न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन को शटडाउन छंटनी रोकने का आदेश दिया
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को सरकारी बंद के बीच हजारों संघीय कर्मचारियों की छंटनी अस्थायी रूप से रोकने का आदेश दिया है। यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रशासन की हालिया पुष्टि के सिर्फ एक सप्ताह से कम समय बाद आया, जब कई एजेंसियों ने लगभग 4,000 कर्मचारियों की छंटनी शुरू करने की घोषणा की थी। यूएस डिस्ट्रिक्ट जज सुसान इल्स्टन ने दो प्रमुख यूनियनों—अमेरिकन फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट एम्प्लॉयी (AFGE) और AFL-CIO—की तत्काल अपील पर विचार करते हुए 30 से अधिक संघीय एजेंसियों में किसी भी प्रकार की छंटनी पर रोक लगा दी। सुनवाई के दौरान जज इल्स्टन ने स्पष्ट रूप से यूनियनों के तर्क से सहमति जताई कि ट्रंप प्रशासन फंडिंग की कमी का अवैध ढंग से दुरुपयोग कर रहा है, ताकि संघीय सरकार के आकार को छोटा किया जा सके। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप और व्हाइट हाउस के बजट निदेशक रसेल वॉट के कई सार्वजनिक बयानों का हवाला दिया, जो छंटनी को स्पष्ट राजनीतिक उद्देश्यों से जोड़ते हैं। उदाहरण के लिए, ट्रंप ने एक रैली में कहा था कि ये कटौतियां “डेमोक्रेट एजेंसियों” को निशाना बनाएंगी, जो न्यायिक दृष्टि से पूर्वाग्रहपूर्ण लगती हैं। रॉयटर्स और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, ये बयान अदालत में मजबूत सबूत के रूप में पेश किए गए, जो दिखाते हैं कि छंटनी केवल बजटीय नहीं, बल्कि राजनीतिक है।
यूनियनों की कानूनी लड़ाई और अदालत के प्रमुख तर्क
इस मामले में जस्टिस डिपार्टमेंट के एक वकील ने तर्क दिया कि यूनियनों को अपनी शिकायतें पहले संघीय श्रम संबंध बोर्ड (Federal Labor Relations Board) के समक्ष रखनी चाहिएं, उसके बाद ही अदालत का रुख करना चाहिए। हालांकि, जज इल्स्टन ने इसे खारिज करते हुए कहा कि स्थिति इतनी आपातकालीन है कि तत्काल हस्तक्षेप जरूरी है। ट्रंप प्रशासन इस अस्थायी रोक आदेश के खिलाफ अपील करने की पूरी तैयारी में है, जैसा कि व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने संकेत दिया है। यह विवाद 1 अक्टूबर से शुरू हुए फंडिंग गैप पर केंद्रित है, जो अमेरिकी इतिहास के सबसे लंबे सरकारी बंदों में से एक साबित हो रहा है। यूनियनों ने अपने मुकदमे में जोर देकर कहा कि छंटनी फंडिंग की कमी के दौरान “आवश्यक सेवा” की श्रेणी में नहीं आती, खासकर जब लाखों संघीय कर्मचारी बिना वेतन के अनिश्चितकालीन छुट्टी (furlough) पर हैं। AFGE के अध्यक्ष जे.जे. सिस्नरोस ने एक बयान में कहा, “ये कर्मचारी अमेरिकी जनता की सेवा करते हैं, और उनका इस्तीफा मजबूरन लेना असंवैधानिक है।” एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनियनों ने शुक्रवार को ही जज इल्स्टन से आपातकालीन रोक की मांग की, जो तुरंत मंजूर हो गई। यह कदम न केवल वर्तमान कर्मचारियों को बचाता है, बल्कि भविष्य में ऐसे दुरुपयोग को रोकने का उदाहरण भी स्थापित करता है।
प्रभावित विभागों की विस्तृत छंटनी योजनाएं और उनका असर
शुक्रवार को प्रमुख विभागों जैसे ट्रेजरी और हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज (HHS) ने कर्मचारियों को छंटनी नोटिस जारी करने की आधिकारिक पुष्टि की। ट्रेजरी विभाग, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था का रीढ़ माना जाता है, सबसे अधिक प्रभावित होने वाला था—ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (OMB) की एक गोपनीय फाइलिंग से पता चला कि कुल कटौतियों का 25% से अधिक यहीं होना था, जिसमें लगभग 1,446 कर्मचारियों को नोटिस भेजे जा रहे थे। ये कर्मचारी कर संग्रह, वित्तीय निगरानी और आर्थिक नीतियों से जुड़े हैं, और उनकी अनुपस्थिति से बाजारों पर तत्काल असर पड़ सकता था। HHS ने शुरुआत में 1,100 से 1,200 कर्मचारियों की छंटनी की योजना बताई, लेकिन विभाग के एक प्रवक्ता ने बाद में स्पष्ट किया कि वास्तविक संख्या आधी—करीब 550-600—होगी। यह विभाग स्वास्थ्य बीमा, चिकित्सा अनुसंधान और गरीबों के लिए सहायता कार्यक्रमों का प्रबंधन करता है, इसलिए कटौतियां स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित कर सकती थीं।
एजुकेशन डिपार्टमेंट और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट (HUD) डिपार्टमेंट ने प्रत्येक में कम से कम 400 कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई थी। एजुकेशन डिपार्टमेंट छात्र ऋण, स्कूल फंडिंग और शैक्षिक नीतियों से जुड़ा है, जबकि HUD आवास सब्सिडी और शहरी विकास पर फोकस करता है—इन कटौतियों से निचले वर्ग के अमेरिकियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता था। इसके अलावा, कॉमर्स डिपार्टमेंट (व्यापार), एनर्जी डिपार्टमेंट (ऊर्जा), HUD, और होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट में 176 से 315 कर्मचारियों की कटौती की बात कही गई। होमलैंड सिक्योरिटी में, जहां अधिकांश कर्मचारी “आवश्यक” माने जाते हैं, साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) पर फोकस था—यह एजेंसी साइबर हमलों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करती है। CNN और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट्स के अनुसार, OMB की फाइलिंग से ये आंकड़े सामने आए, जो दिखाते हैं कि कुल 4,000 से अधिक नौकरियां खतरे में थीं। कर्मचारियों के बीच डर का माहौल है; उदाहरण के लिए, एक ट्रेजरी कर्मचारी ने एनपीआर को बताया, “हम पहले ही बिना पैसे के हैं, अब नौकरी भी चली गई तो परिवार कैसे चलेगा?”
सरकारी बंद की पृष्ठभूमि: राजनीतिक गतिरोध और ऐतिहासिक संदर्भ
डोनाल्ड ट्रंप और वॉट के छंटनी संबंधी बयानों ने यूनियनों को तुरंत कानूनी कार्रवाई के लिए मजबूर किया। अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका यह संघीय बंद बुधवार को अमेरिकी सीनेट में फिर विफल रहा, जब सरकार को फिर से खोलने वाले प्रस्ताव को नौवीं बार बहुमत न मिल सका। रिपब्लिकन पार्टी, जो कांग्रेस के दोनों सदनों (हाउस और सीनेट) और व्हाइट हाउस पर नियंत्रण रखती है, डेमोक्रेट्स को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराती है। उनका तर्क है कि डेमोक्रेट्स को “क्लीन” फंडिंग रेजोल्यूशन—जो वर्तमान खर्च स्तर को बिना किसी बदलाव के जारी रखे—पर सहमत होना चाहिए। सीनेट में रिपब्लिकन्स का स्लिम बहुमत है, इसलिए 60 वोटों की थ्रेशोल्ड पार करने के लिए कुछ डेमोक्रेटिक वोटों की जरूरत पड़ती है। सीनेट मेजोरिटी लीडर मिच मैककॉनेल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “डेमोक्रेट्स बजट को बंधक बना रहे हैं।”
डेमोक्रेट्स की एकजुटता कम आय वाले अमेरिकियों के स्वास्थ्य देखभाल खर्चों पर जल्द होने वाली बढ़ोतरी को रोकने वाले प्रावधानों पर केंद्रित है। वे एफोर्डेबल केयर एक्ट (ACA) के तहत सब्सिडी में कटौती का विरोध कर रहे हैं, जो लाखों लोगों को प्रभावित करेगी। ब्लूमबर्ग और वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गतिरोध 2018-19 के ऐतिहासिक सरकारी बंद की याद दिलाता है, जब 35 दिनों तक चला और 800,000 से अधिक कर्मचारी बिना वेतन के रहे। उस समय अर्थव्यवस्था को 0.2% GDP की हानि हुई थी। वर्तमान बंद से भी समान प्रभाव पड़ रहे हैं—कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) के अनुमान के मुताबिक, हर सप्ताह 0.1% GDP की गिरावट हो रही है, और कुल आर्थिक नुकसान 10 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। लाखों कर्मचारी—जिनमें TSA एजेंट्स से लेकर नेशनल पार्क रेंजर्स तक शामिल हैं—बिना पे के काम कर रहे हैं या छुट्टी पर हैं, जिससे परिवारों पर वित्तीय संकट गहरा रहा है। इसके अलावा, बंद से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन और आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो रही है, जैसा कि यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ने चेतावनी दी है।
आगे की संभावनाएं और व्यापक प्रभाव
यह अदालती फैसला न केवल वर्तमान छंटनी को रोकता है, बल्कि ट्रंप प्रशासन की व्यापक “सरकारी सुधार” नीति पर सवाल उठाता है, जिसमें संघीय नौकरियों को 10% तक कम करने का लक्ष्य है। यदि अपील सफल रही, तो मामला उच्चतम न्यायालय तक पहुंच सकता है। डेमोक्रेट्स ने इसे 2026 मिडटर्म चुनावों का मुद्दा बनाने की योजना बनाई है, जबकि रिपब्लिकन्स इसे “अनावश्यक खर्च” काटने की कोशिश बता रहे हैं। फिलहाल, बंद जारी रहने से अमेरिकी जनता को असुविधा हो रही है—जैसे वीजा प्रोसेसिंग में देरी, IRS रिफंड में विलंब, और स्वास्थ्य अनुसंधान में रुकावट। विश्वसनीय स्रोतों जैसे फैक्टचेक.ऑर्ग से सत्यापित आंकड़ों के आधार पर, पिछले बंदों में कर्मचारियों को रेट्रोएक्टिव पे मिला था, लेकिन अनिश्चितता ने मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला। यह घटना अमेरिकी लोकतंत्र की जटिलताओं को उजागर करती है, जहां बजट विवाद राष्ट्रीय सेवाओं को प्रभावित करते हैं।
जानकारी बीबीसी और एमएसएन से एकत्र की गई है।
