एनवीडिया ओपनएआई में करेगी 100 अरब डॉलर का निवेश
अमेरिकी तकनीकी दिग्गज एनविडिया ने ओपनएआई में 100 अरब डॉलर (लगभग 73 अरब पाउंड) तक का भारी-भरकम निवेश करने की घोषणा की है, जो चैटजीपीटी जैसी लोकप्रिय एआई तकनीकों के पीछे की कंपनी है। यह साझेदारी एआई के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है, जहां एनविडिया उच्च-प्रदर्शन वाले चिप्स प्रदान करेगी और दोनों कंपनियां मिलकर अगली पीढ़ी की एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेंगी, जो वैश्विक स्तर पर एआई की दौड़ को और तेज करेगी।
निवेश के मुख्य विवरण और पृष्ठभूमि
एनविडिया, जो एआई चिप्स के क्षेत्र में अग्रणी है, ने इस निवेश को “रणनीतिक साझेदारी” के रूप में वर्णित किया है। कंपनी ओपनएआई को उन हाई-परफॉर्मेंस जीपीयू चिप्स की आपूर्ति करेगी, जो एआई मॉडल्स को प्रशिक्षित करने के लिए आवश्यक भारी कंप्यूटिंग पावर प्रदान करते हैं। ओपनएआई, जो एआई रिसर्च में विशेषज्ञ है, इस निवेश का उपयोग अपने “नेक्स्ट-जेनरेशन एआई इंफ्रास्ट्रक्चर” के लिए डेटा सेंटर बनाने में करेगी। एनविडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने कहा, “यह फंडिंग इंटेलिजेंस के अगले युग को शक्ति प्रदान करेगी और एक बड़ा छलांग साबित होगी।” दोनों कंपनियां पहले से ही एक व्यापक नेटवर्क के साथ काम कर रही हैं, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल, सॉफ्टबैंक और स्टारगेट जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। यह सहयोग दुनिया का सबसे उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर केंद्रित है, जो एआई के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। ओपनएआई के पास वर्तमान में 70 करोड़ से अधिक साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, और कंपनी का मुख्य मिशन आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) विकसित करना है, जो सभी मानवता के लाभ के लिए हो। इस साझेदारी से ओपनएआई अपनी क्षमताओं को बढ़ाएगी, जैसे कि अधिक शक्तिशाली भाषा मॉडल्स और एआई एप्लिकेशंस विकसित करना। विश्वसनीय स्रोतों जैसे रॉयटर्स और ब्लूमबर्ग के अनुसार, एनविडिया के जीपीयू एआई ट्रेनिंग में 90% से अधिक बाजार हिस्सेदारी रखते हैं, जो इस निवेश को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
यह निवेश एनविडिया की हालिया निवेश श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें इंटेल में 5 अरब डॉलर का निवेश और ब्रिटेन के एआई सेक्टर में 2 अरब पाउंड का योगदान शामिल है। एनविडिया वर्तमान में दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी है, जिसका बाजार मूल्यांकन 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है। सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार बंद होने पर कंपनी के शेयरों में 4% की वृद्धि दर्ज की गई, जो निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है। ओपनएआई के सह-संस्थापक और सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा, “यह साझेदारी हमें नए एआई ब्रेकथ्रू बनाने और उन्हें बड़े पैमाने पर लोगों तथा व्यवसायों तक पहुंचाने में सक्षम बनाएगी।” कंपनी के सह-संस्थापक और प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने जोड़ा कि दोनों कंपनियां ओपनएआई के शुरुआती दिनों से ही निकटता से सहयोग कर रही हैं, जब एनविडिया के चिप्स ने चैटजीपीटी जैसे मॉडल्स को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बीबीसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनविडिया ने पिछले कुछ वर्षों में एआई हार्डवेयर में अपनी स्थिति को मजबूत किया है, और यह निवेश ओपनएआई के मूल्यांकन को 150 अरब डॉलर से अधिक बढ़ा सकता है।
वैश्विक एआई रेस में चुनौतियां और चीन का उदय
वैश्विक एआई बाजार में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा रहा है, लेकिन चीन से मजबूत चुनौती मिल रही है। खासकर, डीपसीक-आर1 जैसे चीनी एआई मॉडल्स तेजी से उभर रहे हैं, जो ओपनएआई के जीपीटी सीरीज को टक्कर दे सकते हैं। चीन ने हाल ही में एनविडिया पर एंटी-मोनोपॉली कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया, हालांकि विशिष्ट विवरण नहीं दिए गए। इसके अलावा, चीन ने अपनी प्रमुख टेक कंपनियों को एनविडिया के एआई चिप्स खरीदने से रोकने का आदेश जारी किया। जेन्सेन हुआंग ने बीबीसी से बातचीत में इस फैसले को “निराशाजनक” बताया और कहा कि कंपनी वैश्विक व्यापार नियमों का पालन करती है। अमेरिकी सरकार ने भी चीन को उन्नत एआई चिप्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था, जिसे हटाने के लिए एनविडिया और उसके प्रतिद्वंद्वी एएमडी ने चीनी राजस्व का 15% अमेरिकी सरकार को देने पर सहमति व्यक्त की। फॉर्च्यून मैगजीन के अनुसार, चीन का एआई बाजार 2025 तक 100 अरब डॉलर से अधिक का हो सकता है, जो अमेरिकी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। एनविडिया को इन नियामकीय दबावों का सामना करते हुए अपनी वैश्विक स्थिति बनाए रखनी होगी।
चुनौतियां, भविष्य की योजनाएं और व्यापक प्रभाव
एनविडिया को चीन और अमेरिका दोनों सरकारों से लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जो एआई चिप्स की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकता है। फिर भी, कंपनी एआई के क्षेत्र में नवाचार जारी रख रही है, जैसे कि नए जीपीयू आर्किटेक्चर विकसित करना जो ऊर्जा-कुशल और अधिक शक्तिशाली हों। ओपनएआई ने घोषणा की कि साझेदारी के विस्तृत विवरण आने वाले हफ्तों में अंतिम रूप दिए जाएंगे, जिसमें डेटा सेंटर के स्थान, तकनीकी एकीकरण और सुरक्षा उपाय शामिल हो सकते हैं। स्टेटिस्टा के डेटा के अनुसार, वैश्विक एआई बाजार 2025 तक 300 अरब डॉलर से अधिक का हो जाएगा, और इस निवेश से एनविडिया और ओपनएआई बाजार के बड़े हिस्से पर कब्जा कर सकते हैं। यह साझेदारी न केवल तकनीकी उन्नति को बढ़ावा देगी, बल्कि एआई के नैतिक उपयोग, डेटा गोपनीयता और वैश्विक पहुंच पर भी प्रभाव डालेगी। ओपनएआई की मिशन स्टेटमेंट के अनुसार, एजीआई का विकास सभी मानवता के लाभ के लिए होना चाहिए, और एनविडिया का समर्थन इसमें मददगार साबित होगा। हालांकि, विशेषज्ञों जैसे कि एमआईटी के शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसे बड़े निवेश से एआई की असमानता बढ़ सकती है, जहां केवल कुछ कंपनियां ही प्रमुख संसाधनों पर नियंत्रण रखेंगी। कुल मिलाकर, यह घोषणा एआई के भविष्य को आकार देने वाली है, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा और नियामकीय बाधाओं को ध्यान में रखना आवश्यक होगा।
