7 Instagram फीचर्स जिनका भारतीय क्रिएटर्स पर्याप्त उपयोग नहीं कर रहे हैं
आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर सफल होना आसान नहीं है। हर दिन लाखों नए वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर अपलोड होती हैं। ऐसे में खुद को दूसरों से अलग साबित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। भारतीय क्रिएटर्स के बीच भी प्रतियोगिता तेजी से बढ़ रही है।
अपनी ग्रोथ को तेज करने के लिए आपको सिर्फ अच्छे कंटेंट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। प्लेटफॉर्म के नए टूल्स का सही उपयोग करना भी उतना ही जरूरी है। यहीं पर इंस्टाग्राम फीचर्स आपकी बहुत मदद कर सकते हैं। कई ऐसे छिपे हुए टूल्स हैं जो आपकी रीच को रातों-रात बढ़ा सकते हैं।
दुर्भाग्य से, बहुत से भारतीय क्रिएटर्स इन शानदार टूल्स को नजरअंदाज कर देते हैं। वे पुरानी रणनीतियों पर ही काम करते रहते हैं। इस लेख में हम उन 7 सबसे महत्वपूर्ण इंस्टाग्राम फीचर्स पर बात करेंगे जिनका सही इस्तेमाल आपकी सोशल मीडिया यात्रा को पूरी तरह बदल सकता है।
यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है?
इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम लगातार बदलता रहता है। जो रणनीति पिछले साल काम कर रही थी, जरूरी नहीं कि वह आज भी काम करे। कंपनी हर महीने नए अपडेट्स और टूल्स लॉन्च करती है।
प्लेटफॉर्म हमेशा उन क्रिएटर्स को बढ़ावा देता है जो उनके नए टूल्स का सबसे पहले और सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। जब आप नए टूल्स का उपयोग करते हैं, तो इंस्टाग्राम आपके कंटेंट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाता है। इससे आपकी रीच और व्यूज अपने आप बढ़ जाते हैं।
भारतीय बाजार बहुत बड़ा है और यहां के दर्शक भी बहुत सक्रिय हैं। लेकिन क्रिएटर्स अक्सर केवल ‘रील्स’ और ‘स्टोरीज’ तक ही सीमित रह जाते हैं। ब्रांड्स के साथ काम करने, अपनी कम्युनिटी बनाने और कंटेंट को वायरल करने के लिए आपको एडवांस टूल्स की जरूरत होती है। इसलिए इन अनदेखे टूल्स के बारे में जानना आपके करियर के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
सभी फीचर्स की एक झलक
| फीचर का नाम | मुख्य उपयोग | क्रिएटर को फायदा |
| क्रिएटर पोर्टफोलियो | ब्रांड्स को अपना काम दिखाना | स्पॉन्सरशिप मिलना आसान |
| इन-ऐप शेड्यूलिंग | कंटेंट को पहले से सेट करना | समय की बचत और नियमितता |
| टॉपिक्स जोड़ना | कंटेंट को सही कैटेगरी में रखना | टार्गेटेड ऑडियंस तक पहुंच |
| ब्रॉडकास्ट चैनल्स | फॉलोअर्स से सीधा संवाद | मजबूत कम्युनिटी और एंगेजमेंट |
| ऑल्ट टेक्स्ट (Alt Text) | इमेज के बारे में जानकारी देना | सर्च और एक्सप्लोर पेज पर रैंकिंग |
| AI स्टिकर्स और कटआउट्स | स्टोरीज को आकर्षक बनाना | क्रिएटिविटी और ज्यादा व्यूज |
| DMs में इंटरएक्टिव पोल्स | ग्रुप चैट्स में सवाल पूछना | फॉलोअर्स के साथ गहरा नाता |
टॉप 7 इंस्टाग्राम फीचर्स
यहां उन सात सबसे बेहतरीन टूल्स की सूची दी गई है, जिन्हें आपको आज ही अपनी रणनीति में शामिल करना चाहिए।
1. क्रिएटर पोर्टफोलियो
यह फीचर एक तरह का डिजिटल बायोडाटा या मीडिया किट है जो सीधे इंस्टाग्राम ऐप के अंदर मौजूद होता है। इसके जरिए आप ब्रांड्स को अपना काम, अपनी रीच और अपनी खासियतें दिखा सकते हैं।
यह क्या है और भारतीय क्रिएटर्स इसे क्यों नहीं अपना रहे हैं?
क्रिएटर पोर्टफोलियो आपको अपनी प्रोफाइल पर एक प्रोफेशनल पेज बनाने की सुविधा देता है। इसमें आप अपनी सबसे अच्छी पोस्ट्स, अपने दर्शकों के आंकड़े और अपना परिचय शामिल कर सकते हैं।
ज्यादातर भारतीय क्रिएटर्स आज भी पीडीएफ (PDF) मीडिया किट का इस्तेमाल करते हैं। वे ब्रांड्स को ईमेल के जरिए अपने आंकड़े भेजते हैं। यह प्रक्रिया पुरानी हो चुकी है और इसमें बहुत समय लगता है। कई लोगों को तो इस इन-ऐप फीचर के बारे में पता ही नहीं है।
इसके प्रमुख फायदे:
- प्रोफेशनल छवि: यह ब्रांड्स के सामने आपकी एक बेहद प्रोफेशनल छवि प्रस्तुत करता है।
- आंकड़ों की पारदर्शिता: ब्रांड्स सीधे ऐप से आपके असली आंकड़े देख सकते हैं, जिससे उनका भरोसा बढ़ता है।
- सीधा संपर्क: ब्रांड्स आपको आसानी से खोज सकते हैं और सीधे ऐप के जरिए साझेदारी के लिए संपर्क कर सकते हैं।
इसे कैसे इस्तेमाल करें?
- अपने प्रोफाइल पर जाएं और ‘प्रोफेशनल डैशबोर्ड’ (Professional Dashboard) पर क्लिक करें।
- टूल्स मेनू में जाकर ‘ब्रांडेड कंटेंट’ (Branded Content) चुनें।
- वहां ‘क्रिएटर पोर्टफोलियो’ (Creator Portfolio) पर टैप करें।
- अपना परिचय लिखें, अपनी बेहतरीन पोस्ट्स चुनें और इसे सेव कर लें।
| पोर्टफोलियो की विशेषताएं | विवरण |
| उपलब्धता | केवल क्रिएटर और बिजनेस अकाउंट्स के लिए |
| मुख्य तत्व | परिचय, टॉप पोस्ट्स, इनसाइट्स और संपर्क विवरण |
| सबसे बड़ा लाभ | ब्रांड डील्स और स्पॉन्सरशिप आसानी से प्राप्त करना |
2. इन-ऐप शेड्यूलिंग (In-App Scheduling)
यह एक ऐसा टूल है जिससे आप अपनी रील्स, तस्वीरें और कैरोसेल पोस्ट्स को भविष्य की किसी भी तारीख और समय के लिए पहले से सेट कर सकते हैं।
यह क्या है और भारतीय क्रिएटर्स इसे क्यों नहीं अपना रहे हैं?
आप इंस्टाग्राम के अंदर ही अपने कंटेंट को 75 दिनों तक के लिए शेड्यूल कर सकते हैं। इसके लिए अब आपको किसी बाहरी ऐप की जरूरत नहीं है।
भारतीय क्रिएटर्स अक्सर मैन्युअल रूप से पोस्ट करते हैं। या फिर वे थर्ड-पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं जिनके लिए पैसे देने पड़ते हैं। कई बार बाहरी ऐप्स का इस्तेमाल करने से अकाउंट की रीच भी कम हो जाती है। ऐप के अंदर मौजूद इस मुफ्त टूल का उपयोग न करना एक बड़ी भूल है।
इसके प्रमुख फायदे:
- नियमितता (Consistency): आप छुट्टी पर होने के बावजूद भी नियमित रूप से कंटेंट पोस्ट कर सकते हैं।
- प्राइम टाइम का फायदा: आप अपनी पोस्ट को उस समय के लिए सेट कर सकते हैं जब आपके दर्शक सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं।
- सुरक्षा: थर्ड-पार्टी ऐप्स को अपना पासवर्ड देने का खतरा खत्म हो जाता है।
इसे कैसे इस्तेमाल करें?
- सामान्य रूप से अपनी पोस्ट या रील बनाएं।
- पब्लिश करने से पहले सबसे नीचे ‘एडवांस सेटिंग्स’ (Advanced Settings) पर जाएं।
- ‘शेड्यूल दिस पोस्ट’ (Schedule this post) विकल्प को चालू करें।
- अपनी पसंद की तारीख और समय चुनें और डन (Done) पर क्लिक करें।
| शेड्यूलिंग टूल के तथ्य | जानकारी |
| कितने दिन पहले? | अधिकतम 75 दिनों तक के लिए |
| क्या-क्या शेड्यूल हो सकता है? | रील्स, तस्वीरें और कैरोसेल (स्टोरीज नहीं) |
| खर्च | बिल्कुल मुफ्त (ऐप के अंदर) |
3. पोस्ट्स में ‘टॉपिक्स’ जोड़ना
यह इंस्टाग्राम का एक बेहतरीन सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) टूल है। यह एल्गोरिदम को यह समझने में मदद करता है कि आपका कंटेंट किस विषय पर आधारित है।
यह क्या है और भारतीय क्रिएटर्स इसे क्यों नहीं अपना रहे हैं?
जब आप कोई रील अपलोड करते हैं, तो इंस्टाग्राम आपको 3 ‘टॉपिक्स’ (Topics) चुनने का विकल्प देता है। इससे आपका वीडियो सही लोगों की फीड में जाता है।
ज्यादातर क्रिएटर्स सिर्फ हैशटैग (#) पर निर्भर रहते हैं। वे सोचते हैं कि हैशटैग ही वीडियो वायरल करने का एकमात्र तरीका है। लेकिन टॉपिक्स का इस्तेमाल न करने से उनका कंटेंट अक्सर गलत दर्शकों तक पहुंच जाता है, जिससे एंगेजमेंट कम हो जाती है।

इसके प्रमुख फायदे:
- सटीक ऑडियंस: आपका वीडियो केवल उन्हीं लोगों को दिखता है जो उस विषय में रुचि रखते हैं।
- अधिक व्यूज: सही दर्शकों तक पहुंचने से वॉच टाइम और शेयर्स बढ़ते हैं।
- एल्गोरिदम की मदद: यह इंस्टाग्राम को आपके कंटेंट की कैटेगरी जल्दी समझने में मदद करता है।
इसे कैसे इस्तेमाल करें?
- अपनी रील या पोस्ट अपलोड करने की तैयारी करें।
- कैप्शन लिखने वाले पेज पर थोड़ा नीचे स्क्रॉल करें।
- ‘ऐड टॉपिक्स’ (Add Topics) के विकल्प पर क्लिक करें।
- दी गई सूची में से अपने कंटेंट से जुड़े 3 सबसे सटीक विषय चुनें और सेव करें।
| टॉपिक्स टूल का सारांश | महत्व |
| अधिकतम चयन | एक पोस्ट में अधिकतम 3 टॉपिक्स |
| उपयोग का क्षेत्र | रील्स और फीड पोस्ट्स |
| मुख्य प्रभाव | एक्सप्लोर पेज और रील्स फीड की रैंकिंग सुधारना |
4. ब्रॉडकास्ट चैनल्स
ब्रॉडकास्ट चैनल एक वन-वे (एक तरफा) मैसेजिंग टूल है। इसके जरिए आप अपने सभी फॉलोअर्स को एक साथ सीधे मैसेज भेज सकते हैं।
यह क्या है और भारतीय क्रिएटर्स इसे क्यों नहीं अपना रहे हैं?
यह व्हाट्सएप चैनल या टेलीग्राम ग्रुप की तरह काम करता है। इसमें सिर्फ क्रिएटर मैसेज, वॉयस नोट, तस्वीरें और पोल्स भेज सकता है। फॉलोअर्स केवल रिएक्शन (Emoji) दे सकते हैं या पोल्स में वोट कर सकते हैं।
बहुत से भारतीय क्रिएटर्स इसे सिर्फ एक और ग्रुप चैट समझते हैं और इसे बनाने से कतराते हैं। उन्हें लगता है कि स्टोरीज पोस्ट करना ही काफी है। लेकिन स्टोरीज केवल 24 घंटे रहती हैं और सभी को नहीं दिखतीं। ब्रॉडकास्ट चैनल आपके सबसे वफादार दर्शकों से जुड़ने का सीधा रास्ता है।
इसके प्रमुख फायदे:
- डायरेक्ट नोटिफिकेशन: जब भी आप कुछ भेजते हैं, आपके सदस्यों को सीधा नोटिफिकेशन मिलता है।
- लिंक शेयरिंग: आप अपने नए यूट्यूब वीडियो या वेबसाइट के लिंक आसानी से शेयर कर सकते हैं।
- कम्युनिटी निर्माण: बिहाइंड-द-सीन्स (Behind the scenes) और वॉयस नोट्स शेयर करके आप दर्शकों के साथ गहरा रिश्ता बना सकते हैं।
इसे कैसे इस्तेमाल करें?
- अपने इंस्टाग्राम डायरेक्ट मैसेजेस (DMs) वाले सेक्शन में जाएं।
- सबसे ऊपर दाईं ओर नया मैसेज लिखने वाले आइकन (पेंसिल आइकन) पर क्लिक करें।
- ‘क्रिएट ब्रॉडकास्ट चैनल’ (Create broadcast channel) चुनें।
- अपने चैनल का नाम रखें और अपने फॉलोअर्स को जुड़ने का निमंत्रण भेजें।
| ब्रॉडकास्ट चैनल के फीचर | फायदे |
| मैसेज का प्रकार | टेक्स्ट, वॉयस नोट, इमेज, वीडियो, पोल्स |
| दर्शकों का रोल | केवल पढ़ सकते हैं और इमोजी से रिएक्ट कर सकते हैं |
| नोटिफिकेशन | चैनल के हर सदस्य को सीधा अलर्ट मिलता है |
5. ऑल्ट टेक्स्ट (Alt Text) का सही उपयोग
ऑल्ट टेक्स्ट (Alternative Text) एक छिपा हुआ विवरण है जो आप अपनी तस्वीरों में जोड़ सकते हैं। यह मुख्य रूप से उन लोगों के लिए बनाया गया है जो दृष्टिबाधित हैं, लेकिन यह SEO के लिए भी एक जादुई टूल है।
यह क्या है और भारतीय क्रिएटर्स इसे क्यों नहीं अपना रहे हैं?
यह एक ऐसा टेक्स्ट है जो फोटो लोड न होने पर स्क्रीन पर दिखाई देता है। स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर इसे पढ़कर बताते हैं कि तस्वीर में क्या है।
भारत में 95% से अधिक क्रिएटर्स इस फीचर को पूरी तरह खाली छोड़ देते हैं। उन्हें लगता है कि यह किसी काम का नहीं है। असल में, इंस्टाग्राम का सर्च इंजन आपके ऑल्ट टेक्स्ट को पढ़कर ही यह तय करता है कि सर्च रिजल्ट्स में आपकी फोटो दिखानी है या नहीं।
इसके प्रमुख फायदे:
- सर्च में रैंकिंग: जब कोई इंस्टाग्राम पर कुछ सर्च करता है, तो ऑल्ट टेक्स्ट वाले पोस्ट सबसे ऊपर आते हैं।
- बेहतर पहुंच (Accessibility): यह आपके कंटेंट को सभी प्रकार के यूजर्स के लिए सुलभ बनाता है।
- मजबूत एल्गोरिदम सिग्नल: यह छिपे हुए कीवर्ड्स की तरह काम करता है, जो आपकी रीच को दोगुनी कर सकता है।
इसे कैसे इस्तेमाल करें?
- नई तस्वीर अपलोड करते समय कैप्शन वाले पेज पर आएं।
- सबसे नीचे ‘एडवांस सेटिंग्स’ (Advanced Settings) पर क्लिक करें।
- ‘राइट ऑल्ट टेक्स्ट’ (Write Alt Text) विकल्प को खोजें और उस पर टैप करें।
- अपनी तस्वीर का स्पष्ट और कीवर्ड से भरपूर विवरण लिखें (जैसे: “समुद्र किनारे लाल ड्रेस में खड़ी महिला”) और सेव करें।
| ऑल्ट टेक्स्ट के फायदे | विवरण |
| SEO प्रभाव | इंस्टाग्राम सर्च में पोस्ट को ऊपर लाता है |
| क्या लिखें? | फोटो में क्या दिख रहा है, उसका सटीक वर्णन |
| किसके लिए उपयोगी? | दृष्टिबाधित लोगों और इंस्टाग्राम एल्गोरिदम के लिए |
6. AI स्टिकर्स और कटआउट्स
यह एक बहुत ही मजेदार और नया फीचर है। इसकी मदद से आप अपने खुद के कस्टम स्टिकर्स बना सकते हैं या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके नए स्टिकर्स जनरेट कर सकते हैं।
यह क्या है और भारतीय क्रिएटर्स इसे क्यों नहीं अपना रहे हैं?
कटआउट्स टूल से आप अपनी गैलरी की किसी भी फोटो से बैकग्राउंड हटाकर उसे स्टीकर बना सकते हैं। AI स्टीकर टूल से आप टेक्स्ट लिखकर कोई भी नया स्टीकर बना सकते हैं।
कई क्रिएटर्स अभी भी केवल गिफ (GIF) और पुराने स्टिकर्स का ही उपयोग करते हैं। वे अपनी स्टोरीज को नया और आकर्षक बनाने के लिए इस शानदार तकनीक का फायदा नहीं उठा रहे हैं। अपने खुद के चेहरे का स्टीकर बनाकर आप अपनी ब्रांडिंग को बहुत मजबूत कर सकते हैं।
इसके प्रमुख फायदे:
- ब्रांडिंग: आप अपने खुद के लोगो या चेहरे के स्टिकर्स बनाकर अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं।
- एंगेजमेंट: मजेदार और अनोखे स्टिकर्स देखकर दर्शक आपकी स्टोरीज पर ज्यादा रुकते हैं।
- क्रिएटिविटी: आप अपने विचारों को AI की मदद से तुरंत एक स्टीकर में बदल सकते हैं।
इसे कैसे इस्तेमाल करें?
- इंस्टाग्राम स्टोरी बनाने के लिए कैमरा खोलें और एक फोटो क्लिक करें या चुनें।
- ऊपर दिए गए स्टीकर आइकन (मुस्कुराता हुआ चेहरा) पर टैप करें।
- अपनी फोटो से स्टीकर बनाने के लिए ‘कटआउट्स’ (Cutouts) चुनें।
- AI से बनाने के लिए ‘AI स्टिकर्स’ (AI Stickers) चुनें और अपना प्रॉम्प्ट (विवरण) टाइप करें।
| स्टीकर टूल्स | उपयोगिता |
| कटआउट्स (Cutouts) | अपनी गैलरी की फोटो से खुद का स्टीकर बनाना |
| AI स्टिकर्स | टेक्स्ट लिखकर कल्पना के आधार पर स्टीकर बनाना |
| कहाँ इस्तेमाल करें? | स्टोरीज और डायरेक्ट मैसेजेस (DMs) में |
7. DMs में इंटरएक्टिव पोल्स
आप इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज (Group Chats) के अंदर भी पोल्स और सवाल पूछने वाले स्टिकर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।
यह क्या है और भारतीय क्रिएटर्स इसे क्यों नहीं अपना रहे हैं?
यह फीचर आपको अपने ग्रुप चैट्स के अंदर दोस्तों या सबसे खास फॉलोअर्स के साथ सीधे पोल करने की सुविधा देता है।
क्रिएटर्स को लगता है कि पोल्स का उपयोग केवल स्टोरीज में किया जा सकता है। वे इस बात को नहीं समझते कि इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम DMs की बातचीत को बहुत महत्व देता है। अगर आपके दर्शक आपके साथ मैसेजेस में एक्टिव रहते हैं, तो आपकी फीड पोस्ट्स भी उन्हें सबसे पहले दिखाई देंगी।
इसके प्रमुख फायदे:
- निजी राय: आप अपने सबसे खास दर्शकों से अगले कंटेंट के लिए निजी तौर पर सुझाव मांग सकते हैं।
- ग्रुप एंगेजमेंट: यह ग्रुप चैट को उबाऊ होने से बचाता है और सबको बातचीत में शामिल करता है।
- एल्गोरिदम को सकारात्मक संकेत: भारी DM एंगेजमेंट अकाउंट की ओवरऑल रीच को बहुत तेजी से बढ़ाती है।
इसे कैसे इस्तेमाल करें?
- इंस्टाग्राम के मैसेज (DMs) सेक्शन में जाएं और कोई भी ग्रुप चैट खोलें।
- मैसेज टाइप करने वाली जगह के पास दिए गए स्टीकर आइकन पर क्लिक करें।
- ‘पोल’ (Poll) स्टीकर को चुनें।
- अपना सवाल लिखें, विकल्प दें और इसे ग्रुप में भेज दें।
| DM पोल्स की विशेषताएं | इसका असर |
| उपयोग की जगह | ग्रुप चैट्स (3 या अधिक लोग) |
| डेटा का उपयोग | फॉलोअर्स की पसंद और नापसंद जानने के लिए |
| रीच पर प्रभाव | अकाउंट की इंटरेक्शन रेट को तेजी से बढ़ाता है |
निष्कर्ष
आज के समय में केवल अच्छी तस्वीरें या वीडियो पोस्ट करना काफी नहीं है। अगर आप एक सफल क्रिएटर बनना चाहते हैं, तो आपको प्लेटफॉर्म के हर टूल का स्मार्ट तरीके से उपयोग करना होगा। ऊपर बताए गए सभी 7 इंस्टाग्राम फीचर्स आपके कंटेंट को सही दर्शकों तक पहुंचाने और ब्रांड्स का ध्यान खींचने में बहुत मदद कर सकते हैं।
क्रिएटर पोर्टफोलियो से लेकर इन-ऐप शेड्यूलिंग और ऑल्ट टेक्स्ट तक, ये सभी टूल्स मुफ्त हैं और आपके अकाउंट में पहले से मौजूद हैं। बस जरूरत है तो इन्हें अपनी दैनिक रणनीति का हिस्सा बनाने की।
आज ही अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को खोलें और इनमें से कम से कम दो फीचर्स का तुरंत इस्तेमाल करना शुरू करें। आपको अपनी रीच और फॉलोअर्स की एंगेजमेंट में जरूर एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
