12 भारतीय एग्री-मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म किसानों को सीधे बेहतर कीमतों पर बेचने में मदद कर रहे हैं
भारत में कृषि देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। लगभग ६० प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, लेकिन पारंपरिक बाज़ारों में मध्यस्थों के कारण किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलता। ऐसे में, १२ ऐसे ऑनलाइन कृषि बाज़ार प्लेटफॉर्म उभर आए हैं जो किसानों को सीधे खरीदारों से जोड़ते हैं। ये प्लेटफॉर्म न केवल बेहतर कीमतें सुनिश्चित करते हैं, बल्कि फसल की बर्बादी को भी कम करते हैं। आज के डिजिटल युग में, ये ऐप और वेबसाइटें किसानों को घर बैठे बाज़ार तक पहुँच देती हैं।
इससे न केवल आय बढ़ती है, बल्कि कृषि प्रक्रिया भी सरल हो जाती है। किसान मौसम, बाज़ार मूल्य और सलाह सब एक जगह पा सकते हैं। इस लेख में हम इन प्लेटफॉर्मों की विस्तार से चर्चा करेंगे। ये तकनीक पर आधारित हैं और किसानों के लिए आसान हैं। सरकार की योजनाएँ जैसे ई-नाम इनकी मदद से और मजबूत हो रही हैं। आइए जानें कैसे ये प्लेटफॉर्म किसानों का जीवन बदल रहे हैं।
1. निंजाकार्ट: ताज़ा उपज का तेज़ वितरण
निंजाकार्ट एक प्रमुख एग्रीटेक प्लेटफॉर्म है जो किसानों को खुदरा विक्रेताओं से सीधे जोड़ता है। यह मध्यस्थों को हटाकर किसानों को बेहतर मूल्य देता है। कंपनी डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग का उपयोग करती है ताकि मांग का पूर्वानुमान लगाया जा सके। इससे फसल की बर्बादी ४० प्रतिशत से कम हो जाती है। निंजाकार्ट ३०० से अधिक शहरों में काम करता है और ७५ लाख से ज्यादा किसानों को लाभ पहुँचाता है। यह प्लेटफॉर्म किसानों को रीयल-टाइम अपडेट देता है, जिससे वे सही समय पर बिक्री कर पाते हैं। लॉजिस्टिक्स चेन मजबूत होने से ताज़ा उपज बिना खराब हुए बाज़ार तक पहुँचती है। किसान अपनी फसल की गुणवत्ता के आधार पर प्रतिस्पर्धी कीमत पा सकते हैं। इसके अलावा, निंजाकार्ट किसानों को प्रशिक्षण भी देता है ताकि वे डिजिटल टूल्स का बेहतर उपयोग कर सकें। इससे छोटे किसानों को भी बड़े बाज़ारों तक पहुँच मिलती है। यह प्लेटफॉर्म न केवल बिक्री में मदद करता है, बल्कि फसल प्रबंधन में भी सलाह देता है।
इस प्लेटफॉर्म पर किसान अपनी उपज लिस्ट कर सकते हैं। खरीदार रीयल-टाइम मूल्य देखते हैं। लॉजिस्टिक्स सपोर्ट से ताज़ा सामान जल्दी पहुँचता है। किसानों की आय ३० प्रतिशत बढ़ जाती है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| उपयोगकर्ता संख्या | ७५ लाख+ | बड़े नेटवर्क से तेज़ बिक्री |
| कवरेज | ३००+ शहर | राष्ट्रीय पहुँच |
| तकनीक | आईओटी और ऐप | रीयल-टाइम ट्रैकिंग |
| फसलें | फल, सब्जियाँ | कम बर्बादी |
2. डे हाट: समग्र कृषि समाधान
डे हाट किसानों के लिए एक पूर्ण सेवा प्लेटफॉर्म है। यह इनपुट सामग्री, आउटपुट बिक्री और सलाह सब प्रदान करता है। ११ राज्यों में १०,००० से अधिक एक्सेस पॉइंट्स हैं। रोज़ाना ३८०० मीट्रिक टन उपज संभाली जाती है। मध्यस्थों के बिना किसान प्रतिस्पर्धी कीमतें पाते हैं। यह प्लेटफॉर्म ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी है, जहाँ पारंपरिक बाज़ार दूर होते हैं। किसान बीज, उर्वरक और दवाएँ सस्ते दामों पर खरीद सकते हैं। साथ ही, बिक्री के समय बाज़ार मूल्य का पूर्वानुमान मिलता है। डे हाट की टीम स्थानीय स्तर पर जाकर किसानों को प्रशिक्षित करती है। इससे फसल की पैदावार बढ़ती है और बर्बादी कम होती है। वित्तीय सेवाएँ जैसे ऋण और बीमा किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती हैं। यह प्लेटफॉर्म बहुभाषी है, इसलिए विभिन्न क्षेत्रों के किसान आसानी से उपयोग कर पाते हैं।
सलाह सेवाएँ फसल चयन से कटाई तक मदद करती हैं। वित्तीय पहुँच से ऋण आसानी से मिलता है। बीमा भी उपलब्ध है। इससे किसानों की उत्पादकता ३० प्रतिशत बढ़ती है। ऐप हिंदी सहित कई भाषाओं में है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| सेवाएँ | इनपुट, आउटपुट, सलाह | एक ही जगह सब |
| कवरेज | ११ राज्य, १८० जिले | ग्रामीण पहुँच |
| दैनिक हैंडलिंग | ३८०० एमटी | कुशल प्रबंधन |
| उपयोगकर्ता | १ करोड़+ | मजबूत समर्थन |
3. एग्री ऐप: मोबाइल आधारित मार्केटप्लेस
एग्री ऐप किसानों को विशेषज्ञ सलाह और ई-कॉमर्स प्रदान करता है। मौसम पूर्वानुमान और बाज़ार मूल्य उपलब्ध हैं। बहुभाषी इंटरफेस से ग्रामीण किसान आसानी से उपयोग करते हैं। इनपुट सामग्री सीधे खरीदी जा सकती है। यह ऐप किसानों को दैनिक अपडेट देता है, जैसे मिट्टी परीक्षण और कीट नियंत्रण। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है। किसान अपनी उपज को आसानी से लिस्ट कर सकते हैं और खरीदारों से बोली प्राप्त कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म पर समुदाय फीचर है जहाँ किसान अनुभव साझा करते हैं। इससे नई तकनीकों का प्रसार होता है। एग्री ऐप छोटे किसानों को बड़े खरीदारों से जोड़ता है, जिससे आय में स्थिरता आती है। २०२५ में यह १० लाख उपयोगकर्ताओं तक पहुँचा।
बिक्री के लिए उपज लिस्टिंग सरल है। गुणवत्ता जाँच से बेहतर कीमत मिलती है। इससे किसानों की आय ३७ प्रतिशत बढ़ी है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| सलाह | मौसम, फसल | बेहतर निर्णय |
| बाज़ार | इनपुट/आउटपुट | सीधी बिक्री |
| भाषाएँ | बहुभाषी | आसान उपयोग |
| प्रभाव | ३७% आय वृद्धि | आर्थिक लाभ |
4. ई-नाम: राष्ट्रीय एकीकृत बाज़ार
ई-नाम सरकारी प्लेटफॉर्म है जो एपीएमसी मंडियों को ऑनलाइन जोड़ता है। किसान पूरे देश में बेच सकते हैं। ९० से अधिक वस्तुओं का व्यापार होता है। लेन-देन ३६,२०० करोड़ रुपये तक पहुँचा। यह प्लेटफॉर्म किसानों को मंडी के चक्कर काटने से बचाता है। घर बैठे नीलामी में भाग लें और भुगतान बैंक में सीधे प्राप्त करें। रजिस्ट्रेशन आसान है, आधार और बैंक विवरण से। इससे पारदर्शिता बढ़ती है और मध्यस्थों का हस्तक्षेप कम होता है। ई-नाम ने छोटे किसानों को राष्ट्रीय बाज़ार से जोड़ा है। गुणवत्ता आधारित मूल्य निर्धारण से उचित दाम मिलते हैं। सरकार की यह योजना २०१६ से चल रही है और अब १३०० से अधिक मंडियों से जुड़ी है।
गुणवत्ता आधारित नीलामी से पारदर्शिता आती है। ऑनलाइन भुगतान तुरंत मिलता है। इससे मूल्य खोज बेहतर होती है। छोटे किसानों को बड़ा बाज़ार मिलता है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| वस्तुएँ | ९०+ | विविध विकल्प |
| एकीकरण | सभी एपीएमसी | राष्ट्रीय व्यापार |
| लेन-देन | ३६,२०० करोड़+ | आर्थिक वृद्धि |
| सुविधा | ऑनलाइन नीलामी | पारदर्शी मूल्य |
5. आईटीसी ई-चौपाल: ग्रामीण सशक्तिकरण
आईटीसी ई-चौपाल किसानों को जानकारी और बिक्री का केंद्र प्रदान करता है। ४३०० चौपाल २५,००० गाँवों में हैं। किसान बीज, खाद सस्ते खरीदते हैं और फसल बेचते हैं। यह मॉडल २००० से चल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। स्थानीय सanchalak किसानों को डिजिटल जानकारी देते हैं। चौपाल पर मौसम, बाज़ार मूल्य और कृषि सलाह उपलब्ध होती है। इससे किसान सूचित निर्णय लेते हैं। ई-चौपाल ने उत्पादकता ५० प्रतिशत तक बढ़ाई है। यह प्लेटफॉर्म किसानों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ता है। आईटीसी की यह पहल सतत विकास पर आधारित है।
पिछले दिन का मूल्य मिलता है। इससे लाभ मार्जिन बढ़ता है। उत्पादकता में सुधार होता है। २०१० तक १० करोड़ ई-किसान लक्ष्य था। पारदर्शिता से विश्वास बढ़ता है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| चौपाल संख्या | ४३००+ | स्थानीय पहुँच |
| सेवाएँ | खरीद-बिक्री, सलाह | कम लागत |
| कवरेज | ६ राज्य | ग्रामीण विकास |
| प्रभाव | उच्च लाभ | सशक्तिकरण |
6. फार्मर बाज़ार ऐप: सत्यापित व्यापार
फार्मर बाज़ार ऐप किसानों को खरीदारों से जोड़ता है। फसल और पशुधन बेचा जा सकता है। उपयोगकर्ता स्थान के आधार पर खोजते हैं। विक्रेता प्रोफाइल सत्यापित होते हैं। यह ऐप छोटे किसानों के लिए आदर्श है जो स्थानीय बाज़ारों पर निर्भर रहते हैं। रीयल-टाइम चैट से सौदा आसान होता है। सत्यापन प्रक्रिया से धोखाधड़ी रुकती है। ऐप पर रेटिंग सिस्टम है जो विश्वसनीयता बढ़ाता है। पाँच भाषाओं में उपलब्ध होने से अधिक उपयोगकर्ता जुड़ते हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। यह प्लेटफॉर्म २०२५ में ५ लाख से अधिक डाउनलोड्स के साथ लोकप्रिय हो रहा है। किसान अपनी उपज की तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं और खरीदारों से फीडबैक प्राप्त कर सकते हैं। इससे बिक्री प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ हो जाती है।
रेटिंग सिस्टम से विश्वास बनता है। इन-ऐप संवाद जल्द आ रहा है। पाँच भाषाओं में उपलब्ध। इससे किसानों को स्थानीय और राष्ट्रीय खरीदार मिलते हैं।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| खोज | स्थान आधारित | आसान मिलान |
| सत्यापन | प्रोफाइल चेक | सुरक्षित व्यापार |
| भाषाएँ | ५ | व्यापक उपयोग |
| अपडेट | भुगतान सुविधा | तेज़ लेन-देन |
7. किसानमंडी: मुफ्त ऑनलाइन बाज़ार
किसानमंडी पहला मुफ्त कृषि बाज़ार है। किसान फल, सब्जियाँ, मशीनरी बेच सकते हैं। ग्राम सहायक ग्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स मदद करते हैं। एपीएमसी से बेहतर मूल्य मिलता है। यह प्लेटफॉर्म किसानों को कमीशन मुक्त बिक्री की सुविधा देता है। ग्राम सहायक स्थानीय स्तर पर मदद करते हैं। समूह खरीद से इनपुट सस्ते मिलते हैं। दिल्ली-एनसीआर से शुरू होकर अब राष्ट्रीय स्तर पर फैला है। किसान खुदरा और बल्क खरीदारों से जुड़ सकते हैं। इससे छोटे किसानों को बड़े अवसर मिलते हैं। २०२५ में यह प्लेटफॉर्म ३ लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं को जोड़ चुका है। किसान अपनी फसल की मात्रा और गुणवत्ता के आधार पर लिस्टिंग कर सकते हैं। इससे बर्बादी कम होती है और आय में स्थिरता आती है।
समूह खरीद से लागत बचती है। दिल्ली-एनसीआर में शुरू, अब राष्ट्रीय। किसान खुदरा, बल्क खरीदारों से जुड़ते हैं। इससे बिक्री आसान हो जाती है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| लागत | मुफ्त | कोई कमीशन नहीं |
| सहायता | ग्राम सहायक | प्रोफेशनल मदद |
| उत्पाद | फसल, मशीन | विविध विकल्प |
| लाभ | उच्च मूल्य | आय वृद्धि |
8. एग्रीबाज़ार: ब्लॉकचेन आधारित व्यापार
एग्रीबाज़ार बी२बी मार्केटप्लेस है। ४० लाख उपयोगकर्ता हैं। ब्लॉकचेन से ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित होती है। डिजिटल भुगतान सुरक्षित हैं। यह प्लेटफॉर्म ई-मंडी मॉडल पर काम करता है। किसान घर बैठे बोली प्रक्रिया में भाग लेते हैं। २०+ राज्यों में कवरेज से राष्ट्रीय व्यापार आसान होता है। ब्लॉकचेन से उत्पाद की पूरी हिस्ट्री ट्रैक होती है। इससे खरीदारों का विश्वास बढ़ता है। एग्रीबाज़ार किसानों को मूल्य पूर्वानुमान देता है। २०२५ के अनुमान के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म १,३०० करोड़ रुपये के लेन-देन को संभाल चुका है। किसान विभिन्न फसलों जैसे गेहूँ, चावल और सब्जियों को लिस्ट कर सकते हैं। इससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होती है।
किसान उपज लिस्ट करते हैं। खरीदार बोली लगाते हैं। २०+ राज्यों में कवरेज। इससे लेन-देन पारदर्शी होता है। किसानों को तुरंत भुगतान मिलता है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| उपयोगकर्ता | ४० लाख+ | बड़ा नेटवर्क |
| तकनीक | ब्लॉकचेन | ट्रेसिबिलिटी |
| कवरेज | २०+ राज्य | व्यापक बाज़ार |
| भुगतान | डिजिटल | तेज़ और सुरक्षित |
9. बिजाक: कमोडिटी व्यापार
बिजाक ९०+ कमोडिटीज़ का ऑनलाइन बाज़ार है। २२ राज्यों में सक्रिय। सत्यापित खरीदार-विक्रेता जुड़ते हैं। रीयल-टाइम मूल्य और लॉजिस्टिक्स उपलब्ध। यह प्लेटफॉर्म आर्टिया और ब्रोकरों से मुक्ति देता है। रेटिंग सिस्टम से सुरक्षित व्यापार होता है। जीएमवी १५० मिलियन डॉलर होने से इसका प्रभाव बड़ा है। किसान विविध कमोडिटीज़ बेच सकते हैं। लॉजिस्टिक्स पार्टनरशिप से डिलीवरी समय पर होती है। २०२५ में बिजाक ने २८ प्रतिशत किसानों की आय में वृद्धि दर्ज की है। यह प्लेटफॉर्म मल्टी-क्रॉप सपोर्ट प्रदान करता है, जैसे मसाले, अनाज और फल। किसान मूल्य तुलना टूल्स से लाभ उठा सकते हैं।
रेटिंग सिस्टम से विश्वास बनता है। किसान आर्टिया और ब्रोकरों से बचते हैं। जीएमवी १५० मिलियन डॉलर। इससे आय में वृद्धि होती है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| कमोडिटी | ९०+ | विविध व्यापार |
| कवरेज | २२ राज्य | राष्ट्रीय |
| सुविधा | मूल्य अपडेट | सूचित निर्णय |
| विश्वास | रेटिंग | सुरक्षित लेन-देन |
10. कृषिफाई: किसान समुदाय
कृषिफाई सोशल नेटवर्क है जो किसानों को जोड़ता है। २५ डिजिटल कम्युनिटीज़ हैं। सलाह, इनपुट खरीद और बिक्री सब एक जगह। यह प्लेटफॉर्म किसानों को ज्ञान साझा करने का मंच देता है। रिमोट सेंसिंग से फसल मॉनिटरिंग होती है। ६ लाख उपयोगकर्ता होने से मजबूत नेटवर्क है। व्यक्तिगत सलाह से उत्पादकता बढ़ती है। बी२सी मॉडल से अधिक रिटर्न मिलता है। २०२५ में कृषिफाई ने १६ प्रतिशत एडॉप्शन रेट हासिल किया है। किसान कम्युनिटी में मौसम अलर्ट और फसल सलाह साझा कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म एक्सपोर्ट सोर्सिंग को भी सपोर्ट करता है। इससे सहयोग और बाज़ार पहुँच बढ़ती है।
फसल मॉनिटरिंग रिमोट सेंसिंग से। खरीदारों से सीधा संपर्क। ६ लाख उपयोगकर्ता। इससे सहयोग बढ़ता है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| कम्युनिटी | २५+ | ज्ञान साझा |
| सलाह | व्यक्तिगत | बेहतर फसल |
| बाज़ार | बी२सी | अधिक रिटर्न |
| उपयोगकर्ता | ६ लाख+ | मजबूत नेटवर्क |
11. केटायानी कृषि डायरेक्ट: डी२सी इनपुट
केटायानी कृषि डायरेक्ट ऐप फार्म इनपुट प्रदान करता है। २० लाख किसान जुड़े। २५०+ उत्पाद उपलब्ध। विशेषज्ञ सलाह ब्लॉग से। यह डी२सी मॉडल मध्यस्थों को हटाता है। ट्रैकिंग से डिलीवरी विश्वसनीय होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँच मजबूत है। ब्लॉग से नई कृषि तकनीकें सीखी जा सकती हैं। इससे लागत कम और गुणवत्ता बेहतर होती है। २०२५ के ट्रेंड्स के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म १५-२० प्रतिशत आय वृद्धि प्रदान कर रहा है। किसान उर्वरक, बीज और उपकरण सीधे ऑर्डर कर सकते हैं। सस्टेनेबिलिटी कंप्लायंस डैशबोर्ड से पर्यावरण-अनुकूल विकल्प मिलते हैं।
ट्रैकिंग से डिलीवरी समय पर। ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँच। इससे लागत कम होती है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| उत्पाद | २५०+ | विविध इनपुट |
| उपयोगकर्ता | २० लाख+ | व्यापक |
| सलाह | विशेषज्ञ | उत्पादकता |
| डिलीवरी | ट्रैकिंग | विश्वसनीय |
12. फार्मर बाज़ार: बी२बी कनेक्शन
फार्मर बाज़ार सबसे बड़ा बी२बी बाज़ार है। पाँच भाषाओं में। सत्यापित उपयोगकर्ता। कोट्स मुफ्त मिलते हैं। यह प्लेटफॉर्म बल्क बिक्री के लिए उपयुक्त है। किसान आवश्यकता शेयर कर बोली प्राप्त करते हैं। सत्यापन से सुरक्षित रहता है। प्रतिस्पर्धी मूल्य से लाभ होता है। २०२५ में यह ३९ प्रतिशत एडॉप्शन के साथ बढ़ रहा है। किसान एआई-पावर्ड प्राइसिंग से लाभ उठा सकते हैं। लोकल लैंग्वेज यूआई से ग्रामीण उपयोग आसान है। इससे सप्लाई चेन ५-६ दिन बचती है।
किसान आवश्यकता शेयर करते हैं। सप्लायर बोली लगाते। इससे कुशल व्यापार होता है।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
| भाषाएँ | ५ | आसान |
| सत्यापन | सभी | सुरक्षित |
| सुविधा | कोट्स | प्रतिस्पर्धी मूल्य |
| प्रकार | बी२बी | बल्क बिक्री |
इन प्लेटफॉर्मों का प्रभाव
ये प्लेटफॉर्म भारतीय कृषि को बदल रहे हैं। २०२५ में ६० प्रतिशत किसान मोबाइल ऐप्स का उपयोग करेंगे। सीधी बिक्री से लाभ मार्जिन बढ़ता है। बर्बादी कम होती है। आय स्थिरता आती है। इनके माध्यम से किसानों को बाज़ार जानकारी मिलती है, जिससे सही निर्णय लेते हैं। एग्रीटेक ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया है। छोटे किसानों को बड़े अवसर मिले हैं। सरकार की डिजिटल पहलें जैसे एआईएफ इनकी मदद कर रही हैं।
निष्कर्ष
ये १२ प्लेटफॉर्म किसानों को सशक्त बना रहे हैं। मध्यस्थों से मुक्ति मिल रही है। बेहतर कीमतें और सेवाएँ उपलब्ध हैं। इनके उपयोग से कृषि अधिक लाभदायक हो रही है। किसान डिजिटल साक्षरता बढ़ाकर इनका अधिक लाभ उठा सकते हैं। भविष्य में और वृद्धि होगी। किसान इनका उपयोग करें। इससे कृषि मजबूत बनेगी। ये प्लेटफॉर्म न केवल आर्थिक लाभ देते हैं, बल्कि ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा देते हैं। सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोग से भारतीय कृषि वैश्विक स्तर पर चमकेगी। किसानों को प्रोत्साहित किया जाए कि वे रजिस्ट्रेशन करवाएँ और इन टूल्स को अपनाएँ। इससे देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।
