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गाजा में स्वास्थ्य संकट पीढ़ियों तक बना रहेगाः डब्ल्यूएचओ प्रमुख

गाजा पट्टी में स्वास्थ्य संकट इतना गंभीर और जटिल हो चुका है कि इसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक रहेगा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने चेतावनी दी है। बीबीसी रेडियो 4 के टुडे प्रोग्राम में बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि भुखमरी, गंभीर चोटें, ढह चुकी स्वास्थ्य प्रणाली और पानी तथा सैनिटेशन बुनियादी ढांचे के विनाश से उपजी बीमारियां इस क्षेत्र को एक पूर्ण आपदा की ओर धकेल रही हैं। डॉ. टेड्रोस ने जोर देकर कहा कि तत्काल और बड़ी मात्रा में मानवीय सहायता की जरूरत है, अन्यथा गाजा की जनसंख्या की जटिल स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करना असंभव हो जाएगा।​

गाजा की वर्तमान स्थिति: एक आपदा की तरह

गाजा के निवासी भुखमरी, असंख्य चोटों, पूरी तरह चरमरा चुकी स्वास्थ्य सेवाओं और संक्रमण फैलाने वाली बीमारियों से जूझ रहे हैं, जो मुख्य रूप से पानी और सैनिटेशन व्यवस्था के विनाश के कारण फैली हैं। डॉ. टेड्रोस ने वर्णन किया कि मानवीय सहायता तक पहुंच की कमी ने इस घातक संयोजन को और भी विनाशकारी बना दिया है, जो शब्दों से परे एक आपदा है। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय फॉर कोऑर्डिनेशन ऑफ ह्यूमैनिटेरियन अफेयर्स (ओचए) के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 के हमास के हमले के बाद से इजरायली हमलों में कम से कम 68,229 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि 163,503 से अधिक घायल हुए हैं। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं, और कुल आबादी का आधा हिस्सा—यानी करीब 10 लाख बच्चे—इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित हैं।​

इसके अलावा, गाजा में ऊर्जा संकट ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। नॉर्कैप की रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली और रसोई ईंधन की कमी से बुनियादी जरूरतें जैसे पानी शुद्धिकरण, चिकित्सा उपकरण चलाना और खाना पकाना प्रभावित हो रहा है, जिससे जीवन और मानवीय सहायता दोनों खतरे में हैं। संयुक्त राष्ट्र रिफ्यूजी एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने बताया कि 10 से 18 अक्टूबर 2025 के बीच 4,87,988 विस्थापन घटनाएं दर्ज की गईं, और गाजा सिटी में संचालन बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं।​

युद्धविराम समझौता: उम्मीद और चुनौतियां

10 अक्टूबर 2025 को हमास और इजरायल के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद इजरायल ने चिकित्सा सामग्री, भोजन और अन्य आवश्यक सहायता को गाजा में प्रवेश की अनुमति दी है, लेकिन यह मात्रा स्वास्थ्य प्रणाली को पुनर्निर्माण करने या जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए बहुत कम है। अमेरिका द्वारा मध्यस्थता वाला यह समझौता एक 20-सूत्री शांति योजना का पहला चरण है, जिसमें सहायता का बिना किसी बाधा के वितरण और बंधकों की रिहाई का प्रावधान है। व्हाइट हाउस ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया, लेकिन सप्ताहांत में हुई हिंसा—जिसमें हमास के हमले और इजरायली जवाबी कार्रवाई शामिल थी—से अमेरिका इसे मजबूत करने के प्रयास कर रहा है।​

अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस कमिटी (आईसीआरसी) के अनुसार, इस युद्धविराम ने 20 बंधकों की सुरक्षित वापसी और 1,808 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई को संभव बनाया, लेकिन मृत बंधकों के शवों का हस्तांतरण अभी भी जारी है। हालांकि, सहायता में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई, और इंटरनेशनल रेस्क्यू कमिटी (आईआरसी) ने चेतावनी दी है कि बिना स्थायी शांति के लाखों नागरिक जोखिम में रहेंगे।​

सहायता की कमी: लक्ष्य से कोसों दूर

डॉ. टेड्रोस ने स्पष्ट कहा कि गाजा को प्रतिदिन कम से कम 600 सहायता ट्रक चाहिए ताकि भोजन, दवाएं और अन्य सामग्री का वितरण हो सके, लेकिन वास्तविकता में औसतन केवल 200 से 300 ट्रक ही पहुंच पा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के आंकड़ों के अनुसार, 10 अक्टूबर से अब तक 530 से अधिक ट्रकों ने 6,700 टन भोजन पहुंचाया है, जो लगभग 5 लाख लोगों के लिए दो सप्ताह की जरूरत पूरी कर सकता है, लेकिन दैनिक 2,000 टन के लक्ष्य से काफी पीछे है। उत्तरी गाजा में पहुंच अभी भी सीमित बनी हुई है, और वितरण बिंदु मुख्य रूप से दक्षिण और मध्य क्षेत्रों तक ही सीमित हैं।​

ओचए की रिपोर्ट बताती है कि सहायता वितरण के दौरान इजरायली सैन्य व्यवस्था के तहत 27 मई 2025 से 9 सितंबर तक कम से कम 2,256 लोग भोजन की तलाश में मारे गए, जिनमें से अधिकांश लाइव फायरिंग से। युवा पुरुष और किशोर लड़के सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। आईआरसी ने इजरायली ब्लॉकेड को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया, जो हवाई ड्रॉप या सीमित ‘टैक्टिकल पॉज’ जैसे उपायों को अपर्याप्त करार देता है।​

सहायता पर प्रतिबंध: हथियार के रूप में इस्तेमाल

रविवार को हमास लड़ाकों के हमले में दो इजरायली सैनिक मारे जाने के बाद इजरायल ने अस्थायी रूप से सहायता वितरण को रोक दिया, जिसके जवाब में हवाई हमलों से दर्जनों फिलिस्तीनी मारे गए। हमास ने कहा कि उसे इन झड़पों की जानकारी नहीं थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव—जिसमें संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ शामिल थे—के बाद अगले दिन वितरण फिर शुरू हुआ। डॉ. टेड्रोस ने इजरायल से अपील की कि सहायता को कभी भी हथियार के रूप में इस्तेमाल न किया जाए, खासकर बंधकों के शवों की वापसी या अन्य राजनीतिक मुद्दों पर शर्तें न लगाई जाएं।​

हमास ने 28 मृत बंधकों में से केवल 15 के शव ही सौंपे हैं, जबकि पिछले सप्ताह 20 जीवित इजरायली बंधकों की रिहाई के बदले इजरायल ने लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों और हिरासत में लिए गए लोगों को मुक्त किया। आईसीआरसी ने इन हस्तांतरणों की निगरानी की और सभी के पूर्व-रिहाई साक्षात्कार किए। डॉ. टेड्रोस ने कहा कि सभी जीवित बंधक रिहा हो चुके हैं और अधिकांश शव सौंपे जा चुके हैं, इसलिए अतिरिक्त प्रतिबंध अप्रत्याशित हैं।​

स्वास्थ्य प्रणाली का पुनर्निर्माण: अरबों डॉलर की जरूरत

संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, गाजा के पूर्ण पुनर्निर्माण के लिए 70 अरब डॉलर (लगभग 52 अरब पाउंड) की आवश्यकता है, जिसमें स्वास्थ्य प्रणाली पर करीब 10%—यानी 7 अरब डॉलर से अधिक—खर्च होगा। विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ की संयुक्त रिपोर्ट बताती है कि इजरायली हमलों ने 34 अस्पताल, 91 चिकित्सा केंद्र और 210 एम्बुलेंस को नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया है। डॉ. टेड्रोस ने उदाहरण दिया कि क्षेत्रीय अस्पताल बनाने के लिए आवश्यक टेंट के कैनवास और खंभे तक सीमा पर जब्त कर लिए जाते हैं, क्योंकि इजरायल उन्हें ‘दोहरे उपयोग’ (सैन्य और नागरिक) का बहाना बनाता है।​

यूएनएफपीए की स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-अगस्त 2025 में स्वास्थ्य संकट ने लिंग-आधारित हिंसा और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किया, जहां गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषण की कमी से जूझना पड़ रहा है। रेड क्रॉस फील्ड हॉस्पिटल ने मई 2025 से अब तक 3,400 से अधिक हथियार घायलों का इलाज किया है, जो 2024 के पूरे साल से अधिक है, और मास कैजुअल्टी इवेंट्स में गोलीबारी के घायल मुख्य हैं।​

चिकित्सा निकासी में देरी: सैकड़ों मौतें

हजारों फिलिस्तीनी—करीब 15,600, जिनमें 3,800 बच्चे शामिल हैं—साप्ताहिक चिकित्सा निकासी उड़ानों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इजरायल में धार्मिक अवकाश के कारण दो सप्ताह से कोई उड़ान नहीं उड़ी है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पहले 700 से अधिक लोग इंतजार के दौरान मर चुके हैं, और हाल ही में 41 गंभीर मरीजों तथा 145 सहयोगियों को गाजा से निकाला गया। सभी सीमित पारगमन मार्गों—जैसे राफा क्रॉसिंग—को बहाल करने की मांग की जा रही है, क्योंकि इजरायल ने नए प्रतिबंध लगाए हैं।​

ओचए की ह्यूमैनिटेरियन सिचुएशन अपडेट #331 बताती है कि 15 अक्टूबर 2025 तक विस्थापन जारी है, और चिकित्सा निकासी में देरी से संक्रमण जैसे हेपेटाइटिस और डायरिया फैल रहे हैं, खासकर भीड़भाड़ वाले शेल्टर में।​

अमेरिका की भूमिका: समझौते का सम्मान सुनिश्चित करें

डॉ. टेड्रोस ने अमेरिका से अपील की कि चूंकि उसने इस शांति सौदे की मध्यस्थता की है, इसलिए सभी पक्षों—इजरायल, हमास और अन्य—को इसका पूर्ण पालन कराने की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी उसकी है। इजरायल वर्तमान में दक्षिण-पूर्व में केरेम शालोम और मध्य गाजा में किसुफिम क्रॉसिंग संचालित कर रहा है, लेकिन सहायता समूहों ने सभी उपलब्ध मार्गों—जैसे राफा और ईरेज—को तुरंत बहाल करने की मांग की है। उन्होंने उन संगठनों को भी गाजा में वापस आने की अनुमति देने को कहा जो पहले पंजीकरण या पहुंच से वंचित थे, क्योंकि बिना स्थानीय डिलीवरी एजेंट्स के बड़े पैमाने पर सहायता संभव नहीं।​

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 14 अक्टूबर को इजरायल ने नए सहायता प्रतिबंध लगाए और राफा क्रॉसिंग बंद रखा, जिससे वितरण प्रभावित हुआ।​

दीर्घकालिक प्रभाव: पीढ़ियों का संकट

डॉ. टेड्रोस ने चेतावनी दी कि भुखमरी के साथ व्यापक मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं—जैसे PTSD और अवसाद—का संयोजन गाजा को पीढ़ियों तक प्रभावित करेगा, जहां कुपोषण से बच्चों का विकास स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकता है। इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन (आईपीसी) ने 22 अगस्त 2025 को गाजा गवर्नोरेट में अकाल की घोषणा की, हालांकि इजरायल ने इसे खारिज किया। ब्रिटिश रेड क्रॉस की सलाहकार नाजिहा एल मूसाउई ने कहा कि कुपोषण प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है, जिससे संक्रमण बढ़ते हैं और भविष्य की पीढ़ियां प्रभावित होती हैं।​

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (ओएचसीएचआर) ने सितंबर 2025 में पाया कि इजरायल ने गाजा में नरसंहार किया, जो स्वास्थ्य संकट को और गहरा बनाता है। डॉ. टेड्रोस ने कहा, “शांति सबसे अच्छी दवा है, लेकिन यह युद्धविराम नाजुक है—कई बार टूट चुका है, और वे लोग जो सड़कों पर शांति की खुशी मना रहे थे, अब मर चुके हैं।” संयुक्त राष्ट्र के टॉम फ्लेचर ने भी कहा कि भुखमरी संकट पर काबू पाने के लिए कहीं अधिक सहायता चाहिए, क्योंकि 2.1 मिलियन लोग चरम भूख का सामना कर रहे हैं।

एम. एस. एन. और बी. बी. सी. से जानकारी एकत्र की गई है।