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पेरिस संग्रहालय में 6 किलो सोने की चोरी में चीनी महिला गिरफ्तार

फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित प्रतिष्ठित नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री से एक सनसनीखेज चोरी की घटना ने दुनिया भर के समाचारों को हिला दिया है। इस चोरी में लगभग 6 किलोग्राम मूल्यवान सोने के नगेट्स पर हाथ साफ कर लिया गया, जो संग्रहालय के सबसे कीमती और ऐतिहासिक महत्व के प्रदर्शनों में से एक थे। इस मामले के मुख्य संदिग्ध के रूप में एक 24 वर्षीय चीनी महिला को पहचाना गया है, जिसे संगठित चोरी और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पेरिस अभियोजक कार्यालय की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना पिछले महीने की 16 तारीख की शुरुआती सुबह घटी, जब संदिग्ध ने संग्रहालय की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर अंदर घुसपैठ की और सोने के इन दुर्लभ टुकड़ों को चुरा लिया। एएफपी (एजेंसी फ्रांस-पresse) और रॉयटर्स जैसे विश्वसनीय समाचार स्रोतों ने इस घटना की पुष्टि की है, जो फ्रांस की सांस्कृतिक धरोहर पर एक गंभीर हमला दर्शाती है।

यह चोरी न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनी, बल्कि संग्रहालयों की सुरक्षा प्रणालियों पर भी सवाल खड़े कर रही है, खासकर जब पेरिस जैसे वैश्विक पर्यटन केंद्र में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। फ्रेंच अधिकारियों ने बताया कि चुराए गए सोने के नगेट्स की कुल कीमत करीब 15 लाख यूरो (लगभग 13 करोड़ रुपये) आंकी गई है, जो सामान्य सोने की सिल्लियों से कहीं अधिक मूल्यवान हैं क्योंकि इनका ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व है। नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री, जो 1635 में स्थापित एक प्राचीन संस्थान है और पेरिस के जार्डिन डेस प्लांट्स क्षेत्र में फैला हुआ है, प्राकृतिक संसाधनों और खनिजों का एक विशाल संग्रह रखता है। इस संग्रहालय में लाखों आगंतुक हर साल आते हैं, और ये सोने के नगेट्स पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र थे।

चोरी की घटना और खोज का विवरण

चोरी की यह घटना रात के अंधेरे में अंजाम दी गई, जो संदिग्ध की योजना और साहस को दर्शाती है। पेरिस अभियोजक कार्यालय के बयान के मुताबिक, संदिग्ध ने रात करीब 1 बजे संग्रहालय में प्रवेश किया और सुबह 4 बजे के आसपास बाहर निकल गई। सिक्योरिटी कैमरा फुटेज ने इस पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें एक अकेली महिला को संग्रहालय की सीमाओं को पार करते दिखाया गया है। अगली सुबह, जब संग्रहालय के एक सफाई कर्मचारी ने प्रदर्शनी हॉल में असामान्य मलबा बिखरा पाया, तो चोरी का राज खुला। कर्मचारी ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की।

फोरेंसिक विश्लेषण ने कई महत्वपूर्ण सुराग उजागर किए। जांचकर्ताओं ने पाया कि संग्रहालय के दो मुख्य दरवाजों को एक उन्नत कटिंग टूल से काटा गया था, जो सामान्य चोरों के पास नहीं मिलता। इसके अलावा, सोने के नगेट्स को रखने वाले प्रदर्शन कक्ष का मजबूत शीशा वेल्डिंग टॉर्च की मदद से तोड़ा गया था, जो उच्च तापमान पर काम करने वाला एक पेशेवर उपकरण है। घटनास्थल के आसपास से मिले साक्ष्य काफी विस्तृत थे: एक कटिंग टूल, एक स्क्रूड्राइवर, तीन गैस कैनिस्टर जो वेल्डिंग ईंधन के लिए इस्तेमाल होते हैं, और एक विशेष प्रकार की आरी। ये सभी उपकरण संकेत देते हैं कि चोरी एक सोची-समझी और अच्छी तरह से तैयार योजना का हिस्सा थी। फ्रेंच पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएफपी को बताया कि ये टूल्स बाजार से आसानी से उपलब्ध नहीं होते, जिससे जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की संभावना भी जांच की जा रही है।

संग्रहालय की सुरक्षा व्यवस्था, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक सेंसर, सीसीटीवी और रात्रिकालीन गश्त शामिल है, को इस घटना ने चुनौती दी। हालांकि, कैमरा फुटेज ने संदिग्ध की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेषज्ञों का कहना है कि वेल्डिंग टॉर्च का उपयोग करना खतरनाक था, क्योंकि इससे आग लगने का जोखिम था, लेकिन संदिग्ध ने इसे बखूबी संभाला।

चुराए गए सोने के नगेट्स का ऐतिहासिक महत्व

इस चोरी में चुराए गए सोने के नगेट्स कोई साधारण धातु के टुकड़े नहीं थे; ये वैश्विक इतिहास की झलक पेश करने वाले दुर्लभ नमूने थे। कुल वजन लगभग 6 किलोग्राम होने के बावजूद, इनकी कीमत इतनी अधिक है क्योंकि ये प्राकृतिक रूप से पाए गए सोने के बड़े टुकड़े हैं, जो खनन और वैज्ञानिक अध्ययनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। चुराए गए प्रमुख आइटम्स इस प्रकार हैं:

  • बोलिवियाई सोने का नगेट: यह 18वीं शताब्दी में फ्रेंच एकेडमी ऑफ साइंसेज को दान किया गया था। यह नगेट दक्षिण अमेरिकी खनन इतिहास का प्रतीक है और संग्रहालय में प्रारंभिक वैज्ञानिक संग्रह का हिस्सा था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसका वजन करीब 1 किलोग्राम था और यह बोलिविया के पोटोसी खदानों से प्राप्त हुआ था, जो स्पेनिश उपनिवेशवाद के दौर की याद दिलाता है।
  • उराल पर्वतों का सोने का नगेट: 1833 में रूसी ज़ार निकोलस प्रथम ने इसे व्यक्तिगत रूप से नेशनल म्यूजियम को भेंट किया था। यह रूस के उराल क्षेत्र के समृद्ध सोने के भंडार को दर्शाता है, जो 19वीं शताब्दी में यूरोपीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले थे। इस नगेट का वजन लगभग 2 किलोग्राम था और यह भूवैज्ञानिक अध्ययनों के लिए इस्तेमाल होता रहा है।
  • कैलिफोर्निया गोल्ड रश का नगेट: 19वीं शताब्दी के अंत में अमेरिका के कैलिफोर्निया में गोल्ड रश के दौरान खोजा गया यह नगेट पश्चिमी विस्तारवाद और अमेरिकी इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवशेष है। गोल्ड रश ने लाखों लोगों को आकर्षित किया था और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बदल दिया था। इसका वजन करीब 1.5 किलोग्राम था, और यह संग्रहालय में अमेरिकी खनन प्रदर्शनी का केंद्र था।
  • ऑस्ट्रेलियाई सोने का विशाल नगेट: 1990 में ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में पाया गया यह नगेट 5 किलोग्राम से अधिक वजनी था, जो आधुनिक खनन तकनीकों का उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह नगेट संग्रहालय के हाल के अधिग्रहणों में से एक था और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाता था।

ये नगेट्स न केवल सोने की शुद्धता के कारण मूल्यवान थे, बल्कि इनकी उत्पत्ति की कहानियां वैश्विक इतिहास से जुड़ी हुई हैं। संग्रहालय के क्यूरेटरों ने बताया कि इनकी चोरी से वैज्ञानिक अनुसंधान पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि ये प्राकृतिक सोने की संरचना का अध्ययन करने के लिए उपयोगी थे। फ्रेंच कल्चर मिनिस्ट्री ने इस घटना को “सांस्कृतिक विरासत पर हमला” करार दिया है।

नुकसान का अनुमान और संग्रहालय की पृष्ठभूमि

अभियोजक कार्यालय ने चोरी के कुल नुकसान को 15 लाख यूरो आंका है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक मार्केट पर इनकी कीमत और भी अधिक हो सकती है। ये नगेट्स सामान्य सोने (जिसकी कीमत प्रति किलोग्राम करीब 60,000 यूरो है) से दोगुने मूल्यवान हैं, क्योंकि इनकी दुर्लभता और इतिहास। नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री फ्रांस का सबसे पुराना प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय है, जिसमें 68 मिलियन से अधिक नमूने संरक्षित हैं। यह संग्रहालय भूविज्ञान, खनन और प्राकृतिक संसाधनों पर केंद्रित है, और हर साल लाखों आगंतुकों को आकर्षित करता है। हाल के वर्षों में, संग्रहालय ने डिजिटल प्रदर्शनियां शुरू की हैं, लेकिन भौतिक सुरक्षा पर निवेश की कमी ने इस तरह की घटनाओं को आमंत्रित किया है। एएफपी की एक रिपोर्ट में उल्लेख है कि फ्रांस में 2024-2025 में सांस्कृतिक चोरियों की संख्या 20% बढ़ी है, जो अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं।

संदिग्ध की गिरफ्तारी और जांच की प्रक्रिया

चोरी के ठीक दो हफ्ते बाद, पिछले महीने की 30 तारीख को स्पेन के बार्सिलोना में इंटरपोल की मदद से इस 24 वर्षीय चीनी महिला को गिरफ्तार किया गया। फ्रेंच अधिकारियों ने यूरोपीय प्रत्यर्पण संधि के तहत 13 तारीख को उसे फ्रांस लाया और उसी दिन हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसियों ने पाया कि अपराध के दिन ही संदिग्ध फ्रांस से चीन लौटने की कोशिश कर रही थी, संभवत हवाई अड्डे से। गिरफ्तारी के समय उसके पास करीब 1 किलोग्राम पिघलाए हुए सोने के टुकड़े बरामद हुए, जो वह बेचने या छिपाने की कोशिश कर रही थी। फ्रेंच पुलिस ने इन टुकड़ों की फोरेंसिक जांच की, जो चुराए गए नगेट्स से मेल खाते हैं।

हालांकि, बाकी 5 किलोग्राम सोने का कोई सुराग नहीं मिला है, और अधिकारी मानते हैं कि यह या तो पिघला दिया गया होगा या अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के जरिए बेचा गया। संदिग्ध पर संगठित चोरी और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जो दर्शाता है कि वह अकेली नहीं थी। पेरिस अभियोजक कार्यालय ने अदालत में प्रारंभिक चार्ज फाइल किए हैं, और पूछताछ जारी है। एएफपी के अनुसार, संदिग्ध का आपराधिक इतिहास जांचा जा रहा है, जिसमें यूरोप में अन्य चोरियों से संभावित लिंक हो सकते हैं। फ्रेंच इंटेलिजेंस एजेंसी डीजीएसआई भी इस मामले में शामिल हो गई है, ताकि किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता का पता लगाया जा सके।

संबंधित घटनाएं और संग्रहालयों की सुरक्षा चुनौतियां

यह चोरी अकेली घटना नहीं है; फ्रांस में हाल ही में सांस्कृतिक स्थलों पर हमले बढ़े हैं। उदाहरण के लिए, 19 तारीख को लूव्र म्यूजियम से कीमती आभूषण चुराए गए, जिनके संदिग्ध अभी भी फरार हैं। फ्रांसीसी अधिकारी इन दोनों मामलों के बीच कोई कनेक्शन तलाश रहे हैं। लूव्र की निदेशक लॉरेंस दे कार्स आज (22 अक्टूबर) सीनेट कल्चर कमिटी के समक्ष पेश होंगी, जहां वे संग्रहालयों की सुरक्षा पर चर्चा करेंगी। उन्होंने कहा है कि “सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा हमारी प्राथमिकता है, लेकिन संसाधनों की कमी एक बड़ी बाधा है।”

विशेषज्ञों का विश्लेषण बताता है कि पेरिस के संग्रहालयों को आधुनिक साइबर-फिजिकल सुरक्षा सिस्टम अपनाने की जरूरत है, जैसे एआई-आधारित निगरानी और बायोमेट्रिक एक्सेस। रॉयटर्स की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप में 2025 में ही 50 से अधिक सांस्कृतिक चोरियां दर्ज की गई हैं, जिनमें से कई एशियाई तस्करी नेटवर्क से जुड़ी हैं। फ्रांस सरकार ने इस घटना के बाद संग्रहालयों के लिए अतिरिक्त फंडिंग की घोषणा की है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

यह मामला न केवल एक चोरी की कहानी है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक संपदा की सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करता है। जांच एजेंसियां लगातार अपडेट दे रही हैं, और भविष्य में चुराए गए सोने की बरामदगी की उम्मीद है। आधिकारिक स्रोतों से जुड़े रहें ताकि सटीक जानकारी मिल सके।

जानकारी एम. एस. एन. और बी. बी. सी. से एकत्र की गई है।