क्रिकेटखबरें.खेलकूददुनिया

एशेज दूसरा टेस्ट: मिशेल स्टार्क ने वसीम अकरम के रिकॉर्ड को तोड़ा

ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ मिशेल स्टार्क ने एशेज की दूसरी टेस्ट मैच में वसीम अकरम का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ के रूप में इतिहास रच दिया। गाबा में खेले जा रहे इस डे-नाइट टेस्ट में इंग्लैंड के बल्लेबाज़ हैरी ब्रूक का विकेट लेते ही स्टार्क 415 टेस्ट विकेट पर पहुंच गए, जबकि अकरम के कुल 414 विकेट थे।​

रिकॉर्ड बनाने वाला विकेट

यह ऐतिहासिक पल इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान आया, जब हैरी ब्रूक 31 रन बनाकर क्रीज़ पर जम चुके थे और तेजी से रन बना रहे थे। स्टार्क ने ऑफ स्टंप के बाहर फुल और वाइड गेंद फेंकी, जिस पर ब्रूक ने ड्राइव खेला, लेकिन गेंद ने बल्ले का किनारा लिया और पहली स्लिप पर खड़े स्टीव स्मिथ ने आसान कैच में उसे बदल दिया। इस एक विकेट ने न केवल इंग्लैंड की गति पर ब्रेक लगाया, बल्कि दशकों से कायम वसीम अकरम का रिकॉर्ड भी गिरा दिया और गाबा की रात का माहौल पूरी तरह स्टार्क के नाम हो गया।​

वसीम अकरम को पीछे छोड़ते स्टार्क

मिशेल स्टार्क अब टेस्ट क्रिकेट में बाएं हाथ के पेसरों की सूची में सबसे ऊपर हैं, उनके नाम 415 विकेट दर्ज हो चुके हैं, जबकि वसीम अकरम 414 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। अकरम ने यह उपलब्धि 104 टेस्ट में हासिल की थी, जबकि स्टार्क ने 102वें टेस्ट में ही उन्हें पीछे छोड़ दिया, जो उनकी निरंतरता और फिटनेस दोनों को दर्शाता है। इसी सूची में चामिंडा वास (355), ट्रेंट बोल्ट (317) और मिशेल जॉनसन (313) जैसे दिग्गज भी शामिल हैं, लेकिन अब स्टार्क ने सभी को काफी पीछे छोड़ दिया है और खुद को अलग स्तर पर स्थापित कर लिया है।​

‘किंग ऑफ पिंक बॉल’ की पहचान पक्की

यह मैच डे-नाइट टेस्ट था और पिंक बॉल से मिचेल स्टार्क का दबदबा पहले से ही विश्व क्रिकेट में एक मिसाल माना जाता है, इसी वजह से कमेंटेटर ईशा गुहा ने उन्हें मज़ाकिया लेकिन सम्मानजनक अंदाज़ में ‘किंग ऑफ पिंक-बॉल क्रिकेट’ कहा। सांझ के रोशनी और पिंक बॉल के साथ उनकी स्विंग और बाउंस की क्षमता बल्लेबाज़ों के लिए हमेशा से परेशानी का सबब रही है, और इस मैच में भी शुरुआती ओवरों में उन्होंने इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर पर लगातार दबाव बनाया। पिंक बॉल टेस्टों में स्टार्क पहले ही 80 से अधिक विकेट ले चुके हैं और उनका औसत पारंपरिक रेड बॉल की तुलना में काफी बेहतर रहा है, जिससे उनकी विशेषता और भी स्पष्ट हो जाती है।​

एशेज और गाबा से स्टार्क का खास रिश्ता

एशेज सीरीज़ हमेशा से ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ों के लिए खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मंच रही है और स्टार्क ने कई बार इस मुक़ाबले में मैच का रुख अपनी स्पेल से बदल दिया है। गाबा का यह मैदान भी उनके करियर में खास जगह रखता है, जहां उन्होंने डे-नाइट टेस्टों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को मज़बूत शुरुआत दिलाई है। रिकॉर्ड तोड़ने वाला यह विकेट भी गाबा की उसी परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें स्टार्क नई गेंद से विपक्षी टीम की कमर तोड़ने के लिए जाने जाते हैं।​

करियर की विरासत और आगे का सफर

स्टार्क पहले से ही आधुनिक दौर के सबसे खतरनाक तेज़ गेंदबाज़ों में गिने जाते हैं और अब यह रिकॉर्ड उनकी विरासत को और मज़बूत बनाता है। 400 से अधिक टेस्ट विकेट के साथ-साथ वे सीमित ओवरों में भी ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच विनर रहे हैं, जिससे उन्हें ऑल-फॉर्मेट स्टार की पहचान मिली है। टेस्ट इतिहास में कुल विकेटों की सूची में वे अब और ऊपर चढ़ने की स्थिति में हैं, और विशेषज्ञों का मानना है कि फिटनेस साथ दे तो वे आने वाले वर्षों में 450 या 500 विकेट के आंकड़े के भी करीब पहुंच सकते हैं, जिससे उनका नाम महान तेज़ गेंदबाज़ों की पहली कतार में स्थायी तौर पर दर्ज हो जाएगा।