क्रिप्टोकरेंसी

ब्रिटेन में 5 अरब पाउंड के बिटकॉइन घोटाले का भंडाफोड़, चीनी नागरिक दोषी करार

ब्रिटेन की पुलिस ने एक विशाल बिटकॉइन घोटाले का भंडाफोड़ किया है, जिसमें एक चीनी महिला को अवैध रूप से क्रिप्टोकरेंसी हासिल करने और रखने का दोषी ठहराया गया है। यह मामला 5 अरब पाउंड (करीब 6.7 अरब अमेरिकी डॉलर) से ज्यादा कीमत के बिटकॉइन से जुड़ा है, जो ब्रिटेन की इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी जब्ती मानी जा रही है, और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धोखाधड़ी की समस्या पर रोशनी पड़ती है।

घोटाले की पृष्ठभूमि और कैसे हुआ यह सब

यह घोटाला 2014 से 2017 के बीच चीन में शुरू हुआ, जब क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन की लोकप्रियता चरम पर थी। झिमिन कियान, जिन्हें यादी झांग के नाम से भी जाना जाता है, ने एक बड़े पैमाने की धोखाधड़ी योजना चलाई, जिसमें उन्होंने 1 लाख 28 हजार से अधिक निवेशकों को ठगा। मेट्रोपॉलिटन पुलिस (मेट पुलिस) की रिपोर्ट के अनुसार, कियान की कंपनी ने खुद को चीन को वैश्विक वित्त और तकनीक का केंद्र बनाने का दावा करते हुए विभिन्न परियोजनाओं का प्रचार किया, जैसे कि बड़े-बड़े निवेश और विकास योजनाएं जो पूरे देश में फैली हुई बताई गईं। निवेशकों को रोजाना लाभांश, गारंटीड मुनाफा और उच्च रिटर्न का लालच दिया गया, जो क्रिप्टोकरेंसी की नई-नई लोकप्रियता का फायदा उठाकर किया गया।

चीनी मीडिया आउटलेट लाइफवीक की 2024 की विस्तृत रिपोर्ट में बताया गया है कि ज्यादातर पीड़ित 50 से 75 साल की उम्र के बुजुर्ग थे, जो अपनी जीवन भर की बचत को इस योजना में लगा बैठे। इनमें व्यापारी, बैंक कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी और सामान्य नागरिक शामिल थे, जो अक्सर दोस्तों या परिवार की सलाह पर फंसते थे। निवेश की रकम हजारों युआन से लेकर करोड़ों युआन तक थी, और कई लोगों ने अपनी संपत्ति गिरवी रखकर या कर्ज लेकर पैसा लगाया। कियान को ‘धन की देवी’ के रूप में प्रचारित किया गया था, जिससे लोग उन्हें एक विश्वसनीय और रहस्यमयी व्यक्तित्व मानते थे, लेकिन वास्तव में उनके बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध थी। बीबीसी की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि उस समय चीन में क्रिप्टोकरेंसी पर कोई सख्त नियम नहीं थे, जिसका फायदा ऐसे घोटालेबाजों ने उठाया। कियान ने चुराए गए पैसे को बिटकॉइन में बदलकर सुरक्षित रखा, क्योंकि बिटकॉइन की गुमनाम प्रकृति से धन को ट्रैक करना मुश्किल होता है। इस घोटाले ने चीन की अर्थव्यवस्था पर भी असर डाला, क्योंकि इससे निवेशकों का विश्वास टूटा और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अस्थिरता आई।

जांच की शुरुआत और चुनौतियां

यह जांच 2018 में शुरू हुई, जब मेट पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि आपराधिक संपत्ति का ट्रांसफर हो रहा है। डिटेक्टिव सार्जेंट इसाबेला ग्रोटो, जो जांच की प्रमुख थीं, ने बताया कि यह सात साल की लंबी और जटिल प्रक्रिया थी, जिसमें कई देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां शामिल हुईं। जांच में डिजिटल फॉरेंसिक, वित्तीय ट्रैकिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पड़ी, क्योंकि कियान ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर चीन से भागकर ब्रिटेन में प्रवेश किया था। पुलिस के अनुसार, कियान पांच साल तक न्याय से छिपती रहीं, और जांचकर्ताओं को चीन, ब्रिटेन और अन्य देशों के बीच समन्वय स्थापित करना पड़ा।

मेट पुलिस की आधिकारिक बयान में उल्लेख है कि कुल 61 हजार बिटकॉइन जब्त किए गए, जिनकी मौजूदा बाजार कीमत 5 अरब पाउंड से अधिक है। यह जब्ती ब्रिटेन में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराधों के खिलाफ एक बड़ा कदम है। जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि कियान ने चुराए पैसे को लॉन्ड्रिंग करने के लिए ब्रिटेन में संपत्ति खरीदने की कोशिश की, जैसे कि महंगी रियल एस्टेट। इससे पता चलता है कि कैसे क्रिप्टोकरेंसी वैश्विक स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग का माध्यम बन रही है। क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) की रिपोर्ट्स से यह भी सामने आया कि ऐसे मामलों में डिजिटल वॉलेट्स और ब्लॉकचेन तकनीक की जांच के लिए विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है, जो जांच को और जटिल बनाती है।

सहयोगी की भूमिका और लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया

कियान को इस अपराध में एक चीनी टेकअवे वर्कर जियान वेन से महत्वपूर्ण मदद मिली, जो 44 साल की हैं और पिछले साल इस मामले में 6 साल 8 महीने की सजा पा चुकी हैं। सीपीएस के अनुसार, वेन ने घोटाले के पैसे को लॉन्ड्रिंग किया, जिससे उनकी जीवनशैली पूरी तरह बदल गई। वे पहले एक रेस्तरां के ऊपर साधारण तरीके से रहती थीं, लेकिन बाद में उत्तर लंदन के करोड़ों रुपये के किराए के आलीशान घर में शिफ्ट हो गईं। इसके अलावा, उन्होंने दुबई में दो संपत्तियां खरीदीं, जिनकी कीमत 5 लाख पाउंड से ज्यादा थी। मेट पुलिस ने वेन से 3 अरब पाउंड से अधिक के बिटकॉइन जब्त किए।

वेन ने दावा किया कि ये संपत्तियां चीन से आए एक एम्प्लॉयी के लिए खरीदी गईं, लेकिन सीपीएस ने जांच में पाया कि इतनी बड़ी रकम का कोई वैध स्रोत नहीं था, और कोई दस्तावेजी सबूत नहीं मिला। इससे साफ होता है कि यह पैसा आपराधिक गतिविधियों से आया था। बीबीसी और अन्य स्रोतों से पता चलता है कि ऐसे लॉन्ड्रिंग नेटवर्क में अक्सर सामान्य लोग शामिल हो जाते हैं, जो पैसे के लालच में फंसते हैं। वेन का मामला दिखाता है कि कैसे छोटे स्तर के लोग बड़े घोटालों का हिस्सा बन सकते हैं, और इससे अंतरराष्ट्रीय संपत्ति बाजार पर भी असर पड़ता है।

कानूनी परिणाम और व्यापक प्रभाव

कियान ने अदालत में अवैध रूप से क्रिप्टोकरेंसी हासिल करने और रखने की बात स्वीकार कर ली है। डिप्टी चीफ क्राउन प्रॉसीक्यूटर रॉबिन वेयेल ने बयान दिया कि बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल संगठित अपराधी संपत्ति छिपाने, ट्रांसफर करने और अपराधों से कमाए पैसे का आनंद लेने के लिए कर रहे हैं। यह मामला ब्रिटेन में सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी जब्ती है, जो ठगों के पास उपलब्ध आपराधिक कमाई की विशालता को उजागर करता है। वेयेल ने जोर दिया कि ऐसे घोटालों से निपटने के लिए सख्त कानून और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है।

मेट पुलिस के इकोनॉमिक एंड साइबरक्राइम कमांड के हेड विल लाइन ने इसे वर्षों की समर्पित जांच का परिणाम बताया, जिसमें ब्रिटिश पुलिस और चीनी कानून प्रवर्तन टीमों ने मिलकर काम किया। जांच अभी भी जारी है, और सीपीएस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि ठगों को चुराए गए पैसे वापस न मिलें। पिछले साल सीपीएस ने बताया कि चीन में एक विशेष मुआवजा योजना शुरू की गई थी, जिसके तहत कई पीड़ितों को उनका कुछ पैसा वापस मिला, लेकिन सभी नुकसान की भरपाई नहीं हो सकी।

यह मामला क्रिप्टोकरेंसी के जोखिमों पर प्रकाश डालता है, जैसे कि गुमनाम लेनदेन और नियामक कमी, जो घोटालेबाजों को आकर्षित करते हैं। ब्रिटेन और चीन जैसे देश अब ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त नीतियां अपना रहे हैं, जैसे कि क्रिप्टो एक्सचेंजों पर निगरानी बढ़ाना। कियान को सजा सुनाए जाने तक हिरासत में रखा गया है, और सजा की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इस घटना से निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले गहन जांच करें और आधिकारिक स्रोतों से सलाह लें।