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2026 का वर्ल्ड कप होगा रोनाल्डो का आखिरी वर्ल्ड कप

पुर्तगाल के फुटबॉल लीजेंड क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने स्पष्ट रूप से कन्फर्म किया है कि 2026 फीफा वर्ल्ड कप उनका आखिरी प्रमुख इंटरनेशनल टूर्नामेंट होगा। 40 वर्षीय इस सुपरस्टार ने रियाद में आयोजित टूरिज्म समिट (TOURISE 2025) के दौरान सीएनएन की पत्रकार बेकी एंडरसन को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह 41 साल के हो जाएंगे और यह बड़ा मुकाबला उनके करियर का अंतिम अध्याय होगा। रोनाल्डो, जो क्लब और देश के लिए कुल 953 गोल कर चुके हैं, ने यह भी बताया कि वह फुटबॉल से संन्यास एक या दो साल में लेंगे, ताकि परिवार के साथ ज्यादा समय बिता सकें। यह घोषणा फुटबॉल जगत में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि रोनाल्डो ने हमेशा अपनी फिटनेस और जुनून से उम्र की सीमाओं को चुनौती दी है।​​

संन्यास की समयसीमा: ‘जल्द’ का मतलब एक-दो साल

रोनाल्डो ने पिछले हफ्ते पियर्स मॉर्गन के साथ इंटरव्यू में संन्यास लेने की बात कही थी, लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘जल्द’ से उनका मतलब 10 साल नहीं, बल्कि एक या दो साल है। “मैं अभी इस पल का आनंद ले रहा हूं। फुटबॉल में उम्र के साथ समय तेजी से गुजरता है, लेकिन मैं गोल स्कोर कर रहा हूं और खुद को फिट महसूस कर रहा हूं,” उन्होंने कहा। रोनाल्डो ने जोर देकर कहा कि संन्यास लेना उनके लिए भावुक होगा, और वह रो भी सकते हैं, क्योंकि फुटबॉल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी प्रो लीग में उनके प्रदर्शन ने उन्हें इतना आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है, लेकिन उम्र और शारीरिक थकान अब प्रमुख कारक बन रही है। इसके अलावा, रोनाल्डो अपने बेटे क्रिस्टियानो जूनियर को फुटबॉल में देखना चाहते हैं, जिन्हें वे खुद से बेहतर खिलाड़ी बनते देखने की उम्मीद करते हैं।​​

2026 वर्ल्ड कप: छठा और अंतिम मौका

अगले साल जून-जुलाई में कनाडा, मैक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका में होने वाला 2026 फीफा वर्ल्ड कप 48 टीमों के साथ विस्तारित फॉर्मेट में होगा, जो रोनाल्डो के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा, जो 2006 से शुरू हुई उनकी लगातार भागीदारी को दर्शाता है। इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या 2026 उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा, तो रोनाल्डो ने बिना हिचक कहा, “हां, निश्चित रूप से। मैं 41 साल का हो जाऊंगा और यह बड़ा टूर्नामेंट मेरा अंतिम होगा।” 2006 में पुर्तगाल ने सेमीफाइनल तक जगह बनाई थी, लेकिन रोनाल्डो के पास अभी तक वर्ल्ड कप का खिताब नहीं है, जो उनके कलेक्शन में एकमात्र बड़ी कमी है। लियोनेल मेस्सी ने 2022 में अर्जेंटीना के साथ यह ट्रॉफी जीती, जो रोनाल्डो के लिए अतिरिक्त प्रेरणा बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टूर्नामेंट रोनाल्डो के करियर का ‘लास्ट डांस’ होगा, जहां वह 1,000 करियर गोल का माइलस्टोन भी हासिल करने की कोशिश करेंगे।​​

रोनाल्डो का गोल रिकॉर्ड: उपलब्धियों की अनकही कहानी

क्रिस्टियानो रोनाल्डो पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं, जिनके नाम 143 इंटरनेशनल गोल दर्ज हैं। वर्ल्ड कप क्वालीफायर में भी वह शीर्ष स्कोरर हैं, 41 गोल के साथ, जो उनकी क्वालीफिकेशन स्टेज में असाधारण योगदान को दिखाता है। क्लब स्तर पर, मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड और जुवेंटस जैसे दिग्गज क्लबों में उन्होंने रिकॉर्ड तोड़े, जिनमें रियल मैड्रिड के लिए 450 गोल शामिल हैं। पांच बार बैलन डी’ओर विजेता रोनाल्डो ने 2016 में पुर्तगाल को यूरोपीय चैंपियनशिप जितवाया और 2019 तथा 2025 में यूईएफए नेशंस लीग के खिताब भी अपने नाम किए। सऊदी अरब के अल-नासर में 2023 से खेल रहे रोनाल्डो ने जून 2025 में अपना कॉन्ट्रैक्ट 2027 तक बढ़ाया, जहां वह अभी भी गोलों की बौछार लगा रहे हैं। उनके कुल 953 गोलों में से कई ऐसे हैं जो दबावपूर्ण मैचों में आए, जो उनकी मेंटल स्ट्रेंथ को प्रमाणित करते हैं। फुटबॉल विशेषज्ञ जॉर्ज एडो का कहना है कि 40 की उम्र में भी रोनाल्डो की गोल स्कोरिंग क्षमता लाजवाब है, हालांकि स्पीड में कमी आई है।​​

पुर्तगाल की वर्ल्ड कप क्वालीफिकेशन: चुनौतियां और उम्मीदें

रोबर्टो मार्टिनेज के नेतृत्व वाली पुर्तगाल टीम अभी 2026 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई नहीं हुई है, लेकिन ग्रुप एफ में मजबूत स्थिति में है। ग्रुप में हंगरी, आयरलैंड और आर्मेनिया जैसे प्रतिद्वंद्वी हैं, और पुर्तगाल चार मैचों में 10 पॉइंट्स के साथ शीर्ष पर है। अगर वे ग्रुप में पहले स्थान पर रहते हैं, तो डायरेक्ट क्वालीफिकेशन मिलेगा; अन्यथा प्ले-ऑफ का रास्ता अपनाना पड़ेगा। गुरुवार को आयरलैंड के खिलाफ घरेलू मैच जीतकर पुर्तगाल अपना स्थान पक्का कर सकती है, जहां रोनाल्डो की भूमिका अहम होगी। फीफा रैंकिंग में पुर्तगाल छठे नंबर पर है, और टीम में ब्रूनो फर्नांडेज, रूबेन डायस जैसे युवा सितारे हैं, जो रोनाल्डो के अनुभव से फायदा उठा सकते हैं। हालांकि, यूरो 2024 में रोनाल्डो का प्रदर्शन औसत रहा था, जहां पुर्तगाल क्वार्टरफाइनल में बाहर हो गई, जिससे कुछ विशेषज्ञों ने उनकी भूमिका पर सवाल उठाए। फिर भी, मार्टिनेज ने रोनाल्डो को टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।​​

सऊदी अरब से गहरा जुड़ाव: टूरिज्म समिट की झलक

टूरिज्म समिट में रोनाल्डो ने न केवल अपने संन्यास की बात की, बल्कि सऊदी अरब की प्रगति की भी तारीफ की। अल-नासर में खेलते हुए उन्होंने कहा, “मैं खुद को सऊदी मानता हूं। यहां की महत्वाकांक्षाएं प्रभावशाली हैं।” क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अगुवाई में सऊदी के 2034 वर्ल्ड कप होस्टिंग बिड का समर्थन करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि किंगडम ने वैश्विक स्तर पर खुद को मजबूत बनाया है। उन्होंने अल-उला और रेड सी जैसे टूरिज्म प्रोजेक्ट्स की प्रशंसा की, जो सऊदी की आर्थिक विविधीकरण को दर्शाते हैं। रोनाल्डो ने सऊदी प्रो लीग की डेवलपमेंट को भी सराहा, जहां वह गोलों के साथ योगदान दे रहे हैं। यह इंटरव्यू समिट के दौरान हुआ, जहां रोनाल्डो ने सऊदी टूरिज्म स्ट्रैटेजी को बढ़ावा दिया। फुटबॉल के अलावा, रोनाल्डो की यह टिप्पणी सऊदी के ग्लोबल इमेज को मजबूत करने में मददगार साबित हो रही है।​

रोनाल्डो की विरासत: फैंस और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

रोनाल्डो की इस घोषणा पर फैंस सोशल मीडिया पर भावुक हो रहे हैं, क्योंकि वह फुटबॉल के इतिहास के सबसे बड़े नामों में शुमार हैं। बीबीसी के जॉर्ज एडो ने कहा कि रोनाल्डो की पैशन फुटबॉल को छोड़ना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा, लेकिन 41 साल की उम्र के बाद यह अपरिहार्य है। स्काई स्पोर्ट्स के विशेषज्ञों ने यूरो 2024 में उनके प्रदर्शन की आलोचना की, जहां वह प्रेसिंग में कमजोर नजर आए, लेकिन उनकी विरासत पर कोई सवाल नहीं। रोनाल्डो ने कहा कि वर्ल्ड कप जीतना ‘सपना नहीं’ है, बल्कि छह-सात मैचों का मामला है, लेकिन यह उनके करियर का अंतिम लक्ष्य बन सकता है। उनके 1,000 गोल का सपना पूरा होने पर वह संन्यास लेंगे, जो फुटबॉल को एक यादगार विदाई देगा। सऊदी लीग में उनके कॉन्ट्रैक्ट के बावजूद, विशेषज्ञ मानते हैं कि 2026 के बाद रिटर्न असंभव होगा।