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उस्मान डेम्बेले और एताना बोनमाटी ने पुरुषों और महिलाओं के बैलन डी ‘ओर पुरस्कार जीते

ओस्मान डेम्बेले ने अपना पहला बैलोन डी’ओर अवॉर्ड जीता है, जबकि एताना बोन्माती ने लगातार तीसरी बार महिलाओं का बैलोन डी’ओर फेमिनिन हासिल किया, जो फुटबॉल की दुनिया में उनकी उत्कृष्टता को दर्शाता है। यह वार्षिक अवॉर्ड पुरुष और महिला खेल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित करता है, और इस साल का 69वां संस्करण पेरिस के ऐतिहासिक थिएटर डू शातले में आयोजित हुआ, जहां स्थानीय प्रशंसकों ने जोरदार समर्थन दिखाया।

डेम्बेले की शानदार जीत और उनके करियर का सफर

पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) के प्रमुख खिलाड़ी ओस्मान डेम्बेले ने सोमवार को अपना पहला बैलोन डी’ओर अवॉर्ड जीता, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 28 वर्षीय फ्रांसीसी फुटबॉलर ने थिएटर में पूर्व ब्राजीलियाई स्टार रोनाल्डिन्हो से यह सम्मान ग्रहण किया, जबकि दर्शकों ने उनके नाम के नारे लगाकर माहौल को उत्साहपूर्ण बनाया। डेम्बेले का जन्म 15 मई 1997 को फ्रांस के एव्रू में हुआ था, और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रेनेस क्लब से की, जहां उन्होंने अपनी गति और ड्रिबलिंग स्किल्स से ध्यान खींचा। बाद में बोर्सिया डॉर्टमुंड और बार्सिलोना के लिए खेलते हुए उन्होंने खुद को साबित किया, लेकिन पीएसजी में आकर वे चरम पर पहुंचे।

पिछले सीजन में डेम्बेले ने पीएसजी को यूरोपीय ट्रेबल दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें चैंपियंस लीग, लीग 1 और फ्रेंच कप शामिल थे। उन्होंने कुल 35 गोल किए, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। लीग 1 के 29 मैचों में उन्होंने 21 गोल दागे, साथ ही कई असिस्ट दिए, जिससे टीम की अटैकिंग स्ट्रेंग्थ बढ़ी। सीएनएन की रिपोर्ट्स के अनुसार, चैंपियंस लीग में उनका योगदान और भी प्रभावशाली था—15 मैचों में 8 गोल और 6 असिस्ट, जो एक युवा टीम को पहली बार चैंपियंस लीग जीतने में मददगार साबित हुआ। फ्रांस फुटबॉल मैगजीन, जो 1956 से यह अवॉर्ड आयोजित कर रही है, ने उनके प्रदर्शन को यूरोपीय फुटबॉल के इतिहास में यादगार बताया।

डेम्बेले मुख्य रूप से दाएं विंग पर खेलते हैं, लेकिन कोच लुइस एनरिक ने उन्हें सेंटर फॉरवर्ड की भूमिका में इस्तेमाल किया, जहां वे डेसिरे डू और ख्विचा क्वारात्सखेलिया के साथ मिलकर एक घातक ट्रियो बनाते थे। इससे उन्हें गेंद को बेहतर तरीके से कंट्रोल करने और विरोधी डिफेंस को तोड़ने का मौका मिलता था। एक प्रमुख उदाहरण म्यूनिख में इंटर मिलान के खिलाफ फाइनल मैच था, जहां पीएसजी ने 5-0 से जीत हासिल की। डेम्बेले ने भले ही गोल न किया, लेकिन उन्होंने दो गोल सेटअप किए और एक अन्य में सीधा योगदान दिया, जिससे मैच का रुख बदला। बीबीसी स्पोर्ट की रिपोर्ट्स से पुष्टि होती है कि उनकी गति और विजन ने पीएसजी को यूरोप की शीर्ष टीमों में से एक बना दिया।

हालांकि, डेम्बेले हाल ही में नेशनल टीम ड्यूटी के दौरान दाहिने हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं, जिसकी वजह से वे अवॉर्ड समारोह में शामिल हो सके। उनके साथी खिलाड़ी उस समय मार्सिले के खिलाफ लीग 1 मैच खेल रहे थे, जो पहले स्थगित हो चुका था। पीएसजी को उस मैच में 1-0 से हार मिली, जो सीजन की उनकी पहली हार थी। ईएसपीएन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेम्बेले की अनुपस्थिति ने टीम की अटैक को प्रभावित किया, लेकिन उनके रिकॉर्ड से साफ है कि वे फ्रेंच फुटबॉल के भविष्य हैं।

बोन्माती की लगातार तीसरी जीत और महिलाओं के फुटबॉल में उनका प्रभाव

बार्सिलोना की स्टार मिडफील्डर एताना बोन्माती ने महिलाओं का बैलोन डी’ओर फेमिनिन लगातार तीसरी बार जीता, जो विश्व फुटबॉल में उनकी दबदबे को साबित करता है। 27 वर्षीय स्पेनिश खिलाड़ी का जन्म 18 जनवरी 1998 को सैंट पेरे डे विलामाजोर में हुआ था, और उन्होंने बार्सिलोना के यूथ सिस्टम से ही अपना करियर शुरू किया। बोन्माती ने हाल के वर्षों में महिलाओं के फुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, और उनका यह अवॉर्ड उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

पिछले सीजन में बोन्माती ने बार्सिलोना फेमिनी को घरेलू ट्रेबल जितवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें ला लीगा, कोपा डे ला रेइना और सुपरकोपा शामिल थे। टीम ने स्पेनिश फुटबॉल पर अपना प्रभुत्व कायम रखा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो बड़े झटके लगे—चैंपियंस लीग फाइनल में आर्सेनल से हार और यूरो 2025 फाइनल में इंग्लैंड से पेनल्टी शूटआउट में हार। फिर भी, बोन्माती ने इन मैचों में अपनी क्लास दिखाई, गोल किए और असिस्ट दिए। गार्डियन की रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने सीजन में कुल 20 गोल और 15 असिस्ट किए, जो मिडफील्डर के लिए असाधारण है। फ्रांस फुटबॉल ने उनके योगदान को महिलाओं के खेल में क्रांतिकारी बताया।

अवॉर्ड ग्रहण करने के बाद, बोन्माती ने अपनी भूमिका पर प्रकाश डाला: “हम सिर्फ फुटबॉलर नहीं हैं। हम दुनिया भर में उदाहरण पेश कर रही हैं। नई पीढ़ी के लिए, वे फुटबॉलर बनने का सपना देख सकती हैं, हमारी पीढ़ी की तरह नहीं। यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।” सीएनएन की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि बोन्माती महिलाओं के फुटबॉल में सामाजिक बदलाव की वकालत करती हैं, जैसे समान वेतन और बेहतर सुविधाएं, जो खेल की लोकप्रियता बढ़ाने में मदद कर रही हैं। उन्होंने स्पेन की राष्ट्रीय टीम के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां वे मिडफील्ड को कंट्रोल करती हैं और अटैक को सपोर्ट करती हैं।

अन्य प्रमुख अवॉर्ड और फुटबॉल की युवा प्रतिभाएं

बार्सिलोना के युवा सेंसेशन लामिने यामल ने लगातार दूसरी बार पुरुष कोपा ट्रॉफी जीती, जो 21 साल से कम उम्र के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को दी जाती है। 18 वर्षीय यह खिलाड़ी, जो 13 जुलाई 2007 को जन्मा, बार्सिलोना के लिए चमत्कारिक प्रदर्शन कर रहा है और बैलोन डी’ओर के लिए भी नामांकित था। महिलाओं की कोपा ट्रॉफी बार्सिलोना और स्पेन की अटैकिंग मिडफील्डर विकी लोपेज ने जीती, जिन्होंने युवा स्तर पर शानदार खेल दिखाया। ईएसपीएन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन युवा खिलाड़ियों ने स्पेनिश फुटबॉल की नई पीढ़ी को प्रतिनिधित्व किया।

महिलाओं की जोहान क्रायफ ट्रॉफी (कोच ऑफ द ईयर) इंग्लैंड की सारिना विगमैन को मिली, जिन्होंने लायनेस को 2025 में लगातार दूसरी महिला यूरो खिताब दिलाया। विगमैन का कोचिंग स्टाइल रक्षात्मक मजबूती और अटैकिंग फ्लेयर पर आधारित है, जिसने इंग्लैंड को विश्व स्तर पर मजबूत बनाया। पुरुषों की जोहान क्रायफ ट्रॉफी पीएसजी के मैनेजर लुइस एनरिक को मिली, जिन्होंने टीम को चैंपियंस लीग और लीग 1 खिताब जितवाए। बीबीसी स्पोर्ट से पुष्टि होती है कि एनरिक ने युवा खिलाड़ियों को मौका देकर पीएसजी को नई ऊर्जा दी।

फ्रांस फुटबॉल ने 1956 से फुटबॉल के सर्वश्रेष्ठ को सम्मानित किया है, और इस साल के अवॉर्ड्स ने युवा प्रतिभाओं, अनुभवी खिलाड़ियों और कोचों के मिश्रण को हाइलाइट किया। सीएनएन और अन्य विश्वसनीय स्रोतों की रिपोर्ट्स से साफ है कि इन विजेताओं ने क्लब और देश स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिए, जो वैश्विक फुटबॉल की विविधता और विकास को दर्शाते हैं। यह अवॉर्ड न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों को मान्यता देते हैं, बल्कि खेल के भविष्य को भी आकार देते हैं।