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भारत बना हॉकी एशिया कप 2025 चैंपियन, वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई

बिहार के राजगीर हॉकी स्टेडियम ने रविवार को भारतीय हॉकी के सुनहरे पल का गवाह बना। पुरुषों के हॉकी एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को 4-1 से मात दी। इस जीत के साथ भारत ने चौथी बार एशिया कप का ताज अपने नाम किया और अगले साल बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले FIH हॉकी विश्व कप 2026 में सीधी जगह बना ली।

यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि भारत ने पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहते हुए यह उपलब्धि हासिल की। सुपर 4s स्टेज में भी भारत एकमात्र ऐसी टीम रही, जिसने कोई मैच नहीं हारा।

पहला हाफ: तेज शुरुआत और शुरुआती बढ़त

मैच शुरू होते ही भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। खेल के पहले ही मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने बाएँ छोर से शानदार ड्रिबल करते हुए सर्कल में पास दिया। यह पास सुखजीत सिंह के पास पहुँचा, जिन्होंने बिना समय गंवाए जोरदार रिवर्स हिट से गेंद को नेट में पहुंचा दिया। यह गोल न सिर्फ भारतीय खेमे में उत्साह भर गया बल्कि दर्शकों के बीच रोमांच भी चरम पर पहुंचा।

पहले क्वार्टर में भारत ने कई मौके बनाए। दिलप्रीत सिंह और अभिषेक को गोल करने के अच्छे मौके मिले। एक मौके पर भारत को पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला, लेकिन जुगराज सिंह का शॉट कोरियाई गोलकीपर किम जयहान ने शानदार तरीके से बचा लिया।

दूसरे क्वार्टर में भारत ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा। इसी दौरान हरमनप्रीत सिंह ने एक लंबा एरियल पास दाईं ओर भेजा, जिसे संजय ने बखूबी काबू किया और दिलप्रीत सिंह को असिस्ट दिया। दिलप्रीत ने सटीक शॉट मारकर भारत को 2-0 की बढ़त दिलाई।

दूसरा हाफ: जीत की मुहर

तीसरे क्वार्टर में भारत ने अपनी लय और तेज कर दी। हरमनप्रीत सिंह ने तेजी से फ्री हिट लेते हुए राज कुमार पाल को पास दिया, जिन्होंने गेंद को दिलप्रीत तक पहुँचाया। दिलप्रीत ने कोई गलती नहीं की और अपना दूसरा गोल दाग दिया।

भारत अब 3-0 से आगे था और कोरिया दबाव में आ चुका था। चौथे क्वार्टर में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। डिफेंडर अमित रोहिदास ने जोरदार ड्रैग फ्लिक से गेंद को जाल में डालते हुए स्कोर 4-0 कर दिया। कोरिया की ओर से सॉन डेन ने एक सांत्वना गोल जरूर किया, लेकिन तब तक मैच पूरी तरह भारत की झोली में आ चुका था।

सुपर 4s का सफर

फाइनल में पहुँचने से पहले भारत ने सुपर 4s स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया।

  • मलेशिया पर जीत: भारत ने मलेशिया को 4-1 से हराया।
  • चीन पर करारी शिकस्त: भारत ने चीन को 7-0 से हराकर अपनी ताकत का परिचय दिया।
  • कोरिया से ड्रॉ: सुपर 4s का पहला मुकाबला भारत और कोरिया के बीच 2-2 से ड्रॉ रहा था।

दूसरी ओर, कोरिया का प्रदर्शन अस्थिर रहा। सुपर 4s में उन्हें चीन से हार झेलनी पड़ी, जबकि मलेशिया को हराकर वे फाइनल में पहुँचे।

भारत की चौथी एशिया कप जीत

इस जीत के साथ भारत ने चौथी बार एशिया कप अपने नाम किया।

  • पहली बार: 2003
  • दूसरी बार: 2007
  • तीसरी बार: 2017
  • चौथी बार: 2025

कोरिया अभी भी पांच खिताब के साथ एशिया कप इतिहास की सबसे सफल टीम है, लेकिन भारत की चौथी जीत ने उसे एशियाई हॉकी के शीर्ष दावेदारों में और मजबूती से स्थापित कर दिया।

खिलाड़ियों का प्रदर्शन

  • सुखजीत सिंह: फाइनल के पहले ही मिनट में गोल दागकर टीम को शानदार शुरुआत दी।
  • दिलप्रीत सिंह: दो गोल दागे और फाइनल के नायक साबित हुए।
  • अमित रोहिदास: पेनल्टी कॉर्नर से गोल कर जीत पर अंतिम मुहर लगाई।
  • हरमनप्रीत सिंह: कप्तान के तौर पर असिस्ट, ड्रिबल और पासिंग से मैच का रुख तय किया।
  • गोलकीपिंग: पहले क्वार्टर में कृष्णा पाठक और दूसरे में सूरज करकेरा ने सधी हुई गोलकीपिंग की, हालांकि कोरिया ज्यादा खतरा नहीं बना पाया।

भारत की अपराजित यात्रा और भविष्य

पूरे टूर्नामेंट में भारत का रिकॉर्ड शानदार रहा। टीम ने कुल सात मैच खेले, जिनमें छह जीते और एक ड्रॉ रहा। गोल अंतर (39-9) भारत के आक्रामक और रक्षात्मक संतुलन का प्रमाण है।

यह जीत न सिर्फ एशियाई श्रेष्ठता की पुष्टि है बल्कि 2026 विश्व कप में भारत की उम्मीदों को और मजबूत करती है।