंने कई वीडियो में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी थी।
यह घटना क्रिप्टो समुदाय के लिए एक बड़ा सबक है। रॉयटर्स के विशेषज्ञों का कहना है कि जबकि क्रिप्टो ने 2024-2025 में रिकॉर्ड ऊंचाइयां छुईं, लेकिन जियोपॉलिटिकल टेंशन जैसे व्यापार युद्ध निवेशकों को मानसिक और वित्तीय रूप से तोड़ सकते हैं। यूक्रेन जैसे देशों में, जहां क्रिप्टो आर्थिक अस्थिरता के खिलाफ एक आशा के रूप में उभरा है, ऐसी घटनाएं और चिंता बढ़ाती हैं। वैश्विक रेगुलेटर्स, जैसे कि अमेरिकी एसईसी, ने हाल ही में क्रिप्टो ट्रेडिंग पर सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने में मदद कर सकते हैं।
पुलिस जांच जारी है, और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स से और स्पष्टता मिल सकती है। इस बीच, गैलिच की मौत ने क्रिप्टो दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सफलता के पीछे छिपे दबाव कितने घातक हो सकते हैं।
