तकनीकीकम्प्यूटरस्मार्टफोन

स्मार्टफोन की सीमाओं को छोड़कर कंप्यूटर और लैपटॉप की दुनिया में प्रवेश करते हुए गूगल नए साल में एंड्रॉयड पीसी को बाजार में लाएगा

स्मार्टफोन की सीमाओं से बाहर निकलकर कंप्यूटर और लैपटॉप की दुनिया में कदम रखते हुए, गूगल 2026 में एंड्रॉइड पीसी बाजार में उतारेगा। एंड्रॉइड फोन की सफलता के बाद अब कंपनी एंड्रॉइड कंप्यूटर लाकर सबको चौंकाने की तैयारी में है। अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल ने इस पूरी तरह नए डिवाइस को बाजार में लाने का संकेत दिया है, और कहा है कि 2026 से लोग इसे खरीद सकेंगे। एंड्रॉइड कंप्यूटर के क्या फायदे होंगे? इसकी कीमत कितनी हो सकती है? गैजेट प्रेमियों के बीच इन सवालों पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह कदम मोबाइल और डेस्कटॉप कंप्यूटिंग को एक साथ जोड़ने वाला बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

गूगल ने हाल ही में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन समिट 2025 में एंड्रॉइड कंप्यूटर लॉन्च करने की आधिकारिक घोषणा की। कंपनी इसे अपनी इनोवेटिव प्रोडक्ट्स की लिस्ट में शामिल करने की योजना बना रही है, जो एंड्रॉइड को स्मार्टफोन से आगे बढ़ाकर लैपटॉप और पीसी तक पहुंचाएगा। गूगल के एंड्रॉइड इकोसिस्टम के प्रेसिडेंट समीर समत ने मीडिया से इस बारे में विस्तार से बात की। समिट में उन्होंने स्पष्ट किया कि एंड्रॉइड कंप्यूटर क्रोम ऑपरेटिंग सिस्टम (क्रोमओएस) के साथ कैसे संगत होंगे, और यह दोनों प्लेटफॉर्म्स को एक साथ मिलाकर एक नया अनुभव देगा।

समीर समत ने इवेंट में कहा, “फिलहाल हम क्रोम ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने के आदी हैं। एंड्रॉइड कंप्यूटर इससे काफी अलग और आधुनिक होगा। लेकिन चूंकि हर कोई स्मार्टफोन से जुड़ी टेक्नोलॉजी से परिचित है, इसे चलाना बहुत आसान होगा। हम 2026 तक एंड्रॉइड कंप्यूटर बनाने की पूरी प्रक्रिया समाप्त कर लेंगे”। उन्होंने यह भी जोड़ा कि गूगल क्रोमओएस के यूजर इंटरफेस को बनाए रखते हुए, इसके नीचे की टेक्नोलॉजी को एंड्रॉइड पर आधारित कर रहा है, जिससे एआई एडवांसमेंट को तेजी से लैपटॉप में लाया जा सके। क्वालकॉम के सीईओ क्रिस्टियानो अमोन ने इस अत्याधुनिक गैजेट का सैंपल पहले ही देखा है और इसे “अद्भुत” बताया है। अमोन ने कहा कि यह मोबाइल और पीसी के बीच के फर्क को खत्म करने वाला कदम है, जो कंप्यूटिंग को एक नई दिशा देगा।

समीर ने आगे बताया कि गूगल ऑपरेटिंग सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को गहराई से शामिल करने की योजना बना रहा है। इसी वजह से कंपनी एंड्रॉइड लैपटॉप को बाजार में लाने पर फोकस कर रही है, जो यूजर्स को स्मार्टफोन जैसी आसानी के साथ ज्यादा पावरफुल कंप्यूटिंग देगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब टेक इंडस्ट्री में एआई का बोलबाला है, और गूगल इसे अपने सभी डिवाइसेज में एकीकृत करने की कोशिश कर रहा है। उदाहरण के लिए, एंड्रॉइड पीसी में एआई फीचर्स जैसे ऑटोमेटेड टास्क्स, प्रेडिक्टिव कंप्यूटिंग और बेहतर सिक्योरिटी शामिल हो सकती है, जो रोजमर्रा के कामों को आसान बनाएगी।

एंड्रॉइड और क्रोमओएस का मेल: फायदे और तकनीकी बदलाव

यह नई पहल गूगल की सालों से चली आ रही कोशिश का नतीजा है, जहां कंपनी एंड्रॉइड को पीसी और लैपटॉप के लिए पूरी तरह अनुकूलित कर रही है। समीर समत ने विस्तार से बताया कि गूगल क्रोमओएस के मौजूदा यूजर एक्सपीरियंस को बनाए रखते हुए, इसके अंदरूनी स्ट्रक्चर को एंड्रॉइड पर शिफ्ट कर रहा है। इससे लैपटॉप और एंड्रॉइड इकोसिस्टम के बीच बेहतर तालमेल बनेगा, जैसे कि ऐप्स का सहज ट्रांसफर और डेटा सिंकिंग। उदाहरण के तौर पर, अगर आप एंड्रॉइड फोन पर कोई ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो वह लैपटॉप पर बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा, जो प्रोडक्टिविटी को बढ़ाएगा।

एंड्रॉइड पीसी में गूगल के जेमिनी एआई को गहराई से इंटीग्रेट किया जाएगा, जो मोबाइल और लैपटॉप के बीच एक सहज कनेक्शन बनाएगा। जेमिनी मॉडल्स की मदद से यूजर्स को एआई-पावर्ड फीचर्स मिलेंगे, जैसे कि रियल-टाइम ट्रांसलेशन, स्मार्ट सर्च और ऑटोमेटिक कंटेंट जनरेशन। यह बदलाव एंड्रॉइड की एआई एडवांसमेंट को तेजी से लैपटॉप में लाने का मौका देगा, जिससे यूजर्स को ज्यादा कुशल और इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग मिलेगी। गूगल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रिक ओस्टरलोह ने भी इस पर जोर दिया कि कंपनी एंड्रॉइड टैबलेट्स की सफलता से सीखते हुए, लैपटॉप को ज्यादा प्रोडक्टिव मशीन बनाने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा, “हम क्रोमओएस से बहुत कुछ सीख चुके हैं, और अब एंड्रॉइड की एआई क्षमताओं को लैपटॉप में तेजी से लागू करना चाहते हैं”।

इस मर्जर के फायदों में एक बड़ा पहलू हार्डवेयर ऑप्टिमाइजेशन है। क्वालकॉम के नए स्नैपड्रैगन X2 एलीट और एलीट एक्सट्रीम प्रोसेसर इस प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जो विंडोज पीसी के लिए सबसे कुशल चिप्स माने जाते हैं। गूगल और क्वालकॉम की पार्टनरशिप से एंड्रॉइड पीसी इन चिप्स पर पूरी तरह ऑप्टिमाइज्ड होंगे, जिससे बैटरी लाइफ लंबी होगी और परफॉर्मेंस बेहतर। इसके अलावा, एंड्रॉइड का लिनक्स-बेस्ड कर्नेल इसे विंडोज और मैकओएस के बीच एक मजबूत विकल्प बनाएगा, खासकर उन यूजर्स के लिए जो किफायती और फ्लेक्सिबल ऑप्शन चाहते हैं।

कीमत, उपलब्धता और बाजार पर प्रभाव

फिलहाल एंड्रॉइड कंप्यूटर की कीमत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि ये डिवाइस क्रोमबुक्स की तरह किफायती होंगे, शायद 300 से 800 डॉलर के रेंज में। ये हल्के, एआई-इनेबल्ड और हमेशा कनेक्टेड मशीनें होंगी, जो स्मार्टफोन का विस्तार जैसी महसूस होंगी और एजुकेशन से लेकर बिजनेस तक के यूजर्स को आकर्षित करेंगी। गूगल की योजना है कि यह प्लेटफॉर्म जेमिनी मॉडल्स, गूगल असिस्टेंट और एंड्रॉइड ऐप यूनिवर्स को पीसी स्पेस में लाएगा, जिससे मोबाइल और पीसी का फर्क काफी कम हो जाएगा।

कुछ रिपोर्ट्स में पिक्सल ब्रांडेड एंड्रॉइड लैपटॉप की संभावना जताई गई है, जो गूगल की एंड्रॉइड विजन को पूरी तरह शोकेस करेगा। हालांकि अभी कोई कन्फर्मेशन नहीं है, लेकिन यह कदम गूगल को माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज और ऐपल के मैकओएस की सीधी चुनौती देने में मदद करेगा। बाजार पर इसका प्रभाव बड़ा हो सकता है, खासकर स्कूलों और डेवलपमेंट सेक्टर में, जहां क्रोमबुक्स पहले से लोकप्रिय हैं। एंड्रॉइड पीसी के आने से डेवलपर्स को ऐप्स को बड़े स्क्रीन्स के लिए ऑप्टिमाइज करने का मौका मिलेगा, जैसे कि रिसाइजेबल विंडोज और कीबोर्ड सपोर्ट।

यह प्रोजेक्ट गूगल की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जहां कंपनी एंड्रॉइड को सभी कंप्यूटिंग कैटेगरी में लागू करना चाहती है, जिसमें एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) जैसे फीचर्स भी शामिल हैं। क्रिस्टियानो अमोन ने कहा, “मैंने इसे देखा है, यह अद्भुत है। यह मोबाइल और पीसी के कन्वर्जेंस की विजन को पूरा करता है”। 2026 के लॉन्च के साथ, यूजर्स को एक नया कंप्यूटिंग अनुभव मिलने की उम्मीद है, जो स्मार्टफोन की आसानी को लैपटॉप में लाएगा और एआई को केंद्र में रखेगा। गूगल का यह कदम टेक इंडस्ट्री में नई प्रतिस्पर्धा ला सकता है, जहां माइक्रोसॉफ्ट और ऐपल के अलावा अब एंड्रॉइड एक मजबूत विकल्प बनेगा।