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क्लाउड स्टोरेज ऐप्स की समझः भारत में गूगल ड्राइव बनाम वनड्राइव बनाम आईक्लाउड

मुझे वो समय अच्छी तरह याद है जब हम अपनी जरूरी फाइलों और पुरानी यादों को सुरक्षित रखने के लिए छोटी पेन ड्राइव या बड़ी हार्ड डिस्क पर पूरी तरह निर्भर हुआ करते थे। लेकिन आज के तेजी से बदलते तकनीकी युग में यह सब बहुत पुराना और असुरक्षित तरीका बन चुका है। हमारे मोबाइल फोन और कंप्यूटर दिन-रात ढेर सारी नई तस्वीरों, वीडियो और काम के कागजातों से भरते रहते हैं, जिन्हें सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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इंटरनेट पर अपनी फाइलों को सेव करना अब कोई नई बात नहीं बल्कि हर इंसान की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। इस तकनीक के जरिए आप अपनी किसी भी फाइल को इंटरनेट के सर्वर पर डाल देते हैं, जिसके बाद वह फाइल दुनिया के किसी भी कोने से आसानी से देखी जा सकती है। भारत में अब तेज इंटरनेट हर छोटे शहर और गांव तक पहुंच गया है, इसलिए लोग अब भौतिक उपकरण खरीदने के बजाय ऑनलाइन जगह खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इस तरीके से आपके कीमती फोन या लैपटॉप के खो जाने या टूट जाने पर भी आपकी सारी फाइलें पूरी तरह सुरक्षित रहती हैं। आपका सारा डेटा इंटरनेट पर हमेशा के लिए सुरक्षित रहता है और आपको अपनी जिंदगी भर की कीमती यादों को खोने का डर कभी नहीं सताता। इसके अलावा भारी फाइलों को अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ साझा करना भी अब चुटकियों का काम हो गया है।

सुविधा का नाम मुख्य कार्यप्रणाली वास्तविक जीवन में फायदा
कहीं से भी पहुंच इंटरनेट के जरिए डेटा प्राप्त करना उपकरण खराब होने पर भी डेटा सुरक्षित
आसान साझाकरण लिंक भेजकर भारी फाइल भेजना दोस्तों के साथ मिलकर काम करना आसान
स्वचालित बैकअप पृष्ठभूमि में फाइल खुद सेव होना काम करते समय फाइलों के खोने का डर नहीं
उन्नत सुरक्षा मजबूत पासवर्ड और बेहतरीन सुरक्षा निजी जानकारी और तस्वीरों की रक्षा

गूगल ड्राइव की खासियतें, कीमतें और कुछ बड़ी कमियां

हमारे देश में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाला शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जिसने कभी गूगल की इस बेहतरीन सर्विस का इस्तेमाल ना किया हो। यह सर्विस हर नए एंड्रॉइड फोन में पहले से ही मौजूद होती है और नया ईमेल अकाउंट बनाते ही यह बिना किसी परेशानी के तुरंत चालू हो जाती है। यह कंपनी हर नए उपभोक्ता को शुरुआत में पूरे पंद्रह जीबी का खाली स्थान बिल्कुल मुफ्त देती है, जो एक आम इंसान की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बहुत ही शानदार विकल्प है। इसके अंदर आपको कई सारे उपयोगी टूल मुफ्त में मिलते हैं जिनकी मदद से आप नए कागजात तैयार कर सकते हैं और अपनी पूरी टीम के साथ एक ही समय पर उसी फाइल पर काम भी कर सकते हैं।

इसकी फाइल खोजने की क्षमता इतनी तेज और सटीक है कि यह तस्वीर के अंदर लिखे हुए शब्दों को भी बहुत आसानी से ढूंढ निकालती है। लेकिन इस सर्विस में एक बहुत बड़ी समस्या यह है कि कंपनी आपके द्वारा सेव किए गए डेटा को विज्ञापन दिखाने के लिए स्कैन कर सकती है। अगर आप अपने सबसे निजी या बेहद संवेदनशील कागजात ऑनलाइन रखना चाहते हैं, तो शायद प्राइवेसी के मामले में यह सर्विस आपको थोड़ी निराश कर सकती है। इसके बाद भी, बिना पैसे खर्च किए आसान सर्विस चाहने वालों के लिए यह एक बहुत ही शानदार विकल्प बनी हुई है।

उपलब्ध प्लान मिलने वाली जगह भारतीय रुपयों में कीमत
बिल्कुल मुफ्त पंद्रह जीबी शून्य रुपये महीना
बेसिक प्लान सौ जीबी एक सौ तीस रुपये महीना
स्टैण्डर्ड प्लान दो सौ जीबी दो सौ दस रुपये महीना
प्रीमियम प्लान दो टेराबाइट छह सौ पचास रुपये महीना

माइक्रोसॉफ्ट वनड्राइव के साथ काम करने का शानदार अनुभव

अगर आप एक नौकरीपेशा इंसान हैं या आपका ज्यादातर समय लैपटॉप की स्क्रीन के सामने काम करते हुए बीतता है, तो यह सर्विस आपके लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। यह सर्विस विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम वाले हर नए और पुराने कंप्यूटर में बहुत ही गहराई के साथ पहले से जुड़ी हुई आती है। आप अपनी स्क्रीन पर जो भी नया काम करते हैं, वह बिना कोई अतिरिक्त बटन दबाए अपने आप इंटरनेट पर सुरक्षित होता चला जाता है। इसके अंदर एक बहुत ही खास और मजबूत सुरक्षा वाला हिस्सा होता है जिसे निजी तिजोरी कहा जाता है, जिसे खोलने के लिए आपके फिंगरप्रिंट की जरूरत पड़ती है।

अगर आप अपने बैंक के जरूरी कागजात, पासपोर्ट की कॉपी या पैन कार्ड जैसी अहम चीजें हमेशा के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो यह फीचर आपके बहुत काम आता है। हालांकि, यह कंपनी खाता बनाने पर शुरुआत में केवल पांच जीबी की ही मुफ्त जगह देती है, जो आज के समय में तस्वीरों का आकार देखते हुए बहुत ही कम है। मोबाइल फोन पर इस सर्विस को इस्तेमाल करना थोड़ा मुश्किल और उलझन भरा लग सकता है क्योंकि इसका रूप-रंग उतना सीधा और आसान नहीं है। लेकिन दफ्तर का भारी काम करने वाले और भारी फाइलें बनाने वाले पेशेवरों के लिए यह दुनिया की सबसे बेहतरीन सर्विस मानी जाती है।

उपलब्ध प्लान मिलने वाली जगह भारतीय रुपयों में कीमत
बेसिक मुफ्त पांच जीबी शून्य रुपये महीना
बेसिक पेड सौ जीबी एक सौ उनचास रुपये महीना
पर्सनल प्लान एक टेराबाइट चार सौ नवासी रुपये महीना
फैमिली प्लान छह टेराबाइट छह सौ उन्नीस रुपये महीना

एप्पल आईक्लाउड की बेजोड़ सुरक्षा और उसका अपना दायरा

एप्पल आईक्लाउड की बेजोड़ सुरक्षा और उसका अपना दायरा

जिन लोगों को एप्पल कंपनी के महंगे फोन या कंप्यूटर इस्तेमाल करने का शौक है, उनके लिए इस सर्विस से बेहतर दुनिया में और कोई दूसरा विकल्प मौजूद ही नहीं है। यह सर्विस आपके एप्पल डिवाइस के अंदर इतनी खामोशी और सफाई से काम करती है कि आपको पता भी नहीं चलता कि आपका डेटा कब इंटरनेट पर सेव हो गया। आप अपने घर से बाहर जाकर मोबाइल फोन से जो भी नई फोटो खींचते हैं, वह अगले ही पल आपके घर रखे लैपटॉप की स्क्रीन पर अपने आप दिखाई देने लगती है। सुरक्षा और आपकी निजी जानकारी को गोपनीय रखने के मामले में यह सर्विस बाकी सभी प्रतिस्पर्धी कंपनियों से बहुत आगे निकल जाती है। इसमें सेव किया गया आपका सारा डेटा इस तरह से पूरी तरह लॉक होता है कि खुद इसे बनाने वाली एप्पल कंपनी वाले भी आपकी निजी फाइलें नहीं खोल सकते।

लेकिन इस शानदार और सुरक्षित सर्विस की सबसे बड़ी खामी यह है कि यह सिर्फ और सिर्फ एप्पल के ही महंगे उपकरणों पर पूरी तरह से सही तरीके से काम करती है। अगर आपके पास कोई भी साधारण मोबाइल फोन है, तो आप इस सर्विस की खूबियों का फायदा बिल्कुल भी नहीं उठा सकते और यह आपके लिए पूरी तरह बेकार है। फिर भी, हमारे देश में इसके पेड प्लान बाकी कंपनियों के मुकाबले काफी सस्ते हैं, इसलिए एप्पल चलाने वालों के लिए यह एक बहुत ही फायदेमंद और सुरक्षित सौदा है।

उपलब्ध प्लान मिलने वाली जगह भारतीय रुपयों में कीमत
मुफ्त प्लान पांच जीबी शून्य रुपये महीना
बेस प्लान पचास जीबी पचहत्तर रुपये महीना
मिड प्लान दो सौ जीबी दो सौ उन्नीस रुपये महीना
हाई प्लान दो टेराबाइट आठ सौ निन्यानवे रुपये महीना

इंडिया में बेस्ट क्लाउड स्टोरेज का सही चुनाव कैसे करें

इंटरनेट पर डेटा सुरक्षित रखने वाली इन तीनों बड़ी कंपनियों की खूबियां और कमियां जानने के बाद, अब असली सवाल यह आता है कि आपको अपने लिए कौन सी सर्विस चुननी चाहिए। सही चुनाव करते समय आपको अपनी रोजमर्रा की डिजिटल जरूरतों और अपने हर महीने के खर्च करने वाले बजट को सबसे पहले ध्यान में रखना होगा। अगर आप एक आम स्मार्टफोन यूजर हैं और आपको सिर्फ अपनी पुरानी यादें या कुछ जरूरी फाइलें ही सेव करनी हैं, तो गूगल की मुफ्त सर्विस आपके लिए सबसे अच्छी और आसान रहेगी। वहीं, अगर आप दफ्तर का भारी काम करते हैं और आपको बहुत सारे कागजातों पर काम करना पड़ता है, तो माइक्रोसॉफ्ट का पेड प्लान लेना आपके लिए सबसे ज्यादा समझदारी का काम होगा।

इसमें आपको काम करने के सारे जरूरी सॉफ्टवेयर भी बिल्कुल मुफ्त में इस्तेमाल करने के लिए मिल जाते हैं, जो आपके काम को बहुत आसान बना देते हैं। लेकिन अगर आपके पास महंगे एप्पल उपकरण हैं और आपको अपने निजी डेटा की सबसे बेहतरीन सुरक्षा चाहिए, तो आपको बिना कुछ ज्यादा सोचे आईक्लाउड की सर्विस ही लेनी चाहिए। आपकी अपनी डिजिटल जीवनशैली और आपके काम करने का तरीका ही यह तय करता है कि आपको अपने पैसे सही जगह कहां और किस कंपनी पर खर्च करने चाहिए।

सर्विस का नाम यह सर्विस किसके लिए सबसे ज्यादा सही है इसे चुनने का सबसे बड़ा और मुख्य कारण
गूगल सर्विस आम जनता, छात्र और साधारण फोन यूजर सबसे ज्यादा मुफ्त जगह और इस्तेमाल में बेहद आसान
माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के कर्मचारी और बड़े बिजनेसमैन बेहतरीन ऑफिस सॉफ्टवेयर और काम करने की सहूलियत
एप्पल सर्विस सिर्फ एप्पल उपकरणों का इस्तेमाल करने वाले सबसे शानदार डेटा सुरक्षा और आसान तालमेल

अंतिम विचार

पूरी दुनिया की तकनीक बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले कुछ ही समय में हमारा सारा जरूरी काम पूरी तरह से सिर्फ इंटरनेट पर ही निर्भर होने वाला है। अपनी पुरानी टूट जाने वाली हार्ड डिस्क या छोटी खराब होने वाली पेन ड्राइव पर निर्भर रहने का पुराना और असुरक्षित समय अब धीरे-धीरे पूरी तरह से खत्म होता जा रहा है। हमारी डिजिटल जिंदगी की अनमोल पुरानी यादें और बेहद जरूरी सरकारी कागजात हमेशा के लिए सुरक्षित रहने चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर हम बिना परेशान हुए उन्हें तुरंत निकाल सकें। अपने महंगे फोन के अचानक चोरी हो जाने या पानी में गिरकर पूरी तरह टूट जाने के डर से आज़ाद होने का सिर्फ एक ही सही तरीका है कि हम आज ही ऑनलाइन सुरक्षा को अपनाएं।

मैंने आपको दुनिया की तीनों सबसे बड़ी कंपनियों की पूरी सच्चाई, उनके असली दाम और उनके काम करने के तरीके के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दे दी है। आपको बस अपनी निजी सुविधा और अपने डिवाइस के हिसाब से एक सही और मजबूत फैसला आज ही लेना है ताकि भविष्य में कोई पछतावा ना हो। मेरी साफ राय में, अपने जरूरी डेटा को ऑनलाइन सुरक्षित रखने पर थोड़े पैसे खर्च करना कोई फिजूलखर्ची बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि यह आज के डिजिटल और आधुनिक समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।

क्लाउड तकनीक से जुड़े कुछ अक्सर पूछे जाने वाले अनोखे सवाल

ऑनलाइन डेटा सुरक्षित रखने की इस नई तकनीक को लेकर हमारे देश में लोगों के मन में आज भी कई तरह के अनोखे और बेहद जरूरी सवाल होते हैं। ये सवाल अक्सर उन्हें सही फैसला लेने से रोकते हैं और कई बार लोग इंटरनेट पर इधर-उधर दी गई गलत और झूठी जानकारी से बुरी तरह भ्रमित हो जाते हैं। बिना वजह डर के मारे लोग अपने निजी डेटा को ऑनलाइन सुरक्षित सर्वर पर सेव करने से बचते हैं और बाद में फोन चोरी होने पर पछताते हैं। मैंने इंटरनेट पर बहुत ज्यादा सर्च किए जाने वाले कुछ सबसे अलग और जरूरी सवालों को यहाँ पर शामिल किया है ताकि आपके मन का हर छोटा-बड़ा संदेह पूरी तरह से दूर हो सके।

डेटा के अचानक चोरी होने का डर, बिना बताए आपका अकाउंट हमेशा के लिए बंद होने का भारी खतरा और बिना इंटरनेट के अपनी ही फाइलों को देखने जैसे कई सवाल लोगों को अक्सर परेशान करते हैं। अगर आपके मन में भी इस आधुनिक तकनीक को लेकर इस तरह की कोई भी अजीब शंका है, तो नीचे दिए गए इन सवालों के सीधे और सच्चे जवाब पढ़कर आपको पूरी बात बिल्कुल साफ-साफ समझ आ जाएगी। सही और पूरी जानकारी होने पर ही आप इस नई और सुरक्षित तकनीक का पूरा फायदा बिना किसी डर या संकोच के उठा सकते हैं।

1. क्या सर्विस प्रदान करने वाली कंपनी बंद हो जाने पर मेरा सारा डेटा खत्म हो जाएगा?

बड़ी और नामी कंपनियों के अचानक बंद होने की संभावना बिल्कुल न के बराबर होती है, लेकिन अगर ऐसा कभी भविष्य में होता भी है, तो वे अपने सभी ग्राहकों को कई महीने पहले ही बता देती हैं। आपको अपना पूरा सुरक्षित डेटा वापस अपने कंप्यूटर में डाउनलोड करने के लिए बहुत सारा समय दिया जाता है।

2. अगर मैं पूरे दो साल तक अपने खाते में लॉग इन नहीं करूं, तो मेरी फाइलों का क्या होगा?

ज्यादातर इंटरनेट कंपनियां अपनी नीति में यह साफ तौर पर लिखती हैं कि अगर आप लगातार दो साल तक अपनी सर्विस का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो वे जगह खाली करने के लिए आपका डेटा सर्वर से हटा सकती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप बीच-बीच में अपने खाते में जरूर लॉग इन करते रहें।

3. क्या कोई बाहरी इंसान मेरे निजी डेटा को बिना मेरी इजाजत के ऑनलाइन देख सकता है?

एक आम इंसान का डेटा पूरी तरह से निजी और एन्क्रिप्टेड होता है और कोई भी बाहरी अनजान व्यक्ति उसे बिना सही पासवर्ड के कभी नहीं देख सकता। आपको सिर्फ अपना पासवर्ड किसी दूसरे इंसान को बताने से बचना चाहिए और उसे हमेशा सुरक्षित रखना चाहिए।

4. अगर मेरा फोन पूरी तरह टूट जाता है, तो क्या मुझे इंटरनेट से अपनी फाइलें खरीदनी पड़ेंगी?

नहीं, आपको अपनी पुरानी फाइलों के लिए कभी भी कुछ भी दोबारा नहीं खरीदना पड़ता। आपका सारा डेटा उस डिवाइस में नहीं बल्कि इंटरनेट के सुरक्षित सर्वर पर हमेशा के लिए सेव रहता है। आप नए डिवाइस में अपनी पुरानी आईडी और पासवर्ड डालकर अपनी फाइलें बिल्कुल मुफ्त में पा सकते हैं।