नोबेल पुरस्कार 2025 विजेताओं की सूचीः सभी श्रेणियों के विजेताओं के नाम देखें (अपडेट किया गया)
नोबेल पुरस्कार दुनिया का सबसे सम्मानजनक और प्रतिष्ठित पुरस्कार है, जो हर साल उन व्यक्तियों या संगठनों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने मानवता के लिए सबसे बड़ा लाभ पहुंचाया हो। यह पुरस्कार स्वीडिश वैज्ञानिक, इंजीनियर और आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की 1895 की वसीयत के अनुसार स्थापित किए गए थे, और पहली बार 1901 में वितरित हुए। 2025 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 6 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और 13 अक्टूबर तक चलेगी, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं का खुलासा किया जा रहा है। यह प्रक्रिया नोबेल फाउंडेशन द्वारा आयोजित की जाती है, जो स्टॉकहोम में स्थित है और पुरस्कारों को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। नोबेल जीतना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक, साहित्यिक और सामाजिक योगदानों को मान्यता देती है, जो मानव इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है।
नोबेल पुरस्कार क्या हैं?
नोबेल पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक हैं, जो मानवता के लिए महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक योगदान देने वाले व्यक्तियों, वैज्ञानिकों या संगठनों को दिए जाते हैं। अल्फ्रेड नोबेल, जो डायनामाइट के आविष्कारक थे, ने अपनी वसीयत में अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा इन पुरस्कारों के लिए दान किया, ताकि वे उन लोगों को सम्मानित करें जो “मानवजाति के लिए सबसे बड़ा लाभ” प्रदान करें। प्रत्येक विजेता को एक सोने का पदक, एक विशेष डिप्लोमा और नकद पुरस्कार प्राप्त होता है, जो 2023 में लगभग 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक) था। आमतौर पर, प्रत्येक पुरस्कार को अधिकतम तीन व्यक्ति साझा कर सकते हैं, लेकिन शांति पुरस्कार को संगठनों को भी प्रदान किया जा सकता है, जैसे कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों को पहले दिया गया है। ये पुरस्कार स्टॉकहोम में दिए जाते हैं, सिवाय शांति पुरस्कार के जो ओस्लो, नॉर्वे में वितरित होता है। नोबेल पुरस्कार न केवल वैज्ञानिक प्रगति को बढ़ावा देते हैं, बल्कि वे सामाजिक न्याय, साहित्यिक उत्कृष्टता और शांति प्रयासों को भी प्रोत्साहित करते हैं।
नोबेल पुरस्कार की श्रेणियां
अल्फ्रेड नोबेल की मूल वसीयत में पांच क्षेत्रों का उल्लेख था—भौतिकी, रसायन विज्ञान, फिजियोलॉजी या चिकित्सा, साहित्य और शांति—लेकिन 1968 में स्वीडन के सेंट्रल बैंक (रिक्सबैंक) द्वारा आर्थिक विज्ञान श्रेणी को अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में जोड़ा गया। आज, छह श्रेणियों में नोबेल पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं, जो विज्ञान से लेकर सामाजिक मुद्दों तक फैले हुए हैं:
- भौतिकी: प्रकृति, ब्रह्मांड और मूलभूत भौतिक नियमों में क्रांतिकारी खोजों और सिद्धांतों के लिए, जो क्वांटम यांत्रिकी से लेकर ब्रह्मांडीय संरचनाओं तक का विस्तार करती हैं।
- रसायन विज्ञान: रासायनिक विज्ञान में असाधारण उपलब्धियों के लिए, जैसे नई सामग्रियों का विकास या आणविक प्रक्रियाओं की समझ, जो दैनिक जीवन से लेकर औद्योगिक अनुप्रयोगों तक प्रभावित करती हैं।
- फिजियोलॉजी या चिकित्सा: मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाली खोजों के लिए, विशेष रूप से रोगों की रोकथाम, उपचार और जैविक प्रक्रियाओं की समझ से संबंधित।
- साहित्य: उत्कृष्ट साहित्यिक कार्यों के लिए, जो मानवीय अनुभव, संस्कृति और समाज की गहराई को दर्शाते हों, और वैश्विक पाठकों को प्रेरित करें।
- शांति: शांति को बढ़ावा देने, संघर्षों को सुलझाने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रयासों के लिए, जो युद्ध, तानाशाही और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ लड़ाई को सम्मानित करता है।
- आर्थिक विज्ञान: आर्थिक सिद्धांतों, नीतियों और बाजार गतिशीलताओं में महत्वपूर्ण योगदानों के लिए, जो गरीबी, असमानता और आर्थिक स्थिरता जैसे मुद्दों को संबोधित करते हैं। ये श्रेणियां नोबेल की दृष्टि को प्रतिबिंबित करती हैं, जो मानव प्रगति के विभिन्न आयामों को कवर करती हैं।
नोबेल पुरस्कार 2025 विजेताओं की सूची
2025 के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा 6 से 13 अक्टूबर तक हो रही है, जो मानवता पर सकारात्मक और दूरगामी प्रभाव डालने वाले योगदानों का जश्न मनाती है। यह वर्ष वैज्ञानिक नवाचारों से लेकर लोकतांत्रिक संघर्षों तक के विविध क्षेत्रों को कवर करता है, और प्रत्येक घोषणा वैश्विक ध्यान का केंद्र बनी। अनुसूची और विवरण इस प्रकार हैं:
| श्रेणी | तिथि | प्रस्तुत करने वाला संगठन | विजेता | पुरस्कार का कारण |
| फिजियोलॉजी या चिकित्सा | 6 अक्टूबर | करोलिंस्का इंस्टीट्यूट, सोलना का नोबेल असेंबली | मैरी ई. ब्रंकॉ, फ्रेड राम्सडेल और शिमोन साकागुची | पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस से संबंधित खोजों के लिए, जो इम्यून सिस्टम को शरीर पर हमला करने से रोकती हैं। |
| भौतिकी | 7 अक्टूबर | रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज, स्टॉकहोम | जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस | इलेक्ट्रिक सर्किट में मैक्रोस्कोपिक क्वांटम मैकेनिकल टनलिंग और एनर्जी क्वांटाइजेशन की खोज के लिए। |
| रसायन विज्ञान | 8 अक्टूबर | रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज, स्टॉकहोम | सुसुमु किटागावा, रिचर्ड रॉबसन और ओमार एम. यागी | मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स (MOFs) के विकास के लिए, जो छिद्रपूर्ण सामग्रियों की नई पीढ़ी हैं। |
| साहित्य | 9 अक्टूबर | स्वीडिश एकेडमी, स्टॉकहोम | लास्ज़्लो क्रास्नाहोर्काई | उनके आकर्षक और दृष्टिपूर्ण साहित्यिक कार्यों के लिए, जो प्रलयंकारी आतंक के बीच कला की शक्ति को पुष्ट करता है। |
| शांति | 10 अक्टूबर | नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी, ओस्लो | मारिया कोरिना माचाडो | वेनेजुएला के लोगों के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र की न्यायपूर्ण शांतिपूर्ण संक्रमण के लिए संघर्ष के लिए। |
| आर्थिक विज्ञान | 13 अक्टूबर | रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज, स्टॉकहोम | घोषणा लंबित (11:45 AM GMT पर अपेक्षित) | घोषणा लंबित; यह पुरस्कार आर्थिक नीतियों और वैश्विक असमानताओं पर केंद्रित होने की संभावना है। |
2025 में फिजियोलॉजी या चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार किसे मिला?
2025 का नोबेल पुरस्कार फिजियोलॉजी या चिकित्सा में अमेरिकी जीवविज्ञानी मैरी ई. ब्रंकॉ (जन्म 1961), फ्रेड राम्सडेल (जन्म 1960) और जापानी जीवविज्ञानी शिमोन साकागुची को प्रदान किया गया, जिनकी खोजों ने पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस को समझने में क्रांति ला दी। ब्रंकॉ, जो इंस्टीट्यूट फॉर सिस्टम्स बायोलॉजी, सिएटल में सीनियर प्रोग्राम मैनेजर हैं, ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से मॉलिक्यूलर बायोलॉजी में डॉक्टरेट प्राप्त की है। राम्सडेल, जो सोनोमा बायोथेरेप्यूटिक्स, सैन फ्रांसिस्को में साइंटिफिक एडवाइजर हैं, ने यूसीएलए से माइक्रोबायोलॉजी में डॉक्टरेट किया। साकागुची ने नियामक टी कोशिकाओं (Tregs) और FOXP3 जीन की भूमिका को पहचाना, जो इम्यून सिस्टम को संतुलित रखकर ऑटोइम्यून बीमारियों को रोकती हैं। उनकी खोजों ने मल्टीपल स्क्लेरोसिस, टाइप 1 डायबिटीज, रूमेटॉइड आर्थराइटिस और कैंसर जैसे रोगों के लिए नई इम्यूनोथेरेपी विकसित करने का आधार तैयार किया है। यह कार्य इम्यूनोलॉजी के एक नए क्षेत्र की नींव रखता है, जो प्रत्यारोपण अस्वीकृति को कम करने और एलर्जी उपचारों में भी उपयोगी साबित हो रहा है। इन खोजों का प्रभाव चिकित्सा विज्ञान पर दीर्घकालिक रहेगा, क्योंकि वे मानव स्वास्थ्य की रक्षा के लिए इम्यून सिस्टम की जटिलताओं को उजागर करती हैं।
2025 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार किसे मिला?
2025 का नोबेल पुरस्कार भौतिकी में जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया, जिन्होंने इलेक्ट्रिक सर्किट में मैक्रोस्कोपिक क्वांटम मैकेनिकल टनलिंग और एनर्जी क्वांटाइजेशन की खोज की। क्लार्क, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले के प्रोफेसर, ने 1980 के दशक में सुपरकंडक्टिंग जंक्शनों पर प्रयोग किए। डेवोरेट, येल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, ने क्वांटम सर्किट्स में ऊर्जा स्तरों को मापा। मार्टिनिस, जो गूगल के क्वांटम एआई लैब से जुड़े हैं, ने क्वांटम बिट्स (क्यूबिट्स) के विकास में योगदान दिया। उनकी खोजों ने सुपरकंडक्टिंग चिप्स पर क्वांटम प्रभावों को प्रदर्शित किया, जहां बड़े सर्किट्स में कण टनलिंग के माध्यम से ऊर्जा अवशोषित या उत्सर्जित करते हैं। यह कार्य क्वांटम कंप्यूटिंग की नींव रखता है, जो क्लासिकल कंप्यूटर्स से कहीं अधिक शक्तिशाली गणनाओं को सक्षम बनाता है, जैसे जटिल सिमुलेशन और क्रिप्टोग्राफी। इन प्रयोगों ने साबित किया कि क्वांटम यांत्रिकी केवल सूक्ष्म स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावहारिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों में लागू हो सकती है। भविष्य में, यह क्वांटम सेंसर और सुरक्षित संचार प्रणालियों के विकास को गति देगा।
2025 में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार किसे मिला?
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने 2025 का नोबेल पुरस्कार रसायन विज्ञान में जापानी वैज्ञानिक सुसुमु किटागावा, ऑस्ट्रेलियाई रिचर्ड रॉबसन और अमेरिकी-जॉर्डनियन ओमार एम. यागी को प्रदान किया, जिन्होंने मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स (MOFs) विकसित किए। किटागावा, क्योटो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, ने 1990 के दशक में लचीली MOFs डिजाइन कीं। रॉबसन, जो सिडनी यूनिवर्सिटी से सेवानिवृत्त हैं, ने MOFs की मूल अवधारणा प्रस्तुत की। यागी, यूसीएलए के प्रोफेसर, ने MOFs को क्रिस्टल संरचनाओं में परिवर्तित किया। MOFs अत्यधिक छिद्रपूर्ण सामग्रियां हैं, जिनकी सतह क्षेत्र एक टेनिस कोर्ट जितनी बड़ी हो सकती है, जो अणुओं को जाल में फंसाने की अनुमति देती हैं। इनका उपयोग गैस भंडारण (जैसे हाइड्रोजन और मीथेन), कार्बन डाइऑक्साइड शुद्धिकरण, उत्परण (कैटालिसिस) और दवा वितरण में हो रहा है। पर्यावरणीय अनुप्रयोगों में, MOFs जल शुद्धिकरण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपयोगी हैं, जबकि ऊर्जा क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन स्टोरेज को बढ़ावा देते हैं। उनकी खोज रसायन विज्ञान को नई दिशा दे रही है, जो सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी।
2025 में साहित्य में नोबेल पुरस्कार किसे मिला?
2025 का नोबेल पुरस्कार साहित्य में हंगेरियन लेखक लास्ज़्लो क्रास्नाहोर्काई को प्रदान किया गया, “उनके आकर्षक और दृष्टिपूर्ण साहित्यिक कार्यों के लिए, जो प्रलयंकारी आतंक के बीच कला की शक्ति को पुष्ट करता है।” क्रास्नाहोर्काई, जन्म 1954 में, अपने लंबे, जटिल वाक्यों और आधुनिक जीवन की अराजकता पर केंद्रित उपन्यासों के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके प्रमुख कार्यों में “सतान्तांगो” (1985) और “द मेलान्कोली ऑफ रेसिस्टेंस” (1986) शामिल हैं, जो ग्रामीण हंगरी की सड़ांध और सामाजिक पतन को चित्रित करते हैं। वे निर्देशक बेला तार के साथ पटकथा लिखते हैं, जैसे “वर्किंग द बर्ड्स” (1988), जो उनकी दार्शनिक शैली को फिल्म माध्यम में जीवंत करती है। क्रास्नाहोर्काई को “आपदा का लेखक” कहा जाता है, क्योंकि उनके लेखन में मानवता के पतन, धार्मिक खोज और अस्तित्वीय संकट प्रमुख हैं। स्वीडिश एकेडमी ने उनकी रचनाओं को हंगेरियन साहित्य की समृद्ध परंपरा का प्रतिनिधित्व बताया, जो वैश्विक चुनौतियों को प्रतिबिंबित करती है। उनके कार्यों का अनुवाद 30 से अधिक भाषाओं में हो चुका है, जो पाठकों को गहन चिंतन के लिए प्रेरित करते हैं।
2025 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार किसे मिला?
2025 का नोबेल पुरस्कार शांति में वेनेजुएला की विपक्ष नेता मारिया कोरिना माचाडो को प्रदान किया गया, जिन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र की न्यायपूर्ण शांतिपूर्ण संक्रमण के लिए अथक संघर्ष किया। माचाडो, जन्म 1967 में, एक इंजीनियर और राजनीतिज्ञ हैं, जिन्होंने 2010 से वेनेजुएला के विभाजित विपक्ष को एकजुट किया। उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में उम्मीदवारी की, लेकिन सरकारी दमन का सामना किया, फिर भी स्वतंत्र चुनावों की मांग जारी रखी। नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी ने उन्हें “राजनीतिक विपक्ष की एकजुट करने वाली प्रमुख आकृति” कहा, जो तानाशाही के विस्तार के बावजूद शांति और लोकतंत्र की रक्षा करती हैं। वेनेजुएला, जो आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघनों से जूझ रहा है, में उनका कार्य नागरिक साहस का प्रतीक है। यह पुरस्कार वैश्विक स्तर पर तानाशाही विरोधी आंदोलनों को प्रोत्साहन देता है, विशेष रूप से जहां चुनावी धांधली और दमन आम हैं। माचाडो ने कहा, “वेनेजुएला स्वतंत्र होगा,” जो उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
अल्फ्रेड नोबेल पुरस्कार का इतिहास क्या है?
अल्फ्रेड नोबेल का जन्म 21 अक्टूबर 1833 को स्टॉकहोम, स्वीडेन में एक गरीब परिवार में हुआ था। बचपन में ही वे रसायन विज्ञान और इंजीनियरिंग में रुचि लेने लगे, और रूस में अपने पिता के साथ काम किया। उन्होंने 355 पेटेंट प्राप्त किए, जिसमें 1867 में डायनामाइट का आविष्कार प्रमुख था, जो उन्हें धनवान बना दिया लेकिन “मृत्यु का व्यापारी” की उपाधि भी दिलाई। 1888 में, जब उनके भाई की मृत्यु पर अखबार ने गलती से अल्फ्रेड की मृत्यु की खबर छापी और उन्हें विस्फोटकों के लिए दोषी ठहराया, तो वे गहराई से आहत हुए। इस घटना ने उन्हें सकारात्मक विरासत छोड़ने के लिए प्रेरित किया, और उन्होंने शांति तथा विज्ञान के पक्षधर बनने का फैसला किया। 1895 में पेरिस में लिखी गई अपनी वसीयत में, नोबेल ने अपनी कुल संपत्ति (लगभग 31 मिलियन स्वीडिश क्रोना) का 94% नोबेल फाउंडेशन के लिए दान किया। नोबेल की मृत्यु 10 दिसंबर 1896 को हुई, और 1901 में पहला पुरस्कार वितरित किया गया। नोबेल फाउंडेशन ने फंड का प्रबंधन किया, और पुरस्कारों को विभिन्न अकादमियों को सौंपा गया। समय के साथ, पुरस्कारों की संख्या बढ़ी, और वे वैश्विक मानदंड बन गए।
नोबेल पुरस्कार क्यों महत्वपूर्ण है?
नोबेल पुरस्कार विज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र में मान्यता का सर्वोच्च शिखर है, जो नवाचारों को वैश्विक पटल पर लाता है। यह पुरस्कार वैज्ञानिक खोजों, साहित्यिक रचनाओं और शांति प्रयासों को प्रोत्साहित करता है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आते हैं। उदाहरण के लिए, चिकित्सा पुरस्कारों ने टीकों और उपचारों का विकास किया, जबकि शांति पुरस्कारों ने संघर्षों को समाप्त करने में मदद की। यह मानव जीवन को बेहतर बनाने वाले कार्यों—जैसे पर्यावरण संरक्षण, गरीबी उन्मूलन और सांस्कृतिक संवाद—का सम्मान करता है। नोबेल विजेता आने वाली पीढ़ियों के वैज्ञानिकों, लेखकों, अर्थशास्त्रियों और नेताओं को प्रेरित करते हैं, जो शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देते हैं। अब तक, 1901 से 2025 तक 1,000 से अधिक व्यक्ति और संगठन नोबेल प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें से कुछ, जैसे लीनस पॉलिंग, को दो बार सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार विवादास्पद भी रहा है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता और प्रभाव इसे अमूल्य बनाते हैं।
