करियर

दूरस्थ कर्मचारियों को प्रभावी और मानवीय रूप से कैसे शामिल किया जाए?

जब कोई नया व्यक्ति हमारी संस्था से जुड़ता है तो उसके मन में कई तरह के सवाल और थोड़ी घबराहट होना बहुत ही स्वाभाविक बात है। सोचिए आप अपने घर के एक कमरे में बिल्कुल अकेले बैठे हैं और अपने संगणक की चमकती स्क्रीन को लगातार घूर रहे हैं। आपके पास कोई ऐसा साथी नहीं है जिसके साथ आप चाय पीते हुए कुछ देर बात कर सकें या कार्यालय का असली खुशनुमा माहौल महसूस कर सकें।

आप विषय-सूची खोल सकते हैं show

ऐसे समय में दूरस्थ कर्मचारी समावेशन की यह प्रक्रिया सबसे बड़ी और अहम भूमिका निभाती है। मैंने अपने अनुभव में अक्सर यह देखा है कि अगर हम नए साथी को पहले दिन से ही अकेलापन महसूस करने दें तो उसका मनोबल बुरी तरह गिर जाता है और वह काम में मन नहीं लगा पाता। हमारा मकसद सिर्फ कुछ कागजी फॉर्म भरवाना या काम सौंपना नहीं है बल्कि हमें उन्हें यह गहरा एहसास दिलाना है कि वे एक बेहतरीन समूह का हिस्सा बन चुके हैं। दूरस्थ कर्मचारी समावेशन को अगर सही और पूरी तरह से मानवीय तरीके से किया जाए तो नया व्यक्ति बहुत जल्दी काम को समझता है और संस्था के साथ लंबे समय तक खुशी से जुड़ा रहता है। हम इस लेख में यही समझेंगे कि कैसे इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और हर किसी के लिए असरदार बनाया जा सकता है।

शुरुआत की तैयारी और पहले दिन से पहले का जरूरी काम

कागजी कार्रवाई और तकनीकी उपकरणों को समय पर पूरा करना

किसी भी नए व्यक्ति का सफर तब शुरू नहीं होता जब वह पहले दिन काम पर आता है बल्कि उनका सफर उसी दिन से शुरू हो जाता है जब वे नौकरी का प्रस्ताव खुशी खुशी स्वीकार करते हैं। इस दौरान उनके मन में बहुत ज्यादा उत्साह होता है और हमें इस उत्साह को किसी भी कीमत पर कम नहीं होने देना चाहिए। मैंने हमेशा यह महसूस किया है कि अगर पहले दिन कोई तकनीकी समस्या सामने आए तो नया व्यक्ति बहुत ज्यादा परेशान और निराश हो जाता है। इसलिए हमें संगणक और अन्य सभी जरूरी सामान समय से पहले उनके घर पहुंचा देना चाहिए ताकि वे आराम से अपनी पूरी कार्य प्रणाली सेट कर सकें।

इसके साथ ही सभी जरूरी तकनीकी प्रणालियों और कंपनी के आधिकारिक खाते की पहुंच भी पहले ही तैयार रखना बहुत ज्यादा जरूरी है। जब वे अपना उपकरण खोलें तो सब कुछ बिल्कुल तैयार मिलना चाहिए ताकि उन्हें किसी सहायता वाले व्यक्ति को बार बार फोन न करना पड़े। यह छोटी सी लेकिन बहुत ही अहम तैयारी उन्हें दिखाती है कि हम उनके कीमती समय की कितनी कद्र करते हैं और उनका हमारी टीम में आना हमारे लिए कितना ज्यादा मायने रखता है।

चरण काम का विवरण सही समय
उपकरण भेजना संगणक और जरूरी सामान डाक से भेजना काम शुरू होने से एक हफ्ता पहले
खाते बनाना सभी जरूरी तकनीकी प्रणालियों की पहुंच देना काम शुरू होने से तीन दिन पहले
जरूरी दस्तावेज़ सभी आधिकारिक फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाना काम शुरू होने से दो दिन पहले

टीम की तरफ से प्यार भरा स्वागत और अपनापन देना

जब आप किसी नई जगह काम करने जाते हैं तो एक मुस्कुराहट भरा शानदार स्वागत आपकी सारी पुरानी थकान और घबराहट को तुरंत मिटा देता है। घर से काम करने वाले लोगों के लिए भी ऐसा ही कुछ करना बहुत ज्यादा असरदार साबित होता है क्योंकि वे सीधे तौर पर किसी से मिल नहीं पाते हैं। हम अपने सभी साथियों की तरफ से एक छोटा सा स्वागत संदेश रिकॉर्ड करके भेज सकते हैं जिसमें सभी लोग नए सदस्य के आने की खुशी खुलकर जाहिर कर रहे हों। इसके अलावा एक छोटी सी स्वागत सामग्री भिजवाना भी एक बहुत ही प्यारा कदम है जिसमें संस्था के नाम वाले कपड़े या एक बढ़िया प्याला हो सकता है।

जब नया कर्मचारी उस प्याले में अपनी सुबह की चाय पीता है तो उसे सच में गहराई से लगता है कि वह इस नई शानदार टीम का एक खास हिस्सा बन गया है। उन्हें पहले दिन का पूरा कार्यक्रम भी एक दिन पहले विस्तार से बता देना चाहिए ताकि वे मानसिक रूप से तैयार रहें और उन्हें यह चिंता न सताए कि कल सुबह उठकर उन्हें सबसे पहले क्या करना होगा।

स्वागत के तरीके यह कैसे काम करता है इसका सीधा प्रभाव
दृश्य संदेश पूरी टीम का एक छोटा और खुशहाल संदेश आपसी अपनापन बहुत तेजी से बढ़ता है
स्वागत सामग्री डायरी या कंपनी का सामान घर भिजवाना संस्था की संस्कृति से गहरा जुड़ाव होता है
कार्यक्रम की जानकारी पहले दिन का पूरा समय चक्र पहले ही भेजना पहले दिन की हर तरह की घबराहट कम होती है

पहले दिन का खुशनुमा माहौल और टीम के साथ परिचय

साथियों के साथ अनौपचारिक और मजेदार बातचीत करना

पहला दिन कभी भी सीधे काम शुरू करने के बारे में बिल्कुल नहीं होना चाहिए बल्कि यह लोगों को करीब से जानने का एक बहुत ही खास दिन होना चाहिए। जब नया व्यक्ति सुबह अपना उपकरण चालू करता है तो हमें सबसे पहले एक अच्छी सी दृश्य वार्ता करनी चाहिए ताकि आमने सामने बैठकर बात हो सके। इस बातचीत में काम की बिल्कुल भी चर्चा नहीं होनी चाहिए बल्कि हम एक दूसरे की पसंद नापसंद और निजी शौक के बारे में खुलकर बात कर सकते हैं। मैंने देखा है कि जब टीम के पुराने सदस्य अपनी कुछ पुरानी मजेदार कहानियां सुनाते हैं तो नया साथी बहुत जल्दी सहज और शांत महसूस करने लगता है।

सबको अपना कैमरा चालू रखना चाहिए ताकि नया व्यक्ति सभी के चेहरों को अच्छी तरह से पहचान सके और मुस्कुराहट का आसान आदान प्रदान बिना किसी रुकावट के हो सके। यह एक छोटा सा कदम दूरस्थ कर्मचारी समावेशन को पूरी तरह से एक मानवीय रूप दे देता है और पर्दें के पीछे बैठे इंसान को यह महसूस कराता है कि वह असली इंसानों के साथ काम कर रहा है।

बातचीत का तरीका बातचीत का मुख्य विषय मिलने वाला फायदा
परिचय वार्ता नाम और शहर के बारे में जानना एक दूसरे की अच्छी पहचान होती है
शौक पर चर्चा किताबें या घूमने की जगहों के बारे में बात समान पसंद वाले लोग जल्दी जुड़ते हैं
मजेदार किस्से संस्था के पुराने अच्छे अनुभव बताना नया व्यक्ति खुलकर बात करना शुरू करता है

एक अच्छे मार्गदर्शक या साथी की तुरंत नियुक्ति करना

एक अच्छे मार्गदर्शक या साथी की तुरंत नियुक्ति करना

हर नए व्यक्ति को शुरुआत में कई छोटे छोटे सवाल पूछने होते हैं जैसे कि छुट्टी के लिए कैसे आवेदन करें या कोई विशेष नया साधन कैसे चलाएं। अगर वे हर बार अपने अधिकारी के पास जाएंगे तो उन्हें थोड़ी झिझक महसूस होगी और वे कई जरूरी बातें पूछने से अक्सर बचेंगे। इसलिए हमें संस्था के किसी पुराने और मिलनसार कर्मचारी को उनका एक अच्छा मार्गदर्शक बनाना चाहिए जो उनकी हर कदम पर पूरी लगन से मदद कर सके।

यह मार्गदर्शक उनके साथ एक बहुत अच्छे दोस्त की तरह व्यवहार करता है जिससे वे बिना किसी डर के अपने मन के सारे सवाल आराम से पूछ सकते हैं। इसका मुख्य काम उन्हें उनका काम सिखाना नहीं होता बल्कि संस्था के खुशनुमा माहौल और कार्य संस्कृति से उन्हें अच्छी तरह परिचित कराना होता है। यह बेहतरीन तरीका नए कर्मचारी का आत्मविश्वास बहुत ज्यादा बढ़ाता है और उन्हें लगता है कि कोई उनके साथ हमेशा खड़ा है जो उनकी मदद के लिए हर पल तैयार है।

साथी का काम मुख्य जिम्मेदारी कर्मचारी को होने वाला फायदा
सवालों के जवाब देना छोटे और रोजमर्रा के सवालों को तुरंत हल करना काम में कोई रुकावट नहीं आती है
संस्कृति समझाना नियम और काम करने का तरीका सही से बताना नए माहौल में ढलना बहुत आसान होता है
दोस्ती करना अकेलेपन को दूर करने के लिए बातचीत करना मानसिक रूप से बहुत ज्यादा शांति मिलती है

काम का सही प्रशिक्षण और धीरे धीरे ज़िम्मेदारी सौंपना

बिना किसी दबाव के छोटे और आसान कार्य देना

पहले ही हफ्ते में किसी को बहुत बड़ा और मुश्किल काम सौंप देना बिल्कुल भी सही कदम नहीं है और हमें इस गलती से हमेशा बचना चाहिए। नया व्यक्ति पहले से ही बहुत सी नई चीजें सीख रहा होता है और अचानक ज्यादा काम मिलने से वह बहुत ज्यादा परेशान और हताश हो सकता है। हमें उन्हें ऐसे छोटे और सरल कार्य देने चाहिए जिन्हें वे आसानी से समझ सकें और बिना किसी गलती के जल्दी पूरा कर सकें। जब वे इन छोटे कामों को सफलतापूर्वक पूरा करते हैं तो उन्हें बहुत ज्यादा खुशी मिलती है और उनका आत्मविश्वास सच में आसमान छूने लगता है।

हम उन्हें इन अच्छे कामों के लिए पूरी टीम के सामने शाबाशी दे सकते हैं जिससे उनका हौसला और भी ज्यादा बढ़ता है और वे बेहतर काम करते हैं। काम की गति को शुरुआत में धीमा रखना चाहिए ताकि वे हमारी कार्यप्रणाली को गहराई से समझ सकें और किसी भी तरह के भारी दबाव का शिकार बिल्कुल न हों। यह दूरस्थ कर्मचारी समावेशन की सबसे महत्वपूर्ण और सफल रणनीतियों में से एक मानी जाती है।

काम का प्रकार इसे कैसे सौंपे इसका मुख्य उद्देश्य
पढ़ने का काम संस्था के पुराने सफल कार्य ध्यान से दिखाना काम के स्तर और तरीके को अच्छे से समझना
छोटे बदलाव पुराने काम में छोटी और आसान सुधार करना पूरी प्रणाली चलाना धीरे धीरे सीखना
पहला नया काम बहुत कम समय लेने वाला एक बिल्कुल नया कार्य काम करने का आत्मविश्वास तेजी से बढ़ाना

नियमित रूप से बातचीत करना और सही प्रतिक्रिया लेना

जब कोई व्यक्ति अपने घर से लगातार काम कर रहा होता है तो उसे यह जानने की बहुत ज्यादा जरूरत होती है कि वह असल में कैसा काम कर रहा है। हमें हर दिन उनके साथ कम से कम पंद्रह मिनट की एक छोटी सी बातचीत जरूर करनी चाहिए ताकि हम उनकी वर्तमान स्थिति समझ सकें। इस बातचीत का मकसद सिर्फ यह पूछना होना चाहिए कि उनका आज का दिन कैसा रहा और क्या उन्हें किसी भी प्रकार की छोटी बड़ी मदद की तत्काल जरूरत है।

अगर उन्हें कोई बात समझ नहीं आ रही है तो हम उसी समय तुरंत उनकी परेशानी दूर कर सकते हैं और उन्हें काम का बिल्कुल सही रास्ता दिखा सकते हैं। इसके साथ ही हमें उनसे भी लगातार पूछना चाहिए कि उन्हें हमारी यह पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया कैसी लग रही है और हम इसमें क्या सुधार कर सकते हैं। एकतरफा बातचीत से कभी भी अच्छे परिणाम नहीं मिलते इसलिए दोनों तरफ से खुलकर और ईमानदारी से बात होना किसी भी रिश्ते के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है।

बैठक का समय चर्चा का मुख्य विषय इससे क्या हासिल होगा
रोजाना वार्ता दिन भर की परेशानी और काम का हाल चाल छोटी समस्याएं तुरंत हल हो जाती हैं
साप्ताहिक वार्ता पूरे हफ्ते के काम की अच्छी तरह से समीक्षा करना काम की दिशा हमेशा सही बनी रहती है
सुझाव लेना उनकी राय और भविष्य के लिए सुझाव मांगना पूरी प्रक्रिया को और ज्यादा बेहतर बनाया जाता है

पहले तीन महीनों की खास रणनीति और सफलता का रास्ता

एक और दो महीने बाद की विस्तृत और गहरी समीक्षा करना

किसी भी व्यक्ति को नई जगह और नए लोगों के साथ पूरी तरह से घुलने मिलने में कम से कम तीन महीने का समय बहुत ही आसानी से लग जाता है। एक महीना पूरा होने पर हमें उनके साथ फुर्सत में बैठकर लंबी बात करनी चाहिए और उनके अब तक के अनुभव को गहराई से समझना चाहिए। हम उनसे प्यार से पूछ सकते हैं कि क्या उन्हें सच में वह सब मिला जिसकी उन्हें पहले दिन से उम्मीद थी या कोई बड़ी कमी रह गई है।

इसके बाद जब दो महीने पूरी तरह से खत्म हो जाएं तो उन्हें टीम के कुछ बड़े और मुख्य कार्यों में शामिल करना धीरे धीरे शुरू कर देना चाहिए। अब तक वे हमारे काम करने के तरीके को बहुत अच्छे से समझ चुके होते हैं इसलिए महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी स्वतंत्र राय मांगना उनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है। लगातार जुड़े रहने से उन्हें लगता है कि हमारी संस्था उनके सुनहरे भविष्य को लेकर बहुत ज्यादा गंभीर है और उनका मानसिक विकास हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

समय सीमा मुख्य कदम कर्मचारी की वर्तमान स्थिति
एक महीने बाद अनुभव पूछना और उनकी हर जरूरत को समझना वह धीरे धीरे माहौल में सहज हो रहा है
दो महीने बाद बड़े और महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल करना वह पूरी प्रणाली को अच्छी तरह समझ चुका है
सुधार का मौका पुरानी गलतियों पर प्यार और शांति से बात करना उनके रोजमर्रा के काम में बहुत सुधार आता है

तीसरे महीने की पूरी योजना और भविष्य की आगे की बातें

तीन महीने का समय पूरा होने पर हमें एक बहुत ही विस्तृत और अच्छी समीक्षा करनी चाहिए ताकि आगे का लंबा रास्ता पूरी तरह से साफ हो सके। इस समय तक नया साथी पूरी तरह से हमारी शानदार टीम का एक बहुत ही मजबूत और खास हिस्सा बन चुका होता है जिस पर हम भरोसा कर सकते हैं। हमें उनके भविष्य के बड़े लक्ष्यों पर चर्चा करनी चाहिए और यह जानना चाहिए कि वे अगले एक साल में खुद को और अपने भविष्य को कहां देखते हैं।

हम उन्हें बता सकते हैं कि उनके काम में क्या बहुत ज्यादा अच्छा रहा और कहां उन्हें थोड़ा और ध्यान देने या मेहनत करने की जरूरत पड़ सकती है। यह दूरस्थ कर्मचारी समावेशन का वह खास पड़ाव है जहां शुरुआती प्रशिक्षण खत्म होता है और एक लंबी पेशेवर यात्रा की असली और शानदार शुरुआत होती है। सही दिशा और सही मार्गदर्शन से कोई भी नया कर्मचारी संस्था के लिए एक बहुत बड़ी संपत्ति साबित हो सकता है और वह इसे नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।

चर्चा का बिंदु कैसे बात करें भविष्य में होने वाला लाभ
लक्ष्य निर्धारण अगले एक साल के लिए जरूरी काम तय करना कर्मचारी को अपनी सही दिशा पता होती है
कौशल विकास नई चीजें और तकनीक सीखने के लिए प्रेरित करना संस्था को हमेशा बेहतर और नया काम मिलता है
स्वतंत्रता देना अब उन्हें खुद जरूरी फैसले लेने की छूट देना उनमें जिम्मेदारी का गहरा अहसास जगता है

दूरस्थ काम में होने वाली कुछ बहुत ही सामान्य गलतियों से बचना

एक ही बार में अत्यधिक और फालतू जानकारी देना

अक्सर बहुत सी संस्थाएं यह बहुत बड़ी गलती करती हैं कि वे पहले ही दिन नए कर्मचारी को बहुत सारी नीतियां और दस्तावेज पढ़ने के लिए दे देती हैं। आठ घंटे तक लगातार स्क्रीन के सामने बैठकर नीरस और लंबी नीतियां पढ़ना किसी भी इंसान को थका सकता है और यह बिल्कुल भी मानवीय तरीका नहीं है। हमें सारी जरूरी जानकारी को बहुत ही छोटे छोटे और आसान हिस्सों में बांट देना चाहिए ताकि उसे समझना और याद रखना हर किसी के लिए आसान हो जाए।

हम कुछ जानकारी अच्छे चलचित्रों के माध्यम से दे सकते हैं और कुछ को सीधे बातचीत के जरिए बड़े प्यार और आसानी से समझा सकते हैं। जब हम जानकारी को टुकड़ों में बांटते हैं तो नया व्यक्ति उसे बहुत आसानी से याद रख पाता है और उसे कोई भी मानसिक थकान या परेशानी महसूस नहीं होती है। यह एक बहुत ही सरल और आसान उपाय है जो दूरस्थ कर्मचारी समावेशन में बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव तेजी से ला सकता है।

गलती सुधारने का सही तरीका इसका सीधा और अच्छा परिणाम
लंबे दस्तावेज देना छोटे दृश्य और दस्तावेजों का सही उपयोग भारी जानकारी जल्दी और आसानी से समझ आती है
लगातार पढ़ना बीच बीच में आराम का पूरा समय देना किसी भी तरह की मानसिक थकान तुरंत दूर होती है
अकेले छोड़ना साथ मिलकर चीजें और नीतियां समझाना काम की बोरियत पूरी तरह से खत्म होती है

केवल लिखित और मशीनी संदेशों पर पूरी तरह निर्भर रहना

दूरस्थ काम में सबसे बड़ी कमी यह होती है कि लोग एक दूसरे से कभी भी आमने सामने सीधे तौर पर नहीं मिल पाते हैं और दूरी बनी रहती है। अगर हम अपनी सारी बातचीत केवल लिखित संदेशों के माध्यम से करेंगे तो कभी भी एक बहुत अच्छा और गहरा रिश्ता किसी के भी साथ नहीं बन पाएगा। शब्दों से बहुत ज्यादा चेहरे के भाव और आपकी असल आवाज मायने रखती है इसलिए जब भी संभव हो हमें सीधे आमने सामने बातचीत का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए।

कभी कभी सिर्फ यह पूछने के लिए छोटी सी बातचीत करना कि वे आज कैसे हैं उनके पूरे दिन को बहुत ज्यादा बेहतर और खुशनुमा बना सकता है। हमें आधुनिक तकनीकी साधनों का पूरा उपयोग तो करना है लेकिन इसके साथ ही मानवीय स्पर्श को भी हमेशा जिंदा रखना बहुत ज्यादा जरूरी है। यही वह असली और खास बात है जो एक साधारण प्रक्रिया को बेहतरीन दूरस्थ कर्मचारी समावेशन में पूरी तरह से हमेशा के लिए बदल देती है।

बातचीत का माध्यम सही और उचित उपयोग इससे क्या अच्छा असर होता है
लिखित पत्र सिर्फ जरूरी काम की आधिकारिक जानकारी के लिए सभी पुरानी बातों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है
त्वरित संदेश किसी भी बात का जल्दी जवाब पाने के लिए समय की भारी बचत होती है और काम नहीं रुकता
दृश्य वार्ता रिश्ता बनाने और लंबी जरूरी बात के लिए लोगों का मानवीय जुड़ाव बहुत ज्यादा मजबूत होता है

अंतिम विचार

दूरस्थ कर्मचारी समावेशन केवल कुछ नियम और काम सिखाने की साधारण प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह एक इंसान को अपने परिवार का हिस्सा बनाने का बहुत ही खूबसूरत तरीका है। जब हम किसी नए व्यक्ति को अपनापन देते हैं और उनके हर छोटे बड़े कदम पर उनका पूरा साथ देते हैं तो वे खुशी से भरकर अपना सबसे बेहतरीन काम करके दिखाते हैं।

आधुनिक तकनीक ने हमें दूर रहकर भी एक दूसरे से जुड़ने का बहुत अच्छा मौका दिया है और हमें इसका सही इस्तेमाल करके एक मजबूत संस्था बनानी चाहिए। अगर हम ऊपर बताई गई सभी जरूरी बातों का हमेशा ध्यान रखेंगे तो कोई भी नया कर्मचारी कभी भी खुद को अकेला या डरा हुआ महसूस नहीं करेगा और हमारी सफलता में अपना पूरा और सच्चा योगदान देगा।

अक्सर पूछे जाने वाले कुछ अन्य महत्वपूर्ण सवाल

1. अलग समय वाले स्थानों से काम करने वालों के बीच तालमेल कैसे बनाएं?

जब लोग दुनिया के अलग अलग हिस्सों से जुड़ते हैं तो उनके काम का समय एक दूसरे से बिल्कुल अलग होता है। ऐसे में एक ऐसा साझा समय तय करना चाहिए जब सभी लोग एक साथ मिलकर आमने सामने बातचीत कर सकें। साथ ही उन्हें यह छूट देनी चाहिए कि वे अपने सवाल किसी भी समय लिखकर छोड़ दें और जवाब के लिए प्रतीक्षा करें। इस लचीली व्यवस्था से बिना किसी मानसिक दबाव के काम आसानी से पूरा होता है। स्वचालित साधनों का सही उपयोग भी इसमें बहुत मदद करता है जिससे दूरस्थ कर्मचारी समावेशन सफल होता है।

2. तकनीकी रूप से कमजोर नए सदस्य की सहायता कैसे करें?

हर कोई नई प्रणालियों को चलाने में माहिर नहीं होता है और इसमें कोई बुराई नहीं है। ऐसे सदस्यों को सबसे पहले केवल रोजमर्रा के काम में आने वाली बुनियादी चीजें ही सिखानी चाहिए ताकि वे परेशान न हों। उन्हें छोटे और आसान दृश्य चित्र बनाकर दें ताकि वे हर कदम को देखकर आसानी से अपना काम सीख सकें। साथ ही उनके साथ एक शांत स्वभाव वाला साथी जोड़ें जो उन्हें बिना गुस्सा किए बार बार चीजें प्यार से समझा सके।

3. बिना दबाव बनाए नए साथियों के काम को कैसे जांचें?

घर से काम करने वालों का काम आंकना पारंपरिक तरीके से थोड़ा अलग और चुनौतीपूर्ण होता है। उनके काम को समय के बजाय उनके द्वारा पूरे किए गए मुख्य कार्यों के आधार पर ही जांचना चाहिए। शुरुआत में उनकी गलतियों पर डांटने के बजाय उन्हें सुधारने का पूरा और सही मौका दें। हर हफ्ते छोटे और आसान लक्ष्य बनाएं जिन्हें पूरा करने में उन्हें मजा आए और उनका आत्मविश्वास तेजी से बढ़े।