कर-बचत निवेश के लिए एक गाइड धारा 80सी, 80डी और 80ई के तहत
कर बचाना हम सभी के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और हम सब अपनी दिन रात की मेहनत की कमाई को कर के रूप में कटता देखकर बहुत निराश होते हैं। हर साल जैसे ही जनवरी या फरवरी का महीना आता है हम तुरंत कर बचाने के उपाय खोजना शुरू कर देते हैं। अपने मित्रों और कार्यालय के लोगों से पूछने लगते हैं कि इस वर्ष पैसा कहां लगाया जाए ताकि हमारी आय सुरक्षित रहे।
सच कहा जाए तो कर बचाना कोई बहुत कठिन कार्य नहीं है और इसके लिए आपको किसी बड़े आर्थिक विशेषज्ञ की आवश्यकता नहीं है। थोड़ी सी समझदारी और सही समय पर योजना बनाकर आप बड़ी आसानी से अपना पैसा बचा सकते हैं। भारत सरकार ने हमें आयकर अधिनियम के तहत कई ऐसे शानदार नियम दिए हैं जिनका सही उपयोग करके हम हजारों रुपये का कर बचा सकते हैं। जब हम सही जगह अपना पैसा लगाते हैं तो उसे कर बचत निवेश कहा जाता है। इनमें सबसे अधिक और आम लोगों के काम आने वाले नियम धारा अस्सी सी, धारा अस्सी डी और धारा अस्सी ई हैं। समस्या यह है कि लोग अक्सर अंतिम क्षण में घबराकर गलत जगह पैसा लगा देते हैं जहां उनका पैसा वर्षों तक फंस जाता है और अच्छा मुनाफा भी नहीं मिलता। इस लेख में हम बिल्कुल आसान शब्दों में समझेंगे कि आप अपना पैसा कहां लगा सकते हैं जिससे न सिर्फ आपका कर बचेगा बल्कि आपके पैसों की अच्छी वृद्धि भी होगी।
धारा अस्सी सी के तहत बेहतरीन निवेश विकल्प
सार्वजनिक भविष्य निधि में निवेश
सार्वजनिक भविष्य निधि लंबी अवधि के लिए पैसा जोड़ने और कर बचाने का सबसे सुरक्षित तरीका है। इसमें आपको सरकार की तरफ से शत प्रतिशत सुनिश्चित मुनाफा मिलता है और आपका पैसा बिल्कुल सुरक्षित रहता है। इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी निकासी वर्जित अवधि पंद्रह वर्ष की होती है। यह आपको सेवानिवृत्ति या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए एक बड़ा और सुरक्षित कोष बनाने में पूरी मदद करता है। इसमें आप जो पैसा जमा करते हैं और जो ब्याज आपको हर साल मिलता है वह पूर्ण रूप से कर मुक्त होता है।
पंद्रह वर्ष बाद परिपक्वता पर जो पूरी राशि आपके हाथ में आती है उस पर भी सरकार कोई कर नहीं लेती है। आप किसी भी बैंक या डाकघर में जाकर बहुत ही कम राशि से अपना खाता खुलवा सकते हैं और हर महीने थोड़ा थोड़ा पैसा जमा कर सकते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए सबसे बेहतरीन है जो बिना किसी जोखिम के अपनी पूंजी को सुरक्षित रूप से बढ़ाना चाहते हैं।
| योजना का नाम | निवेश की अवधि | जोखिम की संभावना | लाभ की प्रकृति |
| सार्वजनिक भविष्य निधि | पंद्रह वर्ष | बिल्कुल नहीं | पूर्ण रूप से कर मुक्त |
शेयर बाजार से जुड़ी बचत योजना
अगर आप अपनी बचत पर थोड़ा जोखिम ले सकते हैं और बैंक की सावधि जमा से अधिक मुनाफा चाहते हैं तो शेयर बाजार से जुड़ी बचत योजना आपके लिए सबसे अच्छा कर बचत विकल्प हो सकता है। यह असल में एक तरह की पारस्परिक निधि है जो आपका पैसा शेयर बाजार की अच्छी और मजबूत कंपनियों में लगाती है। धारा अस्सी सी के सभी विकल्पों में सबसे कम निकासी वर्जित अवधि इसी योजना की होती है जिसमें आपका पैसा सिर्फ तीन वर्ष के लिए जमा रहता है। अगर आप बढ़ती हुई महंगाई को पीछे छोड़ना चाहते हैं और लंबे समय में अच्छी संपत्ति बनाना चाहते हैं तो यह एक बेहतरीन तरीका है।
आप इसमें हर महीने व्यवस्थित निवेश योजना के माध्यम से भी थोड़ा थोड़ा पैसा लगा सकते हैं जिससे आपके निवेश पर बाजार के उतार चढ़ाव का प्रभाव काफी कम पड़ता है। पिछले कुछ वर्षों का आंकड़ा देखा जाए तो इस योजना ने निवेशकों को बहुत ही शानदार प्रतिफल दिया है जो अन्य किसी सुरक्षित योजना में मिलना संभव नहीं है।
| योजना का प्रकार | अवरुद्ध समय | जोखिम का स्तर | कर में छूट की सीमा |
| शेयर बाजार बचत योजना | तीन वर्ष | अधिक जोखिम | अधिकतम डेढ़ लाख रुपये |
कर्मचारी भविष्य निधि और स्वैच्छिक योगदान
अगर आप किसी निजी या सरकारी कंपनी में नौकरी करते हैं तो आपकी मूल आय का बारह प्रतिशत हिस्सा हर महीने कटकर आपके कर्मचारी भविष्य निधि खाते में जाता है। बहुत से लोगों को यह पता ही नहीं होता कि यह पैसा भी धारा अस्सी सी के तहत कर छूट के दायरे में ही आता है और इसके लिए अलग से कोई प्रयास नहीं करना पड़ता। बस अपनी आय की पर्ची देखिए और जानिए कि साल भर में आपका कितना पैसा इस निधि में जमा हुआ है।
अगर आपकी डेढ़ लाख रुपये की सीमा अभी भी बची हुई है तो आप अपने कार्यालय के अधिकारी को बोलकर स्वैच्छिक भविष्य निधि के माध्यम से अपने योगदान को अपनी मर्जी से और ज्यादा बढ़ा सकते हैं। यह योजना नौकरीपेशा लोगों के लिए सेवानिवृत्ति के समय एक बहुत बड़ा सहारा बनती है क्योंकि इसमें सरकार द्वारा हर साल अच्छा ब्याज दिया जाता है। इस खाते में जमा पूरी राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से कर मुक्त होता है जो इसे एक शानदार विकल्प बनाता है।
| निधि का नाम | योगदान करने वाला | जोखिम की मात्रा | कर बचत का प्रावधान |
| कर्मचारी भविष्य निधि | कर्मचारी तथा नियोक्ता | जोखिम रहित | धारा अस्सी सी के अनुसार |
सुकन्या समृद्धि योजना के लाभ
अगर आपके घर में एक प्यारी सी बेटी है जिसकी आयु दस वर्ष से कम है तो उसके सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना से बेहतर कोई और सरकारी योजना नहीं हो सकती। इस योजना पर आमतौर पर सार्वजनिक भविष्य निधि और बैंक की सावधि जमा से अधिक ब्याज मिलता है जिससे आपकी पूंजी तेजी से बढ़ती है। इसमें निवेश किया गया पैसा आपकी बेटी की उच्च शिक्षा या उसकी शादी के वक्त बहुत काम आता है और आपको आर्थिक चिंता से मुक्त करता है।
यह योजना भी पूरी तरह से कर मुक्त प्रतिफल देती है और आप एक वर्ष में न्यूनतम ढाई सौ रुपये और अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। यह पैसा बेटी के इक्कीस वर्ष की होने पर या उसकी शादी के समय आसानी से निकाला जा सकता है। हर माता पिता को अपनी बेटी के जन्म के तुरंत बाद यह खाता जरूर खुलवाना चाहिए ताकि भविष्य में बड़ी रकम की आवश्यकता पड़ने पर किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े।
| योजना का नाम | खाता धारक | परिपक्वता अवधि | ब्याज की प्रकृति |
| सुकन्या समृद्धि | केवल बेटियां | इक्कीस वर्ष | पूर्णतः कर मुक्त |
पांच वर्षीय सावधि जमा योजना
जो लोग शेयर बाजार के उतार चढ़ाव से बिल्कुल दूर रहना चाहते हैं और अपना पैसा हमेशा सुरक्षित देखना चाहते हैं उनके लिए बैंक या डाकघर की पांच वर्षीय सावधि जमा एक बहुत ही सीधा और आसान विकल्प है। इसमें मुनाफा तो तय होता है और आपको पहले से पता होता है कि पांच वर्ष बाद आपको कितना पैसा वापस मिलेगा जिससे आप अपनी भविष्य की योजनाएं बना सकते हैं। लेकिन यहां एक बात का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है कि इस जमा राशि पर आपको जो भी ब्याज मिलता है वह आपकी सालाना आय में जुड़ जाता है और उस पर आपकी कर श्रेणी के हिसाब से कर लगता है।
सिर्फ जमा किए गए मूलधन पर ही आपको धारा अस्सी सी की छूट मिलती है इसलिए यह विकल्प उन लोगों के लिए ही अच्छा है जो कम कर श्रेणी में आते हैं। फिर भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह एक बहुत ही पसंदीदा विकल्प है क्योंकि इसमें पैसा डूबने का कोई भी खतरा नहीं होता और मानसिक शांति बनी रहती है।
| जमा का प्रकार | समय सीमा | कर का नियम | सुरक्षा का स्तर |
| सावधि जमा | पांच वर्ष | ब्याज पर कर लागू | पूरी तरह सुरक्षित |
सुरक्षित जीवन बीमा किश्त
हम में से ज्यादातर लोग अपने परिवार को किसी भी अनहोनी से सुरक्षित रखने के लिए जीवन बीमा जरूर लेते हैं जो कि एक बहुत ही समझदारी भरा कदम है। आप अपने खुद के लिए अपनी पत्नी या अपने बच्चों के लिए जो भी जीवन बीमा की सालाना किश्त भरते हैं वह भी धारा अस्सी सी के तहत कर छूट के अंतर्गत आती है। चाहे वह एक साधारण सुरक्षा योजना हो या कोई बचत वाली योजना दोनों की किश्त आपको कर बचाने में पूरी मदद करेगी।
मेरी सलाह मानिए तो सिर्फ कर बचाने के लालच में कोई बहुत महंगी और कम मुनाफे वाली निवेश योजना मत खरीदिए क्योंकि उससे आपका पैसा वर्षों तक फंस जाता है। हमेशा एक अच्छी साधारण सुरक्षा योजना खरीदिए जो बहुत कम किश्त में आपको करोड़ों का बड़ा सुरक्षा कवच देती हो। ऐसा करने से आपका परिवार भी सुरक्षित रहता है और आपकी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा कर के रूप में कटने से भी बच जाता है।
| बीमा का प्रकार | लाभार्थी | कर लाभ की धारा | मुख्य उद्देश्य |
| जीवन बीमा | स्वयं तथा परिवार | धारा अस्सी सी | जीवन की सुरक्षा |
आवास ऋण का मूलधन चुकाना

अगर आपने अपना सपनों का घर खरीदने के लिए बैंक से आवास ऋण लिया है तो आप जो हर महीने किश्त भरते हैं उसके दो मुख्य हिस्से होते हैं। पहला मूलधन और दूसरा उस पर लगने वाला ब्याज होता है और इन दोनों पर सरकार अलग अलग कर छूट प्रदान करती है। इसमें से जो मूलधन वाला हिस्सा है वह सीधे तौर पर धारा अस्सी सी में गिना जाता है जिससे आपको बड़ी राहत मिलती है। इसके अलावा घर खरीदते समय जो लाखों रुपये आपने स्टाम्प शुल्क और संपत्ति पंजीकरण शुल्क के रूप में दिए हैं उसे भी आप उसी वर्ष इसी डेढ़ लाख की सीमा के अंदर कर छूट के लिए दावा कर सकते हैं।
यह घर खरीदारों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है क्योंकि घर खरीदना वैसे भी बहुत महंगा होता है और अगर उसमें कर की बचत हो जाए तो आर्थिक बोझ काफी कम हो जाता है। इसके लिए आपको हर साल बैंक से एक आधिकारिक प्रमाणपत्र लेना होता है जिसे कर भरते समय प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
| ऋण का प्रकार | छूट का आधार | अधिकतम सीमा | आवश्यक दस्तावेज |
| आवास ऋण | ऋण का मूलधन | डेढ़ लाख रुपये | बैंक का प्रमाणपत्र |
धारा अस्सी डी के तहत स्वास्थ्य बीमा के फायदे
स्वास्थ्य बीमा किश्त का भुगतान
आजकल किसी भी अच्छे अस्पताल के खर्चे कितनी तेजी से बढ़ रहे हैं यह हम सभी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं और बीमारी कभी बताकर नहीं आती। एक छोटी सी बीमारी या दुर्घटना भी आपकी वर्षों की जमा की हुई बचत को एक झटके में खत्म कर सकती है और आपको भारी कर्जदार बना सकती है। इसलिए आज के समय में एक अच्छा स्वास्थ्य बीमा होना कोई शौक नहीं बल्कि एक बहुत बड़ी जरूरत है ताकि संकट के समय धन की कमी न हो। हमारी सरकार भी इस बात को भलीभांति समझती है और इसीलिए धारा अस्सी डी के तहत स्वास्थ्य बीमा की किश्त भरने पर आपको अलग से शानदार कर छूट दी जाती है।
यह छूट धारा अस्सी सी की डेढ़ लाख की सीमा से बिल्कुल अलग होती है जिससे आपको अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलता है। अगर आप अपने लिए अपनी पत्नी और बच्चों के लिए बीमा लेते हैं तो पच्चीस हजार और माता पिता के लिए अलग से पच्चीस हजार रुपये तक की कर बचत का दावा आसानी से कर सकते हैं।
| बीमा का प्रकार | किनके लिए मान्य | अधिकतम छूट | वरिष्ठ नागरिक के लिए |
| स्वास्थ्य बीमा | स्वयं और परिवार | पच्चीस हजार | पचास हजार रुपये |
निवारक चिकित्सा जांच की सुविधा
धारा अस्सी डी में एक और बहुत ही काम की चीज है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं या उसका लाभ उठाते हैं जिसे निवारक चिकित्सा जांच कहते हैं। हम सभी को वर्ष में कम से कम एक बार अपनी पूरी शारीरिक जांच जरूर करवानी चाहिए ताकि किसी भी गंभीर बीमारी का समय रहते पता चल सके। सरकार आपको इस नियमित चिकित्सा जांच के लिए हर वर्ष पांच हजार रुपये तक की अतिरिक्त कर छूट देती है जिससे लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा सके। आपको बस यह ध्यान रखना होगा कि यह पांच हजार रुपये आपकी पच्चीस हजार या पचास हजार की कुल सीमा के अंदर ही आता है कोई अलग अतिरिक्त सीमा नहीं है।
सबसे अच्छी बात यह है कि आप इस जांच का भुगतान अस्पताल या प्रयोगशाला में नकद में भी कर सकते हैं जो कि स्वास्थ्य बीमा किश्त में बिल्कुल भी संभव नहीं है। इसलिए जब भी अपने परिवार का चिकित्सा परीक्षण करवाएं तो उसकी रसीदें संभाल कर रखें वे आपको कर भरते समय बहुत काम आएंगी।
| जांच का नाम | छूट की सीमा | भुगतान का माध्यम | लाभ लेने की अवधि |
| चिकित्सा जांच | पांच हजार रुपये | नकद या अन्य माध्यम | प्रति वर्ष एक बार |
धारा अस्सी ई के तहत शिक्षा ऋण पर छूट
उच्च शिक्षा ऋण के ब्याज पर बचत
आज के समय में अच्छी उच्च शिक्षा हासिल करना काफी महंगा हो गया है और हर माता पिता अपने बच्चों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षा देना चाहते हैं। चाहे इंजीनियरिंग हो मेडिकल हो या फिर विदेश जाकर कोई बड़ा पाठ्यक्रम करना हो लाखों रुपये का खर्च आना बहुत ही आम बात हो गई है। अगर आपने अपनी पढ़ाई के लिए अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए या फिर अपनी पत्नी की पढ़ाई के लिए बैंक से शिक्षा ऋण लिया है तो धारा अस्सी ई आपके लिए बहुत काम का नियम है। यह धारा आपको शिक्षा ऋण पर लगने वाले ब्याज पर पूरी तरह से कर छूट का लाभ देती है जिससे आपके कंधों से बहुत बड़ा आर्थिक बोझ तुरंत उतर जाता है।
इस नियम की सबसे खास बात यह है कि इसमें कर छूट की कोई ऊपरी सीमा बिल्कुल नहीं है आप जितना भी ब्याज चुकाएंगे वह पूरा का पूरा कर मुक्त होगा। आप इस बेहतरीन कर छूट का लाभ लगातार आठ वर्षों तक ले सकते हैं और यह लाभ केवल ब्याज वाले हिस्से पर ही मिलता है मूलधन पर नहीं।
| ऋण का उद्देश्य | छूट किस पर मिलेगी | अधिकतम छूट | समय सीमा |
| उच्च शिक्षा | केवल चुकाए गए ब्याज पर | कोई ऊपरी सीमा नहीं | लगातार आठ वर्ष तक |
कुल कर बचत की व्यावहारिक गणना
अधिकतम कर बचत का उदाहरण
चलिए इस पूरी प्रक्रिया को एक बहुत ही सरल और व्यावहारिक उदाहरण से समझते हैं ताकि आपको पूरा गणित आसानी से समझ में आ जाए और आप अपनी योजना बना सकें। मान लीजिए आपकी आय सबसे ऊंची कर श्रेणी में आती है और आप इन तीनों धाराओं का बहुत समझदारी से पूरा और सही इस्तेमाल करते हैं। पहले धारा अस्सी सी के तहत आपने सार्वजनिक भविष्य निधि और शेयर बाजार योजना में मिलाकर पूरे डेढ़ लाख रुपये का बेहतरीन निवेश कर दिया। दूसरा धारा अस्सी डी के तहत आपने अपना और अपने बुजुर्ग माता पिता का स्वास्थ्य बीमा किश्त मिलाकर कुल पचहत्तर हजार रुपये का भुगतान कर दिया।
तीसरा धारा अस्सी ई के तहत आपने अपने बेटे के शिक्षा ऋण का एक वर्ष में कुल पचास हजार रुपये का ब्याज बैंक को चुका दिया। अगर हम इन सभी राशियों को जोड़ दें तो कुल मिलाकर आपने एक ही वर्ष में दो लाख पचहत्तर हजार रुपये अपनी कुल आय में से पूरी तरह से घटा दिए जिससे आपकी भारी बचत हो गई।
| धारा का नाम | किया गया निवेश | कर से बचाई गई राशि | लाभ की प्रकृति |
| सभी धाराएं | विभिन्न योजनाओं में निवेश | दो लाख पचहत्तर हजार | कुल आय में भारी कमी |
अंतिम विचार
अक्सर लोग अपना कर बचाने के लिए इतनी जल्दबाजी में रहते हैं कि कुछ ऐसी बड़ी गलतियां कर बैठते हैं जिससे उनका भविष्य में काफी भारी नुकसान हो जाता है। सबसे पहली और बड़ी गलती यह है कि सिर्फ कर बचाने के लालच में कोई भी खराब निवेश योजना न खरीदें जिसका कोई वित्तीय भविष्य न हो। कई लोग मार्च आते ही किसी रिश्तेदार या एजेंट के दबाव में आकर ऐसी बीमा योजना खरीद लेते हैं जिनका मुनाफा बहुत ही कम होता है और पैसा भी फंस जाता है।
दूसरी बात कर बचाने का काम अंतिम महीने तक के लिए टाल कर न रखें बल्कि वर्ष की शुरुआत से ही हर महीने थोड़ा थोड़ा पैसा सही जगह डालना शुरू करें। इससे आप पर एक साथ बहुत बड़ा आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और आपके पास सोचने और सही निर्णय लेने का पूरा समय रहेगा। हमेशा अपनी आयु अपनी आवश्यकता और अपनी जोखिम लेने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही किसी योजना में अपना पैसा लगाएं ताकि आपको भविष्य में कभी पछताना न पड़े।
