केप वर्डे विश्व कप तक पहुंचने वाला दूसरा सबसे छोटा देश बना
केप वर्ड ने इतिहास रचते हुए फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाली दूसरी सबसे कम आबादी वाली राष्ट्र का गौरव हासिल किया है। “ब्लू शार्क” कहलाने वाले इन द्वीपवासियों ने 13 अक्टूबर 2025 को राजधानी प्राइया के नेशनल स्टेडियम में इस्वातिनी को 3-0 से हराकर अफ्रीकी क्वालीफायर के ग्रुप डी में पहला स्थान सुनिश्चित किया और 2026 में कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका में होने वाले फाइनल्स के लिए सीधा टिकट पा लिया। इस जीत ने उन्हें कैमरून जैसी बड़ी टीमों से ऊपर पहुंचा दिया — कैमरून ने आठ बार विश्व कप में भाग लिया है — और यह दर्शाता है कि टूर्नामेंट को 48 टीमों तक बढ़ाने का असर कितना बड़ा है, जिससे अफ्रीका को अब नौ सीधे स्थान मिलते हैं।
राजधानी में खेले गए मुकाबले में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। 15,000 सीटों वाला स्टेडियम कुछ ही समय में भर गया और सरकार ने आधा दिन का राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया ताकि नागरिक टीम का समर्थन कर सकें। मैच में 48वें मिनट पर डैलन लिवरामेंटो ने विली सेमेडो के सटीक क्रॉस को नियंत्रित करते हुए दाएं पैर से गोल किया और गोलकीपर शबलाला को मात दी। इसके छह मिनट बाद 54वें मिनट में सेमेडो ने डीनी के रिबाउंड पर हेडर या करीब से शॉट मारकर दूसरा गोल किया, जिसे देखते ही दर्शक मैदान में उतर आए। 37 वर्षीय अनुभवी खिलाड़ी स्टोपिरा, जिन्होंने 2008 के बाद से 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, ने बतौर सब्स्टीट्यूट अतिरिक्त समय (90+1) में हेडर से तीसरा गोल किया और स्टेडियम में उत्सव का माहौल बन गया, जिसमें राष्ट्रपति जोस मारिया नेवेस भी शामिल हुए।
पहला हाफ काफी तनावपूर्ण रहा और मौके कम बने। लिवरामेंटो का एक शॉट 25वें मिनट में बाहर गया, जबकि जैमिरो मोंटेइरो को शबलाला ने रोक दिया। इस्वातिनी के मकोलिसी मनाना का 30वें मिनट में एक हेडर ऊपर चला गया। केप वर्ड के पेनल्टी क्षेत्र में एक विवादित घटना पर पेनल्टी न देने के कारण विरोध हुआ, लेकिन तंजानियाई रेफरी अहमद अरजीगा ने खेल जारी रखा और हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा। दूसरे हाफ में केप वर्ड ने मजबूती दिखाई। 85वें मिनट में स्टोपिरा जुयारी सोअरेस की जगह मैदान पर उतरे और अंत के गोल से टीम की जीत पक्की कर दी। ग्रुप तालिका में उन्होंने 23 अंक जुटाए, जो कैमरून से चार अधिक हैं।
छोटे द्वीप, बड़े फुटबॉल सपने
केप वर्ड एक ज्वालामुखीय द्वीपसमूह है, जिसमें 10 मुख्य द्वीप और कई छोटे टापू हैं। यह अटलांटिक महासागर में सेनेगल से करीब 600 किमी दूर स्थित है और यहां की आबादी अनुमानित 5.25 से 6 लाख है (विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र 2023–2025)। 1975 में पुर्तगाल से स्वतंत्र होने वाला यह देश फुटबॉल को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बना चुका है, भले ही इसका आकार और संसाधन सीमित हों। 2002 के जापान-कोरिया विश्व कप के क्वालीफायर में इसने पहली बार हिस्सा लिया, लेकिन तब टीम नवोदित थी और लीग में केवल 12 क्लब थे।
अफ्रीकी कप ऑफ नेशंस (Afcon) में “ब्लू शार्क” ने कई बार उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन किया। 2013 में डेब्यू करते हुए वे क्वार्टरफाइनल तक पहुंचे और मोरक्को को पेनल्टी में हराया। 2023 Afcon में उन्होंने घाना को 2-1 से हराया, मिस्र से 2-2 से ड्रॉ खेला, लेकिन दक्षिण अफ्रीका से हार गए। फिलहाल वे फीफा रैंकिंग में 70वें स्थान पर हैं, जो एक दशक पहले 100+ स्थान से काफी बेहतर है।
क्वालीफिकेशन का सफर
ग्रुप डी में उनकी यात्रा नवंबर 2023 में शुरू हुई। शुरुआत में उन्होंने मॉरीशस को 1-0 से और लीबिया को 2-0 से हराया। असली मोड़ तब आया जब उन्होंने पिछले महीने कैमरून को 1-0 से हराया। इस जीत ने उन्हें टेबल में बढ़त दिला दी। हालांकि 8 अक्टूबर को त्रिपोली में लीबिया के खिलाफ वे पहले हाफ में 0-2 से पीछे थे लेकिन 85वें मिनट तक 3-3 की बराबरी पर आ गए। एक गोल जो 90+3 पर ऑफसाइड बताकर रद्द किया गया, विवाद का कारण बना।
फाइनल मैच में इस्वातिनी, जो बिना जीत के सबसे नीचे थे, के खिलाफ वे हावी रहे। उन्होंने लगभग 60% पोज़ेशन रखा और कई मौके बनाए। अंततः 3-0 की जीत से उनका शीर्ष स्थान और विश्व कप टिकट मिला।
ग्रुप डी तालिका:
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केप वर्ड: 7 जीत, 2 ड्रॉ, 1 हार — 23 अंक (16 GF, 8 GA, +8)
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कैमरून: 5 जीत, 4 ड्रॉ, 1 हार — 19 अंक (17 GF, 5 GA, +12)
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लीबिया: 16 अंक
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अंगोला: 12 अंक
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मॉरीशस: 6 अंक
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इस्वातिनी: 3 अंक
सफलता की कुंजी
इस सफलता में केप वर्ड की डायस्पोरा खिलाड़ियों की बड़ी भूमिका है। स्थानीय लीग छोटी है और विदेशी क्लबों में खेलने वाले खिलाड़ी ही टीम की रीढ़ हैं। डैलन लिवरामेंटो (नीदरलैंड में जन्म, पुर्तगाली लीग में कैसा पिया क्लब), विली सेमेडो, और रॉबर्टो “पिको” लोप्स (आयरलैंड) जैसे खिलाड़ियों ने अहम योगदान दिया।
कोच और प्रबंधन
जनवरी 2020 से कोच “बुबिस्ता” (पेड्रो लीताओं ब्रिटो) टीम को संभाल रहे हैं। उन्होंने रक्षा को सुदृढ़ किया और एकजुट टीम बनाई। उनके नेतृत्व में Afcon 2021 और 2023 में टीम क्वार्टरफाइनल तक पहुंची।
सामाजिक प्रभाव और भविष्य
केप वर्ड की अर्थव्यवस्था पर्यटन, मछली पकड़ने और डायस्पोरा की रेमिटेंस पर आधारित है। खेल के बुनियादी ढांचे में निवेश और युवक अकादमियां भविष्य में और प्रतिभाएं पैदा करने में सहायक होंगी। विश्व कप ड्रॉ 4 दिसंबर को वाशिंगटन डी.सी. में होगा, जहां वे ब्राज़ील, फ्रांस या अर्जेंटीना जैसी टीमों के साथ खेलने का सपना देख सकते हैं।
