क्रिस्टियानो रोनाल्डो बने विश्व कप क्वालीफायर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी
पुर्तगाल के दिग्गज स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने बुधवार को फीफा विश्व कप क्वालीफायर के इतिहास में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम कर दिया। 2026 विश्व कप क्वालीफायर के एक रोमांचक मुकाबले में हंगरी के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने दो शानदार गोल दागे, जिससे उनके कुल क्वालीफायर गोल्स की संख्या 41 पहुंच गई। यह उपलब्धि पूर्व ग्वाटेमाला के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर कार्लोस रुइज के 39 गोलों के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए हासिल की गई, जिन्होंने 1998 से 2016 तक क्वालीफायर मुकाबलों में यह कमाल किया था। फीफा के आधिकारिक आंकड़ों और डेटाबेस के अनुसार, रोनाल्डो अब विश्व कप क्वालीफायर्स में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं, जो उनकी 20 वर्षों से अधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय करियर की उत्कृष्टता को उजागर करता है।
40 वर्षीय रोनाल्डो, जो वर्तमान में अमेरिकी क्लब इंटर मियामी के लिए खेलते हैं, ने इस रिकॉर्ड से एक बार फिर साबित कर दिखाया कि उम्र उनके खेल कौशल और फिटनेस के लिए कोई बाधा नहीं बन सकती। ESPN की विस्तृत रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोनाल्डो ने अब तक 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 133 गोल किए हैं, जिसमें विश्व कप क्वालीफायर्स में उनके 41 गोलों का प्रमुख योगदान है। यह रिकॉर्ड न केवल पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए गर्व का विषय है, बल्कि वैश्विक फुटबॉल समुदाय में युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बन गया है। रोनाल्डो की यह उपलब्धि उनके बचपन के सपनों—पुर्तगाल को विश्व चैंपियन बनाने के—की दिशा में एक और कदम है, जैसा कि उन्होंने अपनी आत्मकथा में उल्लेख किया है। फीफा के विशेषज्ञों का कहना है कि यह रिकॉर्ड रोनाल्डो की तकनीकी कुशलता, सटीक शूटिंग और मानसिक मजबूती का परिणाम है, जो उन्हें फुटबॉल के ‘GOAT’ (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) बहस में हमेशा आगे रखता है।
मैच का रोमांचक मोड़: रोनाल्डो के दो गोलों ने कैसे पलटा खेल
मैच की शुरुआत हंगरी के पक्ष में रही, जहां उन्होंने पहले 15 मिनट में ही एक काउंटर अटैक के जरिए बढ़त हासिल कर ली, स्कोर को 1-0 कर दिया। हंगरी की मजबूत डिफेंस और मिडफील्ड कंट्रोल ने पुर्तगाल को शुरुआती दबाव में डाल दिया, लेकिन क्रिस्टियानो रोनाल्डो की मौजूदगी ने सब कुछ बदल दिया। 22वें मिनट में नेल्सन सेमेडो के सटीक क्रॉस पर रोनाल्डो ने हेडर से गोल किया, जो उनका 40वां क्वालीफायर गोल था। BBC स्पोर्ट के लाइव कमेंट्री और मैच एनालिसिस के अनुसार, यह गोल रोनाल्डो की एरियल डोमिनेंस को दर्शाता है—वह हवा में गेंद पर नियंत्रण रखने के लिए प्रसिद्ध हैं। इस गोल ने स्कोर को 1-1 कर दिया और स्टेडियम में पुर्तगाली प्रशंसकों में उत्साह की लहर दौड़ा दी।
फिर, हाफ-टाइम से ठीक पहले 42वें मिनट में नुनो मेंडेस की तेज रन और सटीक थ्रू बॉल पर रोनाल्डो ने बॉक्स के अंदर घुसकर शानदार वॉली शॉट लगाया, जिससे गेंद गोलकीपर के हाथों से छूट गई और पुर्तगाल 2-1 से आगे हो गया। फीफा की मैच रिपोर्ट में उल्लेख है कि रोनाल्डो का यह दूसरा गोल उनके 41वें क्वालीफायर गोल के रूप में दर्ज हो गया, जो रिकॉर्ड तोड़ने वाला पल था। पूरे मैच में पुर्तगाल ने 58% गेंद पर कब्जा रखा, लेकिन हंगरी की काउंटर अटैक्स ने उन्हें चुनौती दी। आखिरकार, मैच 3-2 से पुर्तगाल की जीत पर समाप्त हुआ, जिसमें ब्रूनो फर्नांडेज ने तीसरा गोल किया। रोनाल्डो ने मैच के बाद कहा, “यह रिकॉर्ड मेरे पूरे करियर का सम्मान है, लेकिन टीम की सफलता और साथी खिलाड़ियों का योगदान ही असली ताकत है।” उनके कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोनाल्डो की फिटनेस, नेतृत्व और क्लच परफॉर्मेंस की तारीफ की, कहा कि “सीआर7 अभी भी टीम का दिल है।”
रोनाल्डो का क्वालीफायर सफर: ऐतिहासिक आंकड़े और तुलनाएं
रोनाल्डो का विश्व कप क्वालीफायर्स में सफर 2004 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने यूरो 2004 के बाद पहला अंतरराष्ट्रीय गोल स्वीडन के खिलाफ दागा था। फीफा के ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, उनके 41 गोल विभिन्न चक्रों में फैले हैं—जैसे 2010, 2014, 2018 और 2022 क्वालीफायर्स में उन्होंने क्रमशः 9, 7, 11 और 14 गोल किए, जो पुर्तगाल को हर बार फाइनल्स तक पहुंचाने में सहायक साबित हुए। 2018 क्वालीफायर में रोनाल्डो के हैट्रिक गोल्स ने पुर्तगाल को ग्रुप टॉपर बनाया, जबकि 2022 में उन्होंने स्विट्जरलैंड के खिलाफ तीन गोलों से प्ले-ऑफ जीत सुनिश्चित की।
कार्लोस रुइज, जिनका रिकॉर्ड अब टूट चुका है, केंद्रीय अमेरिका के फुटबॉल के एक प्रमुख स्तंभ थे। ग्वाटेमाला के लिए खेलते हुए उन्होंने CONCACAF क्वालीफायर्स में अपनी चपलता और गोल-कीपिंग स्किल्स से 39 गोल किए, लेकिन उनका अधिकांश योगदान क्षेत्रीय स्तर पर था। ESPN के तुलनात्मक विश्लेषण के मुताबिक, रोनाल्डो की वैश्विक मंच पर निरंतरता—यूरोपीय और विश्व स्तर पर—उन्हें रुइज से कहीं आगे रखती है। इसके अलावा, रोनाल्डो के क्वालीफायर गोल्स लियोनेल मेस्सी (लगभग 25 गोल) और नेमार (21 गोल) जैसे प्रतिद्वंद्वियों से काफी अधिक हैं, जो ‘एल क्लासिको’ युग की प्रतिस्पर्धा को नई ऊंचाई देता है।
पुर्तगाल की 2026 विश्व कप यात्रा पर प्रभाव
यह जीत पुर्तगाल को यूरोपीय ग्रुप ए में मजबूत स्थिति में पहुंचाती है, जहां वे अब टॉप पर हैं। फीफा रैंकिंग्स के अनुसार, पुर्तगाल वर्तमान में विश्व की 7वीं सबसे मजबूत टीम है, और रोनाल्डो का योगदान उनकी क्वालीफिकेशन संभावनाओं को 90% से ऊपर ले जाता है। पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन (FPF) ने आधिकारिक बयान जारी कर रोनाल्डो को बधाई दी, कहा कि “यह रिकॉर्ड पुर्तगाली फुटबॉल की विरासत को समृद्ध करता है।” विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 विश्व कप—जो अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होगा—रोनाल्डो का आखिरी बड़ा टूर्नामेंट हो सकता है, जहां वे और रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश करेंगे, जैसे कुल अंतरराष्ट्रीय गोल्स में 140 का आंकड़ा पार करना। इस उपलब्धि ने सोशल मीडिया पर #CR7Record ट्रेंडिंग कराया, जहां प्रशंसक उनकी फिटनेस और समर्पण की तारीफ कर रहे हैं। कुल मिलाकर, रोनाल्डो की यह कामयाबी फुटबॉल के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ती है।
जानकारी स्पोर्टस्टार और द प्लेऑफ़ से एकत्र की गई है।
