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ट्रम्प ने हमास को अल्टीमेटम दियाः समझौता स्वीकार करें और बंधकों को रिहा करें या परिणाम भुगतें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को हमास को अपनी “आखिरी चेतावनी” जारी की है, जिसमें उन्होंने फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह से अपील की है कि वे गाजा में बंधकों की रिहाई के लिए प्रस्तावित समझौते को स्वीकार करें। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह संदेश पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने जोर दिया कि इजरायल ने पहले ही उनकी शर्तें मान ली हैं और अब हमास की बारी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के तहत हमास को युद्धविराम के पहले दिन ही बाकी 48 बंधकों को रिहा करना होगा, बदले में हजारों फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा जाएगा। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमास ने यह प्रस्ताव अस्वीकार किया, तो उन्हें कड़े परिणामों का सामना करना पड़ेगा, और यह उनकी अंतिम चेतावनी है।

यह अल्टीमेटम ऐसे समय में आया है जब गाजा में युद्ध लगभग दो साल से चल रहा है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम तथा बंधकों की सुरक्षित वापसी की मांग तेज हो रही है। ट्रंप, जो 2024 के चुनाव में कमला हैरिस को हराकर दोबारा राष्ट्रपति बने और जनवरी 2025 में 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली, ने हमेशा इजरायल का मजबूत समर्थन किया है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ट्रंप प्रशासन ने हमास जैसे आतंकवादी समूहों के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है, जो उनके पहले कार्यकाल (2017-2021) से जारी है।

ट्रंप की चेतावनी के मुख्य बिंदु और पृष्ठभूमि

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “हर कोई बंधकों को उनके घर वापस लाना चाहता है। हर कोई इस युद्ध को खत्म करना चाहता है। इजरायल ने मेरी शर्तें स्वीकार कर ली हैं। अब हमास को भी इन्हें स्वीकार करना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने हमास को समझौता न मानने के परिणामों के बारे में पहले ही चेतावनी दे दी है। यह मेरी आखिरी चेतावनी है, इसके बाद कोई और चेतावनी नहीं होगी! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।” एनडीटीवी की रिपोर्ट और एक वीडियो ट्रांसक्रिप्ट से पता चलता है कि ट्रंप ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा, “हम हमास के साथ गहन वार्ता में हैं। अगर वे सभी बंधकों को रिहा कर दें, तो उनके लिए बहुत बेहतर चीजें होंगी। लेकिन अगर नहीं, तो स्थिति बहुत कठिन और खराब हो जाएगी।” उन्होंने अनुमान लगाया कि लगभग 20 बंधक जीवित हैं, जबकि 38 के मरने की आशंका है, और मृतकों के शवों को भी वापस लाने की मांग की।

पिछले महीने, ट्रंप ने कहा था कि बंधकों की रिहाई तभी संभव है जब हमास का सामना किया जाए और उसे पूरी तरह नष्ट किया जाए। उस समय हमास ने युद्धविराम वार्ता में कथित प्रगति का दावा किया था, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने इसे खारिज कर दिया। जुलाई में, अमेरिका और इजरायल ने कतर से अपने वार्ताकारों को वापस बुला लिया था, क्योंकि विटकॉफ ने फॉक्स न्यूज पर कहा कि हमास में युद्धविराम तक पहुंचने की वास्तविक इच्छा नहीं है और वे अच्छी नीयत से बातचीत नहीं कर रहे। 26 अगस्त को, विटकॉफ ने ब्रेट बेयर के “स्पेशल रिपोर्ट” कार्यक्रम में बताया कि वे और ट्रंप उस सप्ताह ही बंधकों को घर वापस लाना चाहते थे। उन्होंने कहा, “पिछले छह या सात हफ्तों से एक समझौता टेबल पर है, जो 20 में से 10 बंधकों को रिहा कर सकता है, जिन्हें हम जीवित मानते हैं।” विटकॉफ ने देरी के लिए हमास को 100% जिम्मेदार ठहराया, लेकिन विस्तार से कारण नहीं बताए।

यह पूरी स्थिति 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमास के हमले से जुड़ी है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे और दर्जनों को बंधक बनाया गया था। बीबीसी और सीएनएन जैसे विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि होती है कि इस हमले के बाद इजरायल ने गाजा पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया, जो अब तक जारी है। ट्रंप ने मार्च में भी हमास को इसी तरह का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें उन्होंने सभी बंधकों की तत्काल रिहाई और मृतकों के शवों को सौंपने की मांग की थी।

बंधकों की वर्तमान स्थिति और अनुमान

हमास के पास अभी भी लगभग 50 बंधक हैं, जिनमें से केवल 20 के जीवित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, समझौते में 48 बंधकों की रिहाई का प्रावधान है, लेकिन कुछ की हाल ही में मौत की खबरें भी आ रही हैं। ट्रंप ने अगस्त के अंत में भविष्यवाणी की थी कि गाजा में युद्ध का “निर्णायक” अंत अगले “दो से तीन हफ्तों” में हो जाएगा, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कैसे संभव होगा। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बार-बार कहा है कि केवल एक व्यापक युद्धविराम पर विचार किया जाएगा, जो सभी बंधकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे और युद्ध को इजरायल की शर्तों पर खत्म करे। अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट से पता चलता है कि हमास ने 18 अगस्त को 60 दिनों के युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था, लेकिन इजरायल ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

गाजा में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। गाजा अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक इजरायली अभियानों में 64,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, और क्षेत्र में अकाल जैसी स्थिति बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने नवंबर में नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ युद्ध अपराधों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, जबकि इजरायल अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नरसंहार के आरोपों का सामना कर रहा है। ट्रंप की यह चेतावनी इन वैश्विक दबावों के बीच आई है, और फ्रांस24 की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के अल्टीमेटम के बाद हमास ने वार्ता दोबारा शुरू करने की इच्छा जताई है।

इजरायल की सैन्य तैयारी और हालिया घटनाएं

इजरायल हमास को निशाना बनाने के लिए गाजा में एक नया सैन्य अभियान तैयार कर रहा है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने ऑपरेशन गिदोन’s चारियट्स II के तहत जमीनी अभियानों का विस्तार किया है, जैसा कि फॉक्स न्यूज ने रिपोर्ट किया। आईडीएफ के प्रवक्ता कर्नल अविचय अद्राई ने गाजा सिटी के कुछ हिस्सों में रहने वाले फिलिस्तीनियों को चेतावनी जारी की है कि वे क्षेत्र छोड़ दें, क्योंकि वहां सैन्य कार्रवाई में वृद्धि की उम्मीद है। इस चेतावनी में एक नक्शा शामिल था, जो प्रभावित क्षेत्र को दर्शाता था और एक विशेष इमारत को हाइलाइट करता था, जहां आईडीएफ का दावा है कि हमास की आतंकवादी संरचना मौजूद है या उसके आसपास है।

हाल ही में, रविवार को गाजा से दो रॉकेट इजरायल की ओर दागे गए, जो नेतीवोट शहर के पास गिरे। इंडिया टीवी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक जिहाद ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली, और कहा कि यह “जियोनिस्ट दुश्मन के अपराधों” का जवाब है। आईडीएफ ने एक रॉकेट को इंटरसेप्ट कर लिया, जबकि दूसरा खुले क्षेत्र में गिरा, और कोई हताहत नहीं हुआ। यह घटना कई महीनों बाद नेतीवोट पर पहला रॉकेट हमला था, जो गाजा सिटी के आसपास इजरायली अभियानों की तीव्रता को दर्शाता है। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट से पता चलता है कि ट्रंप की चेतावनी के बाद हमास ने वार्ता दोबारा शुरू करने की तैयारी दिखाई है, जो एक सकारात्मक संकेत हो सकता है।

ट्रंप की यह चेतावनी उनके व्यापक विदेश नीति दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने वेनेजुएला, कार्टेल्स और अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी सख्त कार्रवाई की है। फॉक्स न्यूज की हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ट्रंप प्रशासन ने अप्रैल 2025 में “मेक अमेरिका वेल्थी अगेन” कार्यक्रम के तहत ऐतिहासिक टैरिफ लगाए, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का हिस्सा हैं। इजरायल के साथ अमेरिका के मजबूत संबंधों को देखते हुए, यह अल्टीमेटम मध्य पूर्व में स्थिरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रॉयटर्स की एक और रिपोर्ट में ट्रंप ने कहा कि वे जल्द ही गाजा समझौते की उम्मीद कर रहे हैं।

मिस्र और कतर जैसे देशों ने इजरायल और हमास के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता में मध्यस्थता की है, लेकिन प्रगति धीमी रही है। ट्रंप के हस्तक्षेप से शायद वार्ता में तेजी आए, लेकिन हमास की प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है। द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने मार्च में भी इसी तरह की चेतावनी दी थी, जो बंधकों की रिहाई पर केंद्रित थी। कुल मिलाकर, यह स्थिति क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण है, और विश्व समुदाय की नजरें अब हमास के अगले कदम पर टिकी हैं।