दिल्ली विस्फोट के पीछे i20 ड्राइवर को अवैध माध्यमों से मिले 20 लाख रुपये: सूत्र
0 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुई Hyundai i20 कार में विस्फोट ने देश को झकझोर कर रख दिया। इस हिंसक हमले में 13 लोग मारे गए और कई घायल हुए। जांच में यह खुलासा हुआ कि कार चालक उमर मोहम्मद को अवैध वित्तीय माध्यमों से लगभग 20 लाख रुपये मिले थे। फरीदाबाद में विस्फोटक बरामद होने, हवाला कारोबार और विश्वविद्यालय से जुड़े संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच जारी है। यह मामला ‘व्हाइट कॉलर टेरर’ या सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा माना जा रहा है।
विस्फोट की घटना का विवरण
- विस्फोट स्थल: लाल किले के पास पार्किंग क्षेत्र
- विस्फोट का समय: 10 नवंबर 2025 शाम लगभग 6:52 बजे
- विस्फोटित वाहन: सफेद रंग की Hyundai i20 कार
- मृतकों की संख्या: 13
- घायल: कई लोग, अस्पताल में भर्ती
जांच में मुख्य खुलासे
| खुलासा | विवरण |
| चालक की पहचान | उमर मोहम्मद उर्फ उमर नबी, जम्मू-कश्मीर का निवासी |
| अवैध भुगतान | 20 लाख रुपये नकद व हवाला द्वारा प्राप्त |
| विस्फोटक सामग्री | फरीदाबाद से प्राप्त उर्वरक का उपयोग बम बनाने में |
| संदिग्ध गिरफ्तारी | तीन डॉक्टर व आठ अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया |
| आतंकवादी नेटवर्क | जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ा मॉड्यूल |
अवैध वित्तीय लेनदेन और हवाला का नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया कि हमले के लिए फंडिंग अवैध चैनलों से हुई। हवाला कारोबार के जरिए करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। उधर, संदिग्ध लोगों से पूछताछ जारी है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
आरोपी ड्राइवर उमर मोहम्मद का प्रोफाइल
- उम्र: 43 वर्ष
- पेशा: मेडिकल प्रोफेशनल, अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़ा
- निवास स्थान: पुलवामा, जम्मू-कश्मीर
- भूमिका: विस्फोट को अंजाम देने वाला और कार ड्राइवर
विस्फोट के समय की स्थिति
सीसीटीवी फुटेज में उमर को कार में अकेले देखा गया। धमाके के बाद कार में उमर का पैर स्टीयरिंग और एक्सीलेरेटर के बीच फंसा मिला, जो विस्फोट का संकेत देता है।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामला संभाला
- विस्फोट में उपयोग हुआ विस्फोटक बरामद
- जांच के दौरान कई संदिग्धों की गिरफ्तारी
- विश्वविद्यालय और हवाला नेटवर्क की गहन जांच
‘व्हाइट कॉलर टेरर’ का नया चेहरा
जांच में पता चला कि यह हमला पारंपरिक आतंकवादी गतिविधि से अलग होकर विशेषज्ञ और उच्च शिक्षित पेशेवरों द्वारा संचालित था। इसका उद्देश्य देश में भय फैलाना और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना था।
पढ़ने में आसान और जानकारीपूर्ण सारणी
| विषय | मुख्य तथ्य |
| विस्फोट तिथि | 10 नवंबर 2025 |
| विस्फोट स्थल | लाल किला पार्किंग, दिल्ली |
| मृतकों की संख्या | 13 |
| घायल | कई |
| कार चालक | उमर मोहम्मद |
| कनेक्शन | अवैध वित्तीय लेन-देन और आतंकवादी नेटवर्क |
| जांच एजेंसी | NIA |
निष्कर्ष
दिल्ली लाल किले के पास हुआ विस्फोट सिर्फ एक आतंकी हमला नहीं, बल्कि एक जटिल और सुनियोजित आतंकवादी नेटवर्क का हिस्सा था। आरोप है कि i20 ड्राइवर उमर मोहम्मद ने अवैध माध्यमों से 20 लाख रुपये लेकर इस घातक वारदात को अंजाम दिया। जांच एजेंसियां अब तक कई संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं और विस्तृत नेटवर्क का पता लगाने में लगी हैं। यह घटना भारत के लिए सुरक्षा चुनौती है और इसके पीछे के तार कई जगह जुड़े हैं, जिनका खुलासा भविष्य की जांच में होगा।
देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही, अवैध वित्तीय चैनलों और आतंकी मॉड्यूल के खात्मे के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। ऐसे आतंकवादी षड्यंत्रों को रोकने हेतु सार्वजनिक जागरूकता, बेहतर सुरक्षा तंत्र, और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।
