मिस यूनिवर्स के दो जजों ने स्कैंडल के बीच कॉम्पिटिशन छोड़ दिया; उनमें से एक ने आरोप लगाया कि इवेंट में धांधली हुई है।
मिस यूनिवर्स 2025 प्रतियोगिता से कुछ ही दिन पहले दो प्रमुख जजों के इस्तीफे ने पहले से चल रहे विवादों को और गहरा कर दिया है। लेबनानी-फ्रेंच संगीतकार और कंपोजर ओमर हारफूश ने 19 नवंबर 2025 को इस्तीफा देते हुए आयोजकों पर “फाइनलिस्ट चुनने की प्रक्रिया में धांधली” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया को गुप्त तरीके से “गैर-आधिकारिक जूरी” द्वारा संचालित किया गया, जिससे असली निर्णायकों को पूरी तरह बाहर रखा गया। कुछ ही घंटे बाद फ्रांसीसी फुटबॉल स्टार क्लॉड माकेल्ले ने भी “निजी कारणों” का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया, हालांकि इस्तीफों का यह समय आयोजन के अंदर गहरे संकट की ओर संकेत करता है।
74वां मिस यूनिवर्स संस्करण 21 नवंबर 2025 को थाईलैंड के बैंकॉक स्थित इम्पैक्ट एरीना में आयोजित होने वाला है, जिसमें 136 देशों की प्रतिभागी शामिल हैं। वर्तमान मिस यूनिवर्स डेनमार्क की विक्टोरिया क्याजर थेइलविग हैं। 2023 से जेकेएन ग्लोबल ग्रुप के स्वामित्व में आने के बाद से यह कार्यक्रम विविधता, सशक्तिकरण और सामाजिक प्रभाव पर जोर दे रहा था, लेकिन हालिया घटनाओं ने इसकी प्रतिष्ठा पर गहरी चोट पहुंचाई है।
ओमर हारफूश के आरोप: “धांधली और अपारदर्शिता”
ओमर हारफूश, जो एक प्रसिद्ध पियानोवादक, संगीत निर्माता और मानवतावादी हैं, ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए इस्तीफा देते हुए कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर जाना कि कोई “अचानक गठित जूरी” 136 प्रतिभागियों में से शीर्ष 30 चुनने का काम कर रही थी, जिसमें असली जज शामिल नहीं थे। हारफूश ने आरोप लगाया कि इस अनौपचारिक जूरी में ऐसे लोग थे जिनके कुछ प्रतियोगियों से नजदीकी संबंध थे—जिससे हितों का बड़ा टकराव होता है।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस मुद्दे पर मिस यूनिवर्स पदाधिकारियों से बात की, तो उन्हें आक्रामक रवैये का सामना करना पड़ा और उन्होंने इसे “भ्रम और छल” करार देते हुए तुरंत इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया ने उनके पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचाया और अब वह कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें “धोखाधड़ी, सत्ता का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, अनुबंध उल्लंघन और मानसिक क्षति” जैसी धाराएँ शामिल हो सकती हैं।
क्लॉड माकेल्ले का अचानक निर्णय
52 वर्षीय क्लॉड माकेल्ले ने भी 19 नवंबर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने “निजी कारणों” से यह कठिन निर्णय लिया है। उन्होंने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह “सशक्तिकरण, विविधता और उत्कृष्टता” का प्रतीक है। हालांकि उन्होंने हारफूश के आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनके इस्तीफे का समय विवाद से जुड़ा माना जा रहा है। उनके कदम से पेजेंट की विश्वसनीयता को लेकर और सवाल उठे हैं।
तीसरी जज प्रिंसेस कैमिला का प्रस्थान
इसी बीच, इटली की राजकुमारी कैमिला दी बोरबोन डेल्ले दूए सिसिली — जो चयन समिति की अध्यक्ष थीं — ने भी 20 नवंबर को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने “व्यक्तिगत कारणों” का हवाला दिया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय भी पिछले दो इस्तीफों से जुड़े दबाव के बीच लिया गया। उनके चले जाने से निर्णायक मंडल को पुनर्गठित करना पड़ा है।
मिस यूनिवर्स संगठन की सफाई
ओमर हारफूश के आरोपों के बाद मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइज़ेशन (MUO) ने 19 नवंबर को एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि किसी “गैर-आधिकारिक जूरी” का अस्तित्व नहीं है और सभी चयन “स्थापित नियमों के तहत पारदर्शिता” से किए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हारफूश जिस “बियॉन्ड द क्राउन” कार्यक्रम की बात कर रहे थे, वह एक अलग सामाजिक पहल है, जिसका मुख्य प्रतियोगिता से कोई संबंध नहीं है।
MUO ने उनके बयानों को “भ्रामक व्याख्या” बताया और कहा कि वे उनके इस्तीफे का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें भविष्य में मिस यूनिवर्स के नाम या ट्रेडमार्क का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। संगठन ने यह भी कहा कि प्रतियोगिता नियोजित समय पर जारी रहेगी और नया निर्णायक पैनल तैयार कर लिया गया है।
पहले से चल रहे विवाद
इससे पहले 5 नवंबर को बैंकॉक में आयोजित सैशिंग समारोह के दौरान मिस यूनिवर्स थाईलैंड निदेशक नावत इट्साराग्रिसिल द्वारा मिस मेक्सिको फातीमा बॉश को “नासमझ” कहने पर हंगामा मच गया था। इस अपमानजनक बयान के बाद बॉश और कई अन्य प्रतिभागियों ने मंच से वॉकआउट किया। वीडियो वायरल होने के बाद मिस यूनिवर्स प्रबंधन ने इट्साराग्रिसिल की भागीदारी सीमित कर दी।
थाईलैंड पुलिस ने हाल ही में एक प्रमोशनल विवाद की जांच भी शुरू की है, जिसमें एक ऑनलाइन जुए वाली वेबसाइट से संभावित संबंधों के आरोप हैं। संगठन ने इसमें किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है।
आगे का रास्ता
अब जब 21 नवंबर को फाइनल मुकाबला होगा, तो यह कार्यक्रम विवादों के साए में आयोजित होगा। मुख्य प्रतियोगिताएं — स्विमसूट, ईवनिंग गाउन और प्रश्नोत्तर — ज्यूरी द्वारा “आत्मविश्वास, बुद्धिमत्ता और सामाजिक अभियान” पर आधारित होंगी। यद्यपि दर्शक संख्या प्रभावित हो सकती है, आयोजक पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करने की कोशिश में लगे हैं।
ये घटनाएं सौंदर्य प्रतियोगिताओं के भीतर पारदर्शिता, निष्पक्षता और नैतिक जिम्मेदारी पर चल रही वैश्विक बहस को और तेज करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए स्वतंत्र ऑडिट और नियमों में सुधार आवश्यक हैं।
