फिडे विश्व शतरंज कप ट्रॉफी का नाम आनंद के नाम पर रखा गया
पणjim, गोवा: भारत के शतरंज जगत के दिग्गज विश्वनाथन आनंद को एक ऐतिहासिक सम्मान मिला है। फिडे विश्व शतरंज कप 2025 की नई ट्रॉफी को शुक्रवार को आधिकारिक रूप से विश्वनाथन आनंद ट्रॉफी नामित किया गया। यह फैसला पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद की शानदार उपलब्धियों और भारतीय शतरंज को वैश्विक पटल पर पहुंचाने वाले योगदान को समर्पित है। ट्रॉफी का अनावरण एक भव्य उद्घाटन समारोह में हुआ, जो गोवा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस समारोह में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मानसुख मंडाविया, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, फिडे अध्यक्ष आर्कादी डवोर्कोविच और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समारोह करीब ढाई घंटे चला और इसमें गोवा की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन भी शामिल था, जो शतरंज की रणनीतिक गहराई को स्थानीय उत्सवों से जोड़ता प्रतीत हुआ।
ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) के अध्यक्ष नितिन नारंग ने इस अवसर पर कहा, “हमें अत्यधिक गर्व और प्रसन्नता हो रही है कि विश्वनाथन आनंद कप, फिडे विश्व कप (ओपन) के विजेता का चलित ट्रॉफी, शतरंज के राजा और भारत के पहले ग्रैंडमास्टर श्री विश्वनाथन आनंद के सम्मान में स्थापित की गई है।” उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि यह ट्रॉफी भारतीय शतरंज की उल्लेखनीय प्रगति का प्रतीक है और आनंद (@vishy64theking) की विरासत को सदियों तक याद रखा जाएगा। नारंग ने आगे जोड़ा कि यह ट्रॉफी आने वाली पीढ़ियों के शतरंज प्रतिभाओं के बीच गुजरेगी और भारतीय शतरंज की नई ऊंचाइयों को दर्शाएगी। आनंद, जो 1969 में चेन्नई में पैदा हुए, ने 1988 में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया और 2000, 2007, 2008, 2010 तथा 2012 में विश्व चैंपियन बने। उनके योगदान ने न केवल भारत बल्कि एशिया में शतरंज को लोकप्रिय बनाया।
ट्रॉफी का डिजाइन बेहद प्रतीकात्मक और आकर्षक है। इसमें भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर नृत्य करते हुए एक जमे हुए रूप में उभारा गया है, जो शतरंज की कालातीत सुंदरता और भारतीय संस्कृति की जीवंतता को प्रतिबिंबित करता है। यह डिजाइन न केवल दृश्य रूप से मनमोहक है बल्कि शतरंज की रणनीतिक गहराई को मोर के नृत्य की लयबद्धता से जोड़ता है। फिडे के अनुसार, ट्रॉफी को चलित (रनिंग) ट्रॉफी बनाया गया है, जो हर विजेता के पास रहेगी लेकिन आनंद की स्मृति हमेशा बनी रहेगी। यह नामकरण आनंद के 35 वर्षों से अधिक के करियर को सम्मानित करता है, जिसमें ओलंपियाड में कई मेडल और चेस ऑस्कर पुरस्कार शामिल हैं।
उद्घाटन समारोह की भव्यता और ड्रॉ प्रक्रिया
उद्घाटन समारोह गोवा की सांस्कृतिक धरोहर को शतरंज की वैश्विक अपील से जोड़ने का एक शानदार उदाहरण था। इसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा गोवा के पारंपरिक नृत्य और संगीत का प्रदर्शन किया गया, जो दर्शकों को शतरंज की शांति और उत्साह के बीच संतुलन दिखाता था। केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने अपने भाषण में कहा कि भारत अब शतरंज में वैश्विक महाशक्ति बन चुका है और 2002 के बाद यह आयोजन देश की प्रगति का प्रमाण है। मुख्यमंत्री सावंत ने गोवा को खेल हब के रूप में उभरते हुए बताया और कहा कि यह आयोजन राज्य की पर्यटन और खेल क्षमता को दुनिया के सामने लाएगा। फिडे अध्यक्ष डवोर्कोविच ने जोर देकर कहा, “भारत शतरंज का प्राचीन गढ़ है और अब आधुनिक वैश्विक केंद्र। गोवा अगले चार सप्ताह के लिए शतरंज का कोलोसियम बनेगा, जहां नई किंवदंतियां जन्म लेंगी।”
समारोह के दौरान विश्व विमेन चेस कप की मौजूदा चैंपियन भारत की दिव्या देशमुख ने ड्रॉ ऑफ लॉट किया। पहले राउंड में सभी विषम नंबरों वाले खिलाड़ी काले मोहरों से खेलेंगे, जो टूर्नामेंट की निष्पक्षता सुनिश्चित करता है। दिव्या, जो 2003 में नागपुर में पैदा हुईं, ने हाल ही में विमेन विश्व कप जीता और इस आयोजन में एकमात्र महिला प्रतिभागी हैं। यह ड्रॉ प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से की गई, जो फिडे के सख्त नियमों का पालन करती है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने कहा कि शतरंज का जन्मस्थान भारत में इस आयोजन का लौटना गर्व का विषय है। उन्होंने गोवा की शांतिपूर्ण सुंदरता को शतरंज की एकाग्रता से जोड़ा और युवाओं से खेल अपनाने का आह्वान किया।
टूर्नामेंट का विस्तृत फॉर्मेट, इनाम और क्वालिफिकेशन
फिडे विश्व शतरंज कप 2025 एक उच्च स्तर का आयोजन है, जिसमें 80 से अधिक देशों के 206 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। पुरस्कार राशि 20 लाख डॉलर (लगभग 16.8 करोड़ रुपये) है, जो विजेताओं के बीच वितरित होगी। टूर्नामेंट 31 अक्टूबर से 27 नवंबर तक चलेगा और उत्तर गोवा के रिसॉर्ट रियो में आयोजित होगा। यह आठ राउंड का सिंगल-एलिमिनेशन नॉकआउट फॉर्मेट है, जहां हर मैच दो क्लासिकल गेम्स (90 मिनट प्रति खिलाड़ी, 30 सेकंड इंक्रीमेंट) से शुरू होता है। यदि स्कोर 1-1 रहता है, तो तीसरे दिन रैपिड (25+10) और ब्लिट्ज (5+3) टाई-ब्रेकर खेले जाते हैं। यदि अभी भी बराबरी हो, तो आर्मागेडन गेम (व्हाइट को 10 मिनट, ब्लैक को 7 मिनट) से फैसला होता है।
टॉप 50 सीडेड खिलाड़ी (रेटिंग के आधार पर) को दूसरे राउंड में बाय मिलेगा, जबकि शेष 156 प्रतियोगी 1 नवंबर से पहले राउंड में उतरेंगे। फाइनल राउंड में थर्ड और फोर्थ प्लेस मैच भी होंगे। यह टूर्नामेंट 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए तीन स्पॉट प्रदान करेगा, जो अगले विश्व चैंपियनशिप मैच का प्रवेश द्वार है। क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में विश्व चैंपियन, जूनियर चैंपियन, महाद्वीपीय विजेता, ओलंपियाड स्टैंडिंग और फिडे सर्किट रेटिंग शामिल हैं। फिडे की आधिकारिक सूची के अनुसार, खिलाड़ी 1972 से 2821 रेटिंग तक हैं, जिसमें फेडरेशन नॉर्मिनेशन वाले युवा भी शामिल हैं। टूर्नामेंट का प्रसारण फिडे की वेबसाइट और चेस.कॉम पर लाइव होगा, जो वैश्विक दर्शकों को जोड़ेगा। गोवा का स्थान इस आयोजन को आदर्श बनाता है, क्योंकि यहां की शांत वातावरण शतरंज की एकाग्रता के लिए उपयुक्त है।
भारत की शतरंज यात्रा: 2002 से अब तक की प्रगति
यह आयोजन 2002 के बाद भारत में पहली बार हो रहा है। उस समय हैदराबाद में विश्वनाथन आनंद ने उज्बेकिस्तान के रुस्तम् कासिमजानोव को दो गेम्स के फाइनल में हराकर खिताब जीता था। 23 वर्षों में भारत ने जबरदस्त प्रगति की है। 2002 में जहां केवल 10 ग्रैंडमास्टर थे, वहीं अब 88 हैं। अब भारत के पास युवा विश्व चैंपियन डी गुकेस (18 वर्षीय) हैं, जिन्होंने 2024 में डिंग लिरेन को हराया। ओलंपियाड 2024 में भारत ने ओपन और विमेंस दोनों सेक्शन में गोल्ड जीता। गुकेस, जो लाइव रेटिंग में नंबर 3 हैं, दूसरे राउंड से शुरुआत करेंगे। अन्य भारतीय स्टार्स में अर्जुन एरिगैसी (विश्व नंबर 4), आर प्रग्नानंधा (नंबर 6), निहाल सारीन और एसएल कार्तिकेयन शामिल हैं। कुल 24 भारतीय खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जो देश की शतरंज क्रांति को दर्शाता है।
दिव्या देशमुख के अलावा, भारत की महिला शतरंज भी उभर रही है, हालांकि यह आयोजन मुख्य रूप से ओपन है। आनंद की विरासत ने इन युवाओं को प्रेरित किया है; गुकेस ने खुद कहा कि आनंद उनके मेंटर हैं। 2024 ओलंपियाड की सफलता ने साबित किया कि भारत अब शतरंज में अमेरिका और रूस के साथ कंधे से कंधा मिला रहा है। फिडे के अनुसार, भारत में शतरंज खेलने वालों की संख्या 5 करोड़ से अधिक हो गई है। यह ट्रॉफी नामकरण आनंद के योगदान को वैश्विक मान्यता देता है, जो चेन्नई में शतरंज अकादमी चलाते हैं।
प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगी और अपेक्षाएं
टूर्नामेंट में 22 खिलाड़ी 2700 या उससे अधिक रेटेड हैं, जो इसे एलीट बनाता है। हालांकि, विश्व नंबर 1 मैग्नस कार्लसन (नॉर्वे) भाग नहीं ले रहे। कार्लसन, पांच बार के विश्व चैंपियन, ने प्रेरणा की कमी और क्लासिकल फॉर्मेट से दूरी का हवाला दिया। वे अब फ्रीस्टाइल चेस और ई-स्पोर्ट्स पर फोकस कर रहे हैं, जहां उनकी टीम लिक्विड ने 2025 ईडब्ल्यूसी जीता। उनकी अनुपस्थिति में भारतीयों को बेहतर मौका मिलेगा।
जर्मनी के विंसेंट केमर (विश्व नंबर 4) मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने यूरोपियन क्लब कप और टीम चैंपियनशिप में 18 रेटिंग पॉइंट्स जोड़े। डच ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी, जो हाल ही में समरकंद ग्रैंड स्विस जीत चुके हैं, कैंडिडेट्स के लिए पहले से क्वालिफाई हैं। वे ऊंचे हौसले के साथ उतरेंगे और उनकी रणनीतिक शैली टूर्नामेंट को रोमांचक बनाएगी।
अमेरिकी दिग्गज वेस्ले सो और लेवोन आरोनियन (आर्मेनिया-अमेरिका) भी बड़ा खतरा हैं। सो ने यूएस चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। आरोनियन 2017 विश्व कप विजेता हैं और इस साल कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट जीते। अन्य उभरते नामों में फ्रांस के अलैक्सांद्र डोनचेनको और रूस के इयान नेपोम्नियाच्ची शामिल हैं। फिडे रेटिंग लिस्ट के अनुसार, टूर्नामेंट में विविधता है, जिसमें युवा फेडरेशन नॉमिनी जैसे कोरिया के इसाक हू (2139) और लिबिया के नागी अबुगंदा (1972) भी हैं।
यह जानकारी डेक्कन क्रॉनिकल और हिंदुस्तान टाइम्स से एकत्र की गई है।
