भारतीय महिला नेत्रहीन क्रिकेट टीम ने पहली बार T20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया
भारतीय महिला अंधों की क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के कोलंबो में 23 नवंबर 2025 को खेले गए फाइनल मुकाबले में नेपाल को सात विकेट से हराकर पहली महिला T20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। यह ऐतिहासिक जीत न केवल टीम की पूरे टूर्नामेंट में अजेय रणनीति का प्रमाण है, बल्कि अंधी महिलाओं के लिए क्रिकेट जैसे खेलों में भारत की बढ़ती मजबूती को भी रेखांकित करती है। आयोजन का संचालन भारतीय क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (CAB-I) और विश्व ब्लाइंड क्रिकेट काउंसिल (WBCC) ने किया, जो विकलांग खेलों को वैश्विक मंच प्रदान करने के प्रयासों का हिस्सा है। टीम की कप्तान दीपिका टीसी ने जीत के बाद कहा कि यह उपलब्धि उनके जैसे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी, जो सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से लक्ष्य हासिल करते हैं ।
यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका के सह-आयोजन में 11 नवंबर से शुरू हुआ था, जिसमें छह टीमें शामिल हुईं भारत, नेपाल, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और मेजबान श्रीलंका। मैच दिल्ली, बेंगलुरु और कोलंबो के मैदानों पर खेले गए, जहां अंधे क्रिकेट के विशेष नियमों का पालन किया गया। इसमें B1 (पूर्ण अंधे), B2 (आंशिक दृष्टि बाधित) और B3 (कम दृष्टि वाली) श्रेणी की खिलाड़ियां भाग लेती हैं। अंधे क्रिकेट में सफेद प्लास्टिक की गेंद होती है, जिसमें बेल बेयरिंग्स भरी जाती हैं, जो गेंद के लुढ़कने पर आवाज करती हैं, ताकि खिलाड़ी इसे सुन सकें। प्रत्येक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं, और यह खेल सामान्य क्रिकेट की तरह ही चलता है, लेकिन दृश्यता पर निर्भरता कम करने के लिए अनुकूलित ।
फाइनल मैच: भारत की शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजी
फाइनल मुकाबला पी. सर ओवल स्टेडियम में खेला गया, जहां टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। नेपाली टीम को 20 ओवर में सिर्फ 114 रन पर पांच विकेट गंवाने पड़े। नेपाली बल्लेबाजों की पारी काफी संघर्षपूर्ण रही, जिसमें सारिता घिमिरे ने 38 गेंदों पर 35 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाजों ने सिर्फ एक बाउंड्री ही लगाई। भारत की गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन-लेंथ बनाए रखी, जिसमें अंडरआर्म स्टाइल और सटीक यॉर्कर ने नेपाल के स्कोरिंग को सीमित रखा। फील्डिंग में भी भारतीय टीम ने कोई चूक नहीं बरती, जिससे नेपाली स्ट्राइक रेट कभी 5.7 से ऊपर नहीं गया। मुख्य गेंदबाजों में रीता दास और सिमा दास ने महत्वपूर्ण विकेट लिए, जो नेपाली मध्यक्रम को तोड़ने में सफल रहीं ।
जवाब में भारत ने 115 रनों का लक्ष्य महज 12.1 ओवर में हासिल कर लिया, तीन विकेट खोकर। ओपनिंग बल्लेबाज फुला सरेन ने नाबाद 44 रन (27 गेंदों पर, चार बाउंड्री सहित) की आकर्षक पारी खेली, जो उनकी स्ट्राइक रेट को 163 से अधिक ले गई। फुला ने न केवल बल्ले से योगदान दिया, बल्कि गेंदबाजी में भी तीन ओवर फेंककर 20 रन दिए। उनकी साझेदारी ने पहले 10 ओवर में 100 रन पूरे कराए, जिसमें स्मार्ट सिंगल्स और आक्रामक शॉट्स का मिश्रण था। अन्य बल्लेबाजों जैसे अनुजा पाठक और कप्तान दीपिका ने स्थिरता प्रदान की, जिससे चेज आसान हो गया। यह जीत भारत की रणनीतिक गहराई को दिखाती है, जहां वे नेपाली गेंदबाजों के दबाव को कभी महसूस ही नहीं करने दिया ।
टूर्नामेंट की उल्लेखनीय प्रदर्शन और टीम की अजेय यात्रा
भारत की पूरे टूर्नामेंट में अजेय रन ने उन्हें चैंपियन बनाया। लीग स्टेज में उन्होंने श्रीलंका को हराकर शुरुआत की, फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन किया। नेपाल के खिलाफ लीग मैच में भी वे जीते, जबकि अमेरिका और पाकिस्तान को आसानी से हराया। खासकर पाकिस्तान के खिलाफ 136 रनों का लक्ष्य उन्होंने सिर्फ 10.2 ओवर में हासिल कर लिया, जिसमें फुला सरेन और रीता दास की पारियां उल्लेखनीय रहीं। पाकिस्तान की स्टार बल्लेबाज मेहरिन अली ने टूर्नामेंट में कुल 600 से अधिक रन बनाए, जिसमें श्रीलंका के खिलाफ 230 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 133 रनों की पारियां शामिल हैं, लेकिन भारत के खिलाफ वे असफल रहीं ।
सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से रौंदा, जहां उन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 292/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान दीपिका टीसी ने 91 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें छह बाउंड्री शामिल थीं, जबकि फुला सरेन ने नाबाद 54 रन जोड़े। जवाब में ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ 57 रनों पर आउट कर दिया गया, जो भारतीय गेंदबाजों की धार को दर्शाता है। नेपाल ने अपना रास्ता पाकिस्तान को हराकर बनाया, जहां उन्होंने कड़ी टक्कर दी और अंतिम ओवरों में जीत हासिल की। यह टूर्नामेंट महिला अंधे क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले गया, जहां कुल 15 मैच खेले गए और दर्शकों ने इन योद्धाओं का भरपूर साथ दिया ।
प्रतिक्रियाएं और भविष्य की प्रेरणा
इस जीत पर पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे “प्रेरणादायक” बताते हुए टीम को बधाई दी और कहा कि यह दृढ़ता और कौशल का प्रतीक है। सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने भी टीम भावना की सराहना की। पूर्व क्रिकेटरों और खेल हस्तियों ने सोशल मीडिया पर बधाई संदेश साझा किए, जो विकलांग महिलाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। यह जीत भारत की सामान्य महिला क्रिकेट टीम की हालिया विश्व कप सफलता के तीन हफ्ते बाद आई, जो देश में महिला खेलों की बढ़ती लोकप्रियता को इंगित करती है ।
भविष्य में यह उपलब्धि अंधे क्रिकेट को और मजबूत करेगी। CAB-I के अधिकारियों का मानना है कि इससे अधिक टीमों का निर्माण होगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और टूर्नामेंट आयोजित होंगे। खिलाड़ियों ने बताया कि सीमित सुविधाओं के बावजूद ट्रेनिंग कैंपों में कड़ी मेहनत की गई, जिसमें विशेष कोचिंग और उपकरणों का उपयोग हुआ। यह न केवल भारत बल्कि एशिया भर में विकलांग महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगी, जो खेलों के माध्यम से आत्मविश्वास हासिल कर रही हैं ।
