14 क्लाइमेट एडमिनिस्ट्रेशन, वाटर एंड एनवायरनमेंट टेकः गुयाना 2026 में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन
गुयाना दक्षिण अमेरिका का छोटा लेकिन रणनीतिक रूप से बेहद अहम देश है। इसकी ज़्यादातर आबादी समुद्र-स्तर से नीचे स्थित तटीय पट्टी में रहती है। बढ़ते समुद्र-स्तर, तटीय बाढ़ और चरम मौसम इसे जलवायु परिवर्तन की पहली पंक्ति पर खड़ा कर रहे हैं।
इसीलिए climate change adaptation in Guyana सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और रोज़गार का भी सवाल है। हाल के वर्षों में वर्ल्ड बैंक, IDB, JICA और अन्य साझेदारों ने तटीय सुरक्षा, ड्रेनेज, वाटर ट्रीटमेंट और डिजिटल मैनेजमेंट पर बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।
यह लेख 2026 के संदर्भ में 14 प्रमुख क्लाइमेट एडेप्टेशन, वाटर और एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में समझाता है। हर सेक्शन में फायदे, उदाहरण और आगे की चुनौतियों पर बात होगी, ताकि नीति-निर्माताओं, छात्रों और निवेशकों को एक साफ तस्वीर मिल सके।
गुयाना: जलवायु जोखिम और अनुकूलन की ज़रूरत
गुयाना की तटीय पट्टी संकरी, नीचे और बेहद संवेदनशील है। देश की ज़्यादातर आबादी, राजधानी Georgetown और मुख्य कृषि क्षेत्र यहीं हैं। यहाँ समुद्र-स्तर बढ़ने, तेज़ बारिश और नदी बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
2005 और 2022 जैसे बड़े बाढ़ों ने दिखा दिया कि पुरानी सी-डिफेंस और ड्रेनेज सिस्टम अब काफी नहीं हैं। घर, सड़क, फसल और उद्योगों को भारी नुकसान हुआ।
साथ ही, पानी की मांग बढ़ रही है। सरकार ने 2025 तक सभी को ट्रीटेड वाटर देने का लक्ष्य रखा है और 2025–2028 के लिए लगभग 28.3 बिलियन गुयानी डॉलर का निवेश प्लान बनाया है।
गुयाना में जलवायु परिवर्तन अनुकूलनः निटिया, फ़ंडिग और 2026 की खोज
देश की निम्न कार्बन विकास रणनीति (LCDS) 2030 जलवायु परिवर्तन के केंद्र में है। यह रणनीति की सुरक्षा, लो-कार्बन समूह और क्लैमेट फ़ाइनेंस को जोड़ती है और अनुकूलन को मुख्य धारा में होती है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय अनुकूलन योजना (एनएपी) और अन्य नीतियाँ, जल संशाधन, टाटा जोन, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक अनुकूलन की आवश्यकता है।
फाइनेंसिंग की बात करें तो:
- वर्ल्ड बैंक ने 2024 में 45 मिलियन अमेरिकी डॉलर का तटीय अनुकूलन और लचीलापन परियोजना की शुरुआत की, जो 45 से ज़यादा ड्रेनेज एसट्स (खस्कर स्लूइस) की मरमत/अपग्रेड करेगा और लगभग 3.2 लाख लोग को ग़ायब कर देंगे।
- GY-L1087 (GY-L1087) और IDB (JICA MILKAR) गुयाना क्लाइमेट रेजिलिएंट वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (GY-L1087) के तहत डायमंड और एस्पेस के इलेक्ट्रिक प्लांटों को विकसित किया गया है।
यह परियोजना गयाना में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के लिए है अब सर्फ कागज पर नहीं, बल्कि उद्योग और प्रौद्योगिकी के रूप में उत्तर में है।
1. क्लाइमेट-रेज़िलिएंट ड्रेनेज और इरिगेशन सिस्टम
गुयाना की तटीय पट्टी की सुरक्षा के लिए मजबूत ड्रेनेज और इरिगेशन सिस्टम सबसे पहली लाइन ऑफ डिफेंस है। नई योजनाएँ नहरों की गहराई बढ़ाने, पंप स्टेशन अपग्रेड करने और स्वचालित गेट लगाने पर केंद्रित हैं।
Coastal Adaptation and Resilience Project के तहत 45 से ज़्यादा ड्रेनेज एसेट्स की मरम्मत या रीप्लेसमेंट से भारी बारिश के दौरान पानी निकासी तेज़ होगी। इससे किसानों, शहरी इलाक़ों और सड़कों पर जल-भराव कम होने की उम्मीद है।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| ड्रेनेज अपग्रेड | नहरों की सफाई, चौड़ीकरण | अधिक बारिश के लिए तैयार क्षमता | कम शहरी व ग्रामीण बाढ़ |
| स्लूइस रीहैबिलिटेशन | पुराने गेट बदलना, ऑटो सिस्टम | 45+ एसेट्स पर काम जारी | तेज़ व नियंत्रित जल निकासी |
| पंप स्टेशन मॉडर्नाइजेशन | हाई-कैपेसिटी पंप, बैकअप पावर | बाढ़ के दौरान निरंतर संचालन | फसल और घरों की सुरक्षा |
| इरिगेशन सुधार | कंजरवेंसी और नहर नेटवर्क बेहतर | सूखे समय में भी सिंचाई | कृषि productivity में बढ़ोतरी |
2. आधुनिक सी-डिफेंस, तटीय बांध और फ्लड बैरियर्स
समुद्र-स्तर तेजी से बढ़ रहा है और तटीय erosion बढ़ती जा रही है। आधुनिक sea walls, groynes और दुरुस्त embankments इस coastal strip को बचाने के लिए ज़रूरी हैं।
नए प्रोजेक्ट्स का लक्ष्य है कि पुराने, कमज़ोर हिस्सों को मजबूत concrete या मिश्रित संरचनाओं से बदला जाए, साथ ही डिज़ाइन में भविष्य के क्लाइमेट परिदृश्यों को शामिल किया जाए।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| सी-वाल स्ट्रेंथनिंग | ऊंचाई बढ़ाना, नए सेक्शन बनाना | प्राथमिक उच्च-जोखिम क्षेत्रों पर फोकस | समुद्री लहरों और स्टॉर्म सर्ज से सुरक्षा |
| फ्लड बैरियर्स | नदी-मुखों पर मूवेबल गेट | बड़े प्रोजेक्ट प्लानिंग चरण में | चरम ज्वार के समय अतिरिक्त सुरक्षा |
| एंबैंकमेंट रिइन्फोर्समेंट | मिट्टी + geotextile, कंक्रीट | धीमी लेकिन steady प्रोग्रेस | erosion और seepage में कमी |
| हाइब्रिड सॉल्यूशंस | हार्ड + nature-based (मैंग्रोव) | कई प्रोजेक्ट्स में पायलट | इंजीनियरिंग + इकोलॉजी का संतुलन |
3. क्लाइमेट-रेज़िलिएंट वाटर ट्रीटमेंट और डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर
गुयाना सरकार 2025 तक तटीय इलाक़ों में ट्रीटेड वाटर एक्सेस 52% से 90% तक ले जाना चाहती है। इसके लिए नई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, बेहतर पाइप नेटवर्क और बैकअप सिस्टम पर खर्च बढ़ा है
डायमंड बन रहा आधुनिक सरफेस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगभग 30,000 से ज्यादा ज्यादा बचत पानी देगा। यह गुयाना क्लाइमेट रेजिलिएंट वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है, आईडीबी और जाइका से 52 मिलियन डॉलर से अधिक फाइनेंसेज शामिल हैं।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| नई ट्रीटमेंट प्लांट | सर्फेस वाटर का ट्रीटमेंट | Diamond व अन्य साइटों पर निर्माण | बेहतर जल गुणवत्ता, कम बीमारी |
| पाइप नेटवर्क अपग्रेड | पुरानी लाइनों की रिप्लेसमेंट | उच्च-लीकेज ज़ोन पर फोकस | प्रेशर और सप्लाई स्थिर |
| बैकअप और रेजिलिएंस | ड्यूल पावर, रिज़र्व टैंक | क्रिटिकल ज़ोन में प्राथमिकता | बाढ़ या सूखे में भी सेवा चालू |
| ग्रामीण एक्सपैंशन | नए कनेक्शन, स्टैंडपाइप | 2025–2028 निवेश योजना | ग्रामीण जल असमानता में कमी |
4. स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल वाटर मैनेजमेंट
Non-Revenue Water (लीकेज, अवैध कनेक्शन आदि) गुयाना के लिए बड़ी समस्या है। स्मार्ट मीटर, District Metered Areas (DMA) और SCADA सिस्टम से अब पानी के प्रवाह और लीकेज की बेहतर निगरानी संभव हो रही है।
डिजिटलाइजेशन से बिलिंग सटीक होती है, लागत घटती है और यूटिलिटी की वित्तीय स्थिति बेहतर होती है।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| स्मार्ट मीटरिंग | डिजिटल मीटर, रिमोट रीडिंग | शहरी क्षेत्रों में स्केल-अप | सटीक बिलिंग, कम विवाद |
| DMA प्रोग्राम | ज़ोन-आधारित फ्लो मॉनिटरिंग | रणनीतिक क्षेत्रों में रोलआउट | लीकेज लोकेशन जल्दी पता |
| SCADA सिस्टम | पंप, टैंक, प्रेशर का Live डेटा | कुछ प्लांट्स में फंक्शनल | रियल-टाइम ऑपरेशन कंट्रोल |
| डेटा एनालिटिक्स | कंजम्प्शन पैटर्न, पूर्वानुमान | 2025–2028 में और गहराई | बेहतर प्लानिंग और टैरिफ डिज़ाइन |
5. फ्लड और एक्सट्रीम वेदर के लिए अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (EWS)
जब बाढ़ की चेतावनी समय पर मिलती है, तो जान-माल का नुकसान काफी कम हो सकता है। गुयाना में हाइड्रोलॉजिकल डेटा, मौसम पूर्वानुमान और सामुदायिक नेटवर्क पर आधारित EWS को मजबूत किया जा रहा है।
SMS अलर्ट, रेडियो, सोशल मीडिया और स्थानीय नेतृत्व के ज़रिए संदेश पहुंचाने की कोशिश होती है, ताकि लोग अपने घर, दस्तावेज़ और पशुओं को सुरक्षित रख सकें।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| हाइड्रोलॉजिकल मॉनिटरिंग | नदी स्तर, बारिश गेज | अधिक स्टेशन और स्वचालन | समय पर बाढ़ अलर्ट |
| मौसम पूर्वानुमान | शॉर्ट-टर्म और सीज़नल आउटपुट | क्षेत्रीय सहयोग से बेहतर | planning और फसल चयन में मदद |
| कम्युनिकेशन चैनल | SMS, रेडियो, सोशल मीडिया | outreach में विस्तार | अधिक लोगों तक तेज़ संदेश |
| कम्युनिटी प्रोटोकॉल | निकासी प्लान, सुरक्षित केंद्र | हाई-रिस्क गांवों में ट्रेनिंग | panic कम, संगठित रिस्पॉन्स |
6. नेचर-बेस्ड सॉल्यूशंस: मैंग्रोव, वेटलैंड और इकोसिस्टम रिस्टोरेशन
मैंग्रोव जंगल समुद्री लहरों और तूफानों के लिए प्राकृतिक ढाल का काम करते हैं। LCDS 2030 और NAP दोनों मैंग्रोव, वेटलैंड और river buffers के पुनर्स्थापन को तवज्जो देते हैं।
ये समाधान केवल coastal protection ही नहीं देते, बल्कि कार्बन sequestration, मछली पालन व tourism जैसी अतिरिक्त सेवाएँ भी देते हैं।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| मैंग्रोव रिस्टोरेशन | प्लांटेशन, fencing, मॉनिटरिंग | चुनिंदा तटीय ज़ोन में प्रोग्राम | wave energy कम, erosion घटे |
| वेटलैंड संरक्षण | ड्रेनेज डिज़ाइन में wetlands बचाना | प्रोजेक्ट planning में इंटीग्रेशन | flood स्टोरेज, biodiversity |
| रिवर बफ़र ज़ोन | नदी किनारे green belts | कृषि ज़ोन में पायलट | sediment और प्रदूषण कम |
| कम्युनिटी इन्वॉल्वमेंट | प्लांटिंग ड्राइव, awareness | कई villages में ongoing | स्थानीय ownership और jobs |
7. क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर और वॉटर-एफिशिएंट इरिगेशन टेक
कृषि गुयाना की food security और rural jobs के लिए critical है। सूखा, अनियमित बारिश और नमकीनपन फसल पर दबाव बढ़ा रहे हैं।
क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर में ड्रिप और sprinkler irrigation, drought-resilient varieties और बेहतर soil management शामिल हैं।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| ड्रिप/स्प्रिंकलर इरिगेशन | targeted पानी, कम wastage | selected farms पर adoption | पानी की बचत, बेहतर yield |
| जलवायु-रेज़िलिएंट फसलें | सूखा/नमक सहिष्णु varieties | research और trials जारी | विफलता का जोखिम कम |
| agro-advisory services | मौसम आधारित सलाह, ऐप्स | region-wise rollout | इनपुट और कटाई का सही समय |
| soil & water management | mulching, rainwater harvesting | training प्रोग्राम्स | मिट्टी की सेहत और moisture better |
8. अर्बन ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टॉर्मवॉटर मैनेजमेंट
Georgetown और अन्य शहरी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जल-भराव आम बात है। ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे पार्क, पेड़, permeable pavements और urban ponds, स्टॉर्मवॉटर को सोखने और स्टोर करने में मदद करते हैं।
ये उपाय साथ ही शहरी heat island प्रभाव कम कर सकते हैं और लोगों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान भी बनाते हैं।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| permeable pavements | पानी नीचे ज़मीन में जाने दे | नए प्रोजेक्ट्स में incorporation | जल-भराव कम, groundwater recharge |
| urban ponds | storage और recreational space | मास्टर प्लान में जगह | peak फ्लो कम, biodiversity |
| पेड़ और पार्क | shade, evapotranspiration | शहरी beautification के साथ | तापमान कम, स्वास्थ्य लाभ |
| rooftop rainwater harvesting | छतों पर टैंक सिस्टम | पॉलिसी इंसेंटिव पर चर्चा | municipal supply पर दबाव कम |
9. इंटीग्रेटेड वाटर रिसोर्सेज मैनेजमेंट (IWRM) टूल्स और मॉडलिंग
कृषि, शहर, उद्योग और इकोसिस्टम – सबको पानी चाहिए। IWRM का लक्ष्य है कि सभी सेक्टर का बैलेंस बनाकर पानी का sustainable उपयोग हो। इसके लिए हाइड्रोलॉजिकल मॉडल, demand forecast और scenario analysis टूल्स का उपयोग बढ़ रहा है।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| basin-level मॉडलिंग | नदी, कंजरवेंसी, ड्रेनेज नेटवर्क | बड़े प्रोजेक्ट्स में स्टडीज़ | वैज्ञानिक निर्णय, कम guesswork |
| demand forecast टूल्स | आबादी, उद्योग, climate scenarios | water utility planning में उपयोग | supply योजनाएँ यथार्थवादी |
| multi-sector प्लानिंग | कृषि, ऊर्जा, शहरी ज़रूरतें | नीतिगत स्तर पर समन्वय | conflict कम, synergy अधिक |
| decision-support सिस्टम | dashboards, maps | धीरे-धीरे adoption | policy-makers के लिए आसान visualization |
10. वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट, री-यूज़ और सर्कुलर वॉटर सिस्टम
शहरों में untreated वेस्टवॉटर नदियों और समुद्र को प्रदूषित करता है। decentralised treatment और treated पानी के reuse से ताज़े पानी पर दबाव कम हो सकता है।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| छोटे treatment प्लांट | स्थानीय स्तर पर treatment | नए housing ज़ोन में पायलट | कम प्रदूषण, बेहतर स्वास्थ्य |
| reuse सिस्टम | treated पानी से सिंचाई/इंडस्ट्री | policy फ्रेमवर्क विकसित हो रहा | freshwater demand कम |
| constructed wetlands | nature-based treatment | selected sites पर ऑप्शन | कम ऊर्जा, high co-benefits |
| sludge management | सुरक्षित sludge handling | future प्रोजेक्ट्स एजेंडा पर | मिट्टी सुधार के अवसर |
11. रिन्यूएबल एनर्जी-पावर्ड वाटर सिस्टम और हाइब्रिड मॉडल
पानी पंप करने और ट्रीटमेंट प्लांट चलाने के लिए ऊर्जा चाहिए। सोलर और हाइब्रिड सिस्टम दूर-दराज़ इलाकों में खास उपयोगी हैं, जहाँ ग्रिड विश्वसनीय नहीं है।
दूसरी तरफ, गैस-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट से national grid को अधिक स्थिर और सस्ता बनाकर अप्रत्यक्ष रूप से climate change adaptation in Guyana को सपोर्ट करने की उम्मीद भी है, हालांकि इस पर पर्यावरण समूहों की बहस जारी है।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| सोलर-पावर्ड पंप | ऑफ-ग्रिड पंपिंग सिस्टम | hinterland में पायलट | कम ऑपरेटिंग लागत, कम उत्सर्जन |
| हाइब्रिड energy mix | grid + solar/backup | critical water assets पर फोकस | सेवा continuity अधिक |
| गैस-टू-एनर्जी सपोर्ट | अधिक स्थिर grid | निर्माण और फाइनेंस जारी | इंडस्ट्री और यूटिलिटी के लिए reliable power |
| energy efficiency | efficient motors, VFDs | future upgrades में शामिल | बिजली बिल और उत्सर्जन दोनों कम |
LCDS 2030 के तहत forests, wetlands और अन्य ecosystems की स्थिति ट्रैक करने के लिए satellite imagery, drones और MRV (Monitoring, Reporting and Verification) सिस्टम का उपयोग बढ़ा है।
ये टेक्नोलॉजी coastal erosion, deforestation और बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों को जल्दी पहचानने में मदद करती हैं।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| satellite मॉनिटरिंग | forest cover, shoreline change | periodic national reports | तेज़ और व्यापक डेटा |
| drones | लोकल हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेज | key प्रोजेक्ट साइट्स पर उपयोग | detailed assessment, low cost |
| MRV प्लेटफॉर्म | डेटा, रिपोर्ट, verification | LCDS 2030 implementation का हिस्सा | क्लाइमेट फाइनेंस के लिए भरोसेमंद रिपोर्ट |
| citizen reporting | app या hotline से रिपोर्ट | future expansion की संभावना | ground-level insights जोड़ना |
13. डिजिटल क्लाइमेट इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म और Knowledge Portals
किसानों, मछुआरों और स्थानीय अधिकारियों के लिए भरोसेमंद climate और water information ज़रूरी है। national portals और apps मौसम, बाढ़ जोखिम और advisory सेवाएँ साझा करते हैं।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| climate information portals | वेब पोर्टल, मैप, रिपोर्ट | कंटेंट अपडेट और integration | नीति और planning के लिए single window |
| mobile apps | मौसम, advisory alerts | farmers के लिए targeted rollout | खेती और मछली पकड़ने के फैसलों में मदद |
| sectoral dashboards | जल, कृषि, coastal indicators | ministries के लिए tools | cross-sector coordination आसान |
| multi-language support | English + स्थानीय बोली | future scope | अधिक लोगों की पहुंच |
14. स्थानीय तकनीक, मोबाइल उपकरण और क्षमता निर्माण
टेकनोलाॅजी तब भी धीमी गति से चलती है जब आप उनसे संपर्क करते हैं। इस परियोजना का सहभागी मानचित्रण, सामुदायिक बाढ़ मानचित्र और लोक सूचना प्रणाली पर काम कर रहे हैं। महिला समूह, युवा और स्थायी डेटा संग्रह, जागरूकता और तैयारी अभ्यास में भूमिका निभाएंगी।
| पहल | क्या शामिल है | 2026 की दिशा | मुख्य लाभ |
| participatory mapping | गाँव-स्तर पर risk मैप | coastal व riverine गांवों में पायलट | लोगों को अपने जोखिम की समझ |
| community alert सिस्टम | लोकल sirens, व्हाट्सऐप ग्रुप | अधिक standardisation की ज़रूरत | तेज़, भरोसेमंद सूचना चैनल |
| training और drills | मॉक evacuation, first aid | NDMA व NGOs के साथ | आपदा के समय panic कम |
| gender-inclusive approaches | महिलाओं और vulnerable groups की भागीदारी | नीति में अधिक ज़ोर | अधिक न्यायसंगत व effective adaptation |
भविष्य के लिए चुनौतियाँ और अवसर
इतनी टेक्नोलॉजी के बावजूद चुनौतियाँ कम नहीं हैं। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की O&M लागत, skills की कमी, और data gaps अभी भी climate change adaptation in Guyana को सीमित कर सकते हैं।
साथ ही, तेल और गैस से मिलने वाली नई आय और लो-कार्बन विकास के बीच संतुलन बनाना भी आसान नहीं होगा। LCDS 2030 इस संतुलन को policy स्तर पर address करने की कोशिश करती है, लेकिन प्रैक्टिकल implementation में tough choices सामने आएँगे।
अवसर भी उतने ही बड़े हैं। water और climate tech में स्थानीय स्टार्टअप, regional cooperation (CARICOM स्तर पर), और education–research partnerships गुयाना को एक मॉडल बना सकते हैं कि कैसे छोटा देश भी बड़े क्लाइमेट जोखिम से उबरने की राह दिखा सकता है।
निष्कर्ष: गुयाना में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन
गुयाना दिखा रहा है कि जलवायु अनुकूलन (क्लाइमेट एडेप्टेशन) सिर्फ एक प्रोजेक्ट या एक तकनीक नहीं, बल्कि ड्रेनेज से लेकर डिजिटल डेटा तक फैला हुआ पूरा पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) है। तटीय सुरक्षा, जलवायु-प्रतिरोधी जल अवसंरचना, प्रकृति-आधारित समाधान और समुदाय-आधारित अनुकूलन – ये सब मिलकर गुयाना में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन को वास्तविक रूप दे रहे हैं।
अन्य छोटे, निचले इलाकों वाले और वन-समृद्ध देश गुयाना के अनुभव से सीख सकते हैं कि कैसे दीर्घकालिक दृष्टिकोण (LCDS 2030), लक्षित वित्तपोषण और स्थानीय भागीदारी मिलकर जल, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को अधिक सुरक्षित बना सकते हैं।
