हॉकी एशिया कप 2025 फाइनलः भारत ने कोरिया को 4-1 से हराकर विश्व कप के लिए किया क्वालीफाई
भारत की पुरुष हॉकी टीम ने रविवार को बिहार के राजगीर में खेले गए एशिया कप 2025 के फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर अपना चौथा एशिया कप खिताब जीत लिया. इस जीत के साथ भारत ने आठ साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए 2017 के बाद पहली बार यह ट्रॉफी अपने नाम की, और साथ ही बेल्जियम तथा नीदरलैंड में होने वाले एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के लिए सीधा क्वालीफिकेशन हासिल कर लिया. राजगीर के बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी हॉकी स्टेडियम में खचाखच भरी भीड़ के बीच भारतीय टीम ने शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा, जहां स्थानीय दर्शकों ने भारी बारिश के बावजूद टीम का जोरदार समर्थन किया. सुक्खजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह (जिन्होंने दो गोल किए) और अमित रोहिदास ने भारत की ओर से गोल दागे, जबकि कोरिया के लिए सोन डैन ने एकमात्र गोल करके थोड़ी राहत दी. दिलप्रीत सिंह को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, और हॉकी इंडिया ने इस ऐतिहासिक जीत पर प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये तथा सपोर्ट स्टाफ को 1.5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की.
यह मैच न सिर्फ भारत के लिए खिताबी जीत लेकर आया, बल्कि टीम की रणनीतिक मजबूती को भी दिखाया, जहां डिफेंस और अटैक दोनों ने मिलकर कोरिया की रक्षा को तोड़ दिया. कोरिया, जो 2022 के चैंपियन थे और इस बार बैक-टू-बैक खिताब की उम्मीद कर रहे थे, ने मैच में कुछ मौके बनाए लेकिन भारतीय गोलकीपरों और डिफेंडरों ने उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं करने दिया. भारत ने पूरे टूर्नामेंट में क्लीनिकल हॉकी खेली, और यह जीत उन्हें एशियन गेम्स, एशिया कप तथा एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के तीनों प्रमुख एशियन खिताब एक साथ रखने वाली पहली टीम बनाती है.
मैच की विस्तृत झलकियां: क्वार्टर दर क्वार्टर विश्लेषण
मैच की शुरुआत भारत के लिए धमाकेदार रही, जहां पहले ही मिनट में सुक्खजीत सिंह ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह के लंबे पास पर बाएं फ्लैंक से टॉमहॉक शॉट लगाकर गोल दागा और भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी. यह गोल इतनी तेजी से हुआ कि कोरियाई गोलकीपर जेहान किम के पास रिएक्ट करने का मौका ही नहीं मिला, और स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक जोरदार जयकारों से गूंज उठे. पहले क्वार्टर में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक का मौका मिला जब कोरियाई डिफेंडर ने गेंद को गोल लाइन पर रोका, लेकिन जुगराज सिंह का शॉट गोलकीपर ने शानदार तरीके से बचा लिया. भारत ने पहले क्वार्टर में कई हमले किए, लेकिन कोरिया की डिफेंस ने उन्हें रोके रखा, हालांकि भारतीय टीम ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और कोरिया को काउंटर-अटैक का ज्यादा मौका नहीं दिया.
दूसरे क्वार्टर में भारत ने अपना आक्रामक रवैया जारी रखा. दिलप्रीत सिंह ने 28वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह के पेनल्टी कॉर्नर फ्लिक से आए रिबाउंड पर गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया. संजय ने लंबी गेंद को शानदार तरीके से कंट्रोल किया और दिलप्रीत को सेटअप दिया, जिससे कोरियाई गोलकीपर के पास बचाव का कोई चांस नहीं रहा. इस क्वार्टर में कोरिया ने कुछ मौके बनाए, जैसे कि पेनल्टी कॉर्नर, लेकिन भारतीय डिफेंडरों ने उन्हें ब्लॉक कर दिया. हाफ-टाइम तक भारत 2-0 से आगे था, और कोच क्रेग फुल्टन की टीम ने डिफेंस में मजबूती दिखाई, जहां विवेक सागर प्रसाद और जरमनप्रीत सिंह जैसे खिलाड़ियों ने कोरियाई हमलों को नाकाम किया.
तीसरे क्वार्टर में भारत ने अपनी लय बरकरार रखी. दिलप्रीत सिंह ने 45वें मिनट में फिर से गोल किया, जब हरमनप्रीत सिंह ने सर्कल में गेंद फेंकी, राज कुमार पाल ने उसे आगे बढ़ाया और दिलप्रीत ने इसे गोल में बदल दिया. इस गोल से पहले एक गोल को रेफरी ने डिसअलाउ किया क्योंकि दिलप्रीत ने खुद ही फैसले को स्वीकार किया, लेकिन जल्द ही उन्होंने दोबारा हमला करके स्कोर 3-0 कर दिया. कोरिया ने इस क्वार्टर में दो बैक-टू-बैक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन भारतीय डिफेंडरों ने खतरे को टाल दिया. अभिषेक ने भी एक मौका बनाया, लेकिन कोरियाई गोलकीपर ने उसे बचा लिया.
चौथे और अंतिम क्वार्टर में अमित रोहिदास ने 50वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को 4-0 की मजबूत बढ़त दिलाई. कोरिया ने आखिर में सोन डैन के पेनल्टी कॉर्नर गोल से एक गोल वापस किया, लेकिन तब तक मैच भारत के कब्जे में था. अंतिम मिनटों में कोरिया ने दबाव बनाया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने क्लीनिकल तरीके से उन्हें रोका, और मैच 4-1 से समाप्त हुआ.
सुपर 4 चरण में भारत का दमदार प्रदर्शन
फाइनल से पहले भारत ने सुपर 4 मुकाबले में चीन को 7-0 से हराकर अपनी ताकत दिखाई. अभिषेक ने दो गोल किए, जबकि शिलानंद लakra, दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, राज कुमार पाल और सुक्खजीत सिंह ने एक-एक गोल दागा. पहले क्वार्टर में शिलानंद लakra ने हरमनप्रीत और जरमनप्रीत सिंह के साथ मिलकर गोल किया, फिर दिलप्रीत ने रिबाउंड पर बढ़त दोगुनी की. दूसरे क्वार्टर में मनदीप सिंह ने हरमनप्रीत और विवेक सागर प्रसाद के सहयोग से गोल किया. तीसरे क्वार्टर में राज कुमार पाल और सुक्खजीत ने स्कोर 5-0 किया, और अंतिम क्वार्टर में अभिषेक ने दो गोल जोड़े.
सुपर 4 में कोरिया के साथ भारत का मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा था, जहां कोरिया ने आखिरी मिनटों में बराबरी की. लेकिन फाइनल में भारत ने अपनी गलतियों से सबक लिया और कोरिया को कोई मौका नहीं दिया. मलेशिया ने चीन को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता, जो उनका दूसरा ब्रॉन्ज था.
टीम की प्रतिक्रियाएं, रणनीति और खिलाड़ियों के विचार
कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने जीत के बाद कहा, “हमने पिछली गलतियां नहीं दोहराईं और शुरू से 100 प्रतिशत दिया. यहां का माहौल अद्भुत था, बारिश में भी दर्शकों ने सपोर्ट किया जो हमें मोटिवेट करता है.” उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने टीम वर्क पर जोर दिया: “हमारी एक्जीक्यूशन अच्छी थी. फॉरवर्ड्स ने मीटिंग की और इसे लागू किया. हम टीम के रूप में खेलते हैं, अगर हरमनप्रीत स्कोर न करे तो हमारी जिम्मेदारी है.”
कोच क्रेग फुल्टन ने मैच से पहले कहा, “यह हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट है, हमें हर बार दोहराना पड़ता है. हम एशियन और यूरोपियन स्टाइल का बैलेंस बना रहे हैं ताकि यूरोपीय टीमों को चुनौती दे सकें.” फुल्टन ने मनदीप सिंह की चोट का जिक्र किया, लेकिन वे फाइनल में खेल सके. अभिषेक नैन ने डिफेंस की तारीफ की: “क्लीन शीट रखना अच्छा रहा. डिफेंस से अच्छे पास मिले.”
दिलप्रीत सिंह ने प्लेयर ऑफ द मैच बनने पर कहा, “आठ साल बाद खिताब जीतना शानदार है. हमने सर्कल एंट्री पर फोकस किया और पीसी बनाए.”
एशिया कप का ऐतिहासिक महत्व और भारत का सफर
एशिया कप की शुरुआत 1982 से हुई, जहां पाकिस्तान ने पहले तीन खिताब जीते. कोरिया ने पांच बार जीता, जबकि भारत अब चार बार चैंपियन है. भारत नौ बार फाइनल में पहुंचा है, जो सबसे ज्यादा है. इस बार पाकिस्तान नहीं खेला, जो एक बड़ा बदलाव था.
भारत ने 2025 में चुनौतियों का सामना किया, जैसे एफआईएच प्रो लीग में रेलीगेशन से बचना, लेकिन इस जीत ने टीम को नई ऊर्जा दी. राजगीर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट हुआ, और स्थानीय समर्थन ने इसे यादगार बनाया. यह जीत विश्व कप 2026 की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है, जहां भारत मजबूत दावेदार होगा.
