सीधे मैचों की सिफारिश करने वाला मेटा का एआई पहला
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब परफेक्ट ब्लाइंड डेट्स सेट करने में मदद करेगी, जो डेटिंग की दुनिया में एक बड़ा बदलाव है। 22 सितंबर 2025 को, मेटा ने अपनी फेसबुक डेटिंग सर्विस में एआई-आधारित “डेटिंग असिस्टेंट” फीचर लॉन्च किया है, जो यूजर्स की प्रोफाइल जानकारी के आधार पर मैच सुझाएगी और उन्हें कनेक्ट करेगी।
डेटिंग असिस्टेंट फीचर की विस्तृत कार्यप्रणाली
यह फीचर एक इंटेलिजेंट चैटबॉट के रूप में काम करता है, जो यूजर्स के अपलोड किए गए प्रोफाइल डेटा, जैसे उम्र, लोकेशन, इंटरेस्ट्स और करियर को एनालाइज करके मैच ढूंढता है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई यूजर चैटबॉट से कहता है, “मुझे न्यूयॉर्क में रहने वाली, टेक इंडस्ट्री में काम करने वाली और हाइकिंग पसंद करने वाली महिला ढूंढो,” तो एआई तुरंत उपयुक्त प्रोफाइल्स को स्कैन करके सिफारिश करेगी। यह सिर्फ मैच सुझाने तक सीमित नहीं है; एआई यूजर्स को उनकी प्रोफाइल को बेहतर बनाने के टिप्स भी देती है, जैसे बेहतर फोटो चुनना, बायो को आकर्षक बनाना या इंटरेस्ट्स को हाइलाइट करना। मेटा के आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए काम करता है और केवल सहमति प्राप्त डेटा का उपयोग करता है।
इसके अलावा, “मीट क्यूट” नाम का एक अनोखा फीचर जोड़ा गया है, जो हर हफ्ते एल्गोरिदम के आधार पर सरप्राइज मैच दिखाता है। यह एल्गोरिदम यूजर्स के पिछले इंटरैक्शंस, लाइक्स और व्यवहार पैटर्न को स्टडी करके सिफारिशें करता है, लेकिन मेटा ने इसके तकनीकी डिटेल्स को गुप्त रखा है ताकि दुरुपयोग न हो। टेकक्रंच की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यह फीचर पारंपरिक स्वाइपिंग सिस्टम से अलग है और यूजर्स को कम प्रयास में बेहतर मैच प्रदान कर सकता है (स्रोत: टेकक्रンチ, 23 सितंबर 2025)। ये फीचर्स सबसे पहले अमेरिका और कनाडा में उपलब्ध होंगे, जहां मेटा टेस्टिंग के बाद उन्हें विस्तारित करेगी। कनाडा में रोलआउट खासतौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां डेटिंग ऐप्स की लोकप्रियता बढ़ रही है, और स्टेटिस्टा की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में कनाडाई डेटिंग मार्केट का मूल्य 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है।
डेटिंग इंडस्ट्री में एआई का ऐतिहासिक महत्व
यह पहली बार नहीं है जब एआई डेटिंग ऐप्स में इस्तेमाल हो रही है, लेकिन मेटा का अप्रोच अनोखा है क्योंकि यह सीधे मैच कनेक्ट करता है। पहले, कंपनियां जैसे टिंडर या बंबल एआई को सिर्फ प्रोफाइल एन्हांसमेंट, डेट लोकेशन सुझाव या कन्वर्सेशन स्टार्टर्स के लिए इस्तेमाल करती थीं। फोर्ब्स की एक स्टडी में कहा गया है कि 2024 तक, 70% डेटिंग ऐप्स ने एआई इंटीग्रेशन शुरू किया था, लेकिन मेटा का फीचर इसे अगले स्तर पर ले जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव यूजर्स की थकान को कम करेगा, जो अक्सर हजारों प्रोफाइल्स स्क्रॉल करने से परेशान होते हैं।
डेटिंग ऐप्स की गिरावट और बाजार की चुनौतियां
मेटा का यह कदम कोविड-19 के बाद डेटिंग ऐप्स की गिरावट से प्रेरित है। महामारी के दौरान ऑनलाइन डेटिंग में उछाल आया था, लेकिन अब लोग ऑफलाइन मैचमेकिंग को तरजीह दे रहे हैं। एक सर्वे में पाया गया कि 60% यूजर्स डेटिंग ऐप्स से “स्वाइप फटीग” महसूस करते हैं (स्रोत: प्यू रिसर्च सेंटर, 2025)। बंबल ने मई 2025 में 240 कर्मचारियों को निकाला, जो उसके कुल स्टाफ का 30% है, क्योंकि राजस्व में कमी आई। इसी तरह, मैच ग्रुप, जो टिंडर, हिंज और अन्य ऐप्स चलाती है, ने 300 कर्मचारियों (13% वर्कफोर्स) को जाने दिया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल डेटिंग मार्केट 2025 में 9 बिलियन डॉलर का होगा, लेकिन ग्रोथ रेट 2024 की तुलना में 5% कम है, मुख्यतः यूजर ड्रॉपऑफ के कारण।
फेसबुक डेटिंग, जो 2019 में लॉन्च हुई थी, बाजार में देर से आई है लेकिन अब एआई के जरिए इसे नई ऊर्जा देना चाहती है। प्रोजेक्ट मैनेजर नेहा कुमार ने कहा, “यूजर्स सैकड़ों प्रोफाइल्स स्वाइप करके थक चुके हैं; एआई उन्हें स्मार्ट विकल्प देगी।” ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कुमार के बयान को विस्तार से कवर किया गया है, जहां उन्होंने बताया कि यह फीचर यूजर्स को ज्यादा व्यक्तिगत अनुभव प्रदान करेगा।
संभावित प्रभाव और चुनौतियां
यह फीचर डेटिंग को आसान बनाएगा, लेकिन प्राइवेसी और नैतिक मुद्दे भी उठाएगा। सीएनएन की रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एआई मैचिंग में डेटा मिसयूज का खतरा है, खासकर मेटा की पिछली डेटा ब्रिच हिस्ट्री को देखते हुए (स्रोत: सीएनएन, 23 सितंबर 2025)। साथ ही, एल्गोरिदम बायस से बचने के लिए मेटा को कदम उठाने होंगे, जैसे विविधता सुनिश्चित करना। भविष्य में, अगर यह सफल रहा, तो अन्य ऐप्स भी इसी तरह के फीचर्स अपनाएंगी। गार्डियन की एक एनालिसिस बताती है कि 2030 तक, एआई डेटिंग मार्केट का 40% हिस्सा कवर कर सकती है। कुल मिलाकर, मेटा की यह पहल इंडस्ट्री को फिर से जीवंत बना सकती है, जहां यूजर्स अब तेज, सटीक और कम मेहनत वाली मैचिंग चाहते हैं।
