पीएम मोदी एक महीने में दूसरी बार कोलकाता लौटे, फोर्ट विलियम में प्रमुख रक्षा सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 और 15 सितंबर को कोलकाता का दौरा कर रहे हैं, जो एक महीने से भी कम समय में उनकी शहर की दूसरी यात्रा है। इस दौरान वे फोर्ट विलियम में 16वीं संयुक्त कमांडर्स कॉन्फ्रेंस-2025 का उद्घाटन करेंगे, जो सेना की पूर्वी कमान का मुख्यालय है और रक्षा तैयारियों पर महत्वपूर्ण चर्चाओं का केंद्र बनेगा।
यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा एक व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसमें वे रविवार शाम असम से कोलकाता पहुंचेंगे। वे रात को राज भवन में ठहरेंगे, जो शहर का ऐतिहासिक सरकारी आवास है और अक्सर उच्च स्तरीय मेहमानों के लिए उपयोग किया जाता है। सोमवार सुबह ठीक 9:30 बजे वे तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे, जो 15 से 17 सितंबर तक चलेगी। इस कॉन्फ्रेंस के बाद वे दोपहर में बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना होंगे, जहां आगे की परियोजनाओं का शिलान्यास होना है।
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी, जैसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जो रक्षा नीतियों के प्रमुख हैं; राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जो सुरक्षा रणनीतियों के विशेषज्ञ हैं; चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, जो तीनों सेनाओं के समन्वय का नेतृत्व करते हैं; रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, जो प्रशासनिक पक्ष संभालते हैं; और अन्य उच्च अधिकारी। इंडियन एक्सप्रेस और रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, यह दौरा 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक एक साल पहले हो रहा है, जिससे इसकी राजनीतिक प्रासंगिकता बढ़ जाती है। मोदी की पिछली कोलकाता यात्रा अगस्त में हुई थी, जहां उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया था।
यह दौरा पांच राज्यों—मिजोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार—की एक बड़ी यात्रा का हिस्सा है। यहां वे कुल 71,850 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिसमें बुनियादी ढांचा, परिवहन और विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। सरकारी रिपोर्टों से पता चलता है कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के आर्थिक विकास को तेज करना है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां कनेक्टिविटी की कमी एक बड़ी समस्या रही है।
कॉन्फ्रेंस का महत्व और थीम
संयुक्त कमांडर्स कॉन्फ्रेंस भारत का द्विवार्षिक शीर्ष स्तर का मंच है, जो हर दो साल में आयोजित होता है और देश के शीर्ष नागरिक तथा सैन्य नेतृत्व को एक साथ लाता है। यहां भारत की रक्षा तैयारियों, सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर गहन चर्चा होती है। इस साल की थीम ‘सुधारों का वर्ष – भविष्य के लिए परिवर्तन’ है, जो रक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों पर जोर देती है।
चर्चाओं में कई महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे, जैसे उच्च रक्षा सुधारों की प्रगति, जहां सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय पर फोकस है; एकीकृत थिएटर कमांड्स की स्थापना, जो विभिन्न सैन्य इकाइयों को एकीकृत करके युद्ध क्षमता बढ़ाएगी; और स्वदेशी विकसित तकनीकों को अपनाना, जैसे मेक इन इंडिया के तहत बने हथियार और उपकरण। रक्षा मंत्रालय के बयानों के आधार पर, ये सुधार भारत को आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति बनाने की दिशा में हैं।
एक प्रमुख फोकस ऑपरेशन सिंदूर पर होगा, जो मई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर भारत की त्रि-सेवा सैन्य कार्रवाई थी। इस ऑपरेशन में थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर काम किया, जो सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत जवाब था। रक्षा विशेषज्ञों, जैसे आईडीएसए (इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस) के विश्लेषकों का मानना है कि इस ऑपरेशन ने कई क्षमता कमियों को उजागर किया, जैसे संचार प्रणालियों में सुधार की जरूरत और एकीकृत कमांड की आवश्यकता। अब इन कमियों को उच्च स्तर पर संबोधित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी कार्रवाइयां और प्रभावी हों। फोर्ट विलियम, जो कोलकाता में स्थित है, पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और यहां पूर्वी कमान का मुख्यालय होने से कॉन्फ्रेंस का स्थान उपयुक्त है।
पूर्वोत्तर में विकास परियोजनाएं और उनके प्रभाव
मोदी के पूर्वोत्तर दौरे के दौरान, उन्होंने मिजोरम के लिए कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली तीन एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। पहली है सैरंग (आइजोल)-दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) राजधानी एक्सप्रेस, जो मिजोरम की राजधानी को सीधे देश की राजधानी से जोड़ेगी और यात्रा समय को काफी कम करेगी। दूसरी है सैरंग-गुवाहाटी एक्सप्रेस, जो असम से सीधा संपर्क प्रदान करेगी और व्यापार तथा यात्रा को आसान बनाएगी। तीसरी है सैरंग-कोलकाता एक्सप्रेस, जो पश्चिम बंगाल से जुड़ेगी और पूर्वोत्तर को पूर्वी भारत से बेहतर तरीके से लिंक करेगी।
रेल मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ये नई रूट शिक्षा के क्षेत्र में मदद करेंगे, जैसे छात्रों को दिल्ली जैसे शहरों में पढ़ाई के लिए आसान पहुंच; सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे, जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों और त्योहारों में भागीदारी; और आर्थिक विकास को गति देंगे, जैसे व्यापार और निवेश के अवसर। इसके अलावा, ये ट्रेनें पर्यटन को बढ़ावा देंगी, क्योंकि मिजोरम की प्राकृतिक सुंदरता अब अधिक लोगों तक पहुंच सकेगी, और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जैसे रेलवे से जुड़े व्यवसाय और पर्यटन सेवाएं। पूर्वोत्तर राज्यों में रेल कनेक्टिविटी लंबे समय से एक चुनौती रही है, और ये परियोजनाएं उस कमी को दूर करने में मदद करेंगी, जैसा कि सरकारी विकास रिपोर्टों में उल्लेखित है।
कोलकाता में, प्रधानमंत्री कई अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिसमें एक नया मणिपुर भवन शामिल है। यह भवन मणिपुर के लोगों के लिए कोलकाता में एक सांस्कृतिक और प्रशासनिक केंद्र के रूप में काम करेगा, जहां वे अपने राज्य से जुड़ी सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। अन्य परियोजनाओं में शहर की बुनियादी ढांचा सुधार, जैसे सड़कें और सार्वजनिक सुविधाएं, शामिल हो सकती हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी।
यातायात प्रतिबंध और सुरक्षा उपाय
प्रधानमंत्री के दौरे को ध्यान में रखते हुए, कोलकाता पुलिस ने रविवार और सोमवार को शहर की कई प्रमुख सड़कों पर माल वाहनों के लिए यातायात और पार्किंग प्रतिबंध लागू किए हैं। रविवार को ये प्रतिबंध दोपहर 3:30 बजे से शाम 8 बजे तक रहेंगे, जबकि सोमवार को सुबह 7:30 बजे से दोपहर 4 बजे तक। प्रभावित क्षेत्रों में शहर के मुख्य मार्ग जैसे एस्प्लेनेड, पार्क स्ट्रीट और अन्य व्यस्त इलाके शामिल हैं।
पुलिस के आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, ये उपाय सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात को सुगम रखने के लिए हैं, ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। दौरे के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, और लोगों से सहयोग करने की अपील की गई है। यह प्रतिबंध शहर के विभिन्न हिस्सों में लागू होंगे, और पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों की सलाह दी है।
यह पूरा दौरा भारत की रक्षा रणनीति को मजबूत करने, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने और पूर्वोत्तर को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय और अन्य सरकारी स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर, ये पहल लंबे समय में देश की सुरक्षा और आर्थिक प्रगति में योगदान देंगी।
