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भारत में वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हाट्सएप एक्सेसिबिलिटी के 5 फीचर

स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। हम सभी दिन भर अपने फोन से चिपके रहते हैं और दुनिया भर की खबरें हमारी उंगलियों पर होती हैं। लेकिन क्या आपने कभी गहराई से सोचा है कि हमारे घर के बड़े-बुजुर्गों के लिए इस छोटे से डिवाइस को इस्तेमाल करना कितना मुश्किल हो सकता है? आज के समय में करोड़ों लोग चैटिंग और कॉलिंग के लिए इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं।

इनमें से लाखों यूजर्स हमारे माता-पिता या दादा-दादी हैं जो अपने बच्चों, नाती-पोतों और पुराने दोस्तों से जुड़े रहना चाहते हैं। लेकिन फोन की छोटी स्क्रीन, बारीक अक्षर और अनजान नंबरों से आने वाले फ्रॉड कॉल्स उन्हें अक्सर डरा देते हैं। ऐसे में सही व्हाट्सएप फीचर्स फॉर द एल्डरली के बारे में जानना बहुत ज्यादा जरूरी है ताकि उनका यह डिजिटल सफर एकदम आसान, मजेदार और पूरी तरह से सुरक्षित हो सके।

यह विषय इतना जरूरी क्यों है?

आजकल की दुनिया पूरी तरह से डिजिटल हो गई है। जो लंबी बातचीत पहले चिट्ठियों या घर के लैंडलाइन फोन से होती थी, वह अब स्मार्टफोन की स्क्रीन पर सिमट कर रह गई है। अक्सर ऐसा होता है कि युवा अपने माता-पिता को एक महंगा और अच्छा सा फोन तो गिफ्ट कर देते हैं, लेकिन वे उन्हें इसके जरूरी काम और सेटिंग्स ठीक से समझाना भूल जाते हैं। इसके कारण घर के बड़े सिर्फ फोन उठाने या लाल बटन दबाकर फोन काटने तक ही सीमित रह जाते हैं। उम्र बढ़ने के साथ नई तकनीक को सीखना उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है।

आंखों की कमजोरी, उंगलियों का कांपना और भूलने की आदत जैसी चीजें इसमें बहुत बड़ी रुकावट बनती हैं। इसके अलावा इंटरनेट पर तेजी से फैल रहे फ्रॉड और स्पैम मैसेज भी उनके मन में एक गहरा डर पैदा कर देते हैं। उन्हें हमेशा यह चिंता सताती है कि कहीं किसी गलत बटन को दबाने से उनका बड़ा नुकसान न हो जाए।

घर के बड़ों के लिए 5 सबसे मददगार फीचर्स

नीचे दी गई टेबल में उन सभी जरूरी बातों का एक छोटा सा सारांश दिया गया है जिनके बारे में हम आगे विस्तार से बात करेंगे। एक नजर में जानिए कि कौन सी सेटिंग उनके लिए क्या काम करती है।

क्रमांक सेटिंग का नाम मुख्य लाभ
1 फॉन्ट साइज बढ़ाना बड़े और साफ अक्षरों से पढ़ने में आसानी
2 वॉयस मैसेज भेजना बिना टाइप किए अपनी बात कहने की आजादी
3 होम स्क्रीन शॉर्टकट एक टच में सीधे अपने करीबियों से जुड़ना
4 अनजान कॉल्स साइलेंट स्पैम और ऑनलाइन फ्रॉड से पक्की सुरक्षा
5 मीडिया ऑटो-डाउनलोड फोन की मेमोरी और इंटरनेट डेटा की भारी बचत

1. आंखों को आराम देने के लिए फॉन्ट साइज बढ़ाएं

उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी कमजोर होना एक बेहद आम बात है। जब हमारे घर के बड़े फोन की स्क्रीन देखते हैं, तो छोटे अक्षरों को पढ़ने के लिए उन्हें फोन को आंखों के बहुत करीब लाना पड़ता है। इससे उनकी आंखों पर भारी जोर पड़ता है और उन्हें लगातार सिरदर्द की शिकायत भी हो सकती है। कई बार वे अपना चश्मा ढूंढ़ने के चक्कर में जरूरी मैसेज पढ़ना ही टाल देते हैं या फिर गलत मैसेज पढ़ लेते हैं। ऐप के अंदर इस बड़ी समस्या का बहुत ही आसान और सीधा समाधान मौजूद है।

आप फोन की मुख्य सेटिंग्स को छेड़े बिना, सिर्फ चैटिंग वाले हिस्से के अक्षरों को काफी बड़ा कर सकते हैं। बड़े अक्षरों के कारण उन्हें बार-बार अपना चश्मा ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ती है। वे आराम से आपके भेजे गए लंबे मैसेज, चुटकुले या कविताएं पढ़ सकते हैं। इसे चालू करने के लिए आपको बस सेटिंग्स में जाना है, फिर चैट्स का विकल्प चुनना है और वहां मौजूद फॉन्ट साइज को बड़े आकार पर सेट कर देना है।

मुख्य बिंदु विवरण
समस्या छोटे अक्षरों के कारण आंखों में दर्द और पढ़ने में परेशानी।
समाधान ऐप की सेटिंग्स में जाकर फॉन्ट साइज को सबसे बड़ा कर देना।
अंतिम परिणाम चश्मे के बिना भी मैसेज पढ़ने में आसानी और आंखों को पूरा आराम।

2. टाइपिंग की झंझट खत्म करने के लिए वॉयस मैसेज

स्मार्टफोन के छोटे कीबोर्ड पर सही बटन दबाना किसी भी नए या बुजुर्ग इंसान के लिए बहुत मुश्किल काम होता है। उम्र के साथ उंगलियों का थोड़ा कांपना या टाइपिंग की गति कम हो जाना इस काम को और भी ज्यादा निराशाजनक बना देता है। कई बार गलत स्पेलिंग टाइप होने के डर से बुजुर्ग किसी के मैसेज का जवाब ही नहीं देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि सामने वाला इंसान उनके बारे में क्या सोचेगा।

ऐसे में अपनी आवाज रिकॉर्ड करके भेजना उनके लिए सबसे अच्छा और आसान विकल्प साबित होता है। यह बिल्कुल पुराने जमाने के फोन पर बात करने जैसा ही है, जहां कोई टाइपिंग का तनाव नहीं होता। उन्हें बस चैट में नीचे की तरफ मौजूद माइक वाले हरे बटन को दबाकर रखना है और अपनी पूरी बात बोल देनी है। इसमें कोई स्पेलिंग की गलती नहीं होती और भावनाओं का अहसास भी बहुत बेहतर तरीके से होता है क्योंकि आप उनकी असली और प्यारी आवाज सुन पाते हैं।

मुख्य बिंदु विवरण
समस्या कीबोर्ड पर छोटे बटन दबाने में दिक्कत और गलत स्पेलिंग का डर।
समाधान हरे रंग के माइक बटन को दबाकर सीधे अपनी आवाज रिकॉर्ड करना।
अंतिम परिणाम बिना किसी झिझक के अपनी बात कहना और टाइपिंग की उलझन से मुक्ति।

3. सीधे बात करने के लिए होम स्क्रीन पर चैट शॉर्टकट

सीधे बात करने के लिए होम स्क्रीन पर चैट शॉर्टकट

जब भी फोन खोला जाता है, तो सामने एक बहुत लंबी चैट लिस्ट आ जाती है। इस लंबी लिस्ट में से किसी खास रिश्तेदार, बेटे-बेटी या अपने पुराने दोस्त का नंबर खोजना बुजुर्गों को बहुत बड़ी उलझन में डाल सकता है। कई बार वे लिस्ट में ऊपर-नीचे करते हुए गलती से किसी और इंसान को अपना मैसेज भेज देते हैं, जिससे एक बहुत अजीब स्थिति पैदा हो जाती है। इस रोज-रोज की परेशानी से बचने के लिए स्क्रीन पर सीधा रास्ता बनाना एक बहुत ही शानदार जुगाड़ है।

आप उनके फोन की मुख्य स्क्रीन पर उनके सबसे जरूरी लोगों का एक सीधा शॉर्टकट बना सकते हैं। इससे उन्हें बार-बार ऐप के अंदर जाकर नंबर खोजने की जरूरत ही पूरी तरह खत्म हो जाती है। आपको बस उनकी मनपसंद चैट को खोलना है, ऊपर कोने में मौजूद मेन्यू में जाना है और वहां से शॉर्टकट जोड़ने वाले विकल्प को चुनना है। इसके बाद उन्हें बस स्क्रीन पर दिख रही फोटो को छूना होगा और बात शुरू हो जाएगी।

मुख्य बिंदु विवरण
समस्या लंबी लिस्ट में अपने करीबियों का नंबर खोजने में भ्रम और परेशानी।
समाधान फोन की मुख्य स्क्रीन पर जरूरी लोगों का सीधा शॉर्टकट बना देना।
अंतिम परिणाम बिना ऐप खोले सिर्फ एक टच से सही इंसान के साथ चैटिंग शुरू करना।

4. स्पैम और फ्रॉड से बचाव के लिए अनजान कॉल्स को साइलेंट करना

आजकल हमारे देश में अनजान नंबरों से आने वाली स्पैम और फ्रॉड कॉल्स की समस्या बहुत भयंकर रूप ले चुकी है। साइबर अपराधी अक्सर अनजान नंबरों से कॉल करके सीधे-सादे लोगों को बातों में फंसाते हैं और उन्हें ठगने की कोशिश करते हैं। हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर ऐसी कॉल्स से बहुत जल्दी घबरा जाते हैं और आसानी से किसी बड़े स्कैम का शिकार हो सकते हैं। उन्हें लगता है कि शायद पुलिस, बैंक या किसी सरकारी दफ्तर से कोई बहुत जरूरी फोन आया है।

इस गंभीर खतरे से उन्हें बचाने के लिए प्राइवेसी के अंदर एक बहुत ही ज्यादा जरूरी सेटिंग मौजूद है। आप ऐप में जाकर अनजान नंबरों की घंटी बजना हमेशा के लिए पूरी तरह बंद कर सकते हैं। इसके लिए आपको प्राइवेसी वाले हिस्से में जाना है और वहां कॉल्स के विकल्प को चुनकर उसे म्यूट कर देना है। इससे किसी भी अनजान नंबर से कॉल आने पर फोन की घंटी बिल्कुल नहीं बजेगी और वे सुरक्षित रहेंगे।

मुख्य बिंदु विवरण
समस्या अनजान नंबरों से आने वाली फ्रॉड कॉल्स के कारण डर और ठगी का खतरा।
समाधान प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर अनजान कॉलर्स को हमेशा के लिए शांत कर देना।
अंतिम परिणाम मानसिक शांति, बेवजह की घबराहट से बचाव और पैसों की पूरी सुरक्षा।

5. फोन हैंग होने से बचाने के लिए मीडिया ऑटो-डाउनलोड बंद करना

हम सभी जानते हैं कि पारिवारिक ग्रुप्स में रोज सुबह-सुबह ढेरों बधाई संदेश और तस्वीरें आती रहती हैं। लंबे वीडियो, सुबह के भजन और ढेरों तस्वीरें कुछ ही दिनों के अंदर फोन की पूरी मेमोरी को बुरी तरह भर देते हैं। जब फोन की जगह पूरी तरह खत्म हो जाती है, तो फोन रुक-रुक कर चलने लगता है और ठीक से काम करना बंद कर देता है। ऐसे में घर के बड़े अक्सर बहुत ज्यादा परेशान हो जाते हैं और उन्हें लगने लगता है कि शायद उन्होंने ही फोन में कुछ खराब कर दिया है।

इस बड़ी समस्या को एकदम जड़ से खत्म करने के लिए चीजों को अपने आप सेव होने से रोकना सबसे सही कदम होता है। सेटिंग्स में जाकर आप नेटवर्क वाले हिस्से में बदलाव कर सकते हैं ताकि कोई भी फोटो या वीडियो अपने आप डाउनलोड न हो। अब उनके फोन में सिर्फ वही चीज सेव होगी जिसे वे खुद अपनी मर्जी से देखना चाहेंगे, जिससे फोन हमेशा एकदम नया जैसा चलेगा।

मुख्य बिंदु विवरण
समस्या अनचाहे फोटो और वीडियो से फोन का भर जाना और रुक-रुक कर चलना।
समाधान सेटिंग्स में जाकर चीजों के अपने आप डाउनलोड होने वाले विकल्प को बंद करना।
अंतिम परिणाम फोन की स्पीड बनी रहती है और इंटरनेट डेटा की भी बहुत अच्छी बचत होती है।

डिजिटल साक्षरता और बुजुर्गों का बढ़ता आत्मविश्वास

जिन लोगों ने अपनी पूरी जिंदगी कागज, कलम और डायरी के सहारे गुजार दी, उनके लिए इस चमकदार स्क्रीन पर उंगलियां चलाना किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं लगता है। कई बुजुर्गों का मानना है कि उन्हें नए फोन को छूने से ही बहुत डर लगता है। उन्हें हमेशा यह लगता है कि कहीं कोई गलत बटन दब गया तो उनका बैंक खाता पूरी तरह खाली हो जाएगा या फोन खराब हो जाएगा।

लेकिन डरकर इस नई तकनीक से दूर भागना किसी भी समस्या का कोई सही समाधान नहीं है। हमें उन्हें प्यार से समझाना होगा और डिजिटल दुनिया के लिए सशक्त बनाना होगा। जब वे खुद से बिना किसी की मदद लिए अपने पुराने दोस्तों को मैसेज करेंगे, तो उनका सारा अकेलापन दूर हो जाएगा। तकनीक उनके लिए एक बहुत बड़ा और मजबूत सहारा बन सकती है, बस हमें थोड़ा सा धैर्य रखकर उन्हें चीजें सिखानी होंगी।

अंतिम विचार

तकनीक का असली मकसद हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाना और दूरियों को मिटाना है। हमारे माता-पिता और घर के बड़ों ने हमें जिंदगी भर उंगली पकड़कर बहुत कुछ सिखाया है। अब यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उनके लिए इस डिजिटल दुनिया के सारे बंद दरवाजे खोलें और उनके मन के डर को हमेशा के लिए दूर करें।

उनके फोन में अपने सिर्फ दस मिनट देकर ये सारे जरूरी बदलाव करने से उनका तकनीकी तनाव काफी हद तक कम हो सकता है। आप आज ही अपने घर के बड़ों के फोन में इन बेहतरीन व्हाट्सएप फीचर्स फॉर द एल्डरली को चालू करें। उन्हें यकीन दिलाएं कि इंटरनेट की दुनिया से डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बस थोड़ी सी समझदारी दिखानी है।