ट्रंप की टैरिफ नीति का नया अध्याय: मध्यम और भारी ड्यूटी ट्रकों पर 25% शुल्क, 1 नवंबर से लाग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अक्टूबर 2025 को मध्यम और भारी ड्यूटी ट्रकों के आयात पर 25% टैरिफ लगाने की आधिकारिक घोषणा की, जो 1 नवंबर 2025 से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। यह नीति अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने और घरेलू उद्योगों को मजबूत करने के उद्देश्य से डिजाइन की गई है, जो ट्रंप की संरक्षणवादी व्यापार रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, “1 नवंबर 2025 से शुरू होकर, अमेरिका में आने वाले सभी मध्यम और भारी ड्यूटी ट्रक अन्य देशों से 25% टैरिफ के दायरे में आएंगे। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!” मूल रूप से यह टैरिफ 1 अक्टूबर से लागू होने वाला था, लेकिन उद्योग से प्राप्त अपीलों के कारण समयसीमा को एक महीना आगे बढ़ा दिया गया, ताकि कंपनियां अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को समायोजित कर सकें।
यह घोषणा ट्रंप प्रशासन की व्यापक व्यापार नीति को दर्शाती है, जिसमें क्षेत्र-विशेष आधार पर टैरिफ लगाए जा रहे हैं, न कि केवल देश-विशेष पर। ब्लूमबर्ग और रॉयटर्स जैसी विश्वसनीय रिपोर्टों के अनुसार, यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था को विदेशी प्रभाव से मुक्त करने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ये ट्रक अमेरिकी लॉजिस्टिक्स और परिवहन प्रणाली के मूलभूत स्तंभ हैं, और उनकी सुरक्षा के बिना राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
धारा 232 जांच: राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार
यह टैरिफ निर्णय अप्रैल 2025 में अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा शुरू की गई एक विस्तृत जांच पर आधारित है, जो व्यापार विस्तार अधिनियम (ट्रेड एक्सपैंशन एक्ट) की धारा 232 के तहत आयोजित की गई। धारा 232 राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली आयात वस्तुओं पर शुल्क लगाने की अनुमति देती है, और इस जांच का फोकस मध्यम और भारी ड्यूटी ट्रकों (10,000 पाउंड से अधिक वजन वाले) तथा उनके घटकों पर था। वाणिज्य विभाग की रिपोर्ट में पाया गया कि अमेरिकी बाजार में आयातित ट्रकों का बड़ा हिस्सा कुछ विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के हाथ में है, जो “शिकारी व्यापार प्रथाओं” (predatory trade practices) जैसे डंपिंग और सब्सिडी के जरिए बाजार पर कब्जा कर रहे हैं।
जांच के दौरान, विभाग ने सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए समय दिया, जो 16 मई 2025 तक प्राप्त की गईं, और इनमें उद्योग विशेषज्ञों, निर्माताओं तथा व्यापार संगठनों की राय शामिल थी। यूएस इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन (USITC) की डेटा से पता चलता है कि अमेरिका में बिकने वाले ट्रकों का लगभग 40-50% हिस्सा विदेश से आयातित होता है, जिसमें मैक्सिको और कनाडा का योगदान 80% से अधिक है। जापान 6% आयात प्रदान करता है, जबकि चीन का हिस्सा 1% से कम है। वाणिज्य विभाग के अनुसार, ये आयात अमेरिकी ट्रक उद्योग की क्षमता को कमजोर कर रहे हैं, जो रक्षा, निर्माण और वाणिज्यिक परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है। अंडर सेक्रेटरी जेफरी केसलर ने बयान जारी कर कहा कि एक मजबूत ट्रक उद्योग राष्ट्रीय सुरक्षा की आधारशिला है, और यह जांच बाहरी खतरों तथा आपूर्ति श्रृंखला कमजोरियों का आकलन करेगी।
इस जांच ने ट्रंप प्रशासन को यह निष्कर्ष निकालने का आधार दिया कि विदेशी आयात से अमेरिकी नौकरियों और उत्पादन क्षमता को खतरा है, जिसके परिणामस्वरूप 25% टैरिफ की सिफारिश की गई। यह धारा 232 का 2025 में चौथा प्रमुख मामला है, जिसमें कॉपर, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य वस्तुएं भी शामिल हैं।
प्रभावित उत्पाद और बाजार की वास्तविकता
टैरिफ मध्यम ड्यूटी ट्रकों (क्लास 3-6, जैसे वैन और बसें) और भारी ड्यूटी ट्रकों (क्लास 7-8, जैसे ट्रैक्टर ट्रेलर) दोनों पर लागू होगा, जिनका वजन 10,000 पाउंड से अधिक होता है। इसमें इंजन, चेसिस, टायर और अन्य घटक भी शामिल हैं, जो आयातित होते हैं। अमेरिकी बाजार में ये ट्रक शिपिंग, निर्माण, नगर निगम सेवाओं और कृषि क्षेत्रों में व्यापक रूप से उपयोग होते हैं, और अमेरिकी जीडीपी में इनका योगदान लगभग 5% है।
मुख्य आयात स्रोत मैक्सिको और कनाडा हैं, जहां फ्रेटलाइनर, इंटरनेशनल और पीटरबिल्ट जैसी कंपनियां संयुक्त राज्य अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (USMCA) के तहत ट्रक इकट्ठा करती हैं। पहले स्टील और एल्यूमीनियम पर 50% टैरिफ पहले से लागू हैं, जो इनकी लागत बढ़ा चुके हैं। अब नया टैरिफ USMCA अनुपालन वाले ट्रकों को भी प्रभावित कर सकता है, जब तक कि विशेष छूट न दी जाए। काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रक आयात कार आयात से अधिक केंद्रित हैं, और यह नीति वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर सकती है।
अमेरिकी ट्रकिंग एसोसिएशन (ATA) के अनुसार, क्लास 8 ट्रैक्टर ट्रकों की कीमत 35,000 डॉलर तक बढ़ सकती है, जो छोटे वाहक कंपनियों के लिए असहनीय होगी। इससे वार्षिक परिचालन लागत में अरबों डॉलर का इजाफा हो सकता है, और सीमा पार व्यापार कम हो सकता है।
हालिया अन्य टैरिफ घोषणाओं से जुड़ाव
यह ट्रक टैरिफ ट्रंप की हालिया श्रृंखला का हिस्सा है, जो सितंबर 2025 में शुरू हुई। इनमें पेटेंटेड फार्मास्यूटिकल उत्पादों पर 100% शुल्क, किचन कैबिनेट्स और बाथरूम वैनिटी पर 50%, तथा अपहोल्स्टर्ड फर्नीचर पर 30% टैरिफ शामिल हैं, जो मूल रूप से अक्टूबर से लागू होने वाले थे। ट्रंप ने सितंबर में ही भारी ट्रकों पर टैरिफ का संकेत दिया था, लेकिन विवरण बाद में जारी हुए।
ट्रंप ने कहा, “हमारे महान भारी ट्रक निर्माताओं जैसे पीटरबिल्ट, केनवर्थ, फ्रेटलाइनर और मैक ट्रक्स को अनुचित विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए यह 25% टैरिफ जरूरी है।” ये कंपनियां अमेरिकी ट्रक उद्योग की रीढ़ हैं, और इस नीति से इन्हें उत्पादन बढ़ाने तथा नई नौकरियां सृजित करने में मदद मिलेगी। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ये कदम राष्ट्रपति के ट्रक चालकों को आर्थिक रूप से मजबूत रखेंगे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अमेरिकी उद्योग को लाभ: घरेलू उत्पादन का बढ़ावा
ट्रंप की संरक्षणवादी नीति का मुख्य लक्ष्य घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना है, और ट्रक टैरिफ इससे एक उदाहरण है। अमेरिकी निर्माताओं को अब विदेशी आयात के मुकाबले प्रतिस्पर्धी लाभ मिलेगा, जिससे डेट्रॉइट और अन्य क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स (NAM) के अनुसार, USMCA के तहत कनाडा और मैक्सिको से 33% महत्वपूर्ण इनपुट आते हैं, लेकिन टैरिफ इनकी लागत संतुलित करेंगे।
इससे लाखों नौकरियां सुरक्षित होंगी, खासकर ट्रकिंग क्षेत्र में, जहां 100,000 से अधिक पूर्णकालिक ट्रक चालक मैक्सिको और कनाडा के साथ व्यापार में सक्रिय हैं। एस एंड पी ग्लोबल मोबिलिटी की भविष्यवाणी के अनुसार, टैरिफ से ट्रक कीमतों में 9% की औसत वृद्धि हो सकती है, लेकिन लंबे समय में अमेरिकी OEM (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर) मजबूत होंगे। व्हाइट हाउस ने कोई विस्तृत फैक्ट शीट जारी नहीं की, लेकिन उद्योग लीडर्स का मानना है कि यह नीति USMCA को पुनर्समझौता करने की दिशा में एक कदम है।
संभावित प्रभाव और आलोचनाएं: लागत वृद्धि की चिंताएं
हालांकि ट्रंप नीति का बचाव कर रहे हैं, लेकिन आलोचक चेतावनी दे रहे हैं कि इससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर बोझ पड़ेगा। इकोनॉमिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPI) की स्टडी से संकेत मिलता है कि ट्रक कीमतें 10-15% बढ़ सकती हैं, जो खुदरा मूल्य, परिवहन खर्च और मुद्रास्फीति को प्रभावित करेगी। ATA के अध्यक्ष क्रिस स्पीयर ने कहा, “ये टैरिफ अनपेक्षित परिणाम ला सकते हैं, जैसे वस्तुओं और किराने की कीमतों में वृद्धि, और उत्तरी अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करना।”
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ेगा, खासकर USMCA साझेदारों के साथ। प्रोजेक्ट44 के एसवीपी टॉम पेरоне ने चेतावनी दी कि सीमा पर खोजबीन बढ़ने से पारगमन समय लंबा हो सकता है, और लंबे समय तक टैरिफ रहने पर ऑटोमोटिव उद्योग को एक साल लग सकता है रिकवर करने में। यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा कि इससे छोटे वाहक प्रभावित होंगे, और उत्पादन को अमेरिका से बाहर स्थानांतरित करने का खतरा है। MEMA सर्वे में 82% आपूर्तिकर्ताओं ने मेक्सिको से आयात पर टैरिफ को नकारात्मक बताया।
ट्रंप प्रशासन इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहता है कि लघु अवधि की असुविधा से लंबे समय में अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी। फिर भी, यह नीति 2025 के व्यापार एजेंडे को आकार दे रही है, और वैश्विक बाजारों पर इसका प्रभाव निगरानी में है।
यह जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया और रॉयटर्स से एकत्र की गई है।
