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ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने एआई अनुसंधान और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की, ताकि एआई रिसर्च और उसके इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा सके। यह बैठक अबू धाबी में कासर अल शाती में हुई, जहां दोनों ने एआई के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की।

मुलाकात की विस्तृत जानकारी और महत्व

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की, जो एआई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रिसर्च और उसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों में करीबी सहयोग को बढ़ावा देना था। यूएई की सरकारी न्यूज एजेंसी WAM के अनुसार, कासर अल शाती में आयोजित इस चर्चा में ओपनएआई के काम को यूएई की उस व्यापक योजना से जोड़ा गया, जो एक मजबूत और एकीकृत एआई इकोसिस्टम बनाने पर केंद्रित है।

इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने एआई रिसर्च को आगे बढ़ाने, पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में उसके अनुप्रयोगों को बढ़ाने, और वैश्विक स्तर पर सहयोग के नए अवसरों पर गहन विचार-विमर्श किया। सैम ऑल्टमैन ने यूएई की एआई विजन की सराहना की, खासकर उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और नीतिगत पहलों को, जो वैश्विक एआई लैंडस्केप को आकार देने में मदद कर रही हैं। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद ने जोर दिया कि यह सहयोग यूएई की विकास योजनाओं को सपोर्ट करेगा, ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, और एआई में देश की वैश्विक स्थिति को और ऊंचा उठाएगा। बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, डिप्टी रूलर शेख ताहनून बिन जायद अल नाहयान, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जो इस चर्चा की उच्च स्तरीय प्रकृति को दर्शाते हैं।

एआई के क्षेत्र में सैम ऑल्टमैन के योगदान को मान्यता देते हुए, मोहम्मद बिन जायद यूनिवर्सिटी ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (MBZUAI) ने उन्हें अपना पहला मानद डॉक्टरेट प्रदान किया। यह पुरस्कार एआई को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को हाइलाइट करता है, साथ ही रिसर्च, टेक्नोलॉजी और बिजनेस में इनोवेशन को सपोर्ट करने के उनके प्रयासों को भी। अबू धाबी में स्थित MBZUAI दुनिया की पहली ग्रेजुएट-लेवल एआई रिसर्च यूनिवर्सिटी है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टैलेंट विकसित करने और लीडरशिप को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। ऑल्टमैन ने इस सम्मान को स्वीकार करते हुए कहा कि यूएई के साथ मिलकर काम करने से एआई रिसर्च को आगे बढ़ाने और समाज को लाभ पहुंचाने के व्यावहारिक तरीके खुलेंगे।

यूएई एआई का इस्तेमाल करके अपनी अर्थव्यवस्था को कैसे बढ़ावा दे रहा है

यूएई एआई में भारी निवेश कर रहा है, ताकि खुद को वैश्विक हब के रूप में स्थापित कर सके और तेल पर अपनी निर्भरता को कम कर सके। देश की लंबी अवधि की विजन एक इनोवेशन-ड्रिवन, ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की है, जिसमें एआई मुख्य भूमिका निभाए। इस रणनीति के प्रमुख तत्वों में लोकल एआई रिसर्च को सपोर्ट करना, सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना, और उन्नत टेक्नोलॉजी तक पहुंच के लिए वैश्विक पार्टनरशिप बनाना शामिल है। उदाहरण के लिए, यूएई दुनिया के सबसे बड़े एआई डेटा सेंटरों में से एक का निर्माण कर रहा है, जो विभिन्न इंडस्ट्रीज में एआई ग्रोथ के लिए बैकबोन का काम करेगा और रिसर्च से लेकर व्यावहारिक अनुप्रयोगों तक सब कुछ सपोर्ट करेगा।

इसके अलावा, यूएई एआई का उपयोग करके अरबी भाषा को आधुनिक बनाने और संरक्षित करने में लगा है। इसमें व्यापक डिजिटल डिक्शनरी विकसित करना, एआई-पावर्ड रीडेबिलिटी और भाषाई एनालिसिस टूल बनाना, और क्षेत्र-विशेष अरबी भाषा मॉडल तैयार करना शामिल है। ये पहल अरबी भाषा की डिजिटल मौजूदगी को मजबूत बनाती हैं, साथ ही सांस्कृतिक और भाषाई विरासत को एआई युग में सुरक्षित रखती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, यूएई अमेरिका के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है। मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अबू धाबी यात्रा के दौरान एक बड़े संयुक्त एआई कैंपस की घोषणा की गई, जो अमेरिका के बाहर सबसे बड़े एआई कैंपसों में से एक होगा। यह समझौता टेक्नोलॉजी और डिप्लोमैटिक सहयोग दोनों को दर्शाता है, और संयुक्त रिसर्च तथा ट्रेनिंग को बढ़ावा देगा।

ओपनएआई और सैम ऑल्टमैन के संदर्भ में, यह मुलाकात ओपनएआई की वैश्विक विस्तार योजनाओं से मेल खाती है। ओपनएआई हाल ही में अपनी संरचना को फॉर-प्रॉफिट एंटिटी में बदल रही है, और माइक्रोसॉफ्ट जैसे पार्टनर्स के साथ बड़े निवेश कर रही है। सैम ऑल्टमैन ने भारत जैसे देशों में एआई के तेज अपनाए जाने की तारीफ की है, और यूएई को भी एक प्रमुख बाजार के रूप में देखते हैं, जहां एआई सामाजिक और आर्थिक प्रगति ला सकता है। वे एआई के एथिकल इस्तेमाल पर जोर देते हैं, जैसे कि यूजर प्राइवेसी, मेंटल हेल्थ इंपैक्ट, और गवर्नमेंट एक्सेस के मुद्दों पर, जो यूएई की योजनाओं से जुड़ते हैं। यूएई की रणनीति में घरेलू एआई डेवलपमेंट को बढ़ावा देना भी शामिल है, जैसे कि एक नई अरबी-भाषा एआई मॉडल लॉन्च करना, जो क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करेगा। कुल मिलाकर, यह मुलाकात यूएई की एआई महत्वाकांक्षाओं को मजबूत करती है, जो अरबों डॉलर के निवेश के साथ तेल-आधारित अर्थव्यवस्था से हटकर इनोवेशन-आधारित मॉडल की ओर बढ़ रही है।

एआई सहयोग के व्यापक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं

इस मुलाकात के व्यापक प्रभावों को देखें तो, यह यूएई की एआई रणनीति को गति प्रदान करेगी, जिसमें क्रॉस-सेक्टरल इनोवेशन पर फोकस है। ओपनएआई के साथ सहयोग से यूएई को एडवांस्ड एआई टेक्नोलॉजी तक पहुंच मिलेगी, जो इंडस्ट्रीज जैसे हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्टेशन और एजुकेशन में लागू की जा सकती है। सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में एआई के कार्यक्षेत्र पर प्रभाव के बारे में चेतावनी दी है, कि यह 40% कामकाजी कार्यों को बदल सकता है, लेकिन नए अवसर भी पैदा करेगा। यूएई इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपनी वर्कफोर्स को तैयार कर रहा है, MBZUAI जैसे संस्थानों के माध्यम से ग्लोबल टैलेंट को आकर्षित करके।

इसके अलावा, ओपनएआई की हाल की उपलब्धियां, जैसे जीपीटी-5 का लॉन्च और उसके एडवांस्ड फीचर्स, यूएई के एआई इकोसिस्टम को मजबूत कर सकते हैं। ऑल्टमैन ने एआई के एथिकल चिंताओं पर भी बात की है, जैसे कि सुसाइड जैसे संवेदनशील मुद्दों पर एआई की भूमिका, जो यूएई की सेफ्टी-फर्स्ट अप्रोच से मेल खाती है। कुल मिलाकर, यह साझेदारी न केवल यूएई की आर्थिक विविधीकरण को बढ़ावा देगी, बल्कि वैश्विक एआई डेवलपमेंट में योगदान देगी, जिसमें अंतरराष्ट्रीय संबंधों की मजबूती एक ключ фактора है।