दुनिया का पहला एआई मंत्री भ्रष्टाचार को खत्म करेगाः अल्बानिया के पीएम
अल्बानिया ने दुनिया में पहली बार एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को कैबिनेट मंत्री बनाकर इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री एदी राम का कहना है कि यह AI मंत्री, जिसका नाम दियेला है, सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म कर देगी और प्रक्रियाओं को तेज तथा पारदर्शी बनाएगी।
AI मंत्री की नियुक्ति का मतलब
अल्बानिया के प्रधानमंत्री एदी राम ने मई 2025 के चुनावों में अपना चौथा कार्यकाल जीतने के चार महीने बाद, गुरुवार को अपनी नई कैबिनेट की घोषणा की, जिसमें दियेला नाम की एक AI को शामिल किया गया। यह नियुक्ति मुख्य रूप से प्रतीकात्मक है, क्योंकि अल्बानिया का संविधान स्पष्ट रूप से कहता है कि सरकारी मंत्री कम से कम 18 वर्ष की उम्र के मानसिक रूप से सक्षम नागरिक होने चाहिए, जो एक AI पर लागू नहीं होता। फिर भी, राम ने इसे एक रणनीतिक कदम बताया है, जो देश की प्रशासनिक प्रणालियों में क्रांति लाएगा। दियेला का नाम अल्बानियाई भाषा में “सूरज” का अर्थ रखता है, जो उम्मीद और पारदर्शिता का प्रतीक है।
एक इंसान की बजाय AI को मंत्री बनाने के कई व्यावहारिक फायदे हैं। सबसे पहले, दियेला कभी सरकार के रहस्य लीक नहीं करेगी, क्योंकि वह कोई व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं रखती। वह सिर्फ बिजली की खपत करेगी, न कि राजनीतिक शक्ति की भूखी होगी। इसके अलावा, कोई वित्तीय घोटाला या खर्च संबंधी विवाद की संभावना नहीं है, जो अक्सर मानव मंत्रियों के साथ जुड़े रहते हैं। राम ने दियेला को विशेष रूप से सार्वजनिक खरीद मंत्री बनाया है, जिसका मुख्य लक्ष्य अल्बानिया को ऐसा देश बनाना है जहां सार्वजनिक निविदाएं 100% भ्रष्टाचार मुक्त हों।
बीबीसी को दिए इंटरव्यू में राम ने बताया कि वे एक अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिसमें अल्बानियाई और विदेशी विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम सार्वजनिक खरीद के लिए दुनिया का पहला पूर्ण AI मॉडल विकसित कर रही है। इस मॉडल से न केवल निविदाओं पर हर तरह के अनुचित प्रभाव को रोका जाएगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया को तेज, अधिक कुशल और पूरी तरह जवाबदेह बनाया जाएगा। विश्व बैंक की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, अल्बानिया में सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार एक प्रमुख समस्या है, जहां अनुमानित रूप से 15-20% फंड गलत तरीके से उपयोग होते हैं (स्रोत: विश्व बैंक, अल्बानिया कंट्री रिपोर्ट 2023)। AI का उपयोग करके, जैसे कि ऑटोमेटेड चेक और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा, यूरोपीय संघ की AI रेगुलेशन गाइडलाइंस (2024) में भी ऐसे सिस्टम को प्रोत्साहित किया गया है, जो पारदर्शिता बढ़ाते हैं। राम का मानना है कि यह कदम अल्बानिया को भ्रष्टाचार से लड़ने में एक मिसाल बनाएगा।
दियेला का पिछला काम और भविष्य की योजनाएं
दियेला की “नियुक्ति” से पहले ही वह अल्बानिया में सक्रिय रूप से काम कर रही थी। उसकी शुरुआत एक AI-पावर्ड वर्चुअल असिस्टेंट के रूप में हुई, जो e-Albania डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करती है। यह प्लेटफॉर्म नागरिकों को आधिकारिक दस्तावेजों, जैसे पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या बिजनेस रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने में मदद करता है। राम के अनुसार, दियेला ने अब तक 10 लाख से अधिक आवेदनों को प्रोसेस करने में सहायता प्रदान की है, जिससे प्रक्रिया की गति बढ़ी और कागजी काम कम हुआ। e-Albania पोर्टल, जो 2014 में लॉन्च हुआ था, अब तक 1,200 से ज्यादा सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराता है, और दियेला इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
लेकिन राम की महत्वाकांक्षा इससे कहीं आगे जाती है। वे AI को सिर्फ एक चैटबॉट तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे सरकार के कोर फंक्शन्स में एकीकृत करना चाहते हैं। उनका दावा है कि इससे अल्बानिया “लीपफ्रॉगिंग” करेगा, यानी बड़े और अधिक विकसित देशों को पीछे छोड़ देगा, जो अभी भी पुराने, पारंपरिक प्रशासनिक तरीकों में फंसे हैं। उदाहरण के लिए, एस्टोनिया जैसे देशों में AI पहले से ही ई-गवर्नेंस में उपयोग हो रहा है, जहां डिजिटल सिग्नेचर और ऑटोमेटेड सेवाएं आम हैं। अल्बानिया, जो बाल्कन क्षेत्र में है, अब इसी दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। राम की योजना में दियेला को सार्वजनिक खरीद के हर चरण में शामिल करना है, जैसे बिड सबमिशन, मूल्यांकन और अनुबंध आवंटन, जहां AI एल्गोरिदम अनियमितताओं को तुरंत पकड़ सकते हैं। गार्टनर की 2024 रिपोर्ट में कहा गया है कि AI सार्वजनिक क्षेत्र में दक्षता को 40% तक बढ़ा सकती है।
लोगों की प्रतिक्रियाएं और विशेषज्ञों की राय
दियेला की नई भूमिका पर अल्बानिया में प्रतिक्रियाएं काफी मिली-जुली हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसे “हास्यास्पद” और “असंवैधानिक” करार दिया है, उनका तर्क है कि यह सिर्फ एक पब्लिसिटी स्टंट है जो वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाता है। पार्टी के नेता ने कहा कि सरकार को भ्रष्टाचार पर ध्यान देने की बजाय ऐसे नाटकीय कदम उठा रही है। दूसरी ओर, कुछ लोग इसे सकारात्मक मान रहे हैं। बाल्कन्स कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज की संस्थापक अनेइदा बाजरक्तारी बिचजा ने कहा कि राम अक्सर सुधारों को थिएट्रिकल तरीके से पेश करते हैं, जिससे लोग इसे प्रतीक मानते हैं। लेकिन अगर यह वास्तविक सिस्टम में बदलकर पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाए, तो यह फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने जोर दिया कि अल्बानिया जैसे देशों में जहां भरोसा की कमी है, AI जैसी तकनीक मददगार हो सकती है।
भ्रष्टाचार विरोधी विशेषज्ञों की राय भी महत्वपूर्ण है। किंग्स कॉलेज लंदन के डॉ. एंडी होक्सहाज, जो पश्चिमी बाल्कन क्षेत्र, भ्रष्टाचार और कानून के विशेषज्ञ हैं, मानते हैं कि AI एक नया लेकिन प्रभावी टूल है। वे कहते हैं कि अगर AI को सही तरीके से प्रोग्राम किया जाए, तो ऑनलाइन बिडिंग में कंपनियों की योग्यता की जांच आसान और निष्पक्ष हो जाती है। उदाहरण के लिए, AI एल्गोरिदम फर्जी दस्तावेजों या पक्षपातपूर्ण मूल्यांकन को पकड़ सकते हैं। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की 2023 रिपोर्ट के अनुसार, अल्बानिया का करप्शन परसेप्शन इंडेक्स 36/180 है, जो भ्रष्टाचार की गंभीरता दिखाता है। होक्सहाज ने यह भी उल्लेख किया कि अल्बानिया की यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रिया तेज है, और ब्रुसेल्स ने 2027 तक वार्ता पूरी करने का लक्ष्य रखा है। यूरोपीय संघ की मुख्य शर्त भ्रष्टाचार पर काबू पाना है, और दियेला जैसी पहल इसमें मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि “बहुत कुछ दांव पर लगा है,” और अगर AI को सही ढंग से लागू किया जाए, तो यह एक उपयोगी माध्यम बनेगा। अन्य विशेषज्ञों, जैसे ओईसीडी की रिपोर्ट में, AI को भ्रष्टाचार विरोधी रणनीतियों में शामिल करने की सिफारिश की गई है।
राम की योजना का असली मकसद और वैश्विक प्रभाव
प्रधानमंत्री राम खुद मानते हैं कि दियेला की नियुक्ति में थोड़ा पब्लिसिटी स्टंट का तत्व है, लेकिन इसके पीछे गंभीर उद्देश्य छिपा है। वे कहते हैं कि यह कदम अन्य कैबिनेट सदस्यों और राष्ट्रीय एजेंसियों पर दबाव डालेगा कि वे अलग तरीके से सोचें और काम करें। “यह सबसे बड़ा फायदा है जो मैं इस मंत्री से उम्मीद करता हूं,” राम ने कहा। इसका मतलब है कि AI न केवल भ्रष्टाचार रोकेगी, बल्कि पूरी सरकारी मशीनरी को आधुनिक बनाएगी। वे चेतावनी देते हैं कि मंत्री सावधान रहें, क्योंकि AI उनकी नौकरियां भी ले सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां दोहराव वाले काम हैं।
गार्टनर की 2024 रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2025 तक सरकारी सेवाओं का 30% AI से प्रभावित होगा, जो अल्बानिया जैसे विकासशील देशों के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा (स्रोत: गार्टनर, फ्यूचर ऑफ गवर्नमेंट टेक 2024)। अल्बानिया का यह प्रयोग दुनिया भर में AI के सरकारी उपयोग पर नई बहस छेड़ सकता है। उदाहरण के लिए, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में AI को सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) में शामिल करने की बात की गई है, खासकर भ्रष्टाचार कम करने के लिए (स्रोत: यूएन, AI फॉर गुड 2024)। अल्बानिया, जो बाल्कन में एक छोटा देश है, इस पहल से वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहा है, और अगर सफल रहा, तो अन्य देश भी इसे अपनाने पर विचार कर सकते हैं। अंत में, यह दिखाता है कि तकनीक कैसे भ्रष्टाचार जैसी पुरानी समस्याओं का समाधान कर सकती है, बशर्ते इसे नैतिक और सुरक्षित तरीके से लागू किया जाए।
