व्यक्तिगत वित्तवित्त

अगर आप माता-पिता के साथ रहते हैं, तो भी HRA छूट का दावा कैसे करें

आज के समय में हर वेतनभोगी व्यक्ति (Salaried Person) टैक्स बचाने के तरीके खोजता है। हाउस रेंट अलाउंस (HRA) टैक्स बचाने का एक बहुत ही लोकप्रिय जरिया है। लेकिन, अक्सर लोग यह सोचते हैं कि अगर वे अपने माता-पिता के साथ रहते हैं, तो उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सकता।

आप विषय-सूची खोल सकते हैं show

यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। आयकर अधिनियम (Income Tax Act) आपको इसकी अनुमति देता है। अगर आप अपने माता-पिता के घर में रहते हैं, तो भी आप Parents Ke Sath Rehkar HRA Claim कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको कुछ नियमों का पालन करना होगा और प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करना होगा।

इस विस्तृत गाइड में, हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप बताएंगे कि आप यह कैसे कर सकते हैं। हम रेंट एग्रीमेंट से लेकर आईटीआर फाइलिंग तक हर पहलू पर चर्चा करेंगे।

यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में एक बड़ी आबादी अपने परिवार के साथ रहती है। विशेषकर युवा नौकरीपेशा लोग करियर की शुरुआत में अपने माता-पिता के साथ ही रहना पसंद करते हैं। ऐसे में HRA का लाभ छोड़ देना समझदारी नहीं है।

सरकार ने रेंट देकर टैक्स बचाने का विकल्प दिया है, चाहे वह रेंट आप लैंडलॉर्ड को दें या अपने माता-पिता को। सही जानकारी न होने के कारण लाखों लोग हर साल हजारों रुपये का एक्स्ट्रा टैक्स भर देते हैं। यह लेख आपको उस नुकसान से बचाने और आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

माता-पिता के साथ रहकर एचआरए क्लेम करने के 10 प्रमुख नियम और तरीके

नीचे हमने इस प्रक्रिया को 10 विस्तृत चरणों में विभाजित किया है। इन नियमों का पालन करके आप कानूनी रूप से टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं।

1. मकान का मालिकाना हक (Property Ownership Check)

सबसे पहली और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि जिस घर में आप रह रहे हैं, उसके मालिक आप नहीं होने चाहिए। Parents Ke Sath Rehkar HRA Claim करने के लिए घर आपके माता या पिता के नाम पर होना चाहिए।

यदि आप उस घर के सह-मालिक (Co-owner) हैं, तो आप HRA क्लेम नहीं कर सकते। घर का स्वामित्व पूरी तरह से माता-पिता या उनमें से किसी एक के पास होना चाहिए। अगर घर पुश्तैनी है और उसमें आपका भी हिस्सा है, तो तकनीकी रूप से क्लेम करना मुश्किल हो सकता है।

मुख्य बिंदु विवरण
मालिकाना हक माता या पिता के नाम पर होना अनिवार्य है।
आपकी स्थिति आप घर के मालिक या सह-मालिक नहीं होने चाहिए।
जोखिम सह-मालिक होने पर HRA क्लेम खारिज हो सकता है।

2. रेंट एग्रीमेंट बनाना (Drafting Rent Agreement)

सिर्फ जुबानी तौर पर यह कहना काफी नहीं है कि आप रेंट दे रहे हैं। टैक्स विभाग को लिखित सबूत चाहिए। इसलिए, आपके और आपके माता-पिता के बीच एक रेंट एग्रीमेंट होना बहुत जरूरी है।

यह एग्रीमेंट कानूनी होना चाहिए। इसमें रेंट की राशि, अवधि, और अन्य शर्तें साफ-साफ लिखी होनी चाहिए। भले ही यह परिवार का मामला है, लेकिन टैक्स के लिए इसे एक औपचारिक किरायेदारी (Tenancy) की तरह ही देखा जाता है।

मुख्य बिंदु विवरण
दस्तावेज लिखित रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य है।
स्टांप पेपर इसे उचित मूल्य के स्टांप पेपर पर बनवाएं।
अवधि आमतौर पर 11 महीने का एग्रीमेंट बेहतर रहता है।

3. रेंट की वास्तविक पेमेंट (Actual Rent Payment)

कई लोग सिर्फ रेंट रसीदें जमा कर देते हैं लेकिन असल में पैसे नहीं देते। यह गैर-कानूनी है और टैक्स चोरी मानी जाती है। Parents Ke Sath Rehkar HRA Claim को वैध बनाने के लिए आपको वास्तव में अपने माता-पिता को रेंट देना होगा।

यह भुगतान कैश में करने से बचें। रेंट का भुगतान बैंक ट्रांसफर, चेक या यूपीआई (UPI) के जरिए करें। इससे आपके पास पेमेंट का पक्का सबूत (Digital Trail) रहेगा। अगर कभी टैक्स विभाग ने जांच की, तो बैंक स्टेटमेंट आपका सबसे बड़ा सबूत होगा।

मुख्य बिंदु विवरण
भुगतान का तरीका बैंक ट्रांसफर या चेक का उपयोग करें।
नियमितता रेंट हर महीने या तिमाही आधार पर दें।
सबूत बैंक स्टेटमेंट को सुरक्षित रखें।

4. रेंट रसीदें प्राप्त करना (Generating Rent Receipts)

रेंट एग्रीमेंट के साथ-साथ रेंट रसीदें भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। जब आप अपनी कंपनी को प्रूफ जमा करेंगे, तो वे आपसे रेंट रसीदें मांगेंगे। आपको अपने माता-पिता से रसीद पर साइन करवाने होंगे।

रसीद में किरायेदार का नाम, मकान मालिक का नाम, रेंट की राशि, पता और भुगतान की तारीख होनी चाहिए। रसीद पर मकान मालिक (माता या पिता) के हस्ताक्षर जरूरी हैं। अगर रेंट साल में 1 लाख रुपये से ज्यादा है, तो रसीद पर रेवेन्यू स्टांप (Revenue Stamp) लगाना भी एक अच्छी आदत है।

मुख्य बिंदु विवरण
कब चाहिए? कंपनी को इन्वेस्टमेंट प्रूफ देते समय।
हस्ताक्षर रसीद पर माता या पिता के साइन होने चाहिए।
विवरण राशि, तारीख और पता स्पष्ट होना चाहिए।

5. माता-पिता की आय में रेंट जोड़ना (Adding Rent to Parents’ Income)

यह इस प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू है। जो पैसा आप रेंट के रूप में दे रहे हैं, वह आपके माता-पिता के लिए आय (Income) है। इसलिए, उन्हें अपनी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में इस रेंट को ‘आय’ के रूप में दिखाना होगा।

अगर वे इसे अपनी आय में नहीं दिखाते हैं, तो विभाग आपके Parents Ke Sath Rehkar HRA Claim को गलत मान सकता है। हालांकि, उन्हें 30% का स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) मिलता है, जिससे उनकी टैक्स देनदारी कम हो जाती है।

claim hra living with parents

मुख्य बिंदु विवरण
ITR फाइलिंग माता-पिता को रेंट को आय के रूप में दिखाना होगा।
हेड (Head) ‘Income from House Property’ के तहत रिपोर्ट करें।
लाभ उन्हें रेंट पर 30% की छूट मिलती है।

6. पैन कार्ड की अनिवार्यता (PAN Card Requirement)

आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, यदि आप साल भर में 1,00,000 रुपये से अधिक रेंट देते हैं, तो आपको अपने मकान मालिक (माता-पिता) का पैन कार्ड (PAN Card) अपनी कंपनी को देना होगा।

अगर आपके माता-पिता के पास पैन कार्ड नहीं है, तो आपको उनसे एक घोषणा पत्र (Declaration) लेना होगा। लेकिन 1 लाख से ऊपर के रेंट पर पैन कार्ड देना सबसे सुरक्षित तरीका है। यह टैक्स फ्रॉड को रोकने के लिए सरकार का एक नियम है।

मुख्य बिंदु विवरण
सीमा 1 लाख रुपये सालाना से अधिक रेंट पर।
जरूरत मकान मालिक का पैन कार्ड अनिवार्य है।
विकल्प पैन न होने पर घोषणा पत्र (Declaration)।

7. माता-पिता की उम्र और टैक्स स्लैब (Consider Parents’ Age & Tax Slab)

यह रणनीति तब सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है जब आपके माता-पिता की आय कम हो या वे टैक्स स्लैब से नीचे आते हों। अगर आपके माता-पिता पहले से ही हाई टैक्स ब्रैकेट (High Tax Bracket) में हैं, तो उन्हें रेंट देने से उनका टैक्स बढ़ सकता है।

सीनियर सिटीजन (60 वर्ष से ऊपर) के लिए टैक्स छूट की सीमा अधिक होती है। इसलिए, अगर आप रेंट अपनी मां या पिता में से किसी ऐसे को दें जिनकी आय कम है, तो पूरे परिवार के रूप में आप ज्यादा टैक्स बचा पाएंगे।

मुख्य बिंदु विवरण
टैक्स स्लैब कम आय वाले माता-पिता को रेंट देना बेहतर है।
सीनियर सिटीजन 60+ उम्र होने पर टैक्स छूट की सीमा ज्यादा होती है।
प्लानिंग कुल पारिवारिक टैक्स देनदारी की गणना पहले करें।

8. HRA छूट की गणना (Calculating HRA Exemption)

आपको कितना टैक्स लाभ मिलेगा, यह तीन शर्तों पर निर्भर करता है। इनमें से जो भी राशि सबसे कम होगी, उतनी ही छूट आपको मिलेगी। यह गणना इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 10(13A) के तहत होती है।

  1. वास्तविक HRA जो कंपनी से मिला है।
  2. मेट्रो शहर में सैलरी का 50% या नॉन-मेट्रो में 40%।
  3. वास्तविक रेंट में से सैलरी का 10% घटाने पर बची राशि।

आपको अपनी सैलरी स्लिप और रेंट की राशि के आधार पर यह कैलकुलेशन करनी होगी।

मुख्य बिंदु विवरण
नियम तीन शर्तों में से सबसे कम राशि कर-मुक्त (Exempt) होगी।
सैलरी बेसिक सैलरी + डीए (Basic + DA)।
स्थान मेट्रो और नॉन-मेट्रो शहरों के लिए नियम अलग हैं।

9. संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति (Jointly Owned Property)

अगर घर माता और पिता दोनों के नाम पर है, तो आप क्या करेंगे? ऐसी स्थिति में आप रेंट को दो हिस्सों में बांट सकते हैं। आप आधा रेंट मां को और आधा पिता को दे सकते हैं।

इससे फायदा यह होगा कि रेंट की आय दोनों में बंट जाएगी और किसी एक पर टैक्स का बोझ नहीं पड़ेगा। इसके लिए आपको रेंट एग्रीमेंट में दोनों का नाम शामिल करना होगा और दोनों के बैंक खातों में अलग-अलग पैसा जमा करना होगा।

मुख्य बिंदु विवरण
बंटवारा रेंट को दोनों मालिकों में बांट दें।
बैंक ट्रांसफर दोनों के खातों में अलग-अलग पैसा भेजें।
फायदा टैक्स देनदारी बंट जाती है (Income Splitting)।

10. पति-पत्नी के साथ रेंट एग्रीमेंट (Husband-Wife Relationship Restriction)

यह एक बहुत महत्वपूर्ण बिंदु है। आप Parents Ke Sath Rehkar HRA Claim कर सकते हैं, लेकिन आप अपने पति या पत्नी को रेंट देकर HRA क्लेम नहीं कर सकते। आयकर विभाग पति-पत्नी के रिश्ते में रेंट एग्रीमेंट को मान्य नहीं मानता क्योंकि वे एक साथ रहने के लिए बाध्य माने जाते हैं।

लेकिन माता-पिता और बच्चों का रिश्ता अलग है। आप कानूनी रूप से अपने माता-पिता के किरायेदार बन सकते हैं। इसलिए, यह तरीका केवल माता-पिता के घर के लिए ही अपनाएं, जीवनसाथी के घर के लिए नहीं।

मुख्य बिंदु विवरण
प्रतिबंध पति-पत्नी के बीच रेंट एग्रीमेंट मान्य नहीं है।
वैधता केवल माता-पिता के साथ यह रिश्ता व्यावसायिक हो सकता है।
सतर्कता गलत क्लेम करने पर जुर्माना लग सकता है।

माता-पिता के साथ रहकर एचआरए क्लेम करने के फायदे

इस प्रक्रिया को अपनाने के कई आर्थिक लाभ हैं। यह सिर्फ टैक्स बचाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह परिवार की वित्तीय प्लानिंग (Financial Planning) का हिस्सा है।

  1. टैक्स की बचत: आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाती है, जिससे आपकी जेब में ज्यादा सैलरी आती है।
  2. माता-पिता की सहायता: आप जो पैसा टैक्स में सरकार को देते, वह अब आपके माता-पिता के पास जाता है। यह उनके लिए एक अतिरिक्त आय बन जाती है।
  3. व्हाइट मनी: माता-पिता को मिलने वाला रेंट बैंक में आता है, जिससे उनके पास ‘व्हाइट मनी’ का सबूत रहता है। यह लोन लेने या वीजा अप्लाई करने में उनकी मदद कर सकता है।
  4. निवेश के मौके: माता-पिता रेंट की आय को सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम या एफडी (FD) में निवेश कर सकते हैं, जिससे घर में और पैसा आता है।

सामान्य गलतियां जिनसे बचना चाहिए

बहुत से लोग जानकारी के अभाव में गलतियां करते हैं जिससे उन्हें बाद में नोटिस आ सकता है। Parents Ke Sath Rehkar HRA Claim करते समय इन बातों का ध्यान रखें:

  • नकली रसीदें: कभी भी बिना पैसे दिए सिर्फ रसीद जमा न करें। अगर स्क्रूटनी (Scrutiny) हुई, तो यह धोखाधड़ी मानी जाएगी।
  • अतार्किक रेंट: रेंट की राशि बाजार भाव (Market Rate) के आसपास होनी चाहिए। अगर आपके इलाके में रेंट 10,000 है और आप 50,000 का क्लेम कर रहे हैं, तो यह शक पैदा करेगा।
  • माता-पिता की ITR न भरना: अगर आप क्लेम कर रहे हैं और वे ITR नहीं भर रहे, तो डेटा मिसमैच (Data Mismatch) हो जाएगा।
  • बिल आपके नाम पर होना: कोशिश करें कि बिजली या गैस का बिल माता-पिता के नाम पर ही हो, क्योंकि वे मकान मालिक हैं।

निष्कर्ष

अपने माता-पिता के साथ रहते हुए HRA का लाभ उठाना पूरी तरह से कानूनी और स्मार्ट वित्तीय कदम है। Parents Ke Sath Rehkar HRA Claim करने के लिए आपको बस अनुशासन और सही कागजी कार्रवाई की जरूरत है।

याद रखें, इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स बचाना है, लेकिन यह नियमों के दायरे में होना चाहिए। रेंट एग्रीमेंट बनवाएं, बैंक से रेंट भेजें, और सुनिश्चित करें कि आपके माता-पिता इसे अपनी आय में दिखाएं। इस तरह, पैसा आपके परिवार के भीतर ही रहता है और आप अपनी मेहनत की कमाई पर लगने वाले टैक्स को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

अगर आपने अभी तक इसका लाभ नहीं उठाया है, तो आज ही अपने माता-पिता से बात करें और अगले वित्त वर्ष (Financial Year) के लिए इसकी प्लानिंग शुरू करें।