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सितारों से सजी रैली बनी श्मशान! विजय की एक झलक पाने की होड़ में मची भगदड़, “उनचास” की मौत, दर्जनों घायल

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के बाहरी इलाके पनियूर में शनिवार को उस वक्त मातम पसर गया, जब लोकप्रिय अभिनेता और नेता थलपति विजय की राजनीतिक रैली में भीषण भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 39 लोगों की कुचलकर मौत हो गई और 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना विजय द्वारा अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तमिझगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के लॉन्च के बाद आयोजित की गई पहली बड़ी सार्वजनिक सभा के दौरान हुई। अभिनेता विजय की रैली में हुई इस भगदड़ ने जश्न के माहौल को पल भर में चीख-पुकार और मातम में बदल दिया।

घटना शनिवार दोपहर करीब 2 बजे की है, जब पनियूर स्थित एक निजी स्थान पर हजारों की संख्या में प्रशंसक और पार्टी कार्यकर्ता अपने पसंदीदा सितारे की एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आयोजन स्थल की क्षमता से कई गुना ज्यादा लोग वहां पहुंच गए थे। जैसे ही अभिनेता विजय मंच पर पहुंचे, भीड़ बेकाबू हो गई और आगे बढ़ने की होड़ लग गई। इसी धक्का-मुक्की के दौरान कुछ लोग नीचे गिर गए और भीड़ उन्हें रौंदते हुए आगे बढ़ गई, जिससे यह भयावह हादसा हुआ। संकरे प्रवेश और निकास द्वार तथा अपर्याप्त भीड़ प्रबंधन को इस त्रासदी का मुख्य कारण माना जा रहा है।

हादसे की खबर मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और बचाव दल तुरंत हरकत में आए और घायलों को पास के सरकारी रोयापेट्टा अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पताल के बाहर का मंजर दिल दहला देने वाला था, जहां परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में भटक रहे थे। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और बचाव कार्य की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। चारों तरफ जूते-चप्पल, पानी की बोतलें और लोगों के सामान बिखरे पड़े थे, जो भगदड़ की भयावहता को बयां कर रहे थे।

इस दर्दनाक घटना पर अभिनेता विजय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक बयान जारी कर मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और इसे अपने जीवन का सबसे दुखद दिन बताया। विजय ने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी इस घटना पर शोक जताया है और सरकारी मुआवजे का ऐलान किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

यह हादसा उस समय हुआ जब विजय अपनी फिल्मी दुनिया की अपार सफलता को राजनीतिक जमीन पर भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। ‘थलपति’ (कमांडर) के नाम से मशहूर विजय की तमिलनाडु में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है, जो अक्सर उनके प्रति दीवानगी की हद तक जाती है। उन्होंने इसी साल फरवरी में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिझगा वेत्री कड़गम’ (TVK) की घोषणा की थी, जिसका लक्ष्य 2026 का विधानसभा चुनाव है। यह रैली उसी राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही थी, लेकिन अब यह एक दुखद घटना के रूप में याद की जाएगी। यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि कैसे मशहूर हस्तियों से जुड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है।

भारत में रैलियों और सार्वजनिक समारोहों में भगदड़ की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। अतीत में भी कई राजनीतिक और धार्मिक आयोजनों में कुप्रबंधन के कारण ऐसी दुखद घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इन घटनाओं से सबक लेने और भविष्य के लिए बेहतर सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाने की मांगें तो उठती हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति अक्सर जस की तस बनी रहती है।

पुलिस ने इस मामले में आयोजन समिति के खिलाफ लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या रैली के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी और क्या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में भीड़ नियंत्रण में गंभीर खामियां सामने आई हैं। अभिनेता विजय की रैली में हुई यह भगदड़ अब कई सवाल खड़े कर रही है—क्या लोकप्रियता का दबाव आयोजकों को सुरक्षा मानकों से समझौता करने पर मजबूर कर देता है? और इस तरह की त्रासदियों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है?