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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ के अभिनेता सतीश शाह के निधन पर शोक व्यक्त किया उन्हें ‘सच्चा दिग्गज’ बताया

वरिष्ठ अभिनेता सतीश शाह का 25 अक्टूबर 2025 को मुंबई में 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी मृत्यु का कारण किडनी फेल होना बताया गया, जिससे फिल्म और टीवी उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें “भारतीय मनोरंजन जगत का सच्चा लीजेंड” कहा ।​

प्रमुख जानकारी

  • मृत्यु की पुष्टि: सतीश शाह का 25 अक्टूबर 2025 को बांद्रा स्थित आवास पर निधन हुआ। उन्हें पी.डी. हिंदुजा हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके ।​

  • मृत्यु का कारण: किडनी फेल होना। तीन महीने पहले उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट कराया था ।​

  • अंतिम संस्कार: 26 अक्टूबर 2025 को मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में किया गया, जिसमें उनके परिवार और फिल्म उद्योग के कई साथी उपस्थित थे ।​

पीएम मोदी और सितारों की श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“श्री सतीश शाह जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। वे भारतीय मनोरंजन जगत के सच्चे लीजेंड रहेंगे। उनके सहज हास्य और यादगार प्रदर्शन ने करोड़ों लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाई। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति।” ।​

अमिताभ बच्चन ने कहा, “हममें से एक और चला गया… सतीश शाह, एक प्रतिभावान कलाकार, जिन्होंने हमें बहुत जल्दी छोड़ दिया।” वहीं अनुपम खेर ने भावुक होकर कहा,
“ऐसे थोड़ी ना होता है? ऐसे नहीं जाना होता है। आपको कोई हक नहीं है ऐसे अचानक जाने का।” ।​

कलात्मक यात्रा और यादगार भूमिकाएं

सतीश शाह का जन्म 25 जून 1951 को हुआ था। वे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के पूर्व छात्र थे। उन्होंने लगभग 250 से अधिक फिल्मों और कई लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में काम किया ।​

प्रसिद्ध किरदार:

  • ‘जाने भी दो यारों’ (1983): म्युनिसिपल कमिश्नर डी’मेलो का किरदार, उनकी हास्य प्रतिभा का प्रतीक।

  • ‘ये जो है ज़िंदगी’ (1984): 55 अलग-अलग किरदार निभाए, जो भारतीय टीवी इतिहास में दुर्लभ उपलब्धि है।

  • ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ (2004-2006, 2017): ‘इंद्रवदन साराभाई’ के रूप में उनका किरदार एक पीढ़ी का पसंदीदा बन गया।

राजेश कुमार (रोशेष) ने कहा, “यह मेरे लिए सबसे बुरा समय है। ऐसा लगता है जैसे मैंने अपने पिता को खो दिया।”​

एक विरासत की हंसी

सतीश शाह ने भारतीय कॉमेडी में न केवल हास्य जोड़ा, बल्कि उसे एक नई परिभाषा दी। उनके अभिनय में बुद्धिमत्ता, व्यंग्य और सहजता का अद्भुत मेल था।
‘हम आपके हैं कौन..!’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कल हो ना हो’, ‘मैं हूं ना’ जैसी फिल्मों में उनकी उपस्थिति ने दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी ।​

उनकी हंसी और अभिनय अब भी दर्शकों को याद दिलाता है कि सच्चे कलाकार कभी नहीं मरते — वे अपनी कृतियों के ज़रिए अमर हो जाते हैं।